हमने करी चुदाई चूतें बदल-बदलकर

हाय दोस्तों, Antarvasna मेरा नाम विकास है और मेरी उम्र 27 साल की है और मैं कामलीला डॉट कॉम की सेक्सी कहानियों का आप सभी की तरह ही एक नियमित पाठक हूँ। दोस्तों मैं आज आप सभी के सामने अपनी एक सच्ची हिन्दी सेक्स कहानी बताने जा रहा हूँ, लेकिन सबसे पहले मैं कामलीला डॉट कॉम को बहुत बहुत धन्यवाद देना चाहता हूँ जिससे हम जैसे लोगों को अपनी कहानी आप सभी लोगों तक पहुंचाने का मौका मिलता है। दोस्तों मैं खुद भी इस वेबसाईट को पिछले कुछ सालों से रोजाना पढ़ता आ रहा हूँ, अब तक मैंने इसकी बहुत सारी सेक्सी कहानियों को पढ़ा है और बहुत मजे किए है। तो चलो अब ज्यादा समय खराब ना करते हुए मैं अपना पूरा परिचय आप सभी से करवा देता हूँ।

दोस्तों मेरी कहानी मेरे घर की है मेरी शादी को 2 साल हो गये है, मैं एक नौकरी करता हूँ जिसमें मुझे अच्छी खासी आमदनी मिलती है. मेरी बीवी की लम्बाई 5.5 फुट की है और वह 25 साल की है, वह दिखने में गोरी और बहुत सुन्दर है, जिसे देखकर कोई भी मर्द आहें भरने लगता है. उसकी गांड बहुत गोल है जो मस्ती से लचकती है और उसके बब्स भी बहुत उठे हुए गोल-मटोल है. जैसे वह कोई हिरोईन हो. उसे चुदाई की बहुत चाहत है वह मुझसे हमेशा ज्यादा चुदाई की माँग करती रहती है. उसकी चूत भी हमेशा रस से भरी रहती है. मेरा घर एक मल्टिस्टोरी बिल्डिंग में है, जिसमें और भी कई लोग रहते है. हमारे फ्लेट के सामने एक फेमिली रहती है जिसमें दो शादी-शुदा जोड़े रहते है उनका नाम है अंकित और सोनिया. उनका अक्सर हमारे घर पर आना-जाना होता रहता है और उसकी बीवी मुझे लाइन मारती है, वह बहुत मस्त माल है. कभी-कभी मैं भी उसको आँख मार देता हूँ, पर क्या करे इधर मेरी बीवी और उधर उसका पति बड़ी परेशानी थी। दोस्तों ऐसे है दिन गुजर रहे थे एक रोज हमने अपने घर पर मेरी बीवी रश्मि के जन्मदिन की एक पार्टी रखी, उसमें हमने उनको भी बुलाया था. वह लोग आए और बैठे, मेरी बीवी पानी लाई तो उसने टेबल पर पानी रखा और झुकी तो अंकित मेरी बीवी के बब्स की और झाँकने लगा. क्यूंकी रश्मि बहुत बड़े गले का ब्लाउस पहनती है. हालांकि रश्मि ने इस बात को देख लिया था तब भी उसने कुछ नहीं कहा, वह चली गयी. फिर हमारी बातें होने लगी और खाने-पीने लगे, फिर म्यूज़िक लगाकर हम डांस करने लगे. तभी अंकित मेरी बीवी का हाथ पकड़कर उसकी कमर में हाथ डालकर डांस करने लगा. मौका देखकर मैं भी उसकी बीवी को पकड़कर नाचने लगा और हम दोनों एक-दूसरे से लिपट रहे थे और उधर मेरी बीवी के बब्स उसके सीने से टकरा रहे थे, इधर मैं भी सोनिया की पीठ पर हाथ फेर रहा था. इतने में अचानक लाइट चली गयी और मौका देखकर मैं सोनिया को चूमने लगा हम दोनों होठों से होठों को मिलाकर चुंबन करते हुए एक-दूसरे से लिपटे जा रहे थे. मैं उसके बब्स को दबा रहा था. कमरे में अंधेरा होने के कारण अंकित कह रहा था की बिजली के आने तक डांस करते रहो, तो फिर हम लगे रहे किसी को कुछ नहीं दिख रहा था. ऐसे में मैंने सोनिया के ब्लाउस के बटन खोल दिए और उसके बब्स को दबाने लगा फिर उसके होठों को चूसने लगा और पूरा ब्लाउस खोल दिया।

