दोस्त की बीवी का डबल धमाल

हैल्लो दोस्तों, Antarvasna मेरा नाम अनिल है और मेरी उम्र 26 साल है, में आई.टी BHU से इंजिनियरिंग करने के बाद पटियाला में अपने परिवार के साथ रह रहा हूँ। मुझे पिछले हफ्ते ही चोदन डॉट कॉम के बारे में पता चला तो मैंने पिछले 7 दिनों में स्टोरी पढ़ने के अलावा कोई काम नहीं किया, आज में अपनी पहली स्टोरी लिख रहा हूँ। ये स्टोरी एक रियल स्टोरी है। यह बात उन दिनों की है जब मेरी शादी हो चुकी थी, लेकिन मेरी वाईफ सेक्स का मज़ा नहीं दे पा रही थी, उसे सेक्स में मज़ा नहीं आता था। अब में अपने लंड के लिए तड़पता रहता था और सोचता था ऐ खुदा तुने एक चूत दी, वो भी चुदवाती नहीं, तड़पाकर रखा इतने साल, तुझे मुझ पर दया नहीं आती, कर दे खुदा एक अहसान किसी मस्त चूत से मिला दे, मेरे खड़े हुए लंड को कोई तो सहारा दे।

खैर यारो ऊपर वाले ने मेरी सुन ली और मेरे दोस्त को मेरा मददगार बनाकर भेज दिया। उसका नाम विजय था, उसकी शादी हो चुकी थी और उसके 2 बच्चे भी थे। उसकी पत्नी सांवली रंग की सलोनी, उसके होंठ तो गजब के थे, देखते ही नशा चढ़ जाए। उसे देखकर मेरा लंड खड़ा होने लगता था, लेकिन मेरी सारी इच्छाए मन में ही दब जाती थी। में सपने में सोचता था कि काश वो मिल जाए तो उसे जागने नहीं दूंगा और रातभर चोदकर ठंडा हो जाऊंगा, में और विजय दोनों ही एक ही उम्र के थे।

यह बात उस समय की है जब उसकी बेटी का बर्थ-डे था और विजय ने मुझे जरूर आने को कहा था। अब मैंने हरिद्वार जाने का मन मना लिया था। अब रात को डिनर के बाद उसके बच्चे सो गये थे। अब हम (में विजय और उसकी वाईफ आरू) ड्रिंक कर रहे थे। फिर ये समा रात 1 बजे तक चलता रहा। अब हम मदहोश हुए जा रहे थे। अब सब तरह की बातें हो रही थी, तो तब मैंने बताया कि में कैसे असंतुष्ट हूँ? और अब में अपनी किस्मत को कोस रहा था, मुझे नहीं पता था कि मेरी किस्मत जागने वाली है। फिर हम तीनों ही एक ही डबल बेड पर सो गये और अब हमें लेटते ही नींद आ गई थी। अब अभी आधा घंटा ही हुआ होगा कि मेरी नींद खुल गई अब मुझे आहहहह, आहहह, आहह, ओह, आहह, ऑश, आहह, आहह की आवाज आ रही थी। अब विजय और आरू एक दूसरे से लिपटे हुए चुदाई का किस्सा पढ़ रहे थे। अब मेरी आँखें खुली की खुली रह गई थी। अब मेरे चारो तरफ मादकता छाई हुई थी। अब मेरा लंड भी जोरो से उफान मारने लगा था। फिर मैंने विजय की तरफ देखा, तो वो जी जान से चोदने में लगा था। फिर थोड़ी देर हुई और फिर उसने अपना लंड बाहर निकाला और आरू के मुँह में दे दिया। अब आरू उसे मस्ती में अपने मुँह में लेकर चूसने लगी थी, उसका लंड 5 इंच लम्बा और 2 इंच मोटा था। फिर थोड़ी देर के बाद विजय का पानी निकल गया, लेकिन आरू संतुष्ट नहीं थी।

फिर मेरी नजरे विजय से मिली, तो उसके आँखों में ही मुझे आरू को चोदने के लिए कहा। अब आरू एकदम गर्म थी। फिर मैंने उसके हाथों में अपना 9 इंच लम्बा और 4 इंच मोटा लंड पकड़ा दिया। तो मेरे लंड को पकड़ते ही वो चीख उठी, कितना बड़ा और मोटा लंड है तुम्हारा? अब मुझ पर मस्ती छाने लगी थी। फिर मैंने उसे बाँहों में कस लिया और उसके होंठो पर अपने होंठ रखकर जोर-जोर से चूसने लगा था। वो बहुत ही हॉट थी, मुझे आज पहली बार उसके नर्म होंठो का अहसास हुआ था। अब वो भी मेरा साथ दे रही थी। अब में अपने दोनों हाथों से उसके बूब्स दबा रहा था और वो अपने मुँह से आवाज़े निकाल रही थी ऊहह, उउउफफफ्फ़ और ज़ोर से अनिल, चोद डालो, मेरी चूत प्यासी है। अब में उसके दोनो बूब्स को बारी-बारी से चूस रहा था। अब वो अपनी आँखों को बंद करके मादक आवाजे निकाले जा रही थी, जैसे जन्मों की प्यासी हो उह, अयू, ऊफफफ, आह, आहह, उउउहह, ऑश, आहह। अब में उसके बूब्स को चूसते हुए आगे उसके पेट नाभि पर किस करते हुए उसकी चूत को चूसने लगा था और वो मस्ती में आकर खा जाओ मेरी चूत को, आआअहह, आआअहह, पी जाओ हाईईई जैसे शब्द बोले जा रही थी।

