अँधेरी रात में बदनाम हुए रिश्ते

हाय फ्रेंड्स, Antarvasna मेरा नाम शानू है, मेरी उम्र 25 साल की है और मैं अहमदाबाद का रहने वाला हूँ. दोस्तों मैं कॉलेज में बी.ए. के तीसरे साल में पढ़ रहा हूँ और मुझको अपने खाली समय में कामलीला डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियाँ पढ़ना बहुत ही अच्छा लगता है. दोस्तों आज मैं आप सभी के सामने अपनी एक कहानी के साथ हाज़िर हूँ, जिसमें मैं आप सभी को बताऊँगा कि, कैसे ग़लती से मुझसे से मेरी सौतेली माँ चुद गई थी. हाँ तो दोस्तों अब मैं अपनी कहानी को बिना देर किये शुरू करता हूँ।

हाँ तो दोस्तों यह बात आज से 2 साल पहले की है और उस समय यह घटना कुछ इस तरह से हुई थी. दोस्तों जैसा की आप सब लोग जानते है गुजरात एक समुद्री इलाका है तो यहाँ पर बारिश भी खूब होती है और उस समय भी खूब बारिश हो रही थी. दोस्तों मेरी मम्मी के मर जाने के बाद मेरे पापा ने दूसरी शादी कर ली थी और मेरी सौतेली माँ मेरे पापा से कम उम्र की है और उनका नाम अनिता है वैसे हमारी सौतेली माँ हमसे अलग ही रहती है उनको मेरे पापा ने एक अलग कमरा दिया हुआ है. दोस्तों उस दिन मेरे पापा ने काफ़ी ज्यादा शराब पी ली थी और वह नशे में झूमते हुए घर पर आए थे. और फिर वह आते ही मेरे कमरे में जाकर सो गये थे और मेरा कमरा घर में घुसते ही है, मैंने पापा को काफ़ी कहा कि, पापा जी उठो यह मेरा कमरा है, आप अपने कमरे में जाकर सो जाओ. लेकिन वह दूसरे कमरे में जाना तो दूर हिल भी नहीं रहे थे, क्योंकि वह बहुत ज्यादा पीकर आए थे. और फिर मैंने सोचा कि, चलो कोई बात नहीं मैं ही इनके कमरे में जाकर सो जाता हूँ. और फिर मैं उनके कमरे में जाकर लेटा ही था कि, मुझे याद आया कि, मैंने घर का मेन गेट तो बन्द किया ही नहीं है. और फिर मैं मेन गेट बन्द करने के लिए उठा, तो मुझे ध्यान आया कि, अभी अनिता तो आई ही नहीं है।

और फिर मैं कुछ देर सोफे पर बैठकर अपने फोन में कामलीला डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियाँ पढ़ने लग गया था. और फिर रात के लगभग 11 बजे घर के मेन गेट पर घन्टी बजी तो मैंने दरवाजा खोला तो सामने अनिता खड़ी हुई थी, और फिर मैं तो उसको देखता ही रह गया था. दोस्तों वह उस समय क्या गजब का माल लग रही थी, उसने एक पारदर्शी गुलाबी रंग की साड़ी पहनी हुए थी जिसमें से उसका गोरा-गोरा और चिकना बदन साफ़ दिख रहा था जो कि, मुझको मदहोश किए जा रहा था, और उस पर भी आग में घी का काम तो उसका ब्लाउज कर रहा था जिसमें से उसके दोनों बब्स के बीच की गहराई साफ़ दिख रही थी, जिसको देखकर मेरा लंड एकदम तनकर खड़ा हो गया था. और फिर इतने में हँसते हुए अनिता मुझसे बोली कि, क्या बात है बेटा मुझको ऐसे क्या देख रहे हो? मैं एकदम से घबरा गया था और फिर मैं उनसे कहने लगा कि, नहीं माँ कुछ नहीं वह तो बस ऐसे ही और फिर मैंने बात को पलटते हुए उनसे कहा कि, आओ अन्दर आओ. और फिर वह अपनी साड़ी के पल्लू को झटकते हुए अन्दर आ गई थी. दोस्तों जब वह अन्दर आ रही थी, तो मैं उनकी मटकती हुई मोटी गांड को देख रहा था, जिसको देखकर मेरा लंड अब और भी ज्यादा फनफनाने लग गया था. और फिर वह मटकते हुए अपने कमरे में यानी कि, जो मेरे पापा का कमरा है उसमें चली गई थी. और फिर मैंने घर के मेन को बन्द किया और मैं अन्दर की तरफ चल दिया।

