अस्पताल में कामवाली बाई का काम लगाया

हाय फ्रेंड्स, Antarvasna मेरा नाम राज है, मेरी उम्र 25 साल की है और मैं लखनऊ का रहने वाला हूँ। मैं एक जवान, और सुन्दर लड़का हूँ। मैं एम.ए. की पढ़ाई कर रहा हूँ, मेरे लंड का आकार 6” लम्बा और 3” मोटा है। दोस्तों आप सभी लोगों की तरह मैं भी कामलीला डॉट कॉम की सच्ची और सेक्सी कहानियों को पढ़कर बड़े मज़े लेता हूँ और इन कहानियों को पढ़कर मेरा मन बड़ा खुश हो जाता है. दोस्तों आज मैं अपनी एक घटना को आप सभी कामलीला के पाठकों के लिए तैयार करके लाया हूँ जिसमें मैंने पिछले साल हॉस्पिटल में एक सफाई करने वाली बाई और नर्स को चोदकर उनकी चुदाई के खूब मज़े लिए थे। हाँ तो दोस्तों अब आप सभी का मैं ज़्यादा समय ना लेते हुए मैं सीधा अपनी आज की सच्ची कहानी पर आता हूँ।

दोस्तों यह कहानी करीब 1 साल पहले की है और तब मेरे पापा हॉस्पिटल में भर्ती थे और उनके पास हॉस्पिटल में मैं ही रह रहा था. जिस हॉस्पिटल में हम थे, उस हॉस्पिटल में साफ़ सफाई का बहुत ध्यान रखा जाता था, वहाँ पर हर दो घंटे के बाद सफाई होती थी, जिसके लिए कुछ औरतें थी काम करने वाली और वह सब लगभग शादीशुदा ही थी. मुझे वहाँ पर एक दिन ही हुआ था. सुबह जब डॉक्टर वार्ड में मरीजों को देखने आता था तो मरीज़ के साथ वालों को वार्ड से बाहर निकाल देते है, तो मैं भी उस समय बाहर आकर बैठा था. वहाँ पर एक हॉल बना हुआ था, बाकी सब लोग तो बाहर चले गये थे पर मैं हॉल में ही अकेला फोन पर गाने सुन रहा था, तभी उस हॉल की सफाई के लिए जो औरत आई मैं तो बस उसको देखता ही रह गया था, उसने हॉस्पिटल की ड्रेस पहन रखी थी जो कि सलवार-सूट था। उसका सूट काफ़ी टाइट था जो उसके बदन से चिपका हुआ था, उसके चेहरे का रंग एकदम दूध के जैसा सफ़ेद और गोरा था, उसने नाक में एक छोटी सी बाली पहन रखी थी. दोस्तों वह मुझको एकदम सेक्सी लग रही थी, उसको देखकर मेरे दिल में यही चल रहा था कि, क्या सेक्सी औरत है यार, यह एकबार चोदने को मिल जाए तो मज़ा आ जाए। और फिर मेरे मन में उसे चोदने के ख़याल आ रहे थे. और वह पहले तो झाड़ू लगाने लगी थोड़ा झुककर तो मुझको उसके बब्स की गहराइयाँ साफ़ साफ़ दिखने लग गई थी. दोस्तों वहाँ पर मैं जिस कुर्सी पर बैठा था वह 3 कुर्सी आपस में जुडी हुई थी. और फिर वह मेरे पास झाड़ू लगाने आई और फिर वह मुझसे बोली कि, थोड़ी देर के लिए आप खड़े हो जाओ ताकि मैं कुर्सी हटाकर वहाँ पर झाड़ू लगा सकूँ। और फिर मैं जल्दी में बिना कुछ सोचे ही खड़ा हो गया था, मैंने उस समय थोड़ी ढीली सी जींस पहन रखी थी जिसमें मेरा लंड उसे चोदने की सोच में खड़ा था। और फिर मैं जब खड़ा हुआ तो मेरी पेन्ट टाइट थी लंड की वजह से और फिर मेरा टाइट लंड उसने एक नज़र में ही देख लिया था और फिर वह बिना कुछ बोले ही झाड़ू लगाने लगी। और फिर वह पौछा लगाने के लिए आई, उस वक़्त तक मैं और वह ही उस हॉल में अकेले थे. दोस्तों मेरा लंड तो उस समय शान्त होने का नाम