सलवार कमीज़ वाली की चुदाई

सलवार कमीज़ वाली की चुदाई – गायत्री की वाइल्ड फॅंटसी स्टोरी – Part – 1

मैं मुंबई मैं एक बॅंक मैं जॉब कराता हूँ. यहाँ पे मेरे साथ 6 लड़कियाँ कम कर ती हैं एक हीं ब्रांच मैं. गायत्री हमारे ब्रांच मैं कस्टमर सर्विस मैं है. गायत्री शादीशुदा है और उसको एक लड़की भी है, उसका हज़्बंद आर्मी मैं है तो वो मोस्ट ऑफ थे टाइम बाहर हीं रहता है. गायत्री के बड़े मे कहूँ तो वो 5’6” हाईट स्लिम बिल्ट बॉडी विद आ 34/28/34 का फिगर.

वो हमेशा सलवार कमीज़ पहन ती थी और बहुत ही सिंपल से रहती थी. एक दिन अचानक उस को एक फोन आया और वो रो ने लगी, मैं उस के साइड मैं हीं बैठ ता हूँ तो पूछा क्या हुआ तो वो बोली उसकी बेटी के स्कूल से था, उसकी बेटी बीमार है और उसे जाना पड़ेगा. मैने कहा मैं भी आता हूँ शायद आपको कोई हेल्प की भी ज़रूरात हो और उसने मुझे ईशारे से हाँ बोला(आस शी वाज़ नोट इन आ कंडीशन तो स्पीक).

हम लोग उसके बेटी के स्कूल गये और वहाँ से हॉस्पिटल, वहाँ डॉक्टर ने कहा के अकेलेपन पेन के वजह से शायद ये बीमार पड़ गयी घबराने की कोई ज़रूरात नहीं है बस थोड़ा टाइम दीजिए आपने बचे को. फिर मैं उन दोनो को उनके घर चोद ने गया. रास्ते भर मैं गायत्री के बेटी के साथ खेल ता रहा वो भी मेरा कंपनी बहुत एंजाय कर रही थी. जब हम गायत्री के घर पहुचे तब मैने बोला ठीक है ई आम मूविंग, विल सी यू टुमॉरो. तब वो बोली अंदर तो आओ, तो मैने बोला फिर कभी.

गायत्री: पिंकी को बहुत अच्छा लगे गा अगर आप आके थोड़ा टाइम इसके साथ रहोगे तो.

अब मैं क्या बोलता, कहा ठीक है, चलिए. अंदर जाके बैठे तो गायत्री चाय बनाना गयी और मैं पिंकी के साथ बैठ के कार्टून देख रहा था. थोड़ी देर मैं गायत्री आई और खड़ी रही के मुझे देख रही थी..कैसे पिंकी मेरे गोद मैं बैठ के से कार्टून देख रही थी. तभी मेरी नज़र उस पे गयी और पूछा क्या हुआ तो बोली कुछ नहीं, मैने पिंकी को ईतनी खुश कभी नहीं देखी थी किसी के साथ वो भी पहले मुलाकात मैं.

फिर हम थोड़ी देर बात कर रहे थे अचानक देखा तो पिंकी सो गयी थी मेरे गोद मैं. गायत्री ने कहा की लाओ मैं उसे बेड रूम मैं सुला देती हूँ. मैने कहा ई विल . पिंकी को उस के बेड रूम मैं सुला दिया और मैं निकालने को तैयार हुआ तो पीछे से आवाज़ आई “उमेश, पीछे देखा तो गायत्री खड़ी थी, मैने पूछा क्या हुआ तो बोली “थॅंक्स फॉर एवेरी थिंग”और आके मुझे हग किया.

