साली ने आग लगाई 3

लीना ने अपनी जीभ निकल कर लंड के सुपरे को धीरे-धीरे चातने लगी. रवि का लंड उचक-उचक कर उच्छल रहा था. तोधी देर डाक लीना उसके सुपरे को ही चाट रही थी. रवि और ज़्यादा बेकाबू होने लगा. उससे रहा नही जा रहा था. वो काँपते हुए स्वर मे बोला, “आरीए, मेरी साअली, अब तो “टीज़िंग” बूँद करो. मेरे लंड को चूसो.”

लेकिन लीना ने सुपरे को चातना नही छोड़ा. वो रवि को और भड़कना चाहती थी. मर्द जब ज़्यादा भड़कता है तो औरात की चुदाई भी उतनी ही ज़्यादा कराता है. लीना अपनी चुत की चुदया बहुत ज़ोर से करवाना चाहती थी. कारण यह था कॉलेज मे अपने बाय्फ्रेंड से उसकी सात- आठ बार जो चुदाई हुई थी वा जल्दी जल्दी हो गयी थी क्योंकि कोई आकर डिस्टर्ब ना कर दे या कोई आकर देख ना ले. एक बार उसकी फ्रेंड की चुदाई किसी ने देख ली थी तो उसको अपनी चुत कॉलेज केड डूस- बारह स्टूडेंट के साथ एक साथ चुद़वणी पड़ी थी.

पर यहाँ तो रवि का लंड भड़कता ही जा रहा था. उसने लीना को कहा, “साली मदारचोड़, चूस मेरे लंड को. पूरा का पूरा खा जा मेरे लंड को. साली यह लंड एक महीने से तरस रहा है और तुझे “टीज़िंग” की पड़ी है. अगर नही चूसाती तो मे तेरी चुत को ऐसा चोदूगा कीट उ भी जिंदंगी भर याद रखेगी.”

लीना का मकसद पूरा हो गया. वो रवि को ऐसे ही भड़कना चाहती थी. तभी रवि ने उसके बाल पकड़ कर अपना पूरा नो इंची लंड उसके मूह मे गॅप से डाल दिया. “ले च्चिनाल चूस मेरे लंड को. बहुत ज़्यादा मटक रही तीन ना. अब चूस मेरे लंड को.”

रवि का लंड आठ इंच तक ही लीना के मूह मे घुस पाया. बाकी एक इंच बाहर ही रहा. उसके लंड का किनारा उसके मूह की आख़िरी दीवार को छ्छू गया था. लीना को साँस लेने मे तकलीफ़ होने लगी थी. उसने रवि के लंड को पूरा बाहर निकाल कर कहा, “जीजू, मार ही डालोगो क्या. थोड़ा सब्र करो. चूसाती हू तुम्हारे मूसल लंड को.”

फिर लीना ने लंड को हाथ से पकड़ कर जो चूसैई की रवि तो पागल हो गया. उसे लगा अगर मेने अपने लंड को बाहर नही निकाला तो मेरी पिचकारी अभी छ्चुत जाएगी. उसने अपना लंड बाहर निकल कर लीना को खड़े कर अपनी बाहों मे उठा लिया और उसके होठों को चूमते हुए अपने बेडरूम की और चल पड़ा. बेडरूम मे बेड पर लीना को सुलते हुए उसकी नाइटी के बाकी कपड़ाए को फादते हुए उसकी जाँघो को चातने लगा. लीना की गुदाज़ जंघे मखमल की तरह नरम और दूध जैसी गौरी थी. रवि उन जाँघो को चुसते हुए अपने हाथो को उसकी झांतो को सहलाने लगा. अफ क्या नरम नरम झांते थी. रवि तो झांतो मसालते हुए उसकी उठी हुई बर(चुत) को देख पागल हो गया. अपनी उंगली को धुस से उसकी कोमल चुत मे धकेल दिया. लीना के मूह से निकल पड़ा, “उउईइ मा. धीरे से.”

रवि उसकी जाँघो को छोड़ आस्की चुत की आस-पास अपनी जीभ से चाट रहा था और अपनी एक उंगली को उसकी चुत की उंगली-चुदाई कर रहा था. थोड़ी देर मे ही लीना बोल पड़ी, “है! क्यों टाइम बर्बाद कर रहे हो? मेरे चुत को उंगली नहीं चाहिए. अभी तुम इसको अपने जीभ से चोदो. बाद मे उसको अपना लंड खिलाना. वो तुम्हारे लंड खाने के लिए तरस रही है.”

तभी रवि ने अपनी उंगली निकाल कर उसकी जगह अपनी जीभ को लगा दिया. उसके दाने को चूस कर अपनी जीभ को उसकी चुत की गहराई मे उतार दिया. लीना मादक स्वर मे कहने लगी, “”है! क्या चीज़ बनाई है भगवान ने, चूसो चूसो, और ज़ोर से चूसो मेरी चुत को. और अंदर तक अपनी जीभ घुसेदो. है! मेरी चुत के दाने को भी चतो. बहुत मज़ा आ रहा है.”