ही नहीं ले रहा था और फिर जैसे ही वह पौछा लगाने लगी और वह मेरी कुर्सी के पास पौछा लगाने आई तो, मैं अपने लंड को छुपाने की कोशिश कर रहा था और उसने मुझको यह सब करते हुए देख लिया था। और फिर वह मुझको देखकर धीरे से मुस्कुराई तो मैं भी उसको देखकर मुस्कुरा दिया था. और फिर जब वह एकदम से मेरे पास आ गई और मुझसे बोली कि, क्या हुआ? तो मैंने उसको कहा कि, कुछ नहीं। और फिर वह फिर से मुस्कुराकर सफाई करके चली गई थी. और फिर थोड़ी देर के बाद जब वह वापस आई तो उसके हाथ में एक फोन था, उसने शायद मेरे फोन को देख लिया था. और फिर वह मेरे पास आकर जो दो कुर्सी खाली थी उनमें से एक पर बैठ गई थी और हमारे बीच की कुर्सी खाली थी. और फिर उसने मेरी तरफ़ देखा और फिर मुझसे पूछा कि, क्या तुम्हारे पास इस फोन का चार्जर है? दोस्तों मेरे फोन का चार्जर उसके फोन में भी लग जाता था तो मैंने उसको कहा कि, हाँ है. तो फिर उसने मुझसे कहा कि, तो फिर तुम तुम्हारा चार्जर मुझको ला दो मेरे फोन की बेटरी खत्म होने वाली है. तो फिर मैंने उसको कहा कि, ठीक है ला देता हूँ, लेकिन दोस्तों अब मैं एक समस्या में फँस गया था वह मेरे पास बैठी थी और मेरा लंड एकदम टाइट था जिसकी वजह से मेरी पेन्ट भी आगे से टाइट हो रही थी. दोस्तों उसे पता था मेरी हालत का फिर भी उसने मज़ाक में मुझसे पूछा कि, क्या हुआ? तो मैंने उसको कहा कि, कुछ नहीं बस अभी थोड़ी देर में चार्जर लेने जाता हूँ और फिर हम थोड़ी देर तक बैठे रहे. और फिर उसने मुझसे फिर से पूछा कि, ज्यादा दिक्कत है क्या? तो फिर मैंने हड़बड़ाकर उससे पूछा कि, कैसी दिक्कत? तो फिर वह हँसने लगी और बोली कि, वही जो पेन्ट के अन्दर तुमको हो रही है। और फिर मैं तो बस उसे देखता ही रह गया था और उसे सब कुछ पता लग रहा था और वह तो बस मेरे मज़े ले रही थी. और फिर मैंने भी उसको कहा कि, हाँ है तो? और फिर वह फिर से हँसने लगी और फिर उसने मुझसे पूछा कि, ऐसा कैसे हुआ? और फिर मैंने हिम्मत करके उसको कह ही दिया कि, जबसे तुम आई हो मेरे सामने तब से ऐसे ही है। तो फिर उसने मुझको फिर से छेड़ते हुए कहा कि, क्या तब से ऐसे ही टाइट है? तो मैंने उसको कहा कि, हाँ तुम हो ही इतनी खूबसूरत और सेक्सी. और फिर वह थोड़ी शरमाई पर इसबार वह कुछ बोली नहीं थी. और फिर मैं उठकर थोड़ी दूर पर बाथरूम था वहाँ गया और मूठ मारकर आया और तब जाकर मेरा लंड कुछ शान्त हो गया था और इस बात को वह भी समझ गई थी और वह मुझको देखकर हँसने लग गई थी. और फिर मैं वार्ड में गया और चार्जर लेकर आया, वहीं पर लाइट का बटन था और उसने उसमें फोन को चार्ज लगा दिया था।

