चौकीदार से करवाई चूत की चुदाई

हाय फ्रेंड्स, Antarvasna मेरा नाम अनिता है, मेरी उम्र 27 साल की है और मैं अहमदाबाद की रहने वाली हूँ. दोस्तों आज मैं आप सभी के सामने कामलीला डॉट कॉम के माध्यम से मेरे साथ घटी एक घटना को एक कहानी का रूप देकर पेश करने जा रही हूँ और मैं आशा करती हूँ कि, मेरी यह आपबीती आप सभी को जरूर पसन्द आएगी।

दोस्तों यह बात आज से कुछ महीनों पहले की है और तब चुदाई के वक़्त मेरी ब्रा और पैन्टी फट गई थी तो मैं अपने लिये नई ब्रा और पैन्टी खरीदने के लिये मार्केट गई हुई थी. वहाँ पर जाकर एक दुकान से मैंने अपने लिये ब्रा और पैन्टी खरीदी और फिर मैं पैदल ही अपने घर आ रही थी और तभी मुझे बहुत जोर का पैशाब आया तो मैं जल्दी से घर जाने के लिये ऑटो ढूँढने लगी लेकिन मुझको उस समय वहाँ पर कोई ऑटो नहीं मिला और मैं अपने पैशाब को रोक भी नहीं पा रही थी. और तभी मैंने देखा कि, वहाँ पर सामने एक कंपाऊंड में एक अधूरी सी बनी हुई एक बड़ी सी बिल्डिंग थी और फिर मैं उस कंपाऊंड के गेट से अन्दर जाने लगी तो उस बिल्डिंग के गेट पर एक चौकीदार खड़ा था जिसकी उम्र लगभग 35-40 साल के आस-पास की होगी और वह काफी हट्टा-कट्टा भी था. और फिर उसने मुझको कहा कि, मैडम आज इस बिल्डिंग का काम बन्द है और आपको यहाँ पर किससे मिलना है? तो फिर मैंने उसको कहा कि, मुझको बाथरूम जाना है प्लीज़… तो फिर उसने मुझको कहा कि, यहाँ पर बाथरूम तो नहीं है लेकिन आप इस बिल्डिंग के पीछे जाकर पैशाब कर सकती हो, लेकिन हाँ एक बात मैडम, आप बिल्डिंग के अन्दर मत जाना. तो फिर मैंने उसको धन्यवाद कहा और फिर मैं भागते हुए पीछे की तरफ गई और फिर वहाँ पर खुली जगह में बैठकर मैंने पैशाब कर लिया था और फिर मैं उस बिल्डिंग के पीछे के दरवाजे से यह देखने लगी कि, आखिर चौकीदार ने मुझको अन्दर जाने को मना क्यों किया. और फिर मैं चुपके से अन्दर गई लेकिन वहाँ पर कोई भी नहीं था. और फिर मैं जैसे ही वहाँ से वापस आने लगी तभी मुझको दूसरे माले से किसी औरत की अजीब सी आवाजें आई तो मैं धीरे-धीरे उस माले पर गई. वहाँ पर एक कमरा था जिसमें से एक औरत और एक मर्द की आह… आह… ओह… ओह… की आवाजें आ रही थी. और फिर मैंने उस कमरे की खिड़की से अन्दर झाँककर देखा तो अन्दर तो एक चटाई बिछाकर एकदम मस्त वाली चुदाई हो रही थी. वह दोनों एकदम जवान थे और उनके कमर से नीचे के कपड़े एक साइड में पड़े हुए थे और लड़की अपनी टाँगें फैलाकर लेटी हुई थी और वह एकदम मस्त होकर उस लड़के का लंड ले रही थी. दोस्तों वह सब देखकर मुझको भी कुछ-कुछ होने लग गया था और मेरी चूत में भी खुजली होने लग गई थी. दोस्तों वह लड़का उस लड़की के ऊपर से अपनी कमर हिला-हिलाकर उस लड़की को चोद रहा था. और फिर उस लड़की ने उस लड़के से कहा कि, आह… आह… थोड़ा जल्दी करो ना नहीं तो कोई आ जाएगा. तो फिर उस लड़के ने भी मस्ती में आकर कहा कि, ओह… ओह… जानू यहाँ पर कोई भी नहीं आएगा और फिर उस लड़के ने अपनी कमर हिलाने की स्पीड बड़ा दी थी और फिर वह अपना पूरा जोर लगाते हुए उस लड़की को चोदने लग गया था और फिर कुछ देर के बाद वह उस लड़की की चूत में ही झड़ गया था।