अब वो किसी मदहोश जानवर की तरह चिल्ला रही थी और अपने पूरे बदन को तोड़कर मरोड़े जा रही थी ऊवू, एससस, ऊवू, उहगग्गघह। अब उसके हाथ मेरे पूरे बदन से लिपटे जा रहे थे, जो मेरे अंग में मस्ती भर रहे थे। तो तभी मैंने अपने लंड को उसके मुँह में दिया और खुद उसकी चूत चाटने लगा था। अब हम 69 पोज़िशन में थे। अब में अपनी जीभ उसकी चूत में अंदर बाहर कर रहा था और वो चिल्लाए जा रही थी। तभी अचानक से उसका तापमन बढ़ गया ऊओ, ऊऊ, ऊऊ, आहह, आहह, ऊऊओं, ऊओं, ऊऊऊओं, आहहहहह, एयए, आहह। अब विजय का लंड फिर से खड़ा होने लगा था। तब उसने मुझसे कहा कि अब तुम चूत में घुसाओ और में मुँह में अपना लंड दूंगा। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

अब आज विजय भी मेरे लंड को देखकर उसकी तारीफ करना नहीं भूला था और बोला कि यार आज हम दोनों मिलकर आरू की बरसों की प्यास बुझा देंगे। फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ना चालू कर दिया। अब वो बड़ी सेक्सी आवाज निकालने लगी थी। अब में भी मस्त हो गया था। अब मेरे मुँह से भी हॉट बातें निकल रही थी हाँ रानी अपनी चूत को इस लंड के लिए हमेशा खोले रखना, लो मज़ा, एयाया, आआ, आआआ, लो रानी, हाईईईईईई ऊपर से बोल रहा था और वो नीचे से मेरा पूरा लंड लेने के लिए ज़ोर लगाते हुए बडबड़ा रही थी ऊऊओं, मेरे चुदक्कड राजा, चोद दो अपनी बिना झांटो वाली इस चूत को और चोदो, फाड़ डालो इस साली चूत को, बड़ी चुदासी हो रही थी सुबह से, साथ-साथ गिरना, आह। अब में भी चुदाई का मज़ा लेने लगा था। अब वो भी नीचे से अपने चूतडों को उचका-उचकाकर चुदाई में मेरा भरपूर सहयोग करने लगी थी, हाए मेरे चोदूं सनम, तुम्हारा लंड बड़ा जानदार है, ना जाने कितनी बार चुद चुकी हूँ लेकिन ऐसा लगता है जैसे पहली बार चुद रही हूँ और जोर से, पूरा पेल दो अपना लंड।

अब मेरा लंड अंदर बाहर हो रहा था और उधर विजय ने अपना रस उसके मुँह फिर से निकाल दिया था, वो आज पूरा पानी पी गई थी। अब मेरा लंड पूरे जोश से उसको चोदता जा रहा था। अब आरू मस्त हो रही थी, मारो राजा और ज़ोर से, थक गये हो तो बताओं में ऊपर आकर चोद दूँ इस भोसड़ी को, ओह, अब में नहीं हाईईईईईईईई रुक्कक सकती, ऑश, आहहह, आहह, में गइईई, ओह राजा, तुम भी एयाया जाओ। अब वो नीचे से झड़ने के लिए बेकरार हो रही थी और में ऊपर से दनादन धक्के पे धक्के मार रहा था। अब पूरे कमरे में चुदाई का संगीत बज रहा था। अब में विजय से कह रहा था विजय आज इसे चोद-चोदकर इतना मज़ा दूँगा कि ये मुझसे चुदे बिना रह ही नहीं पाएगी, अब यह चुदाई के लिए हर समय बेकरार रहेगी, ओह मेरी आरू जान एक बार फिर साथ-साथ झड़ेगे, ओह अब तुम भी आआ जाओं और फिर यह कहते हुए में उसकी चूत की गहराई में झड़ गया और अब वो भी साथ-साथ खल्लास हो गयी थी। फिर में उसकी छाती से चिपक गया तो कुछ पल के लिए तो मुझे ऐसा लगा कि उसकी चूत ने मेरे लंड को फंसा लिया है। अब विजय ये सब देखकर मुस्कुरा रहा था और बोला कि आज तुमने इसकी प्यास बुझा दी और फिर थोड़ी देर तक हम उसी तरह चिपके रहे। वाह ऊपर वाले तुने कमाल कर दिया मेरे प्यासे लंड को मालामाल कर दिया, तेरे दरबार में देर है मगर अंधेर नहीं, सुना था आज दीदार भी कर लिया या खुदा आज मालामाल कर दिया ।।

धन्यवाद …