सुनीता की खूबसूरत चुदाई

हैल्लो दोस्तों, में antarvasna रोहित एक बार फिर से आपकी सेवा में हाज़िर हूँ। आज में आपको मेरी एक और स्टोरी सुनाने जा रहा हूँ, जो कि मेरे और सुनीता के बीच की है। अब हम दोनों 15 दिन से लगातार फोन पर बातें कर रहे थे। अब वो बाथरूम में जाकर मुझे फोन करती थी और बस फिर फोन सेक्स के जरिये वो इतनी पागल हो जाती थी कि कई बार अपना पानी छोड़ देती थी।

फिर एक दिन उसने कहा कि अब नहीं रहा जाता, में तुमसे मिलना चाहती हूँ। फिर मैंने उसे एक रेस्टोरेंट में बुलाया, लेकिन वो अकेले में मिलना चाहती थी, इसलिए मैंने उसे घर का एड्रेस दे दिया। बस फिर क्या था? जिस दिन वो आने वाली थी, उस दिन में नहा धोकर तैयार होकर उसका इंतज़ार कर रहा था। फिर थोड़ी देर में उसने मुझे फोन करके बताया कि उसे मेरा एड्रेस नहीं मिल रहा है। तब मैंने उसे एक जगह पर आने को कहा और उसे लेने चला गया था। अब दूर से उसे देखकर में तो देखता ही रह गया था, वो उसकी फोटो से तो बहुत ज्यादा सुंदर थी, जवानी से गदराया हुआ बदन था उसका? फिर जैसे ही वो बाइक पर मेरे पीछे बैठी तो उसके बड़े-बड़े बूब्स मेरी पीठ में गुदगुदी करने लगे। अब मेरे तो हाथ पैर जकड़ गये थे। अब मुझे ऐसा लग रहा था कि बाइक पर बैठे बैठे इसके कपड़े यहीं उतारकर इसके बूब्स मसल डालूं, लेकिन फिर मैंने सोचा कि घर 5 मिनट की दूरी पर है तो तब मैंने आप पर कंट्रोल किया और फिर हम घर पहुँच गये। फिर घर पहुँचकर मैंने उसे कोल्डड्रिंक ऑफर की, लेकिन उसने मना कर दिया था। तब मैंने पूछा कि कुछ और पीना है? तो तब वो बोली कि नहीं। अब वो बेड पर बैठी हुई थी और अब में उसके ठीक बगल में जाकर बैठ गया था और फिर हमने बातें करनी शुरू कर दी।

सुनीता : तुम्हारी आवाज फोन पर जितनी अच्छी लगती है, रियल में उससे भी ज्यादा अच्छी है।

रोहित : रियली?

सुनीता : हाँ।

रोहित : और क्या-क्या रियल में फोन से ज्यादा अच्छा लगता है?

सुनीता : मतलब?

रोहित : मतलब, हम फोन पर और भी बहुत कुछ किया करते थे ना?

सुनीता : चुप रहो, वो सब फोन तक ही ठीक है।

रोहित : यह तो गलत है, तुमने मेरी आवाज रियल में सुन ली, अब में भी तुम्हारे होंठो को रियल में चूमना चाहता हूँ।

सुनीता : ओह नो, प्लीज नो, तुम मुझसे इतना चिपककर क्यों बैठे हो?

रोहित : मेरी जान तुमसे नहीं चिपकूंगा तो किससे चिपकूंगा? यह रसीले होंठ, यह गदराई जवानी, यह भारी-भारी चूचीयाँ और यह लाजवाब गांड और किस-किस चीज की तारीफ करूँ?

सुनीता : रोहित प्लीज आगे कुछ मत कहो, मुझे कुछ-कुछ हो रहा है।

रोहित : अभी तो बहुत कुछ होगा, तुम्हारी चूत में अभी बाढ़ आएगी, जिसे में पूरा पी जाऊंगा।

सुनीता : चूत का मतलब?