और फिर वह दोनों उठकर खड़े हुए और लड़के ने अपने लंड पर से कॉंडम निकाला और तब तक उस लड़की ने नीचे पड़ी हुई अपनी जीन्स की पेन्ट पहन ली थी और फिर उसने उस लड़के से कहा कि, चल अब पैसे दे जल्दी से फिर मैं यहाँ से जाती हूँ. और फिर उस लड़के ने अपनी पेन्ट उठाकर उसकी जेब में से कुछ रुपये निकाले और उस लड़की के हाथ में दे दिए थे और फिर वह लड़की अपनी सैंडल और कपड़े पहनकर बाहर आने लगी तो मैं वहाँ पर एक दीवार के पीछे छुप गई थी. और फिर वह लड़की वहाँ से चली गई थी लेकिन मैं उन दोनों की कामलीला को देखकर बहुत गरम हो चुकी थी तो मैंने सोचा कि, क्यों ना इस लड़के से अपनी चूत की प्यास को बुझा लूँ और फिर मैं एकदम से उस लड़के के सामने जाकर खड़ी हो गई और फिर मैंने उस लड़के से कहा कि, तू और वह चौकीदार तुम दोनों मिले हुए हो ना, अब मैं तुम दोनों को पुलिस के हवाले कर दूँगी. तो फिर वह लड़का डर के मारे काँपने लगा और फिर उसने मुझको कहा कि, मुझको माफ़ कर दो मैं दोबारा ऐसा काम नहीं करूँगा. तो फिर मैंने उससे पूछा कि, तुम यह सब क्यों करते हो? तो उसने मुझको कहा कि, क्या करूँ मैडम मुझसे सब्र ही नहीं होता है. तो फिर मैंने मौका देखकर अपना एक हाथ अपनी दोनों जाँघों के बीच में डालकर अपनी चूत को खुजाते हुए उससे कहा कि, मुझसे भी सब्र नहीं होता. तो फिर वह एकदम से चौंककर मेरी तरफ देखने लगा. और फिर मैं उस चटाई पर अपने दोनों पैर फैलाकर पीठ के बल लेट गई और फिर मैंने अपनी साड़ी को अपनी जाँघों के ऊपर तक खींचकर उस लड़के को कहा कि, चल अब आजा और अब मेरी चूत की खुजली भी मिटा दे तो फिर उसने मुझको कहा कि, आपको इस हालत में देखकर तो मेरे मुहँ से लार टपक रही है लेकिन मैंने उस लड़की को लगातार दो बार चोदा है इसलिए अब मेरा लंड वापस से खड़ा नहीं हो रहा है. तो फिर मैंने उसको कहा कि, तो फिर अपने मुहँ से चाट-चाटकर ही तुम मेरी चूत की खुजली मिटा दो. तो फिर उसने मुझसे कहा कि, हाँ ज़रूर. और फिर उसने मेरी दोनों टाँगों के बीच में बैठकर मेरी साड़ी को कमर से ऊपर किया और फिर उसने मेरी फटी हुई पैन्टी को देखकर मुस्कुराते हुए मुझसे बोला कि, आपकी पैन्टी में तो एक बड़ा सा छेद हो रहा है. तो फिर मैं भी मुस्कुराई और फिर उसने मेरी पैन्टी को उतार दिया था और फिर वह मेरी प्यासी और चुदाई के लिये फड़कती हुई चूत को चाटने लगा और फिर मैं ऊहह… आहह… करके सिसकने लगी. दोस्तों मैंने उस समय अपने दोनों हाथों से अपनी चूत को फैलाकर पकड़ रखा था और वह मेरी चूत को चूसने लगा और मैं तड़पने लग गई थी. वह अपनी जीभ को मेरी चूत के अन्दर तक डालकर चाटने लगा तो मेरे पूरे तन-बदन में एक आग सी लग गई थी और वह ज़ोर-ज़ोर से मेरी चूत को चूसने में लगा हुआ था।

