शादी से पहले साली की सील तोड़ी

हैल्लो दोस्तों, मेरा antarvasna नाम रूपा है। आज में आपको मेरी रियल स्टोरी बताने जा रहा हूँ। अब में आपका समय ज्यादा ख़राब ना करते हुए सीधा अपनी स्टोरी पर आता हूँ। में गुजरात के जामनगर सिटी में रहता हूँ और एक सुंदर नौजवान युवक हूँ और मुझे किसी भी चूत की खुजली मिटाने की ताकत ऊपर वाले ने दी है। यह एक सच्ची कहानी है, जो मेरी शादी के कुछ दिन पहले हुई थी। में उस वक़्त 23 साल का था, अच्छी पर्सनॅलिटी होने की वजह से मेरी पर्सनॅलिटी मस्त थी। हाईट 5 फुट 7 इंच, वजन 60 किलोग्राम। मेरी शादी की बात चल रही थी और फिर अहमदाबाद से एक रिश्ता आया, उस लड़की के एक बहन थी और भाई नहीं था। फिर बाकी सब बातें पसंद आने पर शादी लगभग 4 महीने के बाद तय हुई। मेरी साली उस वक़्त लगभग 20 साल की थी और राजकोट में रहती थी और कॉलेज कर रही थी।

फिर मुझे सगाई के बाद एक बार राजकोट काम से जाना पड़ा और फिर में अपना काम निपटाकर साली से मिलने के लिए चला गया तो वो मुझे देखकर हैरान हुई और बहुत खुश भी हुई थी। उसका 2 BHK फ्लेट था और मुझे दूसरे बेडरूम में रखा था। फिर फ्रेश होने के बाद में हॉल में आया तो तब तक 10 बज गये थे। फिर मुझसे बिना पूछे उसने मेरे लिए एक कप कॉफ़ी बना दी। तब मुझे आश्चर्य हुआ, लेकिन मैंने कहा कि प्रीति (मेरी साली का नाम है) में अकेले कैसे पिऊँ? क्या तुम कंपनी दोगी? तो तब उसने भी ना नहीं की और फिर वो अपने लिए एक कप लेकर आई और फिर हम दोनों ने कॉफ़ी शेयर की। फिर हमने कॉफ़ी पीना शुरू किया। अब हम दोनों कॉफ़ी पीते पीते टी.वी देख रहे थे और हमारी बातें आहिस्ते-आहिस्ते सेक्स के सब्जेक्ट पर आ गयी थी। फिर मेरी साली ने बड़ी ही सेक्सी स्टाईल में मुझसे पूछा।

साली : जीजू, क्या आपने दीदी के साथ कुछ किया या नहीं?

में उसका मतलब तो समझ गया था, लेकिन फिर भी मैंने उससे पूछा।

में : क्या करने की बात कर रही हो तुम?

साली : इतने भी भोले मत बनो जीजू, में सेक्स की बात कर रही हूँ।

तब मैंने शरमाते हुए कहा कि मैंने तो सेक्स के बारें में सिर्फ पढ़ा है और कभी कभार बी.एफ देखी है और तुम्हारी दीदी के साथ तो कभी मौका नहीं मिला, लेकिन ऊपर-ऊपर से थोड़ा बहुत। तब उसने स्माइल दी।

साली : जीजू, कोई बी.एफ देखोगे?

तो तब में शॉक हो गया और बोला।

में : चलेगी।

फिर उसने शरारत भरी मुस्कुराहट से देखा और अब में भी उसकी भावना समझ गया था। फिर उसने डी. वी.डी पर एक डी.वी.डी लगाई और फिर जैसे ही फिल्म चालू हुई, में उत्तेजित हो गया था। अब मेरी लुंगी तन गयी थी और मेरा एक हाथ अपने आप मेरे लंड पर चला गया था। मेरी साली ने वो मूवी देखी हुई थी और अब वो बिल्कुल नॉर्मल सा बिहेव कर रही थी। फिर जब तक मूवी आधी हो गयी थी, तो तब में उठकर बाथरूम में चला गया। तब मेरे वापस आने पर मेरी साली ने वही शरारत भरी मुस्कान दी। तो तब में थोड़ा शर्मा गया और उसे देखने लगा था। अब मेरी इच्छा हो रही थी, लेकिन मेरी हिम्मत नहीं हो पा रही थी, लेकिन अब वो समझ गयी थी। फिर वो धीरे से मेरे पास आ गयी और चिपककर बैठ गयी, जिससे मेरा लंड और टाईट हो गया था। अब मेरा लंड एकदम तनकर खड़ा हो गया था और मेरी लुंगी में टेंट बना दिया था। फिर उसने पूछा

साली : जीजू और कुछ चाहिए?