और फिर हम दोनों एकदम चुप-चाप बैठ गए थे. और फिर कुछ देर के बाद वह मुझसे मेरे बारे में पूछने लगी और मैंने उसको बताया और फिर मैंने भी उससे पूछा कि, तुम कहाँ रहती हो? तो उसने भी मुझको उसके बारे में सब कुछ बताया. और फिर मैंने उससे पूछा कि, बच्चे है? तो वह बोली कि, नहीं अभी नहीं अभी तो मेरी शादी को 3 साल हुए है और मेरा पति भी एक प्राइवेट कंपनी में एक छोटा कर्मचारी है. और फिर मैंने उससे पूछा कि, दो से तीन कब होना है तुम दोनों को? तो उसने मुझको कोई जवाब नहीं दिया और उसने मेरी बात को टालने की कोशिश करी तो मैं समझ गया कि, कोई बात तो जरूर है और फिर मैंने उसे फिर से वही बात पूछी तो इसबार उसने मुझको कहा कि, उसके पति इस मामले में थोड़े कमज़ोर है और उनके शुक्राणु कम है. और फिर मैंने उसको पूछा कि, तुम दोनों सेक्स तो करते हो ना? तो फिर उसने थोड़ा शरमाते हुए कहा कि, हाँ हफ्ते में एक दो बार तो हो जाता है पर वह जल्दी ही खाली हो जाते है और मज़ा भी नहीं आता है। दोस्तों हमको नहीं पता रहा कि, हम क्या बातें करने लग गए थे और उन सब बातों से मेरा लंड फिर से टाइट हो चुका था और वह थोड़ी उदास सी मुहँ नीचे किए हुए मेरे लंड को देख रही थी. और फिर मैं इसबार बिना डरे खड़ा हुआ और फिर मैंने देखा कि, कोई इधर आ तो नहीं रहा और फिर मैं फिर से कुर्सी पर बैठ गया और फिर कुछ देर तक ऐसे ही बैठे रहने के बाद मैंने उसकी तरफ़ देखा तो वह अन्दर से चुदाई और प्यार के लिये तरस रही थी। और फिर मैंने उसके बालों में अपनी ऊँगलियाँ डालकर उसके सिर को पीछे से पकड़ा और फिर मैंने उसको एक किस कर दिया था उसके होठों पर। और फिर उसने खुद को मुझसे छुड़ाना चाहा तो फिर मैंने उसको छोड़ दिया था. और फिर वह मुझसे बोली कि, यह सब ठीक नहीं है। मैं अपने पति के साथ धोखा नहीं कर सकती हूँ, चाहे जो भी हो। तो फिर मैंने उसको कहा कि, पर शादी के पहले तो तुमने सोचा तो होगा कि, तुम्हरा पति तुम्हें रोज़ चोदेगा, प्यार करेगा पर वह सब नहीं हुआ ना, जिन्दगी एकबार मिलती है ऐश कर लो, जब वह नहीं तो कोई और सही. मैं यह सब किसी से नहीं कहूँगा बस हम दोनों के बीच में यह बात रहेगी, उसे काफ़ी समझाया मैंने और फिर वह करीब आधे घंटे के बाद मान गई थी।

और फिर उसने मुझको कहा कि, ठीक है अगले सप्ताह से मेरी ड्यूटी बदल जाएगी रात में एक सप्ताह के लिए और फिर मैं देखती हूँ. तो फिर मैंने उसको कहा कि, ठीक है मुझे भी हॉस्पिटल में करीब 15-20 दिन तो रहने ही थे और अब तो लंड के लिए चूत भी मिलने वाली थी, मज़े थे मेरे तो। और फिर अगले सप्ताह से उसकी रात की ड्यूटी थी, वह रात के 8:30 आई और आकर काम करने लगी, और फिर काम से निपटकर उसने मुझे फोन किया, तो मैंने उसको कहा कि, मैं यहीं हूँ वॉर्ड में अभी थोड़ी देर में आऊँगा तुम मुझे हॉल में ही मिलना. और फिर उसने मुझको कहा कि, ठीक है. और फिर वह अपना सारा काम करके हॉल में आ गई थी और मैं भी जब मेरे पापा सो गये थे तब वहाँ पहुँच गया था। और फिर मैंने उससे पूछा कि, क्या हाल है? तो उसने मुझको कहा कि, ठीक है. और फिर मैंने उसको कहा कि, बहुत तड़पा रही हो तुम, तुमने तो मुझको पूरा एक हफ़्ता इन्तजार करवाया है. तो फिर उसने मुझको कहा कि, देखो मुझे डर भी लग रहा है कि, कोई हमें देख ना ले। तो फिर मैंने उसको