भतीजे की पत्नी की चूत और गांड पेली

हैल्लो दोस्तों, Antarvasna मेरा नाम उदय है और मैं भी आप सभी की तरह कामलीला डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियों को पढ़कर बहुत सालों से बड़े मजे ले रहा हूँ। ऐसा करने में मुझे बड़ा सुख का अनुभव होता है और सेक्सी कहानियों को पढ़ते हुए मुझे वैसे एक साल से भी ज्यादा हो चुका है। दोस्तों मेरी उम्र 27 साल है मैं अभी तक कुंवारा ही हूँ। मुझे सेक्स करना जोश भरी कहानियों पढ़कर कभी-कभी मुठ मारकर अपने लंड को शांत करना बहुत अच्छा लगता है। मेरी रूचि इन कामो में बचपन से ही बहुत ज्यादा थी और आज यह मेरी पहली सच्ची सेक्स कहानी है जिसको मैं आप सभी के लिए लेकर आया हूँ जिसमें मैंने अपने ही भतीजे की पत्नी की चुदाई करके उसको वो सुख दिया जो उसके पति ने उसे अब तक नहीं दिया था, उसके बाद उसको अपने जीवन की सभी खुशियां मिल गई और मुझे उसके साथ चुदाई का मौका भी। जिसके बाद मैं उसके साथ मजे से चुदाई में लगा रहा। दोस्तों चलो अब सीधे मैं अपनी आज की कहानी पर आता हूँ।

दोस्तों यह बात पिछले साल की है जब मैं अपनी मौसी के घर गया था तो मैंने अहमदाबाद से ही दारू की 3 बॉटल ले ली थी क्यूंकी वहां दारू महंगी भी थी और उसका टेस्ट भी अच्छा नहीं लगता था. फिर मैंने अहमदाबाद रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़ी और रात को 9 बजे अपने गाँव पहुँच गया. फिर मैं वहां से ऑटो करके मौसी के घर पहुँचा. वहां मेरी मौसी, भतीजा और उसकी बीवी रहते है। अब वहां पहुँचकर मैं अपना सामान बाहर एक कमरा बना था जहा मैं हमेंशा रुकता था वहां रखकर के और भतीजे के साथ दारू पी, खाना खाया और सो गया. अब सुबह मेरा भतीजा काम पर जल्दी ही चला जाता था और मैं लेट उठा तो जैसे ही मेरी आँख खुली तो उसकी पत्नी पौछा लगा रही थी. अब मेरी नज़र उसके बब्स पर पड़ी तो मेरी आँखे फटी की फटी रह गई. क्या गोरे-गोरे और बड़े-बड़े बब्स थे उसके, अब मेरा लंड उसी समय खड़ा हो गया और अब उसने भी मुझे उसके बब्स को देखते हुए देख लिया था. फिर वो चली गई और अब मैंने नहाकर नाश्ता किया और फिर बाहर वाले कमरे में आ गया। फिर 1 बजे के करीब वो मेरे कमरे में पूछने के लिए आई की आप लंच में क्या खाओगे? तो मैंने कहा की जो मर्ज़ी है बना लो. फिर उसने लंच बनाया तो फिर मैं लंच करने गया, वो रोटी बनाकर दे रही थी तब मैंने उसकी गांड देखी, क्या गांड थी उफ़… फिर ऐसे ही वो दिन भी निकल गया. फिर अगले दिन फिर सुबह वो पौछा लगाने आई, तब मैं जाग चुका था. फिर वो झुकी और फिरसे मुझे उसके बब्स के दर्शन हो गये. अब मेरा लंड खड़ा हो गया था. उसने इस बार भी मुझे देख लिया था, फिर मैंने नहाकर नाश्ता किया और अपने कमरे में आ गया. अब मैं लेटकर उसके बारे में सोच रहा था और लंड भी हिला रहा था तो मुझे याद आया की वो आज भी पूछने आएगी की क्या लंच करोगे? फिर करीब 1 बजे के करीब मैं खड़ा होकर मूठ मारने लगा और उसका इंतज़ार करने लगा. फिर वो आई तो उसने दरवाजा खोला तो मैं अपने हाथ में लंड पकड़े हुए खड़ा था तो वो देखकर दंग रह गयी और वही खड़ी रही. अब मैं ऐसे ही उसके पास गया और बोलने लगा की प्लीज़ किसी को मत बताना, यह बात मौसी को मत बोलना तो वो कहने लगी की नहीं बोलूँगी. उस समय मैं उसके पास खड़ा था, मेरे ऊपर टी-शर्ट थी, लेकिन नीचे कुछ भी नहीं पहना था। फिर वो चली गई, अब मुझे लगा की वो सबको बता देगी, लेकिन उसने यह बात किसी से भी नहीं बोली।