रोहित : चूत जो तुमने अपनी पेंटी के अंदर अपनी जांघो के बीच में छुपा रखी है।

सुनीता : ओह रोहित कितनी गंदी बातें करते हो तुम, प्लीज अपना हाथ मेरी जांघो पर से हटाओ, में जा रही हूँ।

फिर जैसे ही वो उठी तो तब मैंने उसे खींचकर अपनी गोद में बैठा लिया और अपने होंठ उसके होंठो पर रख दिए, लेकिन वो जैसे ही मेरी गोद में गिरी, तो उसकी गांड मेरे लंड के ऊपर आ गई थी। फिर मैंने उसे ठीक करके अपना लंड उसकी जांघो के बीच में कर दिया और उसके होंठो को तसल्ली से चूसने लगा था। इतने लंबे फ्रेंच किस मैंने शायद ही ज़िंदगी में किए हो। फिर करीब 15 मिनट तक लगातार उसके होंठ चूसने के बाद में एक पल के लिए रुका और फिर से उसके होंठ चूसने लगा था। अब वो मेरा साथ इतनी अदा से दे रही थी कि में उसके होंठो को छोड़ना ही नहीं चाहता था। अब उसके होंठो को चूसते-चूसते कब मैंने उसे अपनी गोद से बेड पर लेटा दिया और उसके ऊपर लेट गया था? उसे पता ही नहीं चला था। अब वो तो जैसे मुझे अपने होंठो का रस पिलाने में मशगूल थी।

फिर जब में उसके ऊपर लेटा, तो उसके दूध से भरी भरी गदराई हुई चूचीयाँ मेरी छाती के नीचे दब गई और उसके नुकीले निप्पल मेरी छाती को स्वर्ग का मज़ा देने लगे थे। अब करीब आधे घंटे तक उसके होंठो को चूसने के बाद उसकी सांस फूलने सी लगी थी। फिर मैंने धीरे-धीरे अपने हाथों से उसका सूट ऊपर करना शुरू किया और बहुत आहिस्ते से अपना हाथ उसकी ब्रा तक ले गया और फिर जैसे ही मैंने उसकी ब्रा के ऊपर से उसके बूब्स को टच किया। तो तब उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और कहा कि बस अब और नहीं। तब मैंने उसे फिर से चूमना शुरू किया और इस बार वो डीप किस था। अब में उसकी जीभ को लीक करने लगा था। अब वो एक बार फिर से मदहोश हो गई थी और सब भूल गई थी। बस फिर क्या था? फिर धीरे-धीरे मैंने उसकी ब्रा के अंदर अपना एक हाथ डाला और उसकी ब्रा ऊपर करके उसकी दोनों चूचीयाँ बाहर निकाल ली थी। अब में उसकी बड़ी-बड़ी दूध से भरी चूचीयों को दबा रहा था और मसल रहा था, लेकिन में उसकी चूचीयों को देख नहीं पा रहा था। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

अब मेरा मन कर रहा था कि में उसकी चूचीयों को बाहर निकालकर देखूँ और उनसे जी भरकर खेलूँ और फिर अपने होंठो में दबाकर उन्हें पी जाऊं, लेकिन मुझे डर था कि जैसे ही में अपने होंठ उसके होंठो से हटाऊँगा तो उसकी मदहोशी टूटेगी और वो मुझे हटाने की कोशिश करेगी, लेकिन अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था इसलिए मैंने एक झटके में अपने होंठ उसके होंठो से अलग किए और उसका सूट और ब्रा पूरी ऊपर तक उठा दी और फिर एक नजर भरकर उसकी चूचीयों को उसके ब्राउन निप्पल को देखा और फिर नजर भरकर देखने के बाद मैंने अपने दोनों हाथों में उसकी चूचीयों को जकड़ लिया और पेट को चूमना शुरू कर दिया था और धीरे-धीरे ऊपर आने लगा था। अब उसे भी धीरे-धीरे मेरे होंठो का मज़ा आने लगा था।

सुनीता : ओह रोहित, यह क्या कर रहे हो? मत करो।

रोहित : मेरी जान, में तुम्हारी मदमस्त जवानी से भरी हुई चूचीयों से खेल रहा हूँ, उन्हें कली से फूल बना रहा हूँ।

सुनीता : ओह डियर, मेरी चूचीयाँ पहले ही इतनी बड़ी है, तुम इतना ज्यादा दबाओगे तो और बड़ी हो जाएँगी, प्लीज इतना तो मत दबाओ।

रोहित : बड़ी-बड़ी हो जाएँगी तो दबाने में और भी मज़ा आएगा, क्या तुम्हें मज़ा नही आ रहा है?

सुनीता : मज़ा तो आ रहा है, लेकिन यह ठीक नहीं, हम आज पहली बार मिले है और तुमने मुझे आज ही आधे से ज्यादा नंगा कर दिया।

रोहित : मेरी जान फोन पर तो मैंने तुझे पूरा नंगा कर दिया है और ना जाने तेरे साथ-साथ क्या-क्या किया है? क्या याद नहीं है?

