Hindi Sex story मौसेरी बहन सविता की चुदाई 1

मौसेरी बहन सविता की चुदाई 3+4 Antarvasna,Hindi Sex ,Kamukta,antarvasnamp3,antarvasnajokes,antarvasna2015, Hindi Sex stories,Indian Sex, antarvassna,chudai

वो बोली- अगर मैं प्रेगनेंट हो गई तो?

मैं बोला- तुम मुझ पर विश्वास करो मैं ऐसे कुछ नहीं होने दूंगा।

वो बोली- तब ठीक है।

Antarvasna अब हमारे बीच किसी तरह की कोई दूरी नहीं रह गई थी। इसलिये मैंने पहले जाकर टीवी ओफ़ कर दिया जिससे पूरा ध्यान सविता की चुदाई पर लगा सकूं। दीवान पर आकर मैंने उसे लेटा दिया और उसके बगल में लेट कर उसके होठों को चूसने लगा। वो भी मेरे पूरा साथ देते हुए अपने जीभ मेरे मुंह में अन्दर बाहर कर रही थी। इस सब में इतना मज़ा आ रहा था कि मैं बता नहीं सकता। मैंने अपना कुरता उतार दिया और बनियान भी। अब मैं केवल पायजामे और उसके अन्दर अन्डरवियर में था। मैंने सविता के नाईट सूट के बटन खोलने शुरू कर दिया। वो शरमा कर सिमटी जा रही थी। पहली बार कोई उसके जवान बदन को छू रहा था।

उसका नाईट सूट हटते ही उसकी चूची ब्रा में कैद होकर भी आधी से ज्यादा दिख रही थी। मैंने ब्रा के ऊपर से ही उन्हें चूमना शुरू कर दिया, मेरा हाथ उसके पैन्टी को खोलने में लगा था और उसकी पैन्टी निकालने कि लिये मैंने उसे इशारा किया तो उसने अपने चूतड़ों को थोड़ा सा ऊपर कर दिया और मैंने उसे टांगों से बाहर निकाल दिया।

उफ़्फ़फ़्फ़फ़ ! उसकी गोरी और मांसल जांघे देख कर मेरा लौड़ा पजामा फ़ाड़ने को तैयार हो गया। मुझसे अब रहा नहीं गया। मैंने अपना पजामा और अन्डरवियर निकालकर फेंक दिया। वो मेरे खड़ा लण्ड देखकर बोली- पुनीत ये लण्ड मेरी चूत में कैसे जायेगा, मैंने तो आज तक इसमें एक उंगली भी नहीं डाली।

मैं बोला- मेरी जान देखती जाओ ! तुम्हारा दीवाना क्या क्या करता है।मैं उसकी ब्रा का हुक खोलने लगा तो वो मुझसे चिपट गई। मैंने उसकी ब्रा का हुक खोल दिया और उसकी पीठ को सहलाने लगा। मेरा लण्ड बार बार जोर मार रहा था और उसकी जांघो पर छू हो रहा था। आआह्हह्ह ! यह एक अलग मज़ा था। मेरी छाती और उसकी चूंची के बीच बस उसकी ब्रा थी जो मैंने एक तरफ़ खींच कर निकाल दी।

उफ़्फ़फ़फ़्फ़फ़ ! उसकी दूध जैसे गोरी चूची देखकर मन कर रहा था कि उसको काट लूं। उसके गुलाबी चुचूक को मैं मुंह में लेकर चूसने लगा। वो एकदम टाईट हो गये। उसके हाथ मेरे बालों में घूम रहे थे और मैं बहुत बेचैनी के साथ उसकी चूची को सुसक कर रहा था। थोड़ी देर के बाद मैं उसके पैर की तरफ़ आ गया और उसकी पैन्टी अपने दांतों से खींचने लगा। उसको बाहर निकालकर मैं अपना हाथ उसके पैरों को छूते हुए जांघो पर घुमाने लगा। मेरे मुंह उसकी चूत पर था। उस पर बहुत घने बाल थे।

मैं सविता से बोला- तुम कभी अपनी चूत शेव नहीं करती?

वो बोली- कभी इस तरफ़ ध्यान ही नहीं दिया।

मैं बोला- कोई बात नहीं, फ़िर कभी मैं साफ़ कर दूंगा।

मैंने अपनी जीभ उसकी चूत पर घुमानी शुरू कर दी। उसको बड़ा अज़ीब लग रहा था, वो बोली- पुनीत, यह क्या कर रहे हो?

मैंने पूछा- क्यूं? मज़ा नहीं आ रहा क्या?

वो बोली- मज़ा तो बहुत आ रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *