रंजू दीदी के साथ सेक्स का मज़ा

मैं आप सबको अपना और अपनी सिस्टर का इंट्रो देता हू में नाम इस अजीत, बॉडी टाइप नॉर्मल ई एम नाउ 20 एअर ओल्ड और मेरी दीदी का नाम हे रंजू और आगे हे 24 और वो मेरे दूर के चाचा की लड़की हे लेकिन मुझे मेरी बेहन की तरह हे… बात तब की हे जब मैं 10त मे था तब मुझे सेक्स के बड़े मे ज़्यादा कुछ नही पता था पर 10त मे मेरी कुछ ऐसे लड़को से दोस्ती हो गयी जिनकी वजह से मैं सेक्स कर बड़े मे जाने लगा ब्लू फिल्म देखने लगा हॅंड पंपिंग करने लगा और मेरा भी चुदाई करने का मन होने लगा पर उस वक्त न ही कोई गर्ल मेरी फ्रेंड थी नही कोई गर्लफ्रेंड क्योंकि मैं बहुत शाइ हू इस मामले मे.

दिन की बात हे मैं अपने चाचा के घर गया था अक्चुअली मैं जाता था हफ्ते मे 1-2 बार लेकिन उस दिन जब मैं गया तो मेरी सिस्टर घर मे झाड़ू लगा रही थी और मैं जाके एक टेबल पे जाके बैठ गया और थोड़ी देर बाद दीदी मेरी तरफ मूडी और उसने मेरी तरफ झाड़ू मारना शुरू किया उस वक्त उसने दुपट्टा नही पहना था तो मुझे उसके क्लीवेज दिखे और मैं देखता ही रह गया और मेरी थिंकिंग ही चेंज हो गयी मेरी दीदी के लिए. उस दिन से मैं दीदी के करीब करीब रहने लगा उसने बताए हुए हर कम करने लगा और वो मुज़से 2 साल बड़ी थी आगे मे तो वो मुज़े छोटा बच्चा समझती थी लेकिन उसे पता नही था बच्चा अब बड़ा हो गया हे मैं ऐसे ही चान्स ढुंड रहा था उसके साथ टाइम स्पेंट करने का और मुझे मिला लेकिन थोड़ी देर से 1 साल बाद मेरी चाची के पिताजी यानी मेरे नाना उनका बहुत सीरीयस आक्सिडेंट हो गया था सो मेरे चाचा चाची वाहा चले गये और मेरी दीदी नही गई तो मेरी दीदी ने मुझे ऑफर किया की रात को मैं इधर ही सोजाऊ

भला मैं कैसे ये चान्स चोद्ता उस दिन दोपहर को दीदी सोई हुई थी मेरा भी यानी दीदी का भाई भी कम पे गया था सो मैं दीदी के साथ सोया हुआ था, दीदी को नींद आगाई और वो सो गयी लेकिन मैं उन्हे सोता हुआ देखता रहा उनके बूब्स को ऊपर नीचे होते हुए देख रहा था क्या मस्त बूब्स थे एकदम गोल गोल ऐसा लग रहा था जाके पकड़लू पर हिम्मत नही हुई मेरी फिर थोड़ी देर बाद मैं थोड़ी हिम्मत करके उनके पास गया और पास जाकर उनके बूब्स को देखने लगा बाद मे मुझे कंट्रोल नही हुआ तो मैने धीरे से उनके एक बूब को छू लिया क्या फीलिंग थी सॉफ्ट सॉफ्ट मखमल की तरह ऐसा लग रहा था की वो हाथ कभी निकालु ही नही लेकिन फिर मैने थोड़ी हिम्मत करके थोड़ा प्रेस किया आस में गोद्ड़द्ड क्या फीलिंग थी यारो मैं बता नही सकता फर्स्ट टाइम किसी के बूब्स को टच किया था बाद मे मैने थोड़ी देर उनका एक ही बूब दबाया और कॅट(बिल्ली) ने किचन मे बर्तन गिरदिया और मैं डर गया और दूर हो गया तभी भी दीदी नींद मे थी लेकिन थोड़ी देर बाद ज़ोर से बर्तन के गिरने की आवाज़ आई तो दीदी की नींद खुल गई

और उन्होने मुझे जाकर देखने को कहा तो मैने देखा तो बिल्ली थी बाद मे दीदी फ्रेश होने के लिए बात रूम मे चली गाई और फ्रेश होकर बाहर आई तो मैं उन्हे देखता ही रह गए क्या मस्त लग रही थी मैं बता नही सकता मैं सीधा उसके बूब्स को ही देख रहा था घुरके शायद उन्हे ये पता चलगया और में कहा क्या देख राहे हूँ, तो मैने कहा की आप बहुत ब्यूटिफुल दिख रही हो तो वो शर्मा गई और चल हाथ पगले कहा बाद मे वो घर के कामो मे लग गई और मैं टीवी देखने लगा

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