कुवारी ननंद प्रिया और घर का नोकर

हेलो फ्रेंड्स मेरा नाम अनु है और मैं गुवाहाटी की रहनेवाली हू. मेरी एज 30 साल है और मैं एक शादीसूडा औरात हू. मुझे आज आप लोगो से एक बात शेयर करनी है जो मेरी ननंद और घर के नोकर की है. मेरी ननंद का नाम प्रिया है और वो अभी कुवारि है. लेकिन उसका फिगर किसी शादीसूडा औरात के जैसा ही है. और शयड इसकी वजह ये है की वो बहुत बार चुदया चुकी है. और आज जो मैं आप को बता रही हू वो प्रिया की चुदाई की ही बात है. वो घर के नोकर बलदेव से चुदया रही थी तब मैने उन्हे देख लिया था.

उस दिन मेरी सास किसी काम से मॉर्निंग से ही बाहर गई हुई थी. मेरे ससुर जी और पाती भी दुकान पर गये हुए थे. मैने सब्जी लेने के लिए मार्केट गई हुई थी. लेकिन आधे रास्ते पहुँची तो पता चला की मैं अपने कपड़े जो दर्जी को देने थे उसे घर ही भूल आई थी. मैं कपड़े लेने के लिए वापस घर की और चली गई. घर आ के मैने चाबी से दरवाजा खोला और अंदर चली गई. लेकिन किचन के पास की आवाज़े सुन के मेरे कदम वही पर रुक गये.

“चूस ना इसे ज़ोर से रंडी कही की, अपने बाय्फ्रेंड का तो बड़े मज़े से चुस्ती है.”

बलदेव का लोड्‍ा मेरी ननंद के मूह मे था और उसका माता दबा के वो उसे लंड को ज़ोर ज़ोर से चूसने के लिए कह रही थी.

“भोसड़ी के तेरा लंड इतना बड़ा है की पूरा अंदर ले ही नही सकती हू मैं. और फिर मोटा भी सांध के जैसा है तेरा.”

प्रिया ने लंड को बाहर निकाला और उसे हिलाते हुए उसने बलदेव से यह कहा.

“चुप कर साली रंडी, चूस इसे बाहर क्यूँ निकलती है.” बलदेव उसे गुलाम की तरह ट्रीट कर रहा था.

प्रिया ने लंड को वापस अपने मूह मे भर लिया और वो उसे रंडी के जैसे चूस रही थी. बलदेव आ आ कर रहा था और उसने किचन के प्लॅटफॉर्म को पकड़ा हुआ था.

मैं यह सब देख रही थी और मुझे भी अब यह लंड देख के चुत मे गुदगुदी सी हो रही थी. मैने धीरे से अपने हाथ की तेली को साइड मे रख दिया और अपने हाथ से अपनी चूंचियो को मसलने लगी. बलदेव जैसा लंड घर मे था और मैं कितने दीनो से प्यासी थी. कसम से ऐसा लंड मुझे मिले तो मैं तो उसे अपनी चुत और गान्ड मे भरवा लूँगी.

प्रिया कितनी किस्मतवाली रंडी थी जो उसके मूह मे यह सांध जैसा लंड था. मैं मन ही मन मे उसकी किस्मत के उपर जल रही थी.

अब बलदेव ने अपना लोड्‍ा प्रिया के मूह से निकाला. उसके लंड के उपर प्रिया का थंक लगा हुआ था. और दोपहर की गर्मी मे वो लंड साँप के जैसा चमक रहा था.

प्रिया ने अब अपनी गान्ड को प्लॅटफॉर्म के उपर टीका दिया और टाँगो को खोल के बैठ गई. उसकी चुत के उपर झाँट थी जिसे हटा के बलदेव ने उसके उपर एक चुम्मा दे दिया. फिर वो बोला,

आज मैं तेरू चुत को खा ज़ाऊगा रंडी.

प्रिया बोली, खा जा इसे भोसड़ी के.

और बलदेव ने अपनी ज़बान को प्रिया की सेक्सी चुत मे फँसा दिया और वो उसकी गान्ड को पकड़ के चातने लगा चुत को. जैसे जैसे बलदेव की ज़बान प्रिया की चुत के उपर घूमती थी वो कराह के अपने पेट को हिलती थी. उसके मसल्स इधर से उधर होते थे और उसके बदन की सारी हवस उस हिलते हुए मसल्स मे दिखती थी. बलदेव ने अब अपनी पूरी ज़बान को चुत मे घुसा दिया और अपने हाथ को उपर कर के मेरी ननंद के सेक्सी बूब्स को पकड़ लिया.

इधर मेरी हालत एकदम पतली हो रही थी. मैने अपना हाथ चुत के उपर रखा तो अंदर से पानी निकल गया था. मैं उंगली से चुत को धीरे से दबा रही थी चुत के उपर और मुझे असीम आनंद मिल रहा था. और जब इन दोनो भद्ओो पर ध्यान गया तो मैने देखा की प्रिया की चुत मे अब बलदेव ने अपनी एक उंगली डाल दी थी. और वो प्रिया को अपनी उंगली से ही चोद रहा था.

प्रिया के बाल खुल से गये थे और उसका बदन एक मिनिट मे ही काँप उठा उंगली छोड़न से. और फिर उसके मूह से आवाज़ निकली,

बस करो मेरा पानी निकल जाएगा!

बलदेव बोला, निकल दे तेरी चुत का पानी मैं सब पे जवँगा.

प्रिया ने बलदेव का माता पकड़ा और उसे अपनी चुत पर धार दिया. और होंठो का स्पर्श चुत की पंखाड़ियो पर होते ही प्रिया का पानी चुत गया. मैने देखा की बलदेव जैसे बहुत प्यासा हो वैसे चुत से निकलती हुई एक एक बूँद को पे गया और फिर उसने प्रिया को वही प्लॅटफॉर्म के उपर उल्टा कर दिया. अब वो मेरी ननंद की गान्ड के च्छेद को चातने लगा.

साली तेरी गान्ड से गु की खुशबु आती है, बड़ा मस्त लगता है ऐसे चातने मे.

प्रिया बोली, बस चाट ता रहे मेरी जान.

इतना कह के उसने बलदेव के माथे को गान्ड पर दबा दिया.

2 मिनिट्स तक कुत्ते के जैसे गान्ड को चातने के बाद बलदेव ने उठ के अब अपने लोड को चुत मे डालने के लिए रीडी किया. तभी प्रिया की नज़र मेरी उपर पड़ी. मैने अपनी चुत मे उंगली रखी हुई थी. प्रिया ने बलदेव को कोहनी मारी तो उसने भी मुझे देखा.

अब मेरे च्चिपे रहने का कोई मतलब भी नही था.

मैने बाहर आई और अपने हाथ की तेली को साइड मे रख के बोली, बड़ी ज़ोर की चुदाई करते हो दोनो, मॅटिने शो जीतने लंबे लंबे तो आसान लगते हो. प्रिया भैया को बताउ तुम्हारे.

प्रिया हंस के बोली, भैया को यह भी बठाना की मैने भी अपनी चुत मे उंगली डाल रखी थी.

बलदेव ने कहा, भाभी जी आप भी मोजे कर लो हमारे साथ, वैसे भी किसी को पता नही चला आजतक मैं प्रिया 18 की है तब से उसे चोद रहा हू. और आप आ जाएँगे तो हम मिलजुल के छोड़ेंगे.

मैने कहा, अच्छा तुम इतने दीनो से चोद रहे हो?

प्रिया बोली, हा भाभी बलदेव का बचा भी गिराया है मैने एक बार तो, यही मेरा पहला पाती है और अब तुम्हारा दूसरा पाती बनेगा.

मैने कहा, पहले मैं तुम दोनो की चुदाई देखूँगी और फिर कुछ करूँगी.

बलदेव बोला, ठीक है!

मैं वही साइड मे डाइनिंग टेबल की चेर खींच के बैठ गई और बलदेव प्रिया की चुत छोड़ने के लिए अपन नुकीले लंड को पकड़ के खड़ा हो गया. मुझे देखने से लंड थोड़ा ढीला प़ड़ गया था जिसे टाइट करने के लिए प्रिया ने उसे मूह मे ले लिया. वो दोनो को जैसे कोई फराक नही पड़ता था मेरे देखने से. साले देसी पोर्नस्तर थे जैसे.

मैने अपनी सहूलियत के लिए अपने ब्लाउस को खोल दिया ताकि मैं अपने चून्हो को मसल सकूँ इन दोनो का सेक्स देखते हुए. प्रिया घोड़ी बन गई और बलदेव ने ढेर सारा थूक उसकी चुत के च्छेद पर निकाला. फिर उसने अपना लंड प्रिया की चुत की दरार पर रख के एक ही ज़टके मे पेल दिया.

उईईई माआ मार गई रे भोसड़ी के, धीरे से छोड़ना आता ही नही है तुझे तो! साले चुत को दर्द से भर दिया.

बलदेव कुछ नही बोला ज़बान से लेकिन उसने एक ज़ोर का छाँटा मार दिया मेरी ननंद की गान्ड पर. प्रिया ने अपने घुतनो के उपर बाल दिया और वो अपनी गान्ड को आगे पिच्चे करने लगी. बलदेव का लंड गोटू तक उसकी चुत मे जाता था और फिर बाहर आता था. मेरी चुत मे उंगली लेने के मन फिर से हो गया मुझे. मैने खड़े हो के अपने सारे कपड़े खोल दिए और वही पर पड़े हुए बेलन को उठा लिया. अब मे बेलन से चुत को च्छेदने लगी थी.

