करारा झटका बस के सफर में

हैल्लो दोस्तों, मेरा Antarvasna नाम राहुल है और मैं एक कंपनी में काम करता हूँ मेरे काम के सिलसिले में घर से बाहर ही रहता हूँ और घर पर कम मैं अक्सर सफ़र में ही रहता हूँ और ज़्यादातर सफ़र बस से ही होता है तो दोस्तों आज मैं आप सभी कामलीला डॉट कॉम के चाहने वालों को अपने जीवन की एक सच्ची घटना जिसमें मैंने बस में सफर करने वाली अनजान लड़की के जमकर चुदाई के मज़े लिए वो सब सुनाने के लिए आया हूँ। दोस्तों अपनी इस कहानी को शुरू करने से पहले मैं अपना और उस लड़की का परिचय भी करवा देना चाहता हूँ।

दोस्तों मेरी उम्र 24 साल और मेरी लम्बाई 5.3 इंच है। मैं दिखने में एकदम ठीक ठाक होने के साथ साथ ही मेरे लंड की लम्बाई आठ इंच है जो किसी भी प्यासी चूत की चुदाई करके उसको संतुष्ट करने के लिए बहुत अच्छा साधन है। यह बात तब की है जब मैं एक शाम वाली बस से दिल्ली जा रहा था बस में भीड़ कम होने की वजह से बस में यात्री कम ही थे पीछे वाली सीट पर मुझे सोने की आदत है। सुबह का समय था मैं पीछे वाली लम्बी सीट पर जाकर सो गया मुझे सोए हुए आधा घंटा ही हुआ था की मुझे मेरी जांघों पर कुछ रेंगता हुआ सा महसूस हुआ थोड़ी आँख खोलकर देखा तो एक सुंदर गोरा हाथ मेरी पेंट के ऊपर फिर रहा था थोड़ी देर बाद उसका चेहरा भी देख लिया यह तो एक हसीन लड़की थी एक सुंदर फिगर 34-30-34 वाली मस्त कुड़ी, गोरा रंग बेहद खूबसूरत, उसने अगले ही पल मेरे गालों पर एक प्यारी सी पप्पी भी ले ली मेरी तो जैसे किस्मत ही चमक गयी। दोस्तों मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था की बस में सफ़र करते हुए ही कोई अंजान लड़की पर सेक्स इस कदर हावी होगा की मुझ पर इतनी जल्दी मेहरबान हो जाएगी। खैर मैं भी ज़्यादा देर ना लगाते हुए उठा और उस लड़की को देखने लगा उस लड़की ने मुझे शरमाते हुए देखा और बोली सॉरी जो भी हुआ, मैंने कहा ठीक है लेकिन मैं तुमको जानता ही नहीं हूँ तो उसने अपना नाम ममता बताया साथ ही उसने बताया की वो दिल्ली जा रही है और बस खाली होने की वजह से पीछे ही बैठ गयी थी मैंने कहा कोई बात नहीं मगर आप अपने हाथ से कुछ कर रही थी तो फिर ममता ने कहा वो तो मैं, वो इतना कहकर रुक गयी मैंने कहा क्या हुआ? तो उसने कुछ नहीं कहा अचानक ही मेरी नज़र उसके हाथ में पड़े मोबाइल पर चल रहे रोमांटिक वीडियो पर पड़ी मैंने कहा तो यह बात है। ममता ने शरमाते हुए कहा जी यह वीडियो देखते हुए मुझसे रुका नहीं जा रहा था और तुम गहरी नींद में पीछे सो रहे थे किसी के पीछे ना होने के कारण मेरा हाथ उधर चला गया मैं भी मुस्कुराने लगा तो वो शरमा गयी। मैंने भी मौके का फायदा उठाते हुए उसका हाथ पकड़ लिया और कहा ममता अब आगे क्या इरादा है? तो वो बोली यहाँ, लेकिन बस में कैसे? मैंने उससे कहा मैं अभी कंडक्टर से सेटिंग करके आता हूँ।