अंकित और मेरी बीवी के बीच क्या हो रहा था मुझे नहीं पता था. मेरा लंड खड़ा होने की वजह से मुझे सिर्फ़ रश्मि का भरा हुआ मादक बदन महसूस हो रहा था. अचानक लाइट आ गयी और हम घबरा गये पर पलटकर पीछे का सीन देखा तो दंग रह गये. अंकित मेरी बीवी का ब्लाउस और साड़ी उतारकर उसके बब्स से खेल रहा था. इधर मेरे हाथ भी उसकी बीवी के बब्स पर थे. हम चारो एक-दूसरे को देखकर चुपचाप खड़े रहे. अचानक अंकित हँसने लगा और बोला अरे भाई विकास रुक क्यू गये शरम छोड़ो और एंजाय करो तो मैंने भी कहा हाँ हमें रुकना नहीं चाहिए फुल मस्ती करो यार। हमारी चुड़क्कड़ बीवियों ने भी कहा हाँ यार आज कुछ नया हो जाए. वह जोर जोर से हँसने लगी. बस फिर क्या था खेल शुरू हो गया. अंकित ने मेरी बीवी का पेटीकोट भी उतार दिया और रश्मि सिर्फ पेंटी मैं खड़ी थी और किसी अप्सरा से कम नहीं लग रही थी। तो अंकित ने कहा यार कहा छुपा रखा था यह मस्त माल से भरा हुआ जिस्म. जिसे हर मर्द चोदना चाहता है. मैंने कहा हाँ अंकित मेरी बीवी को बहुत ज्यादा चुदने की इच्छा है तो उसने कहा मेरी बीवी भी दूसरे मर्द का लंड लेना चाहती है. रश्मि ने कहा हाँ यार एक लंड से चुदवाकर बोर हो गये है आज मौका है कुछ नया करने का, तो हो जा शुरु…. मैंने सोनिया के पुरे कपड़े उतार दिए और अब वह भी नंगी खड़ी थी।

तभी मैंने अंकित से कहा यार सोनिया का बदन तो आग जैसा है एकदम गर्म और मादक, सुन्दर माल. फिर हम सभी पुर नंगे हो गये और कमरे में चले गये. वहां एक ही बिस्तर पर दोनों औरतो को लिटाकर एक-दूसरे की बीवी की चूत का रसपान करने लगे. मेरी बीवी रश्मि ने अपनी सुन्दर जांघे ऐसी फैलाई जैसे रंडी अपने ग्राहकों के आगे फैलाती है. अंकित उसकी रसीली चूत को चूसने लगा तो वह अजीब सी सिसकारियां लेने लगी. इतने में मैं भी सोनियां की चूत की चुसाई करने लगा तो दोनों की चूतों ने पानी छोड़ना शुरु कर दिया और हम दोनों 20 मिनट तक चूसते रहे इस चूसा-चासी से दोनों रंडियो ने 2 बार पानी छोड़ा. फिर दोनों ने एक साथ ही कहा हमें भी तुम्हारा लंड चाहिए। हमें लंड चूसने दो. दोनों ने लंड चूसना शुरु किया तो हमारे लंड खड़े हो गये. मेरा लंड अंकित के लंड से लम्बा था मगर अंकित का लंड मेरे लंड से बहुत मोटा था. मेरी बीवी बहुत खुश हुई की आज उसकी मोटे लंड की तमन्ना पूरी होगी. फिर हमने दोनों को लिटाकर उनके ऊपर आ गये और उनके होठों को चूसने लगे फिर धीरे-धीरे एक एक बब्स को छूने लगे और दोनों टांगो को कंधे पर रखकर गांड का भी रस लेने लगे. हमारी बीविया बहुत तड़प रही थी उन्होंने कहा जल्दी करो और अपना लंड डालो. तो सबसे पहले अंकित ने मेरी बीवी की चूत पर लंड रखा और धक्का मारकर पूरा लंड अन्दर कर दिया तो रश्मि चिल्लाई और कहा आराम से डालो। दोस्तों यह कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

