ऑफिस वाली मेम ने मेरा लंड लिया

हाय फ्रेंड्स, Antarvasna मेरा नाम मयंक है, मेरी उम्र 27 साल की है और मैं मुंबई में एक बड़ी मल्टीनेशनल कम्पनी में काम करता हूँ और मैं यहीं पर एक फ्लेट किराए से लेकर रहता भी हूँ. दोस्तों मैं अपने फुर्सत के पलों में कामलीला डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियाँ पढ़ता हूँ और अपनी तनहाई को दूर करता हूँ. दोस्तों आज से 6 महीनें पहले मेरे साथ एक बहुत ही खूबसूरत और सेक्सी घटना घटी थी और आज मैंने सोचा कि, क्यों ना आप सभी को मेरे उस अनुभव को बताऊँ. दोस्तों यह मेरी पहली सेक्स कहानी है इसलिए प्लीज़ इसमें मुझसे कोई ग़लती हो जाए तो मुझको माफ़ कर देना. हाँ तो दोस्तों अब मैं आज की कहानी को शुरू करता हूँ।

दोस्तों मैं जब कम्पनी के ऑफिस में पहली बार गया था तो वहाँ पहुँचते ही रिसेप्शन पर बैठी एक बहुत ही खूबसूरत सी लड़की ने मेरा स्वागत किया और फिर उसने मुझको मैनेजर के ऑफिस में भेज दिया था. वहाँ पर जाते समय मैंने रास्ते में सोचा था कि, मैनेजर कोई आदमी होगा लेकिन जैसे ही मैं ऑफिस के अन्दर गया तो वहाँ पर एक बहुत ही खूबसूरत सी औरत बैठी थी. दोस्तों उसका नाम वैशाली था और फिर उसने मुझको बैठने को बोला. और फिर मैं वहाँ पर उनके सामने बैठ गया था और फिर मैं उनके साथ बात करने लगा. दोस्तों वह लगभग 28-29 साल की थी और उसके बब्स 34” के थे और उसकी कमर 30” की थी और उसकी उभरी हुई गांड 36” की थी और एकदम फिट ड्रेस में वह कमाल की लग रही थी. और फिर उसको देखकर मैंने अपने मन में सोचा कि, काश यह एकबार बेड पर मिल जाए तो कसम से मज़ा आ जाए।

और फिर उसने मुझको मेरे डॉक्युमेंट दिखाने को बोला तो फिर मैंने मेरी फाइल उसको देने के लिये अपना हाथ आगे किया और जानबूझकर अपने हाथ से उसके हाथ को छू लिया तो वह मेरी तरफ मुस्कुरा दी और फिर हम काम की बात करने लग गए थे. और फिर उसने मेरी फ़ाइल वापस दी तो मैंने फिर से फ़ाइल लेने के बहाने से फिर से उसका हाथ छू लिया था तो वह फिर से मेरी तरफ मुस्कुरा दी थी और फिर उसने अपना हाथ पीछे कर लिया था. और फिर उसने मुझसे कहा कि, अब हमारा लंच टाइम हो रहा है तो चलो साथ में लंच करते है. लेकिन मैंने उनको बोला कि, मुझको अपने फ्लेट पर जाना है और बाजार से कुछ सामान भी खरीदना है. तो फिर उसने मुझसे पूछा कि, तुम कहाँ पर रहते हो? तो फिर मैंने उनको बताया कि, यहाँ से 5 किलोमीटर की दूरी पर एक रॉयल नाम की बिल्डिंग है मैं वहीं पर रहता हूँ. तो फिर वह मेरी तरफ मुस्कुराई और फिर वह मुझसे कहने लगी कि, मैं भी तो वहीं पर रहती हूँ. उसके बाद मैं वहाँ से आ गया अपने फ्लेट पर. घर पर आकर मैंने हाथ-मुहँ धोकर लंच किया और फिर मैं लेट गया और लेटे-लेटे मैं सोचने लगा कि, काश आज की रात के लिये ऑफिस वाली मेम मिल जाए तो रात का मज़ा दुगना हो जाएगा. और फिर शाम को क़रीब 7 बजे मुझको मेरे मोबाईल पर एक अनजान नम्बर से मैसेज आया जिसमें लिखा था कि, हैल्लो डियर क्या कर रहे हो और बोर तो नहीं हो रहे हो ना? तो फिर मैंने उसको पूछा कि, आप कौन हो? तो उसका जवाब आया कि, दिन में तो आपकी नज़र ही नहीं हट रही थी मुझपर से और अभी कह रहे हो कि, मैं कौन हूँ?