फिर अगले दिन फिर वो सुबह आई तो मैं उसके बब्स देख रहा था और मेरा एक हाथ मेरे कच्चे में था. वो जानबूझकर मुझे अपने बब्स दिखा रही थी. और फिर उसने मुझसे कहा की आप ने कभी किसी औरत के बब्स और पिछवाडा नहीं देखा है क्या? तो मैंने कहा देखा तो बहुत है पर आपके जैसा नहीं। फिर मैंने उससे कहा की तुम एक बार मुझे अपने बब्स दिखा दो तो मैं अपने हाथ से इसे शांत कर लूँगा. फिर वो कहने लगी की रोज ही तो देखते हो शांति नहीं मिलती क्या? फिर उसी समय मैं बेड से उठा और उसके पास जाकर उसे उठाकर अपने गले से लगाने लगा. वो कहने लगी की जी यह ठीक नहीं है और जैसे ही उसने बोला की कोई आ जाएगा, बस फिर क्या था मैं उसके होंठो को अपने होंठो में लेकर चूसने लगा. फिर थोड़ी देर तक वह छटपटाई, फिर वो भी मेरा साथ देने लगी. फिर मैंने उसकी साड़ी के अन्दर से ही बलाउज को ऊपर किया और उसके बब्स को चूसना शुरु कर दिया. अब वो कहने लगी की आहह… क्या तुम मेरी जान ही निकालोगे क्या! तो मैंने कहा की हाँ मैं बहुत दीनों से भूखा हूँ और आज तो तेरी जान ही निकालूँगा. फिर मैं धीरे-धीरे उसके पेट, नाभि, उसकी जांघे चूमता हुआ उसकी चूत पर पहुँचा. अब वो मछली की तरह छटपटा रही थी. फिर मैंने अपने होंठो को उसकी चूत पर रख दिया और अब वो तो जैसे पागल ही हो गयी. फिर मैं उठा और झट से अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया. अब वो 10 मिनट में कई बार झड़ गई थी. फिर वो जल्दी से उठी और अपने कपड़े ठीक करके बाहर भाग गई और मैं भूखा ही रह गया क्यूंकी मैं झड़ा नहीं था अभी तक। फिर मैंने उसको पकड़ा तो उसने कहा की कोई आ जाता इसलिए मैं बाद में समय निकालकर आऊँगी. फिर ऐसे ही करते-करते 2 दिन और निकल गये, अब वो अपनी गांड से मुझे और कभी हाथ से हिला जाती तो कभी बब्स दिखाकर बोलती की आप ही हिला लो।

फिर अचानक से मेरी मौसी को मामा के यहाँ दो दिन के लिए जाना पड़ा. फिर उसी रात मैंने भतीजे को अपने साथ दारू पीला दी और अपने छोटे पेग बनाए और उसके बड़े पेग बनाए. वो ज्यादा नहीं पीता था तो उसे नशा चढ़ गया और वो मेरे कमरे में ही सो गया. फिर मैंने उसे रात को उठाने की कोशिश की लेकिन वो नहीं उठा. फिर मैं उठा और जहाँ उसकी पत्नी सोती थी वहाँ जाकर उसकी बीवी के साथ लेट गया और चुम्मा चाटी करने लगा. फिर वो उठी और डर गई और मुझे कहने लगी, वो आ जाएँगे तो? मैंने उसे बताया की वो नशे में सो रहा है नहीं उठेगा. फिर वो पैशाब करने के बहाने से उसे चेक करने गई और वापस आकर मेरे साथ लेट गई. अब मैं उसे ऊपर से चूमने लगा, फिर मैं धीरे-धीरे नीचे जाने लगा और उसकी चूत को चाटने लगा. फिर अपना लंड उसके मुहँ पर रगड़ने लगा. अब वो इतने मजे में आ गई की वो मेरा लंड पूरा मुहँ में लेकर चूसने लगी. फिर मैं उठा और उसकी चूत पर अपना लंड रगड़ने लगा तो वो कहने लगी की प्लीज़ अब डाल दो और ना तड़पाओ मुझे. फिर मैंने झट से अपना लंड उसकी चूत में डाला तो वो चिल्ला पड़ी, क्यूंकी उसकी चूत बहुत टाइट थी. फिर मैंने उसे कहा की तुम तो ऐसे चिल्ला रही हो जैसे पहली बार चुदवा रही हो। तो वो बोली आपका मेरे पति से डबल साइज़ का है इसलिए बहुत दर्द होता है मुझे। तो मैंने कहा की ऐसे बोलना था ना पहले से तो मैं आराम से चोदता. और उसने मुझे बताया की वो मेरे बड़े लंड के डर की वजह से ही दूर भाग रही थी. मैंने कहा मुझे कहा होता तो मैं आराम से करता ना। दोस्तों यह कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

और फिर मैं उसे धीरे-धीरे से चोदने लगा और उसको भी मजा आ रहा था. अब वो मुझे अपनी बाँहों में जकड़कर कहने लगी की ऐसे ही चोदते रहो आज और अपना लंड मेरी चूत के अंदर ही रहने दो, बाहर मत निकालो इसे बहुत मजा आ रहा है. अब वो झड़ गई थी और कहने लगी की उसका पति तो अब तक झड़कर भी सो जाता. अब भतीजे की इस सेक्सी पत्नी को चोदते हुए मुझे 25 मिनट हो गये थे. दारू के नशे की वजह से मेरा जल्दी नहीं निकल रहा था. मैंने भी कस-कसके झटके लगाए उसकी चूत में तो मेरा भी उसके साथ ही निकल पड़ा, और उसके कहने पर मैंने अपना वीर्य उसकी चूत में ही निकाल दिया, उसे बहुत मजा आया मेरे साथ सेक्स करके और वो बोली, आप आज रात यही रूको. मैंने अपनी इस सेक्सी पत्नी से कहा हाँ तेरी चूत और गांड आज मेरे हवाले कर दे बस. और सच में मैंने पूरी रात इस पत्नी की चूत और गांड की चुदाई की. उसकी गांड तो पूरी तरह से कुंवारी थी और चुदवाने में उसे दर्द भी बहुत हुआ और खून भी निकला, लेकिन उसने मुझे पूरी रात खुलकर मजा दिया. सुबह होने से पहले ही मैं वापस अपने कमरे में गया और नीचे चटाई डालकर के सो गया।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!