दोस्त की माँ का फटा भोसड़ा

हैल्लो दोस्तों, मेरा antarvasna नाम राज है। मेरी उम्र 28 साल है और मेरी हाईट 6 फुट 1 इंच है, मेरा लंड 7 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा है। दोस्तों में लुधियाना में रहता हूँ। मेरा एक दोस्त है विक्रम और उसकी माँ का नाम सोनिया है और आंटी की उम्र करीब 45 साल की है, उनके एक बेटा है जिसका नाम विक्रम है और वो मेरा फ्रेंड है। आंटी का फिगर साईज 40-32-36 है और उनकी भारी-भारी गांड को में जब भी जाता तो बस उनके बूब्स और गांड को ही देखा करता था। सोनिया आंटी के वहाँ मेरा रोजाना आना जाना था।

फिर एक बार विक्रम को 2 दिन के लिए शहर से बाहर जाना पड़ा। तब उसने मुझसे कहा कि में उसकी गैर माजूदगी में उसकी माँ का हालचाल देखता रहूँ। फिर विक्रम के चले जाने के बाद में आंटी से मिलने गया। अब हम दोनों ने एक दूसरे से अलग विषय पर बातें शुरू कर दी थी। फिर आंटी ने मुझसे कहा कि विक्रम के बगैर में बहुत बोर हो रही हूँ, ऐसा करो मुझे इंटरनेट चलाना सिखा दो। तब मैंने विक्रम के कंप्यूटर को इंटरनेट से कनेक्ट किया और आंटी को उसके बारे में बताना शुरू कर दिया था। अब में आंटी को सर्च इंजन के बारे में बता ही रहा था कि आंटी ने मुझसे पूछा कि इस पर सब कुछ सर्च किया जा सकता है क्या? तो तब मैंने कहा कि हाँ सब कुछ।

फिर मैंने एक वेबसाईट खोली तो उस पर एक न्यूड एड़ चलने लग पड़ा। तब में और आंटी एक दूसरे की तरफ देखने लगे। तब आंटी ने मुझसे कहा कि मैंने सुना है कि इंटरनेट पर नंगी फोटो भी होती है, कहीं तुम लोग देखते तो नहीं? तो तब मैंने कहा कि आंटी आपसे झूठ नहीं बोलूंगा, कभी-कभी देख लेता हूँ। तब आंटी ने कहा कि उसका तुम लोगों को क्या फ़ायदा होता है? तो तब मैंने कहा कि आंटी उससे हमें औरत की बॉडी के बारे में पता चलता है और सेक्स के बारे में पता चलता है कि कैसे ज्यादा मज़ा आता है? तो तब आंटी ने कहा कि शादी के बाद सब कुछ आ जाता है और फिर आंटी ने मुझसे पूछा कि बताओं तुम्हारे कोई गर्लफ्रेंड है? तो तब मैंने कहा कि नहीं। तो तब आंटी ने कहा कि कभी नंगी औरत को लाइव देखा है या नहीं? तो तब मैंने कहा कि नहीं। अब में बहुत हैरान हो रहा था कि आज आंटी कैसी बातें कर रही है? और साथ साथ खुश भी था। फिर आंटी ने पूछा कि बताओ तुमको औरत के जिस्म में से सबसे अच्छा हिस्सा कौन सा लगता है?

फिर तब मैंने कहा कि औरत के बूब्स और उसके होंठ। तब आंटी ने कहा कि क्या तुम देखना चाहोगे? और फिर इसके साथ ही आंटी ने अपनी कमीज उतार दी। अब आंटी का गोरा-गोरा जिस्म और उसके खूबसूरत बूब्स मेरे सामने थे। फिर मैंने जरा भी वक्त ज़ाया किए बगैर आंटी को अपनी बाँहों में लेकर उसके होंठो को अपने होंठो से लगा लिया। फिर में करीब 15 मिनट तक उनके होंठो को चूसता रहा और अब इस बीच में 2-4 बार उन्होंने और मैंने दोनों ने एक दूसरे को बाईट किया, यानी एक दूसरे का थूक चाटा, जिससे मेरे और आंटी हम दोनों के होंठ पूरे गीले हो गये थे। फिर जब मैंने किस करना बंद किया तो तब तक वो मेरा लंड मेरी पैंट से बाहर निकाल चुकी थी और फिर उसने मेरा लंड चूसना शुरू कर दिया और अब में आआआआहह, आहहहह कर रहा था। फिर 15-20 मिनट तक वो मेरा लंड लॉलीपोप की तरह चूसती रही और अब में उसके बूब्स को अपने दोनों हाथों से जोर-जोर से दबा रहा था। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

अब उसने मेरे लंड को अपने दातों से हल्का-हल्का काटना भी शुरू कर दिया था, जिससे मेरे बदन में अजीब सी हरकत होने लगी थी और फिर मैंने उसके कूल्हों को जोर से दबा दिया, जिससे उनकी चीख निकल गयी थी और अब इससे उन्होंने उत्तेजित होकर मेरे लंड को छोड़कर मेरे होंठो पर फिर से किस करना और काटना शुरू कर दिया था। फिर थोड़ी देर के बाद वो फिर से मेरा लंड अपने मुँह में लेकर जोर-जोर से चूसने लगी और फिर कुछ ही देर के बाद मेरे वीर्य का फव्वारा उसके मुँह के अंदर ही छूट गया और अब वो मज़े से मेरे लंड को चाट रही थी। फिर में बेड पर ही लेट गया और अब वो मेरे कपड़े उतारने लगी थी और मेरे पूरे जिस्म पर किस करना शुरू कर दिया था। उसने अभी तक साड़ी पहन रखी थी। फिर में उठा और उसका ब्लाउज उतारकर एक तरफ डाल दिया। फिर उसकी ब्रा पिंक कलर की सिल्की ब्रा थी, जिसमें छोटे-छोटे छेद भी थे, वो उतार दी और आहिस्ता-आहिस्ता उसको पूरा नंगा कर दिया था और उसके बदन को चाटने लगा था।