बलदेव ने आगे हाथ किया और प्रिया की चूंचिया अपने हाथ मे ले ली. और फिर वो जैसे बाएक चला रहा हो ऐसे प्रिया की चुत को छोड़ने लगा.

आआआः आआहा, ओह ऑश आहह, उईईईईईईईई, एसस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स….. की आवाजो से किचन गूँज रहा था. और इधर मैने आधा बेलन अपनी चुत मे डाल दिया.

प्रिया की चुत को बलदेव ने 5 मिनिट्स और छोड़ी और फिर मेरी तरफ देखा.. मेरी चुत मे बेलन फँसा हुआ था.. शायद वो मुझे पुच्छ रहा था की चल छुड़वाना है तो तू भी आजा.

मैने कहा, गान्ड तो मरो इस रंडी की फिर मैं आती हू. रूको मैं उसकी गान्ड पर तेल लगा देती हू.

मैने उठ के बलदेव के लंड को अपने हाथ से प्रिया की चुत से निकाला. प्रिया की गोरी चुत लंड के मार से लाल हो चुकी ही. और चुदाई की इस असीम वासना की वजह से उसका पानी भी चुत चुका था. बलदेव का लंड एकदम गंदा हो गया था. मैने उसके लोड को मूह मे लिया तो दोनो गाल भर गये मेरे. मैने उसके लंड के उपर की सारी गंदगी को चाट के दूर किया और इस तरह मैने अपनी ननंद की चुत का पानी भी पिया. फिर मैने तेल की बॉटल उठाई और सनफ्लावर आयिल को प्रिया की गान्ड पर गिराया. फिर बलदेव के लोड को बहते हुए तेल मे रग़ाद के उसे भी चिकना किया.

प्रिया बोली, भाभी तुम अपनी चुत मेरे सामने रख दो मैं उसे चाटूँगी.

वाउ, सही कहा था मेरी च्चिनाल ननंद ने.

बलदेव ने प्रिया को थोड़ा पिच्चे खींचा और उसकी गान्ड के उपर के तेल को अपनी उंगली से फैला दिया. मैने अपनी चुत को प्रिया के सामने रख दिया. वो मेरी चुत पर पानी ज़बान लगा के चातने लगी थी. उधर बलदेव ने एक ज़टका दे के अपने लंड को नौक को गान्ड मे भर दिया. प्रिया ऑलमोस्ट रो पड़ी थी. साले बलदेव का लंड था ही इतना मोटा. एक मिनिट तक वो हिला नही और उसने धीरे धीरे कर के लंड को आधा गान्ड मे रख दिया. और फिर आधे लंड को ही वो गान्ड के अंदर बाहर कर के मेरी ननंद की गान्ड मरने लगा. शायद पूरा लंड डाल देता तो प्रिया दर्द के मारे मार ही जाती.

प्रिया को लंड से सेट होने मे और 2 मिनिट्स लग गये. और इतनी देर मे उसने मेरी चुत को अपनी ज़बान से सब तरफ चाट लिया था. एक बार मेरा पानी निकल चुका था जिसे वो पे चुकी थी. बलदेव ने अब प्रिया के बाल को पकड़े और एक ज़टका तेज का लगा दिया.

आआआआआआआआआआआआवउूचह, मा मार गई, आहह बहुत दर्द्द्द हुआाअ…. प्रिया के बस मे नही था पूरे लंड से गान्ड मरवाना. लेकिन कैसे भी कर के उसने बर्दस्त कर ही लिया.

बलदेव ने गान्ड को छोड़ना फुल बढ़ता मे चालू किया और मैने अपनी गान्ड अब ननंद को दे दी चातने के लिए. प्रिया ने गान्ड की फाँक मे ज़बान घुसेदी तो मैं सातवे आसमान पर उसने लगी. उधर बलदेव ने गान्ड चुदाई एक्सप्रेस को और भी तेज कर दिया था. देखते ही देखते 5 मिनिट्स का अनल सेक्स हो गया और बलदेव अपनी भावनाओ को रोक नही पाया. प्रिया की टाइट गान्ड मे सारा के सारा विरी समा नही सका. बलदेव के लंड की साइड से घाड़ा विरी बाहर बूँदो के रूप मे आने लगा था. मैने फट से उठ के वो बूँदो को चख लिया जो स्वाद मे खड़ी सी थी. बलदेव और प्रिया दोनो निढाल हो गये थे.

मैने कहा, चलो मैं चाय बना के आती हू फिर मेरी बारी!

दोस्तो बलदेव के साथ मेरी चुदाई की बात तो अभी बाकी है. वो हिन्दी सेक्स कहानी भी आप जल्दी ही पढ़ सकेंगे. तो अभी के लिए अपनी दोस्त को पर्मिशन दीजिए फिर वापस आने की.

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