दोस्तों मैं पहले तो बाथरूम में गया और वहाँ पर मैंने मूठ मारकर अपने लंड को शान्त किया और फिर मैं पापा के कमरे की तरफ चल दिया था जैसा की मैंने आपको बताया था कि, पापा नशे में एकदम झूमते हुए आए थे और मेरे कमरे में ही सो गये थे. और फिर मैं पापा के कमरे में जैसे ही घुसा तो उनके कमरे में बिल्कुल अँधेरा था और फिर अनिता मुझको पापा समझकर मुझसे बोली कि, आ गये अब जल्दी से आ जाओ मेरे पास. और फिर जैसे ही मैंने कुछ बोलना चाहा तो उसने मुझको कहा कि, कुछ भी मत बोलो बस जल्दी से आ जाओ, आज तो मैं बहुत तड़प रही हूँ, तुम्हारा लंड लेने के लिए. और फिर वह खड़ी हुई और उसने मुझको अपनी तरफ खींच लिया था और तब मेरी गांड भी यह सोचकर बहुत फट रही थी कि, अगर इसको पता चल गया कि, यह तो मैं हूँ, तो मैं तो बस गया काम से. और फिर मैंने भी मन ही मन में कहा कि, चलो कोई बात नहीं यह बोलने तो दे ही नहीं रही है, अब होने दो जो हो रहा है. और फिर मैं भी उसकी तरफ चल दिया था. दोस्तों उसने उस समय सिर्फ़ ब्रा और पैन्टी ही पहनी हुई थी और यह मुझको तब पता चला जब मेरा हाथ उसके बब्स पर गया. दोस्तों कसम से क्या मोटे-मोटे और टाइट बब्स थे उसके, क्योंकि उसको कोई भी बच्चा नहीं था. और फिर मैं भी उसके ऊपर चढ़ गया और उसकी ब्रा के ऊपर से ही उसके बब्स को चूसने लगा जिससे उसकी सिसकारियाँ निकलने लग गई थी. और फिर वह मुझसे बोली क्या कर रहे हो, विनोद आज तो तुम एकदम मस्त जवान लोंडे की तरह से मज़ा दे रहे हो मुझको, आहहह… इस्सस… उफ्फ्फ….

और फिर मैंने पीछे से हाथ डालकर उसकी ब्रा भी खोल दी थी कसम से दोस्तों क्या बताऊँ उसके बब्स तो बहुत कमाल के थे, मैं तो हैरान रह गया था कि, इस साली के इतनी उम्र में भी क्या मस्त बब्स है. और फिर मैं उसके बब्स को ज़ोर-ज़ोर से दबाते हुए चूसने लगा अब तो वह भी अपनी गांड को उठा-उठाकर अपने बब्स को मेरे मुहँ पर रगड़ने लग गई थी और अब मैं एक हाथ से उसके बब्स को दबा भी रहा था और चूस भी रहा था जिससे अब उसकी सिसकारियाँ और भी तेज़ हो गई थी. और फिर मैंने अपना एक हाथ उसकी पैन्टी के अन्दर डाल दिया था और फिर मेरी दो ऊँगलियाँ बड़े आराम से उसकी चूत में चली गई थी जिस वजह से उसने मेरा मुहँ कसके अपने दोनों बब्स के बीच में दबा दिया था और फिर तो वह और भी तेज़-तेज़ सिसकारियाँ लेने लग गई थी. और फिर मैंने उसकी पैन्टी खींचकर खोल दी थी और फिर उसने भी देर ना करते हुए अपनी मोटी गांड को ऊपर उठाया और मैंने नीचे से हाथ डालकर उसकी पैन्टी को पूरा उतार दिया था. दोस्तों उस समय उसकी चूत एकदम गीली हो चुकी थी और फिर जैसे ही मैंने अपनी जीभ से उसकी चूत को चाटा तो उसने और भी तेज़ सिसकारी ली, आहहह… उफ्फ़… करके. और फिर मैंने अपने दोनों हाथों से उसकी चूत के होठों को खोला और फिर मैं उसकी चूत को चाटने लगा और फिर तो वह भी नीचे से अपनी गांड को उछाल-उछालकर अपनी चूत को मेरे मुहँ में घुसाने लग गई थी. दोस्तों उसकी सिसकारियाँ अब धीरे-धीरे और भी बढ़ने लग गई थी, तो फिर अब मैंने भी देर ना करते हुए अपना लंड उसके मुहँ में दे दिया था और वह उसको किसी लोलीपॉप की तरह चूसने लग गई थी. उधर वह मेरा लंड चूस रही थी और इधर मैं उसकी चूत को चाट रहा था. दोस्तों हम दोनों उस समय 69 की पोज़िशन में आ गये थे. अब वह सब हम दोनों के बर्दाश्त के बाहर था और फिर वह थोड़ी देर तक हाँफने के बाद मेरे मुहँ में ही झड़ गई थी और उसकी चूत ने काफ़ी सारा माल मेरे मुहँ में छोड़ दिया था और वह काफ़ी गाड़ा भी था। और फिर अब वह खुद ही मुझसे बोल पड़ी कि, अब मुझको और मत तड़पाओ और डाल दो अपना लंड मेरी चूत में. और फिर मैंने भी देर ना करते हुए थोड़ा सा थूँक अपने लंड पर लगाया और फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत के मुहँ पर रखा और हल्का सा अन्दर की तरफ धकेला तो एक ही बार में आधे से ज्यादा मेरा लंड उसकी चूत में घुस गया था. और फिर उसने फिर से एक जोरदार सिसकारी ली. और फिर मैंने थोड़ा सा तेज़ धक्का मारा तो अबकी बार मेरा पूरा का पूरा लंड उसकी चूत में घुस गया था और अब जो मज़ा मुझे आया वह तो कभी किसी और की चूत मारने में भी नहीं आया था. दोस्तों अब उसके मुहँ से ज़ोर-ज़ोर से सिसकारियाँ निकल रही थी और मैं भी दबा-दबाकर उसकी चूत में धक्के दिए जा रहा था। दोस्तों यह कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