सुनीता : सब याद है, लेकिन फोन पर अलग बात है।

अब मैंने उसकी चूचीयों पर अपना दबाव और बढ़ा दिया और बारी-बारी से उसकी चूचीयों को चूसने और दबाने लगा था। अब वो भी अपनी चूचीयाँ बड़े जोश से मेरे मुँह में डालने लगी थी।

सुनीता : बस करो ना और कितना दबाओगे? पूरे 1 घंटे से दबा रहे हो और चूसे जा रहे हो।

रोहित : क्यों ना दबाऊँ? यह मेरे लिए ही तो है।

सुनीता : हाँ तुम्हारे लिए है, तो क्या खा जाओगे क्या?

रोहित : हाँ दबा-दबाकर लाल करूँगा और फिर चूस-चूसकर तेरी सारी जवानी इन चूचीयों से पी जाऊंगा।

सुनीता : मेरी जान सब आज ही खा जाओगे तो इन्हें कल कैसे दबाओगे? कल कैसे पिओगे मुझे?

रोहित : मेरा बस चले तो में तुझे 24 घंटे ऐसे ही दबाता रहूँ, ऐसे ही चूसता रहूँ।

सुनीता : ओह गॉड, तुम पागल हो गये हो और मुझे भी पागल बना रहे हो।

रोहित : हाँ मेरी जान सच में मेरा बस चले तो में तेरे सारे कपड़ों में आग लगा दूँ और तुझे पूरा नंगा करके ऐसे ही हर वक़्त तेरी जवानी से खेलता रहूँ, तेरे पूरे बदन से एक-एक अंग से इतना खेलूँ कि बस चुदाई की इंतेहाँ कर दूँ।

सुनीता : ओह गॉड, में पागल हो जाऊंगी, तुम्हें कैसे बताऊँ कि मेरी पेंटी 4 बार गीली हो चुकी है? नीचे मेरी पूरी सलवार गीली हो रही है, आज तुमने मेरा इतना पानी निकाला है।

रोहित : ओह गॉड, अभी तो मैंने तुम्हारी पेंटी भी नहीं उतारी, तुम्हें पूरा नंगा भी नहीं किया, तेरी चूत के दर्शन तक नहीं किए और तू 4 बार झड़ चुकी है।

सुनीता : पिछले 1 घंटे तक तुने मेरे होंठ चूसे और उसके बाद 1 घंटे से तू मेरी चूचीयों को मसल रहा है, उनका कीमा बना रहा है, तो क्या में झडूगी नहीं?

रोहित : ओह गॉड, में तो एक बार भी नहीं झड़ा, अब मेरा क्या होगा? में बिना तुम्हारी चूत की चुदाई किए तुम्हारे ऊपर से नहीं हटूंगा, चाहे कुछ भी हो जाए।

सुनीता : रोहित मेरी जान, लड़की झड़ती तब है जब उसे भपूर मज़ा आता है और कसम से पिछले 2 घंटे में मुझे इतना ज्यादा मज़ा आया है कि में 4 बार झड़ गई हूँ, में खुद हैरान हूँ मेरी पेंटी उतरे बिना तुमने मेरा यह हाल किया, जब पेंटी उतारोगे तो क्या कयामत ढाओंगे? में कसम से तुम्हारे लिए खुद पागल हो चुकी हूँ, लेकिन इस वक़्त मुझसे हिला भी नहीं जा रहा है और अब इससे ज्यादा हुआ तो में यही दम तोड़ दूँगी, इसलिए प्लीज बस करो, बाकी सब कुछ हम कल करेंगे और भरपूर मज़ा लेंगे, कल जो चाहे मेरी पुसी, जिसे तुम चूत कहते हो कर लेना बस आज अपनी सुनीता को छोड़ दो।

रोहित : ओह गॉड, अब कल तक इंतज़ार कैसे होगा, खैर ठीक है चलो तुम्हें छोड़ देता हूँ, चलो डी.वी.डी पर मूवी देखते है, लेकिन एक शर्त है तुम ऊपर कुछ नहीं पहनोगी, में तुम्हारी नंगी चूचीयों को जी भरकर देख तो लूँ।

सुनीता : ठीक है मेरी जान, में अपनी चूचीयों को तुम्हारे लिए खुला छोड़ देती हूँ।

दोस्तों में भला सुनीता को बिना चोदे कैसे जाने देता? में तो बस उसे थोड़ा आराम दे रहा था। फिर मैंने थोड़ा आराम करने के बाद सुनीता की चूत फाड़ी और खूब मजा किया ।।

धन्यवाद …