और फिर उसने मुझको मैसेज करके कहा कि, मुझको फोन करो. और फिर मैंने उसको फ़ोन किया तो तो वह बोली कि, यार मैं घर में अकेली बोर हो रही हूँ क्योंकि मेरी बड़ी बहिन की सगाई है तो घर के सभी लोग उसके साथ मार्केट गए हुए है. अगर तुम फ्री हो तो यहाँ आ जाओ हम थोड़ी देर बैठकर बातें करेगें और साथ में बैठकर चाय भी पी लेगें जिससे मेरा भी टाइम पास हो जाएगा. तो फिर मैं उसका पता पूँछकर वहाँ चला गया. और फिर मैंने उसके घर पहुँचकर और उसको मिस कॉल किया तो उसने उसके घर का दरवाजा खोला, उफ़फ्फ़ दोस्तों वह उस समय क्या कमाल की लग रही थी. उसने टाइट जीन्स पहनी हुई थी और ऊपर से कुर्ता पहना हुआ था. मैं तो उसको दरवाजे पर खड़ा-खड़ा ही देखता रह गया था. और फिर उसने मुझको कहा कि, अंदर आ जाओ और फिर देख लेना आराम से. और फिर उसने मुझको अन्दर ले जाकर बैठाया और फिर वह मेरे लिये चाय-पानी और नाश्ता लेकर आई. और फिर हम बैठकर बातें कर ही रहे थे कि, एकदम से लाइट चली गई. तो फिर वह मुझसे कहने लगी कि, मुझको अँधेरे से डर लगता है इसलिए अगर तुमको बुरा ना लगे तो मैं तुम्हारे पास आकर बैठ जाऊँ? तो फिर मैंने उसको कहा कि, क्यों नहीं आ जाओ. और फिर वह मेरे पास आकर बैठ गई और फिर कुछ देर के बाद उसने अँधेरे में ही मेरे लंड को मेरी पेन्ट के ऊपर से ही छुआ और फिर वह मुझसे कहने लगी कि, ओह आई. एम. सॉरी… मैं तो अपना मोबाइल ढूँढ रही थी. तो फिर मैंने उसको बोला कि, कोई बात नहीं. और फिर वह मेरे और भी क़रीब होकर बैठ गई थी और फिर वह किसी ना किसी बहाने से अपने पैरों से मेरे पैरों को और कभी अपने हाथ से मेरे हाथ को छूने लग गई थी. दोस्तों मैं तो पहले से उसको चोदने का प्लान बनाए हुए बैठा था और फिर उसके छूने से मेरा 6.5” इंच का लंड एकदम से खड़ा होने लग गया था. और फिर उसने अपना हाथ मेरी जाँघ पर रखा और फिर वह मेरी जाँघ को दबाने लग गई और साथ ही वह मुझसे बोली कि, आज तो तुम बहुत थक गए होंगे ना सफर करके? तो फिर मैंने उसको कहा कि, तो फिर आज आप मेरी थकान उतार दो ना किसी तरह से. और फिर उसने अपनी हाथ थोड़ा सा ऊपर किया तो उसका हाथ फिर से मेरे लंड पर लगा तो वह अनजान बनते हुए मुझसे बोली कि, मयंक यह क्या है? यहाँ पर क्या रखा हुआ है आपने? और फिर मैंने थोड़ी हिम्मत करके उसको बोला कि, आप ही देख लो कि, यह क्या है. और फिर वह मेरी पेन्ट के ऊपर से ही मेरे लंड को रगड़ने लग गई थी और फिर वह मुझसे बोली कि, इसको जरा बाहर निकालकर दिखाओ ना कि, यह क्या है? तो फिर मैंने उसको कहा कि, तुम ही निकालकर देख लो. और फिर उसने मुझको खड़ा होने को बोला तो मैं खड़ा हो गया. और फिर उसने तेज़ी से मेरी बेल्ट खोली और फिर मेरी पेन्ट को भी खोलकर नीचे कर दिया था. और फिर उसने मेरे अंडरवियर को भी नीचे कर दिया था. और फिर मेरे खड़े लंड के अहसास से उसके चेहरे पर एक अजीब सी मुस्कान थी. और फिर उसने मुझको पूछा कि, क्या मैं इसको एक किस कर लूँ? और फिर वह अचानक से मेरे लंड को चूमकर चूसने भी लग गई थी. दोस्तों उफ़फ्फ़ क्या बताऊँ उस समय मुझको कितना मज़ा आ रहा था और वह तो किसी अनुभवी की तरह मेरे लंड को चूसे जा रही थी. और फिर उसने मुझको कहा कि, मयंक आज तुम मेरी प्यास को बुझा दो ना प्लीज़. तो फिर मैंने भी उसको बोला कि, मैं तो आज दिन से इसी मूड में था. और फिर उसने झट से अपने पूरे कपड़े उतार दिए और मेरे भी. और अब हम दोनों एक-दूसरे के सामने एकदम नंगे खड़े थे, और इसी बीच लाईट भी आ गई थी। और फिर उसने मुझको अपने गले से लगा लिया था और फिर हम दोनों एक-दूसरे के होठों को चूमने लग गए थे और साथ ही मैं अपने हाथ को उसकी पीठ और कूल्हों पर फेरने लग गया था।