मैंने कंडक्टर को बुलाया और कान में समझाकर उसे 1000 रुपये दिए तो कंडक्टर हंसता हुआ आगे चला गया और पीछे की लाइट बंद कर दी अब मैं पीछे की सीट पर ममता को बाँहों में लेकर उसके होंठ चूमने लगा ममता ने कहा मैं तुम्हें काफ़ी पसंद भी कर रही हूँ अब और देर ना करो और मुझे प्यार दो। मैं ममता के मस्त मोटे बब्स को मसलने लगा, वो भी मुझे किस करते हुए मेरे लंड को दबाने लगी। करीब 15 मिनट तक ऐसे ही चलता रहा और मेरा लंड पेंट के अंदर कड़क हो गया और जैसे ही मैंने उसकी सलवार में हाथ डालकर उसकी चूत को छुआ तो उसकी चूत भी पानी छोड़ रही थी उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था मुझे और ममता को काफ़ी मज़ा आ रहा था करीब आधा घंटा ऐसे ही मस्ती करते रहे इतने में बस एक होटल पर रुक गयी वहाँ पर सभी लोग उतर गये मैं तुरंत ड्राइवर के पास गया और 300 रुपये देकर बस को तोड़ा आगे खड़ा करने को कहा और 20-25 मिनट में आने को बोला ड्राइवर ने रुपये लेकर बस होटल के बाहर साइड में खड़ी कर दी और जल्दी करने को बोलकर ड्राइवर होटल में चला गया। मैं और ममता अब बस अकेले थे, मैंने ममता की कमीज़ उतार दी, ममता शरमाकर मुझसे लिपट गयी और ज़ोर से किस करने लगी मैं उसके मस्त बब्स को देखकर जोश में आ गया और उसके बब्स को ब्रा के ऊपर से ही दबाने लगा ममता ने भी मेरी बेल्ट खोलकर पेंट का बटन खोलकर चैन भी खोल दी, अब मेरी पेंट घुटने पर आ गयी। मैंने भी ममता की सलवार का नाडा खींचकर खोल दिया ममता की सलवार सरक कर नीचे आ गयी अब मैंने ममता को ब्रा और चड्डी में देखकर उसकी तारीफ की और एक प्यारी सी किस की। ममता ने कहा अब जल्दी करो लोग आ जाएँगे मैंने कहा तुम्हारी चूत में आग बहुत तेज़ लगी है। मैंने मुस्कुराते हुए अंडरवियर को नीचे सरका दिया। ममता ने भी मेरा लंड मेरी चड्डी में से बाहर निकाल लिया और उसको हाथों से सहलाकर कहा यार यह तो बहुत टाइट हो गया है काफ़ी सुंदर भी है मैंने कहा जान चूसकर इसे और मस्त कर दो ना। तो उसने लंड को अपने मुँह में भर लिया अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था, मैं खड़े खड़े ही उसे अपना लंड चुसवाता रहा और उसकी चूचियों को मसलने लगा कोई 5 मिनट चूसने के बाद मैंने उसे पीछे वाली सीट पर लिटाया और उसकी चूत को मुँह में भरकर चूसने लगा। ममता ने जल्दी ही पानी छोड़ दिया और मुझे अपने ऊपर लिटा लिया मैंने उसकी चूत पर लंड रखा और एक करारा झटका दिया। दोस्तों यह कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

मुझे बड़ी हैरानी हुई की चूत से हल्की सी आवाज़ के साथ खून भी निकला साथ ही वह ज़ोर से चिल्लाई मैं बोला पहली बार है क्या? और मैंने उसके मुँह पर हाथ रख दिया वो दर्द से छटपटा रही थी और गर्दन हिलाकर उसने ‘हाँ’ में भी इशारा किया फिर मैं उसके शरीर पर किस करने लगा और सहलाने लगा ताकि उसका दर्द कुछ कम हो जाए कुछ ही पलों में उसका दर्द कुछ कम हो गया मैंने भी लगातार तीन-चार धक्के लगाए और उसको चूमते हुए पूरा लंड डालकर रुक गया। अब ममता बुरी तरह तड़पने लगी थी, मैं भी उसके दर्द को कम करने के लिए वहीं रुक गया और उसके पुरे शरीर को रगड़ने लगा। अब ममता के शरीर में हलचल होने लगी और वो अपनी गांड उठाने लगी, मैं भी अब धक्के लगाना शुरू करने लगा हमारे धक्के तेज़ी के साथ लग रहे थे ममता की मादक आवाज़ें बस में गूंजने लगीं आईई… आ यार.. चोद दो.. फाड़ दो आज… पूरा घुसा कर पेलो यार… आहह.. मज़ा आ रहा है जान। मैंने भी धक्कों की रफ़्तार और बढ़ा दी अब ममता का शरीर अकड़ने लगा और वो सिसकियाँ भरने लगा और बोली उफ्फ्फ… मैं आ रही हूँ आहह… इतना कहकर वो झड़ने लगी मैं भी जल्दी-जल्दी धक्के लगाता हुआ बोला मेरा भी होने वाला है। वो बोली मेरी चूत में ही झड़ना मैं पहली बार का महसूस करना चाहती हूँ प्लीज़ मेरी चूत को अपने पानी से भर दो और मुझे किस करो, मैं उसकी चूचियों को दबाकर और तेज़-तेज़ धक्के लगाकर उसकी चूत को अपने वीर्य से भरने लगा और हम दोनों ढेर हो गये।

कुछ देर बाद मैं अपने रुमाल से अपने लंड को और उसकी चूत को पोछने लगा ममता ने और मैंने एक लम्बी किस की और अपने अपने कपड़े पहनकर बस से बाहर आ गये मैंने ड्राइवर को इशारा किया ड्राइवर ने आकर 300 रुपये और माँगे मैंने उसे दे दिए और बस में ममता को बिठाकर कुछ खाने पीने के लिये लेने चला गया लगभग 5 मिनट में बस चल पड़ी और रात के 11 बजे हम दिल्ली पहुँच गये जहाँ उसके पापा उसका इंतज़ार कर रहे थे ममता ने मुझे एक किस किया और अपना नंबर देकर बोली मुझे वापसी पर फोन ज़रूर करना और मन कर रहा है, मैंने भी उसको एक प्यारी सी पप्पी देकर बस के दरवाज़े तक छोड़ा अब बस चल पड़ी और बाद में मैंने ममता के नंबर पर उसे फोन किया ममता ने फोन उठाया मैंने ममता को अपना नाम बताया और बस का नाम लिया बस फिर क्या था हमारी लम्बी चुदाई की बातें शुरू हो गयी।

धन्यवाद कामलीला डॉट कॉम के प्यारे पाठकों !!