कहा कि, चिन्ता मत करो कुछ नहीं होगा, रात को स्टोर रूम में कोई नहीं आता जाता हम वहीं पर अपना काम करेंगे, स्टोर रूम की एक चाबी रात की ड्यूटी वाले सफाईकर्मी के पास होती थी तो उसके पास थी. तो फिर उसने मुझसे कहा कि, तुमने तो पहले से ही सब-कुछ सोच रखा है. तो फिर मैंने उसको कहा कि, और नहीं तो क्या. और फिर वह चली गई और फिर रात को 1.00 बजे उसका फ़ोन आया मेरे पास तो मैंने उसको पूछा कि, तुम कहाँ हो? तो उसने मुझको बताया कि, वह स्टोर रूम के सामने खड़ी है और सभी नर्स और डॉक्टर भी सो गए है और सभी मरीज़ और उनके रिश्तेदार भी।

और फिर मैं आराम से वहाँ पहुँच गया और मैंने देखा कि, स्टोर रूम का दरवाजा खुला हुआ था और अन्दर लाइट जल रही थी और फिर मैं इधर-उधर देखकर अन्दर घुस गया था. वह अकेली वहाँ पर एक कुर्सी पर बैठी थी, वहाँ पर उसके पास में एक बेड भी था. और फिर मैंने उसको कहा कि, आज तो मज़ा आ जाएगा. और फिर मैंने जाकर दरवाजा बन्द किया और गेट के नीचे कपडा लगा दिया ताकि रोशनी बाहर ना जा सके. और फिर मैं उसके पास गया तो वह खड़ी हो गई थी. और फिर मैंने उसको अपनी तरफ खींचा तो उसने अपना सिर झुकाया हुआ था. और फिर मैंने उसके चेहरे को उठाया तो उसने मुझे देखा एक मुस्कान के साथ और फिर मैं भी उसकी तरफ मुस्कुरा दिया था। और फिर मैं धीरे से अपने होठों को उसके होठों के पास लेकर गया, उस समय उसकी साँसें तेज़ तेज चल रही थी और उसकी गर्म साँसे मुझे एकदम मस्त कर रही थी. और फिर उसने अपनी आँखें बन्द कर ली थी और फिर मैं उसके लाल नशीले होंठो को चूसने लगा और वह भी मेरा पूरा साथ दे रही थी और हम एक दूसरे को किस करते जा रहे थे और हम एक-दूसरे के बदन को सहलाते भी जा रहे थे। मेरा हाथ उसके बब्स पर था और उसके बब्स को मसल रहा था. और फिर करीब 10 मिनट तक उसको चूमने के बाद, मैंने उसे चूमना बन्द किया और फिर मैं उसके होठों से अलग हुआ. और फिर उसने अपनी आँखें खोली और मुझे देखा और फिर हमारी आँखें आपस में मिली और फिर हम दोनों एक दूसरे की तरफ मुस्कुरा दिए थे. और फिर उसने तेज़ी से फिर से अपने होंठ मेरे होठों पर लगा दिए थे और वह फिर से चूसने लग गई थी। वह बहुत ही जोश में आकर मुझे चूम रही थी और फिर थोड़ी ही देर में उसका हाथ मेरी पेन्ट में घुस गया था और फिर वह मेरे खड़े लंड को मेरी पेन्ट के अन्दर ही मसलने लग गई थी. और फिर तो मैंने भी देर ना करते हुए थोड़ी देर बाद उसका सूट उतार दिया था और उसकी सलवार भी खोल दी थी।

दोस्तों अब वह मेरे सामने अपनी एक ब्रा और पैन्टी में ही थी और वह मुझे पागलों की तरह किस कर रही थी. हम दोनों ने काफ़ी देर तक किस किया. और फिर उसने भी मेरे कपड़े उतार दिए थे और मैं अब अपनी अंडरवियर में ही था और वह पैन्टी और ब्रा में. और फिर मैंने उसके बब्स को मसलते हुए उसकी ब्रा के हुक खोल दिये और उसे निकाल दिया था और फिर मैंने उसके गोरे गोरे बब्स के निप्पल को मुहँ में लेकर चूसना शुरु कर दिया