रवि ने उसकी चुत चूस चूस कर उसकी हालत खराब कर दी. लीना बैठ कर अपनी चुत को रवि के मूह पर धक्के लगाने लगी. साथ ही बाद-बड़ा रही थी, “एस डार्लिंग, चूसो मेरे राजा, चुत को को चूसो, अपनी जीभ को मेरी चुत के अंदर तक चूसो. एस बड़ा मज़ा आ रहा है जीजू. एस, एस, चूसाते जाओ. मेरे दाने को भी चूसो. आहह, एस, चूसो. लो मेरी चुत का पानी निकल रहा है. आहह, ऊहह, चूसो बहुत दीनो बाद मेरी चूओत का पानी निकलेगा. चूवस्स्स्तीए रहो, एस, एस, एस, ओह, ओह, क्या जीभ से चोद रहे हो. लगता है यह जीभ नही, तुम्हारा लंड है. आआहह, और चूवसो, ह, मेरा पााअनी निकल रहा है. ऑश एससस्स, मेरा पानी निकल गय्ाआआआआआ……”

लेकिन रवि ने उसकी चुत को छोड़ा नही. वो बहुत देर तक चूसाता रहा जब तक उसकी जीभ नही तक नही गयी. लीना की चुत की खाज और ज़्यादा बढ़ गयी. लेकिन अब वा अपनी चुत को चटवा कर नही बल्कि असली खेल कर अपनी प्यास बुझवाना चाहती थी. उसने अपने हाथ बढ़ा कर रवि के लंड को अपने हाथ मे लेकर आगे पिच्चे करने लगी. जब लंड एकदम मूसल हो गया तो अपनी चुत को उसके मूह से हाता कर उसके लंड पर बैठ गयी. रवि के लंड को और क्या चाहिए. उसका लंड तो चुत का प्यासा था. चुत को देख कर लंड अपनी जगह पर ही उच्छल- कूद मशीन लगा. रवि ने अपने हाथ बढ़ा कर अपने लंड के सुपरे को लीना की चुत के मूह पर रख दिया. लीना ने उपर से बैठे बैठे अपनी चुत को थोड़ा धक्का दिया तो रवि का लंड फुररररर करके उसकी चुत मे जा कर फँस गया. इसी के साथ लीना के मूह चीख निकल पड़ी. यह चीख दर्द भारी नही थी बुल्की आनंद से भारी थी.

लीना रवि के उपर बैठ कर अपनी चुत की खाज मिटाने लग गयी. अपनी चुत की जाकड़ मे लंड को ले कर उच्छल-कूद मचाने लगी. साथ ही उसके मूह से सिसकारियाँ निकल रही थी. रवि अपने हाथो से उसके मुम्मे पकड़ कर सहला रहा था. लीना उसकी च्चती पर हाथ रख कर अपनी चुत खुद ही चुदया रही थी. आनंद से मदहोश हो कर चुदया रही थी. बढ़ता धीरे-धीरे बढ़ कर अपनी चरम सीमा पर चली गयी. फुल फास्ट बढ़ता मे छुड़वाने से लीना की सिसकारी बड़बाधत मे बदलने लगी.

“एस.. एस.. क्या मज़ा आ रहा है.. एस.. एस.. आज बहुत दीनो बाद चुत को मज़ा मिल रहा है.. श.. क्या जन्नत का मज़ा मिल रहा है.. उफ़फ्फ़.. जीजू तुम्हारा लंड एक दम लोहे के जैसा सख़्त है… अफ… मेरी चुत… है… मैं …. आहह… मेरी चुत का पानी निकालने वाले हा… ऑश… क्या हो रहा है मुझे… है… मेरी चुत… उफफफ्फ़… मेरा पानी निकला… एस.. मेरा पानी निकला… एस… उउई… एस… मेरा पानी निकल गया…” ऐसा कह कर लीना उसकी च्चती पर गिर कर लंबी-लंबी साँसे छोड़ने लगी. चुत का पानी निकलते हुए वो अब हल्के हल्के धक्के मार कर एकदम से निढाल हो गयी.

रवि ने अपनी बाहों मे भरकर उसके होठों को अपने होठों से जाकड़ लिया. थोड़ी दे बाद जब लीना की धड़कन एकदम नॉर्मल हुई तो अपने सरीर से उसे उतारकर अपने बाजू मे सुला लिया और उसके बूब्स को सहलाता हुआ एक मुममे को मूह मे दबा लिया. थोड़ी देर मे दोनो मुममे को चूस कर अपनी उंगली से उसकी चुत के दाने को सहलाने लगा. उसकी चुत को सहला कर उसकी चुत की छोडई की तय्यरी कर रहा था. उसका भूखा लंड अब उसे छोड़ने को एकदम तय्यार था. लीना के मूह से जब सिसकारी निकालने लगी तो उसे डॉग्गी स्टाइल मे लेता कर उसके चुतदो को अपने हाथ से सहलाने लगा. उसकी चुत दोनो चुतदो के बीच एक दम से दबी हुई थी. अपने लंड को हाथ मे लेकर उसके चुतदो पर हल्के से सहला रहा था.

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