दोस्तों मेरी चूत एकदम गीली हो रही थी और फिर मैं झड़ने ही वाली थी कि, तभी हमको तलाश करते हुए वहाँ का वह चौकीदार हमारे पास आ गया था और फिर उसने चौंककर मुझसे कहा कि, मैडम आप भी? तो फिर मैंने उसको कहा कि, तू भी आ जा. तो वह चौकीदार मुझसे बोला कि, मैडम नीचे का गेट खुला हुआ है कोई अन्दर आ गया तो? तो फिर मैंने उस लड़के को बोला कि, तुम नीचे गेट पर जाकर रुक जाओ तो वह मान गया था क्योंकि उसका काम तो पहले ही हो गया था. और फिर उस चौकीदार ने अपनी पेन्ट उतारी और फिर मेरी खुली हुई चूत को देखकर उसका खड़ा लंड मेरी चूत के अन्दर जाने के लिए मचलने लग गया था और मेरी प्यासी चूत भी उसके मोटे और लम्बे लंड को अन्दर लेने के लिए तड़प रही थी और फिर मैंने अपनी दोनों टाँगों को फैलाकर उसको कहा कि, आजा और घुसा दे अपने लंड को मेरी प्यासी चूत के अन्दर. और फिर वह मेरे ऊपर लेटा और फिर वह अपने लंड को मेरी चूत में घुसाने लगा तो मेरी गीली चूत ने उसके मोटे गरम लंड को एक ही झटके में पूरा अन्दर ले लिया था और फिर मैं आहह… इस्सस… करके सिसकने लगी और वह ऊपर से तेज-तेज झटके मारने लग गया था. और फिर मैं अपनी तड़पती हुई चूत को अन्दर की तरफ भींचते हुए उसके लंड को अन्दर तक लेने लग गई थी. और फिर कुछ देर के बाद उसका जोश और बढ़ गया था तो मैंने अपनी दोनों टाँगों को उसकी कमर के पीछे से डालकर उसे कसकर पकड़ लिया था और फिर वह भी जोर-जोर से अपनी कमर को हिलाने लगा। दोस्तों यह कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

दोस्तों हमारी उस चुदाई से उस सुनसान कमरे में पच-पच की आवाजें गूँजने लग गई थी. और फिर मैंने उसको कहा कि, अब तुम लेट जाओ और फिर मैं तुम्हारे ऊपर से तुम्हारे लंड की सवारी करूँगी. और फिर उसने चटाई पर लेटकर मुझको मेरे दोनों हाथ पकड़कर अपनी बाहों में खींच लिया था और फिर अपनी दोनों टाँगों को फैलाकर अपने घुटनों को मोड़ते हुए उसके लंड पर बैठ गई थी और फिर मेरी चूत पूरी तरह से खुल गई थी और उसका मोटा और लम्बा लंड पूरा का पूरा पक्च करके मेरी चूत के अन्दर समा गया था और फिर मैं उसके लंड पर उठक-बैठक करके उसके लंड को अपनी चूत में अन्दर-बाहर करने लग गई थी. दोस्तों उसका लंड अब मेरी चूत में सही जगह पर लग रहा था और मुझको उससे बड़ा मज़ा आ रहा था और फिर मैंने जोश में आकर जोर-जोर के झटके देने शुरू कर दिए थे और साथ ही मैं आहह… आहह… इस्सस… करके आहें भरने लग गई थी. और फिर 10-15 मिनट की उस जबरदस्त चुदाई से मेरी चूत पानी-पानी हो गई थी और फिर मेरी चूत के गीलेपन की वजह से वह भी ज्यादा देर तक नहीं टिक पाया था. और फिर उसने मेरी चूत में ही अपने गरम माल की पिचकारी छोड़ दी थी।

और फिर मैं थककर उसके ऊपर ही ढेर हो गई थी. उसके बाद 10 मिनट के बाद मैंने उसके ऊपर से उठकर अपनी फटी हुई पैन्टी से अपनी चूत को साफ़ किया और फिर हम दोनों ने अपने-अपने कपड़े ठीक किये और फिर मैं वहाँ से चली आई थी।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!