गर्लफ्रेंड की कुंवारी चूत के मज़े

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम Antarvasna अमन है मेरी उम्र 27 साल है और आज मैं आप सबके लिए एक कहानी लेकर आया हूँ जो की सबके दिल को बैचैन करके लंड और चूत का पानी निकाल देगी पर मैं अपनी कहानी को बाद में शुरु करूँगा क्योकि यह मेरी पहली कहानी है तो पहले मैं आपको अपनी पहचान अच्छे से देना चाहता हूँ।

तो दोस्तों मेरा नाम तो आपको पहले ही पता चल ही गया है अब मैं आपको अपने बारे में थोड़ा कुछ और बताना चाहता हूँ मैं बचपन से ही बहुत ज़्यादा शरारती हूँ क्योकि मैं हमेंशा किसी ना किसी को छेड़ता रहता हूँ और यही शरारती पन मेरा आज भी जिंदा है क्योकि मैं आज भी वैसा ही हूँ जैसे की पहले था। मेरा रंग गोरा है और मेरी हाइट भी काफ़ी अच्छी है और दिखने में मैं काफ़ी ज़्यादा सुंदर हूँ मुझपर काफ़ी ज़्यादा लड़किया मरती भी है और मेरे से दोस्ती करने को पागल हुई फिरती है पर मेरा नेचर ऐसा नहीं है की हर किसी लड़की को अपनी बनाकर रखू क्योकि मुझे जो पसंद आती है मैं उसी से ही बात करता हूँ और दूसरो की मैं परवाह नहीं करता हूँ। मुझे वैसे भी लड़कियो का मस्त फिगर को देखना बहुत अच्छा लगता है क्योकि यह होती ही इतनी मस्त है की मैं आपको क्या बताऊँ, मेरा हर समय दिमाग इसी पर ही टीका रहता है और खूब मस्ती भी करता है वैसे मुझे लड़कियो को चोदने में भी बहुत मज़ा आता है। मुझे खासकर कुंवारी लड़कियों को चोदने में और उनकी सील को तोड़ने में ज्यादा मज़ा आता है क्योकि यह मज़ा तो मुझे जैसे जन्नत की सैर करवा देता है तो यह तो मैंने अपने बारे में बहुत बता दिया है और अब मैं आपको अपनी कहानी पर लेकर चलता हूँ।

यह बात आज से 3 साल पहले की है जब मैं एक कंपनी में काम करता था वैसे तो मैं अब भी करता हूँ पर अब वो लड़की वहाँ पर काम नहीं करती है जिसकी मैं आपको कहानी बताने जा रहा हूँ वो लड़की दिखने में बहुत ही प्यारी और सुंदर थी उसकी नज़र, उसके होंठ और उसका फिगर देखते ही मेरा दिमाग़ खराब हो जाता है और छोटे नवाब का तो कहना ही क्या वो तो ऐसे तडपते है जैसे की मचली बिना पानी के तड़पति है। अरे मैं भी कैसा हूँ, मैंने इतना कुछ आपको बता दिया पर आपको उस लड़की का नाम तो बताया ही नहीं है उस लड़की का नाम रितु है और उसकी हाइट 5.3 इंच है और उसका फिगर 32-24-36 है। जब मैं इस कंपनी में काम करने आया था तो मैंने उसे तभी देखा था और देखते ही मैं उसका दीवाना हो गया था उसके मस्त फिगर को देखकर मेरा लंड पहले ही खड़ा हो गया था और मैं उससे दोस्ती करना चाहता था मैंने पहले तो ऑफीस में ही उसे गुड मॉर्निंग वगेरा कहा और फिर मैं धीरे-धीरे उससे बात भी करने लग गया वैसे मैं आपको यह भी बता दूँ की उसकी आवाज़ भी बहुत ज़्यादा रसीली है और मन तो यही करता है की बस उसकी आवाज़ सुनता ही रहूँ। मुझे उससे बात करने में भी बहुत अच्छा लगता था और मैं बस ऑफीस में मौका मिलते ही बात कर लिया करता था वो भी मेरे साथ काफ़ी अच्छे से बात करती थी और हम फिर धीरे-धीरे ऐसे ही ऑफीस में काफ़ी पास आ गये थे और फिर हमारी दोस्ती हो गई तब हमने एक दूसरे को नंबर भी दे दिये और फिर हमारी फोन पर भी बातें होने लग गई मुझे यह सब बहुत ही अच्छा लगने लग गया था और मैं तो उससे बात करके ही काफ़ी खुश हो जाया करता था। मैं अब उससे काफ़ी कुछ शेयर करने लग गया था और वो भी मेरे साथ काफ़ी बातें शेयर करने लग गई थी। हम दोनों ऑफीस में भी एक दूसरे साथ छत पर बात किया करते थे और वहां पर कैंटीन में हम एक दूसरे के साथ बातें करके ही खाना खाया करते थे कई बार तो वो मेरे लिए घर से स्पेशल कुछ बनाकर लाया करती थी।