और फिर मैंने उसको सोफे पर लेटाया और फिर मैं उसके बब्स को अपने मुहँ में लेकर चूसने लग गया था. और फिर मैं धीरे-धीरे नीचे की तरफ आता गया और किस भी करता गया और अपने हाथ से उसकी चूत को सहलाने भी लग गया था. दोस्तों उसकी चूत इतनी चिकनी थी कि, जैसे उसने उसको आज ही साफ़ किया हो उसपर ज़रा से बाल भी नहीं थे और उसकी चूत काफी गीली भी हो चुकी थी. और फिर मैं नीचे उसकी चूत पर आकर उसकी चूत को चूसने और चाटने लग गया था और साथ ही अपने हाथ से उसके बब्स को भी दबाने लग गया था और वह आहहह… इस्सस… के जैसी आवाजें निकाल रही थी और साथ ही वह मुझसे बोलती भी जा रही थी कि, जान और जोर से चूसो मेरी चूत को, इसको खा जाओ. दोस्तों यह कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

और फिर 5-7 मिनट के बाद उसने मुझको कहा कि, अब तुम एकदम सीधे लेट जाओ. और फिर वह मेरे ऊपर आ गई थी और हम 69 की पोजीशन में होकर एक-दूसरे के अंगों को चूसने और चूमने लग गए थे. और फिर लगभग 10 मिनट तक चूसने और चाटने के बाद वह मुझसे कहने लगी कि, बसस्स्स अब अन्दर डाल भी दो प्लीज़्ज़्ज़ अब मुझसे बिल्कुल भी नहीं रहा जा रहा है. और फिर वह मेरे ऊपर ही रही और फिर वह अपनी चूत को मेरे लंड के ऊपर रगड़ने लग गई थी. और फिर वह मेरे लंड को अपनी चूत में लेते हुए धीरे-धीरे नीचे होनी लगी और मेरा लंड धीरे-धीरे उसकी चूत के अन्दर जाने लगा. दोस्तों उसकी चूत बहुत टाइट थी लेकिन मुझको ऐसा लगा कि, वह पहले भी किसी से अपनी चुदाई करवा चुकी है. और फिर उसने मेरा पूरा लंड धीरे-धीरे अपनी चूत के अन्दर कर लिया था और फिर वह अपनी बॉडी को धीरे-धीरे आगे-पीछे करने लग गई थी और साथ ही साथ वह मेरे होठों को भी चूमने लग गई थी. और फिर मैंने उसकी अलग-अलग पोजीशन में लगभग 25-30 मिनट तक चुदाई करी थी और इस बीच वह 2 बार झड़ भी गई थी. और फिर 25-30 मिनट की चुदाई के बाद मैं भी झड़ने वाला था तो मैं उसको और ज़ोर-ज़ोर से चोद रहा था और फिर मैंने उसको पूछा कि, कहाँ निकालूँ?

तो फिर वह मुझसे कहने लगी कि, आज तुम अपने लंड का पानी मुझको पिलाओ ना इसको पीने का मेरा बहुत मन कर रहा है. और फिर जैसे ही मैंने अपना लंड उसकी चूत से बाहर निकाला तो वह उसको झट से अपने मुहँ में लेकर चूसने लग गई थी और फिर मैं उसके मुहँ में ही झड़ गया था और वह मेरे लंड का सारा पानी पी गई थी. और फिर हम दोनों नंगे ही उठकर बाथरूम में गए और हमने साथ में ही शावर लिया और इस बीच भी हमने एकबार और भी सेक्स किया था और फिर मैं अपने कपड़े पहनकर अपने फ्लेट पर चला आया था।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!