तो लौड़े का सुपाडा चूत के मुहँ में अन्दर गया फिर और धक्का मारकर पूरा लंड अन्दर कर दिया तो रश्मि चिल्लाई और कहा थोड़ा रूको। इधर मैं अपना लंड सोनिया की चूत में डालने लगा और धीरे-धीरे पूरा लंड अंदर कर दिया. फिर हमने धक्के लगाने चालू किए और हम एक दूसरे की बीवियों को बहुत ज़ोरों से चोदने लगे. इसके बाद वह दोनों ज़ोर-ज़ोर से साँसें ले रही थी उहह… आहह.. और ज़ोर से करो… निकाल दो मेरी चूत का रस.. पी लो इसको जानेमान… कितने दिनों से नये लंड के लिए तरस रही है. दे दो मुझे अपना पूरा लंड और लूट लो मेरी जवानी को यह मेरी बीवी की आवाज़ थी। वह ज़ोरो से चिल्ला रही थी. तभी दोनों ने अपना चूत का रस उगल दिया और हमसे लिपट गयी लेकिन हमने उन्हें चोदना नहीं छोड़ा। हम बदस्तूर चुदाई में लगे रहे और कुछ देर बाद हम दोनों उनकी चूत मैं अपना लंड-रस उगलकर उन्ही के ऊपर ढेर हो गये और ज़ोर-ज़ोर से साँसे लेने लगे. फिर थोड़ी देर बाद हम दोनों ने एक-दूसरे की आँखों में देखा और उन दोनों चुदासियों को पलटकर कुतिया बना दिया और उनकी गांड को चाटने लगे. वह दोनों फिर से गरम हो गयी. फिर अंकित ने मुझसे कहा यार विकास पता है मेरी बीवी को गांड मरवाने का बहुत शौक है. तो मैंने कहा मेरी बीवी इस मामले में पूरी रंडी है वह किसी छिनाल की तरह गांड गरम लंड डलवा लेती है. फिर हम शुरू हो गये अंकित ने मेरी बीवी रश्मि की गांड पर लंड टीकाकर एक ज़ोरदार धक्का मारा तो रश्मि चिल्ला पड़ी और बोली ओय… धीरे धीरे डाल… तुम्हारा लंड मेरे पति से बहुत मोटा और दमदार है आहहह… मुझे तुम्हारा लंड बहुत पसंद आया है। फिर अंकित ने पूरा लंड रश्मि की गांड में डाल दिया और चोदने लगा. इधर मैंने भी सोनिया की गांड मारना शुरु कर दी और दोनों फिर से चुदाई करने लगे. हम चारों पसीना-पसीना हो रहे थे और इन दोनों छिनालो के मुहँ से कामुक सिसकारियां निकल रही थी। मेरी बीवी चिल्ला रही थी अरे मेरे प्यारे अंकित काश मैं अपनी सुहागरात तुम दोनों से एक साथ चुदवाकर मनाती तो मेरे लिए वह यादगार बन जाती. तो अंकित ने कहा अरे मेरी रंडी रानी अब तो मैं यही हूँ और रोज तेरी सुहागरात तेरे ही बिस्तर पर तुझे चोदकर मनाया करूँगा. मैंने भी उसकी बीवी से कहा अंकित मेरे घर पर सोएगा और मैं तुम्हारे घर में तुझे रातभर चोदूंगा। फिर हमारे शरीर अकड़ने लगे और हम दोनों चरम सीमा पर पहुँचने लगे।

हमने एक साथ अपना रस उन दोनों की गांड में डालकर उनकी पीठ से लिपट गये और वही बिस्तर पर लेट गये. अब हम चारो बहुत थक चुके थे और पता ही नहीं चला की कब हमारी नींद लग गयी. फिर सुबह रविवार था हम 9 बजे उठे और देखा की सब नंगे ही सो गये थे और किसी ने कुछ नहीं पहना. दोनों औरतों को चोदने से हमारा पानी निकल रहा था और हमने फिर एक बार चुदाई की और नहाने चले गये. उस दिन खाना खाकर फिर हम दोनों दिनभर चुदाई करते रहे. अब मैं और अंकित रोज की तरह बीवियाँ बदलकर चुदाई करते है।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!