और वह भी जोर-जोर से सिसकारियाँ ले रही थी और साथ ही वह मुझसे कहती भी जा रही थी कि, आज तो ना जाने क्या हो गया है कि, तुम्हारा लंड तो एकदम सख़्त और इतना मोटा क्यो लग रहा है मुझको. दोस्तों हम दोनों बिल्कुल नंगे होकर दबाकर चुदाई का पूरा मजा ले रहे थे. और इसी बीच उसने मेरी गांड पर अपनी दोनो टाँगों से मुझको जकड़ लिया और फिर वह हाँफने और चिल्लाने लगी और फिर वह झड़ गई थी, लेकिन मैं अभी झड़ा नहीं था. दोस्तों अब तो मैं उसकी चूत में जब धक्के लगा रहा था तो उसमें फच-फच की आवाजें आ रही थी और फिर अब दो आवाजें आने लगी थी, एक तो जब मेरा लंड उसकी चूत के पास टकरा रहा था तो पट-पट की और दूसरी उसकी चूत गीली होने से फच-फच की. और फिर अब मैं भी झड़ने वाला था तो मेरी चुदाई की स्पीड भी अब और बढ़ चुकी थी. दोस्तों हम दोनों पसीने में बिल्कुल भीग चुके थे, और फिर मैंने 8-10 धक्के और मारे और फिर मैं उसकी चूत में ही झड़ गया और फिर उसके ऊपर लेटे हुए ही हाँफने लग गया था. दोस्तों अब तो मैं डर भी नहीं रहा था क्योंकि अब तो सब काम हो ही चुका था।

और फिर मैं उठा तो वह मुझसे बोली कि, कहाँ जा रहे हो, लेकिन मैंने उसको कुछ भी नहीं बोला और फिर मैंने उठकर कमरे की लाइट जला दी थी. और फिर जैसे ही लाइट जली तो अनिता ने मुझको देखा तो वह एकदम से चौंक गई थी, और फिर वह मुझसे कहने लगी कि, त्त्त… तुम यहाँ कैसे? दोस्तों हम दोनों अभी भी नंगे ही थे. और फिर मैंने उसको जवाब दिया कि, आप अब पूछ रही हो कि, तुम यहा कैसे?. दोस्तों अब मैंने बिल्कुल भी ना डरते हुए उससे बोला कि, जब मेरा लंड तुम अपनी चूत में ले रही थी तब पता नहीं चला जो अब पूछ रही हो. और फिर एकदम से उसकी नज़र मेरे लंड पर गई और फिर वह मुझसे कहने लगी कि, प्लीज़ तुम यह सब किसी को मत बताना, तो मैंने उसको कहा कि, मैं क्या पागल हूँ जो यह बात सबको बताऊँगा. और फिर वह हँसकर मुझसे कहने लगी कि, तुम्हारे पापा कहाँ है? तो मैंने उसको कहा कि, वह तो मेरे कमरे में सो रहे है, और फिर उसको मैं अपने साथ ही ले गया, दोस्तों जब वह चल रही थी तो उसकी मोटी-मोटी नंगी गांड को देखकर मेरा लंड तो फिर से खड़ा होने लग गया था. तो फिर मैंने उसकी गांड पर हाथ फेरा तो उसने मेरी तरफ देखा पर बोला कुछ भी नहीं, और फिर वह मेरे कमरे के पास आ गई और पापा को देखने लगी. वह उचककर उनको देख रही थी, तो मैं उसकी गांड को चाटने लगा पर वह इसबार मुझसे कुछ भी नहीं बोली और वह धीरे-धीरे सिसकारियाँ लेने लगी तो मैं समझ गया कि, अब लाइन क्लियर है तो फिर उसने मुझे रोका और मुझसे पूछा कि, अच्छा एक बात बताओ कि, तुमने कहा क्यों नहीं कि, वह तुम थे? तो मैंने उसको बोला कि, मैं तो तुमको बोल रहा था पर तुम ही कह रही थी चुप रहो और आओ, इसके बाद फिर से हमारी चूसा-चासी शुरू हुई और हमने फिर से चुदाई शुरू कर दी थी।

दोस्तों उसके बाद तो वह रोज रात को पापा को सुलाकर मेरे कमरे में आ जाती है और हम दोनों खूब जमकर चुदाई करते है।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!