ई थॉट इट’स आ थॅंक्स गिविंग हग, लेकिन तो माई सर्प्राइज़ इट कंटिन्यूड फॉर 3 मिनिट्स. मुझे समझ मैं नहीं आ रहा था कैसे रिक्ट करू. फिर मैने हल्का धक्का देने की कोशिश की ता के हम आलग होज़ाये, मगर उसने और ज़ोर से जकड़ लिया. फिर मैने भी आपने दोनो हाथ उसके पीठ पे रख दिया और उसे आपने से जकड़ लिया. वो ईसी तारा मुझ से लिपटी रही और धीरे से मेरे कानो मैं बोली पिंकी आज बहुत खुश थी सिर्फ़ आपके वजह से, आपको जो माँग ना है माँग लो मुझ से आज मैं मना नहीं करूँगी.

मैं समझ गया वो क्या कह ना चाह रही थी और इट्स नॅचुरल की अगर पाती इतने दीनो से बाहर है तो सेक्स की भुख रहेगी हीं. मैं अंजन बन के पूछा क्या माँगूँ आप से, तो उसने आपनी पकड़ थोड़ी ढीले की और उसका चेहरा मेरे चेहारे के एकदम सामने था उसने कहा बुढ़ू इतना भी पता नहीं आपको. तो मैने कहा ठीक है आप जो से देना चाहे दे सकती हैं मैं मना नहीं करूँगा आख़िर कर आप का पहला गिफ्ट होगा मेरे लिए.

इस दौरान हम दोनो के गरम साँसे तेज होने लगी और ये सॉफ महसूस हो रहा था. तब वो आपनी लिप्स मेरे लिप्स के करीब लाई और मैं उसके लोवर लिप्स को आपने लिप्स से पकड़ लिया और चूस ने लगा. कुछ ही सेकेंड्स मैं वो भी तेज तेज चूस ने लगी और हम दोनो बड़ी बड़ी एक दूसरे के मूह मैं जीभ को अंदर बाहर कर ने लगे. थोड़े हीं देर मैं उस मैं एक अजीब सा पागल पान आगेया था. फिर वो मुझ से आलग हुई और मेरा हाथ पकड़ कर बेड रूम के तरफ खिच ते हुए ले गयी.

सलवार कमीज़ वाली की चुदाई – गायत्री की वाइल्ड फॅंटसी स्टोरी – Part – 2

मैं हवा मैं एक तिनके के तारा उस के साथ लहरा ता हुआ चला गया. बेड रूम मैं जाते हीं उसने अंदर से दरवाजा बंद कर दिया और आपनी सलवार का नाडा खोल ने लगी तभी मैने उस का हाथ पकड़ लिया और मैं खुद नडे को खोला, नडे को ढीला करते हिंद धड़ से वो उसके कदमो तक सरक गया. वो आपनी कमीज़ हाथ मैं उठाए हुए थी तो उसका काला पैंटी सॉफ दिखाई पड़ रहा था.

गायत्री एकदम बेड के पास खड़ी थी तो मेने थोड़ा सा धक्का दिया तो वो धड़ से बेड पर गिर गयी. लाल रंग का मखमली चादर पड़ा हुआ थे बेड पर और लाल रंग के हीं तकिये थे. उसने दो पिल्लो के सहारे आपने पीठ को टीक्या और टॅंगो को खोल के मुझे चूत सहलाने को ईशारा किया. मैं धीरे से उसकी जाँघो को चूम ते हुए उस की चुत तक बढ़ा और पैंटी के ऊपर से हीं तीन चार बार किस किया.

फिर मैने उसके पैंटी को एक साइड से आपनी दो उंगलियों से खिच के दूसरे साइड मैं किया और उसकी नंगी चूत के गरम होंठो पर आपने होंठो से किस करना चालू किया. उस समय गायत्री की आँखे बंद हो गयी थी और वो आवाज़ को दबाने की कोशिश कर रही थी, मगर उन्न…हाअ……की आवाज़ चुप नही पा रही थी. उसने मेरे सर को पकड़ के थोड़ा दूर किया और एक झटके मैं आपनी पैंटी उतार दी और बोली ये सब तुम्हारा है तो खुल के मज़े लो ना.

