दोनों चाचियों की रसभरी चूत का पानी निकाला

हैल्लो दोस्तों, मैं Antarvasna ध्रुव आप सबके लिए अपनी पहली सेक्स कहानी लेकर आया हूँ मुझे उम्मीद है आपको मेरी ये कहानी पसंद आएगी तो चलिए मैं समय खराब ना करते हुए अपनी कहानी को शुरू करता हूँ।

दोस्तों मैं मुम्बई का रहने वाला हूँ मेरे परिवार में मेरे मम्मी पापा और दो चाचा चाची भी रहते है दोनों के पास एक एक बच्चा भी है। मेरी बड़ी चाची रोमा के एक 8 साल का लड़का है और छोटी चाची महिका के 4 साल की एक लड़की है। मेरे दोनों चाचा बाहर एक फैक्ट्री में काम करते है और वो दोनों 2 हफ्ते बाद ही घर आते है। दोस्तों मैं पढ़ाई करता हूँ इसलिए घर से बाहर ही रहता हूँ मैं घर में तभी आता हूँ जब मैं अपने पेपर देकर करीब 2 महीने के लिए फ्री हो जाता हूँ। दोस्तों मैं बता दूँ की मैं पहले ही अपनी दोनों चाची की चूत मार चुका हूँ और दोनों के बहुत मज़े ले चुका हूँ। जितनी बार मैंने उन दोनों को चोदा है उतनी बार तो मेरे दोनों चाचों ने अपनी अपनी पत्नी को कभी नहीं चोदा होगा। और चोद भी कैसे सकते है घर पर रहेंगे तो चोदेंगे ना, और अगर घर पर ना हो तो उनकी पत्नी को तो रात को लंड चाहिये ना, मेरे लंड का साइज़ 8 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा है इसलिए दोनों की दोनों चाचियां मेरे लंड के ऊपर फिदा है मैं जब चाहे अपनी दोनों में से किसी भी चाची को चोद देता था। दोस्तों मैं बता दूँ की मेरी दोनों चाचियां सच में बहुत ही खूबसूरत है अब मैं आपको उन दोनों की खूबसूरती के बारे में आपको बहुत खुलकर बताऊंगा ताकि आप जान सके उन दोनों में अभी भी कितना जवानी का रस भरा हुआ है जिसे मैं हर रोज तोड़ा तोड़ा चूस चूसकर पीता हूँ। बड़ी चाची रोमा की मैं पहले बात करता हूँ उनकी उम्र 30 साल है और एक लड़का होने के बावजूद वो इतनी जवान है की उनको देखकर कोई भी कहेगा की ये अभी 22 साल की है, रंग गोरा चेहरा ऐसा की आप देखते ही रह जाओ। उनके मस्त लाल लाल होंठ बस देखते ही चूसने का दिल करता है और तोड़ा नीचे चला जाए तो गोल गोल मस्त बब्स जो हमेशा से उनकी साड़ी का ब्लाउस फाड़ने को बेकरार रहते थे। और मोटी कमर सेक्सी थी उसपर नीचे मोटी गांड चाची के ठुमको पर मेरा लंड खड़ा हो जाता था।

मेरी छोटी चाची महिका सच में बहुत महकी हुई है उसको छुते ही ऐसा लगता था मानो मैंने किसी गुलाब के मुलायम फूल को छू लिया हो महिका चाची बहुत सेक्सी है उनकी उम्र 27 साल है पर वो दिखने में 18 साल की जवान लड़की लगती है एक लड़की होने के बाद उन्होंने अपना मस्त फिगर काफ़ी ज़्यादा संभालकर रखा हुआ है। महिका चाची के जिस्म में 3 चीज़ें सच में बहुत ही जबरदस्त है एक तो उनकी नशीली आँखें, बब्स और उनकी गांड, महिका चाची के बब्स रोमा चाची से छोटे थे पर उनके बब्स सुडोल और सेक्सी थे ऐसे ही उनकी पतली सी कमर के नीचे गोल गोल उनकी हिलती हुए गांड, जिसे मैं आते जाते ही अपने हाथों से मसलता रहता था। मैंने आज तक जब भी महिका चाची से सेक्स किया है मैंने उनकी गांड को हर बार चाटा है क्योकि एक उनके बब्स और गांड दोनों एक जैसे है बहुत ही ज़्यादा मुलायम है दोनों। मेरी दोनों चाची है भी पढ़ी लिखी इसलिए वो दोनों बहुत चालक है और उन्हें अच्छे से पता है की अपने पति को कैसे संभालना है। वो दोनों अपने फिगर और अपनी खूबसूरती का पूरा ध्यान रखती है इसलिए उन्होंने पूरे मोहल्ले के लड़कों को अपने पीछे लगा रखा है पर मैं किसी को चाची की तरफ देखने भी नहीं देता और ना ही मेरी दोनों चाची किसी और की तरफ देखती है और दोनों मुझसे अक्सर कहती है की जब घर में ही 8 इंच का जवान लंड हो तो बाहर मुहँ काला क्यों करना। इस बार जब मैं अपने पेपर देकर घर आया तो मेरे दिन काफ़ी अच्छे कट रहे थे मैं रात को मौका देखकर अपनी दोनों चाचियों को बारी बारी से चोद देता था पर मेरा दिल दोनों को एक साथ चोदने का था।