अब में भी मूड में था, तो तब मैंने भी शरारती मुस्कान से पूछा।

में : क्या दोगी?

अब वो भी मूड में थी और कहा।

साली : जो आप माँगो।

फिर मैंने झटके से उसका एक हाथ पकड़ लिया और अब वो तो तैयार ही थी, तो झटके से मेरे गले लग गयी और मुझे किस करने लगी थी। यह मेरा पहला एक्सपीरियन्स था और मुझे पता नहीं था की किस कैसे करते है? फिर उसने आहिस्ता से मुझे किस करना शुरू किया। अब मुझे बहुत मज़ा आने लगा था। फिर हम दोनों उठकर बेडरूम में चले गये। फिर मैंने उसे गले लगा लिया और अब में उसकी छाती का दबाव महसूस करने लगा था। आह अब मुझे क्या मज़ा आ रहा था?

अब इधर मेरा लंड टाईट हो गया था और उसके गाउन पर से उसके पैरो के बीच में उसकी चूत को चुभ रहा था और अब वो भी मज़े लेने लगी थी। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने उसका गाउन उतार दिया। अब वो ब्रा और पेंटी में खड़ी थी, वो सीन तो बहुत मज़ेदार लग रहा था। फिर उसने भी मेरी शर्ट उतार दी और मेरी लुंगी खोल दी थी। अब मेरा फूला हुआ अंडरवेयर देखकर उसके चेहरे का रंग बदल गया था। फिर उसने झट से मेरे अंडरवेयर को पकड़ लिया और उसको मसलने लगी थी। अब मुझे अजीब सा मज़ा आने लगा था। फिर मैंने भी उसकी ब्रा उतार दी और उसके सुंदर-सुंदर बूब्स को देखकर बहुत खुश हुआ। अब में उसके बूब्स को ज़ोर-जोर से दबाने लगा था।

साली : धीरे जीजू, जरा प्यार से दबाओ, में कहीं भागी नहीं जा रही हूँ।

में : ओके डियर।

अब में आहिस्ते-आहिस्ते से दबाने लगा था। अब उसे भी मज़ा आने लगा था। फिर उसने मुझे लेटा दिया और खुद भी मेरे बगल में लेट गयी थी। अब में नीचे था और वो मेरे लेफ्ट साईड में थी, लेकिन उसकी छाती मेरी छाती पर थी। फिर उसने आहिस्ता से उठकर अपना लेफ्ट बूब्स मेरे मुँह में दिया और कहा।

साली : चूसो जीजू, इसका सारा दूध आज निकाल दो, सब पी जाओ।

तब में उसका बूब्स चूसने लगा। फिर उसने उसका राईट बूब्स मेरे लेफ्ट हाथ में दे दिया। अब उसकी आवाज निकलने लगी थी आआआआहह, हमम्म्ममम, ऊऊओह। अब मुझे और मज़ा आने लगा था और अब में और मज़े से उसके बूब्स चूसने लगा था। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने उसका दूसरा बूब्स अपने मुँह में लिया और अपना हाथ भी बदल दिया। अब उसकी आवाज और गहरी हो गयी थी आआआआआहह, हमम्म, ऊऊओह। फिर कुछ देर के बाद उसने मेरा अंडरवेयर उतार दिया और मुझे इशारा किया। तो तब मैंने भी उसका अंडरवेयर उतार दिया और उसके खूबसूरत बदन को नाईट लेम्प की रोशनी में देखने लगा था। फिर वो आहिस्ता से मेरे बदन को चूमते चाटते हुए नीचे आई और झटके से मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया। अब मेरी बारी थी, आआआहह। फिर कुछ देर के बाद उसने अपनी दोनों टाँगे मेरी छाती के दोनों तरफ कर ली और मेरा लंड चूसने लगी थी। अब हम 69 पोज़िशन में थे। फिर मैंने अपनी जीभ उसकी चूत में डाल दी तो मुझे कुछ नमकीन सा स्वाद आया, लेकिन मज़ा भी बहुत आया था। अब वो फिर से आवाज करने लगी थी आहह, हम्मम्मम, ओह। फिर लगभग 10 मिनट के बाद वो सीधी हो गयी और मुझे अपने ऊपर ले लिया और बोली।

साली : चलो जीजू अब कर लो, अब नहीं रहा जाता है।

तो तब मैंने पूछा।

में : कभी किसी के साथ ऐसा किया है?

