पार्क मे बुड्ढे ने की चुदाई

बात उस मंडे की है जब मे थोड़ा बीमार होने की वजह से ऑफीस नही जा पाया. दोपहर तक मे बिल्कुल ठीक हो गया था, ओर लंच करके अपने रूम मे आराम कर रहा था. लेकिन मुझे नींद नही आ रही थी, बारिश का मोसां था ओर बाहर बदल होने की वजह से धूप नही थी, और मोसां सुहावना था, तो मेने सोचा की सोसाइटी के पार्क मे ताज़ी हवा लेने जाया जाए.

जेसा की मेने बताया की ये मंडे की दोपहर थी, इसलिए सब लोग अपने कॉलेज, ऑफीस या घर पर बिज़ी थे ओर पार्क बिल्कुल खाली पड़ा था.

हल्की बारिश होकर रुकी थी, ओर ठंडी हवा चल रही थी.

मे थोड़ा तक गया इसलिए एक बेंच पर बेठ गया, मेरे राइट साइड मे एक बहुत बाड़ा पेड़ था, ओर उस पेड़ के पीछे की तरफ पार्क का एक छोटा सा कोना था, जो एक तरह से पूरे पार्क मे लोगों की नज़रो से दूर एकांत मे था.

मेने कई बार कपल्स को शाम को वहाँ माकेऔट करते देखा है, लेकिन आज वाहा पर सिर्फ़ एक बुढ्ढा बेठा हुआ कोई बुक पड़ रहा था.

कोई इंट्रेस्टिंग चीज़ नही थी तो मे आँखे बंद करके मोसां का माजा लेने लगा, तभी एक बहुत ही मदहोश कर देने वाले पर्फ्यूम की खुश्बू ने मुझे आँखे खोल के इधर उधर देखने पर मजबूर कर दिया, लेकिन मुझे कोई नही दिखा.

पेड़ के पीछे देखने पर एक बहुत ही हॉट लड़की उस बुड्ढे से थोड़ा दूर एक बेंच पर बेठी हुई दिखाई दी ओर वो उस बुड्ढे को देखे जा रही थी, मे पेड़ के पीछे था इसलिए उसको मेरे होने की खबर तक नही थी, वो बहुत ही हॉट, मस्त फिगर थी और उसकी ड्रेस बहुत टाइट और शॉर्ट थी, मुझे लगा की वो शायद उसे बुड्ढे की बेटी या कोई रिलेटिव होगी.

मैं फिर से आँखे बाद करके रिलॅक्स करने लगा लेकिन उस लड़की की इमेज बार बार मेरे दिमाग़ मे घूमने लगी, ओर उसकी खुश्बू हवा मे आती हुई मुझे बैचेन करने लगी.

मे उसकी एक ओर झलक पाने के लिए फिर से पेड़ के दूसरी तरफ देखा तो वहाँ के हालत थोड़े अजीब लगे.

अब वो लड़की बिल्कुल उस बुड्ढे की तरफ देख रही थी ओर उसके हाथ उसकी जाँघो के बीच मे थे, वो शायद कुछ उठा रही थी या फिर पता नही क्यू उसकी पोज़िशन कुछ अजीब लगी ओर उसकी नज़ारो मे एक अजीब सा नशा ओर प्यास झलकने लगी, अब बुड्ढे ने भी उसे नोटीस कर लिया था ओर थोड़ी हैरानी से उसकी ओर देखने लगा.

मुझे ये सब थोड़ा इंट्रेस्टिंग लगा तो मे खुद को पेड़ के पीछे थोड़ा ओर छिपते हुए देखने लगा.

कुछ ही देर मे वो लड़की अपनी जगह से खड़ी हुई ओर मस्त गान्ड मतकते हुए, उस बुड्ढे की बेंच की तरफ जाने लगी. उस वक़्त मे सोचने लगा की कस मे उस बुड्ढे की जगह बेठा होता तो उसे ओर भी ज़्यादा करीब से देख पाता.

मे अपने ख़यालो मे ही था की उस लड़की की नेक्स्ट हरक़त ने मुझे ख़यालो से बाहर लाकर हैरान कर दिया,

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