Antarvasna Hindi Sex Stories लुल्ली का आतंक 1

पेपर देकर मैं जैसे हे हॉल से बाहर निकला तो देखा के मेरे तीनों दोस्त पहले से हे एक जगह इकेत्ते खड़े हुए एक दूसरे के साथ मस्ती कर रहे हैं. उनके चेहरे की खुशी और उनकी हरकाटून को देखकेर ऐसा लग रहा था के जैसे उनके लिए आज जिंदगी का सबसे बड़ा खुशी का दिन है. आख़िर आज दसवी की परीक्षा का अंतिम पर्चा जो दे दिया था सब ने.

मैं धीरे धीरे से चॉकर उनके पास पहुँचा तो लक्की बोला ” साले तू तो एग्ज़ॅमिनर की पूरे तीन घंटे लेता हे लेता है. हर बार सबसे आख़िर मैं तू हे आता है. इतना क्या लिखता है पेपर मैं, मैंने तो एक घंटा पहले हे सारा पेपर खत्म कर दिया था”.

अब मैं उसे क्या बताता के सबके जाने के बाद एग्ज़ॅमिनर मुझे कुछ शॉर्ट आन्सर्स करवाता है ताकि मैं पास हो सकूँ. अंकल की हसियत का इतना फायदा तो मुझे हो हे गया था के उनकी सिफारिश पर मुझे लास्ट के कुछ टाइम मैं थोड़े बहुत ऑब्जेक्टिव्स और शॉर्ट आन्सर्स करवा दिए जाते थे ताकि मैं पास हो सकूँ. मेरे तीनों दोस्त पढ़ाई मैं बहुत तेज थे और मैं भी इतना तो नालयक नहीं था के अपने दम पर पास ना हो सकूँ मगर फिर भी 35% नो. लेकर पास होने सा क्या फायदा होता.
तभी अक्की ने मेरे पिछवाड़े पर लात मारी और बोला “साले अगर आज शिवनगी (अक्की की लंगोतिया सहेली) हाथ से निकला गयी ना तो फिर साले तेरी खैर नहीं.