ये कह ते हीं उस ने आपनी सलवार भी उतार दी और अब वो सिर्फ़ एक ब्रा मैं थी. मुझे ध्यान नही रहा के वो कब आप से तुम मैं आगये.. तब फिर से मैने उस के चूत पे ओत रखा आभी मैं उसके चूत के उपरी हिस्से को आपनी जीभ से सहला रहा था और एक उंगकी उसके चूत मैं डाल कर अंदर बाहर कर रहा था, चूत एकदम घीली हो गयी थी उसके प्रेकुं से.

वो भी आपनी गान्ड हिला हिला के मज़े ले रही थी और आपने हटो से आपनी चुचियो को मसल रही थी. फिर उस ने आपनी टॅंगो को हाथ मैं उठा के एक भी शेप कर के रखा, उसकी चूत पूरी तरहा से फेली हुई थी. मैने आपने जीभ से ज़ोर ज़ोर का झटका देते हुए उसके चूत के अंदर बाहर कर रहा था. तभी उस के जाँघो मैं एक कंपन सा आने लगा, गायत्री ज़ोर से चीख पड़ी और वो झाड़ गयी थी.

उसका पानी मेरे चेहारे पे फेल गया था. फिर उसने मेरे चेहारे को थोड़ी देर आपने चूत से दबा के रखा. इतने मैं मैं आपने कपड़े उतार चुका था सिर्फ़ आंडरवेयर मैं था. गायत्री ने मुझे धक्का मर के दूसरे तरफ कर दिया और वो मेरे टॅंगो की बीच आ गयी. मेरे लंड को उसने अंदरवियर से निकाला और मूह मैं लेने की तैयारी मैं थी, तभी मैने कहा मैं खड़ा रही ता हूँ तुम नील डाउन होके ये करो प्लीज़.

वो बोली जो हुकुम केरे आका, फिर मैं खड़ा रहा और वो मुझे ब्लो जॉब दे रही थी. कभी वो मेरे लंड के सूपा ड़े को चूम ती तो कभी वो मेरे बॉल्स मूह मे लेती. फिर वो मेरे लंड को नीचे से ऊपर तक चाट रही थी. अचानक से वो तेज हो गयी. गायत्री ने आपने राइट हॅंड मैं मेरे लंड को पकड़ा था और मूह के अंदर बाहर कर रही थी और लेफ्ट हॅंड से मेरे बॉल्स को सहला रही थी. मेरे आँखे आनंद से बंद हो रही थी.

मुझे पता नहीं था इतनी सीधी साधी दिख ने वाली लड़की इतनी वाइल्ड भी होसकती है. मेरे लंड मैं चिकनाई आगये थी उस के सलाइवा ओर मेरे प्री कम से. मैं उस के गले को महसूस कर रहा था आपने लंड से. तब मुझे पटा चला इसे कह ते हैं “डीप थ्रोट, अब मुझ से सहन नहीं हो रहा था मैने कहा गायत्री मुझे चोद ना है तो वो बोली इतने सब के बाद आभी पर्मिशन माँग रहे हो क्या आजओ.

फिर मैने उसको बिस्तर पे लेता दिया उसके जाँघो को हटो मैं ले के ऊपर उठाया ताक़ि चूत सॉफ दिखे. लंड उस के चूत पे रखा और हल्के से धक्का दिया और मेरा पूरा लंड उसके अंदर चला गया. गायत्री के मूह से उन्न की आवाज़ निकली. मैं थोड़ा बाहर किया और फिर से धक्का मारा तो वो आँखे बंद कर ने लगी फिर मैं हाल का हल्का धक्का लगा ने लगा. उसकी आवाज़ तेज होने लगी और वो आपनी गांड उछाल ने लगी.