था. उसके बब्स एकदम मस्त थे, वह ना तो ज्यादा बड़े थे और ना ही ज्यादा छोटे थे. मैं उसके एक बब्स को चूस रहा था और दूसरे को दबा रहा था और वह भी इन सबका पूरा मज़ा ले रही थी. और फिर मैंने उसे खुद से अलग किया और फिर मैंने उसको बेड पर लेटा दिया था और फिर मैं भी उसके ऊपर आ गया और पहले तो मैंने उसे किस किया और फिर मैं धीरे-धीरे उसके बब्स को चूसते हुए नीचे आया और फिर मैंने उसकी पैन्टी भी उतार दी थी. कसम से क्या मस्त चूत थी यारों उसकी. उसका शरीर काफ़ी कसा हुआ था वह ज्यादा मोटी भी नहीं थी लेकिन उसका बदन भरा हुआ था। उसने अपनी चूत को साफ़ कर रखा था. और फिर मैंने अपनी जीभ से उसके चूत के दाने को छुआ तो वह एकदम से सिहर उठी थी और उसका बदन अकड़ गया था. और फिर मैंने धीरे-धीरे उसकी चूत को चाटना शुरू किया तो वह आहह… उउम्मह… की आवाजें निकाल रही थी और साथ ही वह धीरे-धीरे और मेरे सिर को अपनी चूत पर दबा भी रही थी. और फिर करीब 10-15 मिनट तक उसकी चूत को चूसने के बाद मैंने अपना अंडरवियर उतार दिया था और मेरा लंड एकदम टाइट था. और फिर मैं खड़ा हुआ और मैं अपने लंड को उसकी चूत पर रगड़ने लगा। उस समय उसकी आँखें बन्द थी और वह पूरा मजा ले रही थी. और तभी मैंने उसकी चूत में एक धक्का मारा तो उसके मुहँ से आहहह… की आवाज़ आई और उसने अपनी आंखें खोल दी थी और फिर वह मेरी तरफ देखने लगी और मैं भी रुक गया और मैंने उसे देखा तो वह मुझको एकदम सेक्सी लग रही थी. उसकी चूत में मेरा लंड जा रहा था और वह पूरी नंगी मेरे सामने लेटी हुई थी. और फिर वह मेरी तरफ मुस्कुराई और बोली कि, रुक क्यो गये और अन्दर डालो ना। और फिर उसके इतना कहते ही मैंने एक और धक्का मारा और अपना लंड उसकी चूत में पूरा घुसा दिया. और फिर उसने अपनी आँखें खोले हुए ही और मुझे देखते हुए आहहह… की आवाज़ करी हल्के से, यार क्या मस्त नज़ारा था उस वक़्त हम दोनों एक दूसरे को देख रहे थे और मैं धक्के मार रहा था और वह आअहह… आअहह… की आवाज़े मुझे देखते हुए निकाल रही थी, मैंने अभी करीब 5 मिनट तक धीरे-धीरे धक्के मारे, फिर मैंने अपनी स्पीड बढाई और मैं तोड़ा सा झुका और उसके होंठो को चूसने लगा थोड़ी देर में और धक्के मारने लगा, एक तो वह इतनी सेक्सी थी दिखने में ऊपर से वह मुझे देखकर मेरे हर धक्के के साथ मादक आवाज़े निकालने से वह जैसे काम की देवी लग रही थी। दोस्तों यह कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

करीब 9-10 मिनट तक ऐसे ही चोदने के बाद वह अपनी गांड उठा उठाकर हिलने लगी, मैंने भी धक्को की स्पीड तेज़ कर दी, अब तो वह मंज़र और भी नशीला हो गया था, हम दोनों को ही इस चुदाई का बहुत मज़ा आ रहा था, मैंने कई ब्लू फिल्मे देखी थी और मूठ मारी थी पर यह मेरी पहली चुदाई थी, उसके साथ और मैं और वह उसे बहुत ही अच्छे से कर रहे थे, वह तो अनुभवी थी पर मैं तो नया था बहुत मज़ा आ रहा था और 13 मिनट की चुदाई के बाद हम दोनों की स्पीड काफ़ी तेज़ हो गयी और थोड़ी देर में हम दोनों ही एक साथ झड़ गये, मैंने मेरे लंड का सारा पानी उसकी चूत में ही डाल दिया और मैं उसके ऊपर ही लंड डालकर उसकी चूत में लेट गया, फिर करीब 10 मिनट वैसे ही पड़े रहने के बाद वह मेरे सर पर अपने हाथ फेरने लगी, अच्छा लग रहा था जैसे हम दोनों पति पत्नी हो, फिर मैं उठा और उसे उपर ही किस किया और बोला कैसा रहा फिर? वह खुश थी और स्माइल देते हुए बोली, मेरे बॉयफ्रेंड बनोगे? मैंने भी शरारत करते हुए बोला सोचेंगे, उसने कहा अभी भी सोचोगे और मैं हँसने लगा और वह भी और हम अलग हुए और उसी नंगी अवस्ता में ही बातें करने लगे।

मैंने दीवार के साथ अपनी पीठ लगा ली और उसे अपने पास बैठाकर हम बातें करने लगे, उसने बताया के उसका पति ज्यादा देर तक नहीं टिकता है उसका लंड भी ठीक है लेकिन बहुत जल्दी खाली हो जाता है और उसकी प्यास नहीं बुझती और उसने ये भी कहा की वह मुझसे एक बच्चा चाहती है, तो मैंने उसको कहा कि, हमारा जैसा रिश्ता है उसे वैसा ही रहने देना उसने कहा हाँ ठीक है और फिर एक बार और चुदाई हुई और इस बार उसको लंड भी चुसवाया, इस रात के बाद मैं उसे रोज़ चोदता था पूरे सप्ताह उसे चोदा उसकी गांड भी मारी, मेरे पापा हॉस्पिटल में 25 दिन तक रहे पर इस बीच उसकी दो बार नाइट हुई और जब उसका छुट्टी का दिन होता था, तो मैं उसके घर पर चला जाता था उस चोदने के लिए, सब ठीक चल रहा था पर एक दिन रविवार की रात थी एक नर्स थी, जिसने हमें एक साथ बाहर स्टोर रूम से आते हुए देख लिया था उसे शक हुआ, और फिर दूसरे दिन सुबह उसका फ़ोन आया और उसने कहा कि, वह नर्स हमारे बारे में पूछ रही थी क्या कर रहे थे और उसने सब बता दिया और वह नर्स भी चाहती है कुछ ऐसे ही चुदना, मैंने कहा के तुम क्या कहती हो?

उसने कहा के नहीं तुम मेरे हो किसी और के पास तुमको नहीं जाने दूँगी. तो फिर मैंने उससे कहा, कि, ओह! मेरी जान अगर मैंने उसके साथ सेक्स नहीं किया, तो हो सकता है वह किसी और को बता दे और फिर कुछ परेशानी हो जाए हमारे लिए। ऐसा करते है मुझे उसे चोदने दो और तुम चिन्ता मत करो तुम मेरी सबसे अच्छी और पहली पसन्द हो डार्लिंग। और फिर वह मान गई और फिर दूसरी रात उसने बहुत गुस्से से उस नर्स से बात की और मैंने उस नर्स को भी चोदा वह नर्स भी एकदम मस्त थी, वह तो जैसे पहले से ही चुदक्कड थी उसने भी मुझको पूरा मज़ा दिया उसने मेरा लंड भी चूसा और उसका सारा जूस भी पी गई थी। और फिर मैं जब तक उस हॉस्पिटल में रहा तब तक तो पता ही नहीं चला की मैं हॉस्पिटल में हूँ, उन दोनों ने मुझको खूब मज़े दिए और मैंने भी उन दोनों को बहुत खुश रखा, नर्स के साथ तो मैं फ़िल्म भी देखने जाता हूँ और उस काम वाली को तो उसके घर जाकर भी चोदता हूँ।

तो ये थी दोस्तों मेरी सच्ची सेक्स कहानी, आप सबको पसंद आई होगी और लड़को ने मूठ मारी होगी और लड़कियां और भाभियों ने चूत में ऊँगली करी होगी।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!