फिर में एक बर्फ का टुकड़ा लाकर उसके बदन पर फैरने लगा और अपने दाँतों में बर्फ लेकर उसकी चूत पर रगड़ने लगा था। अब वो चिल्ला रही थी आआआहहहह और अपनी गांड ऊपर नीचे कर रही थी कि तभी अचानक से बर्फ उनकी चूत में चला गया। तब वो चीख उठी। अब में अपनी उँगलियों से उस बर्फ को निकाल रहा था। तो तब वो बोली कि नहीं रहने दो, अच्छा लग रहा है। फिर मैंने बर्फ को अंदर ही छोड़ दिया और उसकी चूत को चाटने लगा था। अब बर्फ उसकी चूत की गर्मी से पिघल रही थी और बर्फ और चूत का पानी मिक्स होकर बाहर आ रहा था, जिसे में बड़े ही मज़े से चाट रहा था, उसका खट्टा और ठंडा पानी बड़े ही मज़े का था। अब आंटी ज़ोर-ज़ोर से चीख-चिल्ला रही थी मादरचोद खा जाओ इस चूत को, अपनी आंटी की चूत को पूरा का पूरा खा जाओ। तब मैंने जोर-जोर से चाटना शुरू कर दिया। अब में उसकी चूत को अपने दातों से काटने लगा था।

अब आंटी की आवाज भी तेज हो रही थी और अब में दूसरी तरफ मेरे दोनों हाथों से उनके 40 साईज के बूब्स को जोर-जोर से दबा रहा था। अब उनके बूब्स पूरी तरह से लाल हो गये थे और उनका दूध भी निकलने लग गया था। फिर थोड़ी देर तक उनकी चूत को चाटने के बाद उन्होने मुझे अपने ऊपर लेटाया और कहा कि आजा मादरचोद आ, अब तू मेरा दूध भी पीले। तब में उनके बूब्स को जोर-जोर से चूसने लगा, उनका दूध भी बहुत ही टेस्टी था। फिर करीब 15 मिनट तक उनके बूब्स को चूसने और दूध पीने के बाद मैंने उनको डॉगी स्टाइल में चोदना शुरू किया और उनकी गांड पर बटर लगाकर अपना 7 इंच का लंड उनकी गांड में डाल दिया। तब वो चीख उठी निकालो, मुझे बहुत दर्द हो रहा है, लेकिन मैंने अपना लंड बाहर नहीं निकाला और जोर-जोर से झटके देने लगा। फिर थोड़ी देर के बाद ही आंटी को भी मज़ा आने लगा और अब वो भी मस्ती से अपनी गांड को आगे पीछे करने लगी थी।

अब मेरे दोनों हाथ उसकी गांड पर और मेरा लंड उनकी गांड में था। फिर करीब 10 मिनट के बाद मैंने अपना पानी उनकी गांड में ही निकाल दिया और फिर मैंने अपना लंड बाहर निकाला। तब आंटी उसको चाटने लगी थी। फिर में आंटी के ऊपर ही लेट गया और उनके होंठो को चूसता रहा और उनकी चूत में फिंगर करते हुए लेटा रहा। फिर थोड़ी देर के बाद हम दोनों नंगे ही उठे और किचन में गये और वहाँ कुछ जूस और दूध पिया। फिर मेरे हाथ में बेलन आ गया जो मैंने उसकी चूत में डाला। तब वो बोली कि बेलन छोटा है, अपना लंड मेरी चूत में डालो। तो तब मैंने आंटी को किचन में ही लेटाया और उनकी दोनों टाँगे अपने कंधो पर रख दी और अपना लंड उनकी चूत में डाल दिया, पहले आहिस्ता- आहिस्ता और फिर थोड़ी देर के बाद में जोर-जोर से झटके देने लगा।

अब वो चीख उठी थी मादरचोद और जोर से चोद, फाड़ दो मेरी चूत, अपना हथोड़ा मारो, आअहहाआहह, में मर गयी जैसी आवाज़ें निकाल रही थी और में जोर-जोर से झटके दे रहा था। फिर करीब 8-10 मिनट तक चोदने के बाद मैंने कहा कि आंटी अब में झड़ने वाला हूँ। तब आंटी बोली कि अंदर ही झड़ जा और फिर मैंने उसकी चूत के अंदर ही अपना वीर्य छोड़ दिया और आंटी के ऊपर ही लेट गया था। अब में और आंटी दोनों थोड़ी थकावट महसूस कर रहे थे और फिर में उनके ऊपर लेटकर आहिस्ता-आहिस्ता उनके बूब्स चूसने लग गया। अब वो संतुष्ट थी और बहुत खुश थी ।।

धन्यवाद …