एक दिन की बात है मैं जब उठा तो मैंने देखा की मम्मी घर पर नहीं है और पापा अपने काम से गये हुए है मैं किचन में गया तो मैंने देखा की मेरी दोनों चाची खाना बना रही है मैं चुपके से किचन में गया और रोमा चाची को पीछे से अपनी बाहों में भर लिया उनके चिकने पेट पर मेरे दोनों हाथ थे, रोमा चाची पीछे मूडी और मुझे 20 सेकेंड की किस करके बोली, उठ गया मेरा राजा इतने में महिका चाची बोली ध्रुव कोई आ जाएगा जाओ तुम यहाँ से, ये सुनते ही मैंने रोमा चाची को छोड़ा और भागकर पीछे से उनके दोनों के बब्स ज़ोर से पकड़ लिए और दबा दिए, जैसे ही चाची मुझे डाँटने के लिए पीछे देखने लगी तभी मैंने उनके होंठो को भी अपने होंठो में ले लिया और ज़ोर ज़ोर से चूसने लग गया मेरी इस हरकत से महिका चाची ने मुझे पीछे से धक्का दे दिया और अपने कमरे में चली गई इतने में रोमा चाची बोली तुम भी ना, सुबह होते ही शुरू हो जाते हो चलो तुम पहले उसे चोद लो जाकर मैं अभी आती हूँ ये तोड़ा सा काम रह गया है। ये सुनते ही मैं रोमा चाची के पास गया और उनको अपनी बाहों में कसकर जकड़ लिया और उनके गोरे गोरे गालों पर किस किया और बोला चाची मैं आप दोनों को एक साथ चोदना चाहता हूँ प्लीज़। ये सुनते ही चाची थोड़े गुस्से में बोली ये कभी भी नहीं हो सकता ऐसा ख्याल भी अपने दिमाग़ में लाना भी मत आगे से कभी, समझे तुम। मैंने पूछा क्यो चाची इसमें बुराई क्या है मुझे समझ नहीं आता जब आप दोनों मेरा लंड लेती हो तो एक साथ चुदने में क्या दिक्कत है आपको, तो चाची ने जवाब दिया मैं कभी भी अपनी छोटी बहन के सामने नंगी नहीं हो सकती प्लीज़ अब तुम ये ज़िद छोड़ो और जाकर उसे चोद आओ।

मुझे ये सुनकर सच में बहुत गुस्सा आया मैंने कहा की आज के बाद मैं आप दोनों को तभी चोदूंगा जब आप दोनों एक साथ चुदने के लिए मान जाओगी बस ये कहकर मैं अपने कमरे में चला गया मैंने उस दिन रात तक खाना नहीं खाया, मम्मी के कहने पर मैं नीचे सबके साथ खाना खाने के लिए तो आ गया पर मैं खाना नहीं खा रहा था जब मम्मी ने मुझसे पूछा की तुझे आज ऐसा क्या हो गया है की तू खाना क्यों नहीं खा रहा है तो मैंने जवाब दिया मम्मी आज मैंने अपनी दोनों चाचियों को एक काम करने के लिए कहा है पर दोनों ने मेरे मुहँ पर जवाब दे दिया इसलिए जब तक मेरी दोनों चाचियां मेरा काम नहीं करेगी तब तक मैं कुछ भी नहीं खाऊंगा, मम्मी ने कहा सुनो तुम दोनों देखो मेरा एक ही बेटा है और ये थोड़े दिन के लिए ही आया है इसलिए तुम दोनों इसे नज़रअंदाज ना किया करो, कुछ दिनों की तो बात है फिर ये चला जाएगा पढ़ाई के लिए मान जाओ तुम दोनों। मम्मी की बात सुनते ही वो दोनों एक दूसरे को देखने लगी और कुछ देर बाद बोली ध्रुव तुम डिन्नर करो हम दोनों तैयार है ये सुनते ही मैंने डिन्नर करना शुरू कर दिया मैं सुबह से भूखा था इसलिए मैंने बहुत सारा खाना खाया, मुझे ऐसे डिन्नर करते देख मेरी मम्मी और दोनों चाचियां हँसने लग गई।