साली : नहीं आप ही पहले हो जो मुझे चोद रहे हो।

फिर ये सुनते ही में पागल हो गया और फिर मैंने सोचा कि में ही वो खुशनसीब हूँ जो मेरी साली की सील तोड़ूँगा और उसे एक लड़की से औरत बनाऊँगा। अब उसने अपनी दोनों टाँगे फैलाकर रखी थी। फिर मैंने अपना लंड अंदर डालने की कोशिश की, लेकिन उसके वर्जिन होने की वजह से मेरा लंड उसकी टाईट चूत में नहीं घुस रहा था। तब उसने मेरे लंड को अपने हाथों से पकड़कर उसकी चूत के मुँह पर रखा और बोली कि पुश। तो तब मैंने एक झटका दिया तो मेरे लंड का टोपा उसकी चूत में घुस गया और वो चिल्ला उठी। अब मुझे भी दर्द महसूस होने लगा था। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर में थोड़ी देर तक अपने लंड को उसकी चूत में रखे हुए उसके ऊपर सोया रहा और उसके बूब्स दबाते हुए लिप किस करने लगा था। तो तब उसने अपने आपको थोड़ा एड्जस्ट किया और धीरे-धीरे झटके मारने लगी थी। तब में भी झटके मारने लगा। अब हम दोनों को बहुत मज़ा आने लगा था। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने एक जोरदार झटका फिर से मारा। तो अब मेरा लगभग पूरा लंड उसकी टाईट चूत में घुस गया था और अब वो चिल्लाने लगी थी। अब उसकी आँखों में से आँसू आ गये थे और वो गिड़गिडाने लगी थी।

साली : जीजू प्लीज निकाल लो, मुझे नहीं चुदवाना, बहुत दर्द हो रहा है।

में : थोड़ा धीरज रखो प्रीति, बाद में बड़ा मज़ा आएगा।

फिर मैंने उसे उसी पोज़िशन में रखकर उसके बूब्स दबाए और किस करता रहा और अपने एक हाथ से उसके चूत के दाने को चुटकी में लेकर मसल दिया। तब वो सिरह उठी और अपनी गांड उचकाने लगी थी। फिर मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और अब में मेरा लंड उसकी चूत में अंदर-बाहर करने लगा था। अब मुझे बहुत मज़ा आने लगा था और फिर मेरी स्पीड और बढ़ी और अब मुझे बहुत मज़ा आने लगा था। फिर लगभग 20 मिनट तक उसको चोदने के बाद वो 2 बार झड़ गई और कहने लगी।

साली : वाह जीजू आपने तो मुझे जन्नत की सैर करवा दी, बस अब जब भी मौका मिले मुझे ऐसे ही चोदते रहना, में अब पूरी की पूरी आपकी ही हूँ।

मुझे ये सब सुनकर बड़ा जोश आया और फिर में बड़ी तेज़ रफ़्तार से उसको चोदता रहा। फिर 5 मिनट के बाद में उसे घोड़ी बनाकर पीछे से उसकी चूत में मेरा लंड डालकर बहुत तेज़ी से चोदने लगा। वो अब भी अपनी गांड आगे पीछे करके मेरा साथ दे रही थी। फिर आख़िरकार मैंने एक ज़ोर का झटका मारा और फिर मैंने अपना बहुत सारा वीर्य उसकी फ्रेश चूत में छोड़ दिया और अब वो भी शांत हो गयी थी।

फिर लगभग 1 घंटे के बाद हम फिर से तैयार हो गये और अब में अनुभवी था। अब में ज़्यादा विश्वास से उसकी चुदाई करने लगा था। फिर लगभग 1 घंटे तक यही सिलसिला लगभग 4-5 बार हुआ। फिर सुबह कब हुई, हमें कुछ पता ही नहीं लगा। आज भी जब भी हम मिलते है तो बहुत इन्जॉय करते है ।।

धन्यवाद …