अमन- यार तुम लोग यहीं पर बहस मैं च्चिड जाओगे तो फिर सारे के सारे हाथ हे मलते रही जाएँगे. कल से वैसे भी च्छुतियाँ हैं तो फिर मिलना भी धुभर हो जाएगा. अमन ने लिड करते हुए आगे भदना शुरू किया तो हम सब भी उसके पीछे पीछे उसके सानिकों की तरह चल दिए.
अमन ने अपने स्कूटर के पास जाकर मेरी तरफ देखा और कहा ” तू मेरे साथ चल, अक्की और लक्की, अक्की के स्कूटर पर आजाएँगे”. मैंने धीरे से हाँ मैं गर्दन हिलकेर उसकी आ गया का पालन किया.
अमन स्कूटर पर बैठा, उसे टेडा किया और ज़ोर से एक किक मर दी. शायद स्कूटर की किक फ्री थी या उसने गलती से क्लच दबा रख था, किक एकदम नीचे हुई और अमन का पर फिसल कर ज़ोर से स्कूटर से जा लगा. अमन ने एकदम स्कूटर को छोडा और अपनी तंग पकड़ ली. यह सब अचानक इतनी जल्दी हुआ के मुझे इस बात का तब पता लगा जब स्कूटर मुझसे टकराया और मुझे पीछे की तरफ गिरने लगा. अपने हाथ मैं पकड़े कार्डबोर्ड को फेंककर मैंने जैसे तैसे स्कूटर को थमा और अमन की तरफ हैरानी से देखने लगा.
अमन कभी अपने पर की तरफ तो कभी मेरी तरफ देखता. साले देख क्या रही है, स्कूटर स्टैंड पर लगा और मुझे सहारा दे.
अब स्कूटर को स्टैंड पर कैसे लगाया जाता है, यह भला मैं क्या जानूं. मैं हैंडिल को पकड़े नीचे की तरफ देखने लगा तो अमन बोला “साले कुतिया है क्या तो उसके तन गिन रहा है, जल्दी से स्टैंड लगा और मेरे को डॉक्टर. की दुकान तक ले चल, लगता है पर की हड्डी टूट गयी है. मैं कुछ बोलता उस से पहले हे अक्की और लक्की दौड़ते हुए आए और दोनों ने एक साथ पूछा “क्या हुआ?”
अमन- “तुम्हारी माशुकाओं ने कुत्ते के पिल्ले दिए हैं सालों यहाँ मेरा पर टूट गया है और तुम सब को प्रश्नोत्री सूझ रही है”.
अक्की ने झट से आगे बढ़ते हुए अमन को सहारा दिया और उसे एक बारे से पठार पर बिता दिया. लक्की ने भी पास जाकर उसके पर को हाथ से पकड़ कर देखना चाहा तो अमन चिल्ला उठा ” कुत्ते तू अपनी हकिंगिरि अपने पास रख और छोड मेरा पर मुझे दर्द हो रहा है.
लक्की- “साले फुदाक तो ऐसे रहा है जैसे किसने तेरी गांड मैं धंधा फँसा दिया हो. मोच हे तो आई है. घर जाकर मूव लगाओ और आआह से आआह पाओ. यह सुनकर मेरी और अक्की की हँसी चुत गयी.
अमन ने नफरत भारी निगाहों से हमें देखा और मान मैं कुछ बुड्दुआ दी. अक्की और लक्की ने उसे उठाकेर झट से पास मैं एक केमिस्ट्री की दुकान तक पहुँचाया.
अब आप सब तो जानते हे हैं केमिस्ट्री शॉप पर काम करने वाला हर बंदा अपने आप को फिज़ीशियान, सुंगेवं, जाइने, ओर्थो और ना जाने क्या क्या संजता है. हमारी आगे से थोड़ा हे बड़ा दिखने वाले एक लड़के ने अमन के पर का ऐसे मुयाना किया जैसे के वो आँखों से हे जाए-राय कर देगा और पालक झपकते हे उसे ठीक भी कर देगा.
डॉक्टर. (केमिस्ट्री शॉप वालो देखो तुम्हारी कितनी इज्जत करता हूँ )- मामोली सी मोच है. थोड़े दिन पर पर ज्यादा वजन मत डालना. मैं एक आयंटमेंट और पेनकिलर दे देता हूँ, एक दो दिन मैं ठीक हो जाएगा.
मैं- पर पर वज़न नहीं डालेगा तो साला हगेगा कैसे? दुकान पर खड़े कुछ कस्टमर्स, डॉक्टर, और मेरे जिगरी दोस्त मुझे ऐसे घूरने लगे जैसे के मैं बहुत बड़ा जीनियस हूँ. लक्की ने देखा के अमन गुस्से मैं कुछ उगलने हे वाला है तो उसने झट से टॉपिक चेंज करते हुए कहा “डॉक्टर. साहब, कहीं कोई फ्रकतुए तो नहीं है?
डॉक्टर.- हो सकता है.
हम सब के चेहरे उस वक्त देखने लायक थे. सबसे अजीब एक्सप्रेशन तो अमन के चेहरे पर थे.
अक्की- हो सकता है मतलब??
डॉक्टर.- मतलब यह के अगर दो दिन मैं फर्क नहीं पड़ा तो फिर जाए-राय करवाकेर चेक करना पड़ेगा.
अमन- उठो सालों, यहाँ कहाँ कसाई खाने मैं मुझे ले आए हो.
दर्द के बावजूद, अमन आगे आगे और हम सब उसके पीछे पीछे चल दिए. एक तंग पर लंगड़ा लंगड़ा कर चलते हुए अमन ने बातों से हे डॉक्टर. की आंटी -बहन एक कर दी और सड़क क्रूस कर अपने स्कूटर के पास आ गया. स्कूटर की तरफ देखते हे अमन के मुंह से निकला: अब किस बहनचोद ने मेरे स्कूटर भी नीचे गिरा दिया.

लुल्ली का आतंक – 1

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