डिन्नर करने के बाद मम्मी पापा अपने कमरे में सोने के लिए चले गये और मैं किचन में गया तो दोनों चाचियां बर्तन साफ कर रही थी उनके पास आते ही उन दोनों ने मुझे बारी बारी से किस किया और बोला, बस अब खुश हो हम दोनों के राजा, मैंने कहा हाँ मैं आज बहुत खुश हूँ। तो रोमा चाची बोली पर हमारी एक शर्त है मैंने कहा हाँ बोलो, चाची ने कहा देखो अब अगले हफ्ते हम सबने तेरी बुआ की लड़की की शादी में जाना है मैंने सोचा है की हम तीनों घर पर ही रहगें और बाकी सबको भेज देंगें और शादी वाले दिन हम तीनों एक साथ चले जाएगें और सबके जाने के बाद ही हम ये सब करेगें मैंने एक झटके में हाँ कर दी। मैंने फिर से उन्हें जोरदार किस किया और वापिस जाने लगा तभी महिका चाची बोली चलो फिर थोड़ी देर में मेरे कमरे में आ जाना मेरी चूत सुबह से तड़प रही है। मैंने कहा नहीं चाची अब तो आप दोनों की चूत को एक साथ ही शांत करूँगा, कुछ दिनों के लम्बे इंतज़ार के बाद वो दिन भी आ ही गया। मैंने पहले से ही कॉन्डम और दुगने समय की गोली ले ली थी, जब मैं मम्मी पापा को छोड़ने के लिए बस स्टैंड से वापिस आ रहा था तभी मैंने वो गोली ले ली थी मैं जैसे ही घर में गया मैंने अंदर से दरवाजा लगा लिया था।

पूरा घर बहुत ही अच्छी और रोमांटिक खुशबू से महक रहा था मैं रोमा चाची के कमरे में गया तो वहां पर कोई नहीं था फिर मैं महिका चाची के कमरे में गया तो बाहर एक पेपर पड़ा हुआ था जिस पर लिखा था अंदर नंगे होकर ही आना है, मैंने झट से अपने सारे कपड़े उतार दिए और जैसे ही मैं अंदर गया तो हैरान रह गया पूरे कमरे में अँधेरा हो रहा था और पूरे कमरे में मोमबती जल रही थी और मेरी दोनों चाची घोड़ी बनी हुई थी और दोनों की दोनों अपनी गांड को ज़ोर ज़ोर से हिला रही थी दोनों की मोटी मोटी गांड मुझे पागल कर रही थी मैं भागकर उन दोनों के पास गया और दोनों को अपनी बाहों में ले लिया और अपनी जीभ से दोनों की गांड को चाटने लग गया गांड को चाटने के बाद मैंने उनकी चूत को पीछे से चाटना शुरू कर दिया और चूत चाटते हुए मेरी एक उंगली उनकी गांड के अंदर थी दोनों के मुहँ से आहह… आहह… की आवाज़ें आ रही थी जब रोमा चाची की चूत का पानी निकल गया तो वह शांत हो गई और फिर मैं महिका चाची की चूत को चाटने लग गया। मैंने महसुस किया की नीचे से मेरे लंड को कोई पकड़ रहा है मैंने देखा की नीचे से रोमा चाची मेरे लंड से खेल रही है जैसे ही महिका चाची की चूत ने भी पानी छोड़ दिया, तभी वो दोनों खड़ी हो गई और नीचे ज़मीन पर बैठ गई और नीचे बैठकर मेरे लंड को वो दोनों पागलो की तरह चूसने लग गई रोमा चाची बोली आज हम दोनों को तबियत से चोदना वो भी ज़ोर ज़ोर से, ये कहते ही मैंने महिका चाची के मुहँ से अपना लंड बाहर निकाला और रोमा चाची के सिर को पकड़कर एक झटके में ही 8 इंच का लंड उनके गले में उतार दिया। दोस्तों यह कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

रोमा चाची के मुहँ का रंग एक सेकेंड में ही बदल गया था अब मैंने ज़ोर ज़ोर से उनका मुहँ चोदना शुरू कर दिया था जब रोमा चाची की जान निकलने वाली होती तभी मैं उनके मुहँ से लंड बाहर निकालकर महिका चाची के मुहँ में देता था ये सब करीब 20 मिनट तक चलता रहा। उनके मुहँ की थूंक से उनके बब्स गीले हो चुके थे फिर मैं उन दोनों के बब्स को चूसने लगा और मैंने उन दोनों के बब्स को चाटकर अच्छे से साफ कर दिया उसके बाद मैंने उन दोनों को घोड़ी बनाया और बारी बारी से दोनों की चूत और गांड मारी। मैंने करीब 30 मिनट के बाद मैंने 2 बार रोमा चाची और 3 बार महिका की चूत का पानी निकाल चुका था।

अब मेरे लंड की बारी थी मैंने दोनों चाचियों को नीचे बिठाया और दोनों को अपना लंड अच्छे से चुसवाया और अपने लंड का पानी दोनों को अच्छे से आधा आधा पीलाया और दोनों के मुहँ पर लगे अपने लंड के पानी को अपने ही लंड से साफ करके अपने लंड को अच्छे से उनकी जीभ से चटवाया और फिर कुछ देर आराम करने के बाद हमनें फिर से चुदाई का प्रोग्राम शुरू कर दिया दोस्तों उस दिन से चुदाई शुरू की थी और अगले 4 दिनों तक हम तीनों ने सिर्फ़ 2 ही काम किए थे एक तो खाना खाया और दूसरा चुदाई करी। अब भी मैं अपनी दोनों चाचियों को जमकर चोदता हूँ और अब रोमा चाची के मेरा एक और बेटा भी हो गया।

धन्यवाद कामलीला डॉट कॉम के प्यारे पाठकों !!