वो ईशारा था धक्का ज़ोर का मरो बोल के, मैने धक्का ज़ोर ज़ोर से मर ने लगा . फिर हम मिशनेरी पोज़िशन मैं आ गये. मैं आपनी कमर हिला हिला के उसे चोद रहा था और वो आपने पैरो को मेरे कमर के ऊपर रख के लॉक कर दिया था. आचनक वो मुझे काश के पकड़ी और बोली और ज़ोर से मर मेरे राजा मैं फिर से झाड़ ने वाली हूँ. वो भी नीचे से धक्का मर ना तेज किया और उस की नाख़ून मेरे पीठ पे चुभ रहे थे.

सलवार कमीज़ वाली की चुदाई – गायत्री की वाइल्ड फॅंटसी स्टोरी – Part – 3

उसने अपने नाख़ून से मेरे पीठ नोच लिया और एकदम से ढीली हो गयी. मेरे लंड को महसूस होने लगा उस के पानी का मैं समझ गे आके वो झाड़ चुकी थी. फिर मैने भी बढ़ता कम कर दिया और उस के होंठो को चूम ने लगा और उसकी चुचि को मूह मैं लेने लगा.

अब वो फिर से मेरे लंड को मूह मैं लेने के लिए आई और मेरा लंड उसके पानी से पूरा भीगा हुआ था. वो लोली पोप के तारे मेरे लंड को चूस ने लगी. अब गायत्री के दिमाग़ मैं कुछ और था वो बोली मेरा पाती जब भी आता है मेरा गांड ज़रूर मर ता है क्या तुम भी मरोगे.

मुझे पता नहीं क्या बोलूं. मैने कहा आज तक ट्राइ नही किया है तो गायत्री बोली कुछ नहीं मज़ा आएगा. फिर वो डॉगी स्टाइल मैं बैठ गयी और बोली आराम से गांड मरो दोनो को मज़ा आएगा. मुझे लगा ल्यूक लूब्रिकेटिंग आयिल लगाना चाहिए लेकिन लंड इतना चिकना था के किसी चीज़ की ज़रूरात नहीं पड़ी. मैं गांड के छेद मैं लंड रखा और थोड़ा ज़ोर लगाया थोड़ा दर्द हुआ पर अंदर चला गया.

उसकी गांड के अंदर की गर्मी मेरा लंड महसूस कर रहा था, एक आजीब सा आहसास था, चूत से टाइट और नों लूब्रिकेटिंग. फिर गायत्री ने गांड एज पीछे कर ना शुरु किया मुझे भी मज़ा आने लगा और मैं उसके कमर को पकड़ कर उसकी गांड मर ने कार्यकरम शुरु किया. उस समय गायत्री आपनी हाथ से चूत सहला रही थी और पिल्लो पे आपना सर इस तारहे रखी थी के वो मुझे देख सेखे. उस ने कहा कमर चोद के चुचि पकडो नीचे से.

मैने वैसे हीं किया और बिसवास मानो मैं ग्रॅविटेशनल फोर्स महसूस कर रहा था उस के चूंची की. तीन चार मिनिट गांड मरने के बाद मुझे लगा आभी मैं झाड़ ने वाला हूँ, मैने कहा गायत्री मैं झाड़ ने वाला हूँ तो वो बोली अंदर हीं चोद दो आपना सारा पानी. मैं तजी से चोद ने लगा और आपना फावरा गायत्री के गांड मैं खोल दिया. तभी गायत्री और एक बार झाड़ ने वाली थी उस के हाथ भी तेज होने लगी और वो भी आपना सारा पानी बिस्तर पे गिरा दिया. मैने लंड उसके गांड से निकाला और दोनो एक दूसरे के बाँहो मैं आ गये.

गायत्री बोली मुझे पता नहीं था तुम इतने बड़े लेडी किलर हो तो मैने कहा मैं भी हैरान हूँ के तुम्हेरे जैसे सीधी साधी लड़की ये वाइल्ड फॅंटसीस रख ती है. उस दिन के बाद मैं आक्सर गायत्री के घर जाने लगा पिंकी के साथ थोड़ा टाइम बीतता थे

सलवार कमीज़ वाली की चुदाई – गायत्री की वाइल्ड फॅंटसी स्टोरी

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