कामीनो की टोली – 1

मुहब्बत एक एसा ज़ज़्बा जो कभी दिलो को पास लाता है तो कभी इसे दुनिया की भीड़ मे लोगो को तन्हा भी कर जाता है… मुहब्बत कही खुशियाँ लाती है तो कहीं तबाही और बर्बादी का कारण भी बनती है. यूँ तो दुनिया मे हज़ारो रिश्ते है. कुछ विरासत मे मिले होते है तो कुछ हम खुद बनाते है.. जिन रिश्तो की तमीर हम खुद करते है, उनही मे से एक रिश्ता होता है दोस्ती का.. जो लोगो के दिलो को एक एसी जंजीर से जोड़ देता है की दो वुजूद एक जान बन जाते है. चुत एक को लगे तो तड़प्ता दूसरा भी है. एक भूखा रहता है तो दुसरे के हलक से नीवाला नही उतराता है

अओफू लो में भी क्या लेकर बैठ गया फालतू की ख़याली बाते, पूरेाने जमाने की बाते आज के जमाने मे कोई एसा थोड़ी होता है?

होता है बिल्कुल होता है मानता हू ज़माना बदल चुका है रिश्तो के मायने बदल गये है दोस्ती भी दागिल होने से नही बच पाई है
क्यो?
क्योंकि आज-कल दोस्ती अपने आप नही होती है बल्कि की जाती है कभी अपना कोई काम निकलने के लिए, कभी ज़रूरातो के लिए तो कभी किसी और फ़ायदे के लिए

तो क्या आप उस रिश्ते को दोस्ती का नाम देगे जो किसी मकसद के लिए की गयी हो नही ना?

दोस्ती के बड़े मे किसी शायर ने कहा है

दोस्ती करना तो एसा की इबादत करना
वरना बेकार है रिश्तो की तिज़रात करना

दोस्ती आज भी वेसी ही है जैसी पहले थी और जब तक ये दुनिया चलेगी ये रिश्ता एसा ही रहेगा मेरी बताओ पर अभी सबको यकीन नही आया होगा पर ये कहानी जो मेरी आँखो के सामने से गुज़री है, उसे पड़कर ज़रूर आप यकीन करने पर मज़बूर हो जाएगे आप सबको बहुत पका लिया, चलो अब अपनी बक-बक बंद कराता हू और कहानी पर आता हूँ

ये कहानी है 6 दोस्तो नीतीश, किशोर, आर्यन, विवेक, ज़ुनार और शान की सब एक से बड़कर एक नमूने है चलो एज भी देने से पहले एक-एक करके सबके बड़े मे थोड़ा-थोड़ा जान लेते है

नीतीश सैनी, सबसे बड़ा ठरकी है दुनिया की हर लड़की इसे माल नज़र आती है इसकी नज़र लोगो मे नही सॉरी लड़कियो मे सिर्फ़ खूबसूराती तलाश कराती है कितनी भी बाद-सूरात लड़की लाकर इसकी सामने खड़ी कर दो ये साला कोई ना कोई खुबी ज़रूर ढूँढ निकलेगा बंदे मे एक बुरी आदत और है, सबको मामू-मामू कराता रहता है इसकी इसे आदत पर इसकी दोस्तो ने इसका नाम मामू रख चोदा है

किशोर गढवी, इसे भुक्कड़ को हर टाइम भुख लगी रहती है वैसे तो साला दिन भर बकरी की तरह चाराता रहता है पर फिर भी सोकी लड़की जैसा है अगर ज़ोर से हवा चले तो उस जाए इसकी शकल ऋण मूवी के विजय से काफ़ी मिलती है इसलिए इसकी दोस्तो ने इसे कव्वा बिरयानी और काला कव्वा जैसे नामो से सम्मानित कर रखा है

आर्यन राज, ये कमीना बड़ा मज़किया बंदा है हर किसी की टाँग खीचता रहता है पर गुस्सा भी इसकी नाक पर रखा रहता है साले की सुलग भी जल्दी जाती है इसे सब बहुत कहते है क्यो ये मुझे भी नही मालूम

विवेक खत्री, बड़ा सेन्सिटिव किस्म का बंदा है कब मज़ाक कराता है कब सीरीयस हो जाता है कुछ पता ही नही चलता इसका एक फीचर बड़ा बाड़िया है दोस्तो के लिए हमेशा कुछ भी करने के लिए तैयार राहता है ये विवजो के नाम से नेट पर फेक आइडी बनाया कराता था इसलिए इसे सब विवजो की शॉर्ट फॉर्म विव बुलाते है

ज़ुनार अली, एकदम कूल नेचर का बंदा है पाक से इंडिया इम्पोर्ट हुआ है इसलिए साले को हिन्दी ज़्यादा नही आती ये मुंबइया भाषा की टाँग तोड़ता रहता है साले की बस की बात कुछ नही होती पर हर काम मे अफ़लातून बनता है इसलिए इसे अफ़लातून बुलाया जाने लगा जो बाद मे अफला,अफ्लू और अफले होकर रही गया

आख़िरी नमूना शान है जो एकदम सीरीयस टाइप का बंदा है ज़रूरात से भी कम बोलता है कभी-कभी एसा लगता है की ऊपर वाले ने इसे ज़ुबान देकर ग़लती की साला उसे ही नही कराता ये साला औरात जात से बड़ा चिढ़ता है इसकी मा बचपन मे ही इसकी बाप को लात मारकर किसी और के साथ भाग गयी थी तबसे इसकी दिमाग़ मे बैठ गया की औरात बेवफा होती है

इन सबके मा-बाप ने रात मे सिर्फ़ एक ही ग़लती की मतलब की ये सब अपनी मा-बाप की एकलोती औकाड़े है इसलिए लाड – प्यार मे थोड़ा बिगड़े हुए है ये सब क्लासमेट है इसे महीने सेकेंड एअर मे आए है इनका ग्रूप पूरे कॉलेज मे कामीनो की टोली के नाम से माश‚होर है बस अब आपुन एनके बड़े मे बतता-बताता तक गया सीधे आपको कॉलेज ले चलता हू खुद ही देख लीजिए ये क्या कर रहे है

“ओये उधर देखो, वाह क्या माल है यार” ये सब क्लास लेने जा रहे थे की आर्यन की नज़र एक लड़की पर पड़ी जो कुछ दूर खड़ी थी, जिसने ब्लॅक जीन्स और येल्लो शर्ट पहन रखा था आर्यन की बात पर शान को छोडकर सबकी नज़र उधर चली गयी

“मामू लोग, नज़रे नीचे करो वो तुम्हारी भाभी है” पहली ही नज़र मे लड़की ठरकी नीतीश के दिल मे उतार गयी

“आबे चुप करो वो आपुन का आइटम है जु सबका भाभी” ज़ुनार कहा पीछे रहने वाला था

“आबे तुम सब लाडो मैं साली की किसी लेकर आता हूँ” नीतीश बोला और किसी के कुछ कहने से पहले ही लड़की की तरफ चल दिया

“साला आज ये मामू ज़रूर पिटेगा” विवेक बोला तो सब हंस दिए और वही रुक-कर इंतिज़ार करने लेगे की क्या होता है
नीतीश मियाँ बड़े स्टाइल मराते उस येल्लो शर्ट वाली लड़की के पास पहुँचे और बोले”एक्षकुक्षे मे एक किसी मिलेगी”
कामीनो की टोली – 1

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