मैं आपको यह भी बता दूँ की उसके हाथ का बना हुआ खाना मुझे बहुत ही ज़्यादा अच्छा लगता है और मन करता है की रोज़ उसके हाथ का कुछ ना कुछ ख़ाता रहूँ अब आप समझ गए होंगे की वो खाना बहुत ही अच्छा बनाती है। हम दोनों ऐसे ही बात करते थे और हमारा ऐसे ही सब कुछ अच्छा चल रहा था फिर एक दिन मैंने उससे फ़िल्म देखकर आने को कहा तो उसने मुझे मना कर दिया मैंने उससे ना करने का कारण पूछा तो उसने बताया की घरवाले जाने नहीं देंगे। यह बात सुनकर मुझे बहुत ग़ुस्सा आया और फिर मैंने उससे पूरे 3 दिन तक बात नहीं करी और यही टेंसन में उसने फिर एक रात मुझे फोन किया और कहा की हम फ़िल्म देखने चलेंगे पर रविवार को नहीं, क्योकि तुम तो घरवालो को जानते ही हो इसलिए हम ऑफीस की छुट्टी लेकर चलेंगे यह सुनकर मैं बहुत खुश हुआ और फिर मैंने अगले दिन भी फ़िल्म जाने का प्लान बनाया और हमने ऑफीस से छुट्टी ले ली। अगले दिन मैंने उसके घर के पास से उसको बाइक पर बिठाया और मैंने देखा की उसने पिंक कलर का सलवार सूट पहन रखा था और जिसमें वो बहुत ही खूबसूरत लग रही थी और हम फिर सिनिमा के लिए निकल पड़े वो मुझसे थोड़ा चिपककर बैठी थी जिससे उसके बब्स मेरी कमर पर लग रहे थे और जब मैं बाइक की ब्रेक मारता था तो उसके बब्स मेरी कमर में दब जाते थे जो की मुझे पागल कर रहे थे फिर हम वहां पहुँच गये और फ़िल्म देखने लग गये फ़िल्म शुरु हो गई थी और रितु फ़िल्म में बिज़ी हो गई थी पर मेरा ध्यान तो सिर्फ रितु पर ही था। अब ऐसे ही मैंने उसके कंधे पर हाथ रख दिया और फिर उसने मेरे कंधे पर अपना सिर रख दिया यह सब होने से मेरा लंड पेंट में खड़ा हो गया था मैंने अब धीरे से उसके बब्स पर हाथ लगाया तो वो चोंक गई और बिना कुछ कहे सीधी बैठ गई फिर हम दोनों ऐसे ही फ़िल्म देखने लग गये और सारी फ़िल्म में मैंने उसके साथ कुछ नहीं किया और फिर जब फ़िल्म ख़तम हुई तो हमने बर्गर खाए और तब समय देखा तो तब सिर्फ़ 1 ही बज रहे थे तो मैंने उससे कही और घूमकर आने को कहा तो वो मान गई फिर मैं उसे एक ऐसे पार्क में ले गया जहाँ पर कपल ही कपल होते है। और मैं आपको यह बता दूँ की यह पार्क कपल पार्क के नाम से भी फेमस है। हम वहां पहुँचे तो बाइक से उतरकर अंदर आ गये वहां सारे कपल एक दूसरे की बाहों में बैठकर आशिक़ी लड़ा रहे थे और यह सब देखते हुए हम भी जाकर कही बैठ गये हम दोनों वहां बैठकर एक दूसरे से बातें कर रहे थे और तब मेरा मन उसकी बाहों में लेटने को कर रहा था इससे पहले की वो मुझे ना करे मैंने खुद को बेंच पर लेटाया और उसकी गोद में सिर रखकर लेट गया मेरे सिर रखते ही वो बोल पड़ी की, यह क्या कर रहे हो?

मैं :– कुछ भी नहीं बस ऐसे ही तुम्हारी गोद में सिर रखकर लेटा हुआ हूँ।

मेरी बात सुनकर पहले वो घबराई पर बाद में ठीक हो गई फिर मैंने ऐसे ही धीरे धीरे उसके जिस्म पर हाथ फेरना शुरू कर दिया और तब वो थोड़ा खुद को संभालने लग गई मैंने अब उसके चेहरे को अपने पास किया और उसके होंठो से होंठ मिलाने लगा जिसमें मैं सफल भी हुआ पर हाँ यह होते ही साथ में उसने अपने होंठ हटा लिए और फिर मैंने भी उसे ज्यादा फोर्स नहीं किया फिर ऐसे ही हमने बातें करके टाइम पास किया और फिर मैंने उसको घर तक छोड़ दिया। मैंने उससे होटल में जाने को भी कहा था पर उसने मेरी बात नहीं मानी जिसका मुझे बुरा भी नहीं लगा फिर ऐसे ही एक हफ़्ता निकल गया और फिर एक दिन उसने मुझे फोन करके कहा की मैं रविवार को ऑफीस आऊँगी क्योकि कुछ देर के लिए काम है मुझे तो उसकी बात से इशारा मिल गया और मैं मन ही मन बहुत खुश होने लग गया। और जैसे तैसे रविवार का इंतज़ार करने लग गया। अब जब रविवार आया तो मैं ऑफीस पहुँचा तो मैंने देखा की वो पहले से ही ऑफीस में आ चुकी थी पर उसके साथ ऑफीस में एक और लड़का भी था जो की अपने काम में लगा हुआ था यह देखकर मेरा मूड थोड़ा ख़राब हो गया और मैं अब सोचने लग गया की अब कैसे क्या होगा, मैं तो वैसे भी अपने कंप्यूटर में टाइम पास कर रहा था और मौके की तलाश में था तभी रितु ने मुझे बुलाया और कहा की देखो ना इस कंप्यूटर को क्या हो गया है। मैं अब उसके कंप्यूटर को देखने लग गया और ऐसे ही एक घंटा लगा दिया की तभी जो वो लड़का आया था उसने हमको बोला की मैं अब घर जा रहा हूँ क्योकि मेरा काम हो गया है यह सुनने के लिए ही तो मैं इतनी देर से सिर खपा रहा था और उसके जाते ही मैंने रितु को पीछे से बाहों में जकड़ लिया और उसकी गर्दन पर किस करने लग गया वो भी गरम होने लगी थी और फिर मैंने उसे सीधा किया और उसके होंठो को अपने होंठो में भर लिया और मज़े से चूसने लग गया अब मैंने उसे ऐसे ही वहां पर पूरा नंगा कर दिया और उसको अपनी बाहों में भर लिया और मेरी बाहों में आते ही पहले वो तड़पने लग गई और फिर ऐसी आई मेरी बाहों में की क्या बताऊँ फिर तो बस उसको चोदने का मन करने लगा। मैंने अब उसे लम्बा लेटा दिया और उसके पूरे बदन को चाटने लग गया इसमें वो भी मेरा पूरा साथ देने लग गई और फिर मैंने खुद को भी नंगा कर दिया लेकिन मेरा खड़ा लंड देखते ही वो घबरा गई और बोली की क्या बात है जी इतना बड़ा लंड है मैं अपनी चूत में कैसे लूँगी मैं उसे देखकर मुस्कुरा दिया और उससे कहा की घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है फिर मैंने बिना कोई देर किए लंड को चूत पर रखा और ऊपर से रगड़ने लग गया मेरे ऐसे रगड़ने से उसे मज़ा आ रहा था और फिर मैंने देर ना करते हुए उसकी चूत पर लंड रखा और उसके मुहँ पर हाथ रखकर मैंने एक ज़ोर का धक्का दिया तो वो चींख पड़ी। दोस्तों यह कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

पर मैं नहीं रुका और लंड को आधा अंदर डालकर ऊपर नीचे करने लग गया थोड़ी देर बाद उसे भी बहुत मज़ा आने लग गया और वह अपनी चूत से पानी निकाल चुकी थी और फिर मैंने उसे जबरदस्त तरीके से चोद डाला फिर मैंने देखा की लंड पूरा खून में भीगा हुआ था और फिर उसका पानी भी साथ साथ निकला हुआ था मैंने भी अब देर ना करते हुए उसकी चूत में अपना पानी निकाल दिया और उसे बाहों में भर लिया।

फिर थोड़ी देर तक आराम करने के बाद मैंने एक बार और चुदाई का राउंड लगाया और उसे जमकर चोदा फिर उसे उसके घर पर छोड़ दिया और फिर मैं भी घर चल दिया।

धन्यवाद कामलीला डॉट कॉम के प्यारे पाठकों !!