साली ने आग लगाई 2

हॉल मे पहुँची तो उसकी आग और बढ़ गयी. टीवी मे मादक धुन के साथ नाच रही इंग्लीश मेमो को अपने बदन पर से बचे कुचे कपड़े उतार कर फेंकते हुए देख उसके दिल की धड़कन और बढ़ गयी. खुद एक अच्च्ची डॅन्सर तो वो थी ही. पीछे से आकर अपना चेहरा जीजू के गाल से चिपका कर बोली, “बोलो क्या बोल रहे थे.”

रवि ने कहा कुच्छ नही. आओ बैठो. लीना वहीं खड़ी खड़ी बोली, “अकले ही पियोगे या हमे भी कुच्छ चखने दोगे.”

रवि ने अपनी ग्लास को लीना के चेहरे के नझडीक ला कर उसके मदमटे होठों से लगा दिया. लीना एक साँस मे ग्लास मे जितना था (आधे पेग से भी ज़्यादा) गतक लिया और लगी खांसने. अपना मुहन बिगाड़ते हुए बोली, “अफ, कैसी कड़वी है यह सराब.”

रवि हुँसने लगा. फिर लीना को अपने करीब खींच कर उसके होठों पर पड़ी सराब की कुच्छ बूँदो को चाट लिया और बोला, “हमे तो कड़वी नही लगती. लगता है पहली बार टेस्ट कर रही हो.”

लीना की उखड़ी साँस थोड़ी शांत हुई तब बोली, “हा, फल्ली बार पे रही हूँ. इससे पहले एक दो बार बियर ज़रूर पे है.” फिर टीवी पर डॅन्स देखने लगी. रवि निब भी लीना को अपने पास सोफा पर बैठकर एक-दो घूँट और पीला दिया. नशा जब हल्का हल्का चढ़ने लगा तो लीना बोली, “क्या ऐसा डॅन्स देख रहे हो. इससे अच्छा तो मे नाच सकती हूँ.”

रवि ने पहले सोचा की सायद नशा होने की वजह से वो बोल रही होगी. लेकिन दूसरी बार कहने पर उसने टीवी बूँद कर दिया और बोला, “तो दिखाओ मेरी जान. हम भी देखें तुम कितना अच्च्छा नाच सकती हो.” चेल्लेंगे मन कर लीना ने एक ऑडियो सीडी लगा कर नाचना चालू कर दिया. ऑडियो सीडी रीमिक्स सॉंग्स कीट ही. और पहला गाना ही “काँटा लगा” था. लीना काँटा लगा की धुन पर नाचने लगी. इसी बीच जो झीना गाउन पहने हुए थी उसे निकाल कर रवि की और उच्छल फेंका. रवि की साँसे ये सब देख कर भारी हो उठी. उसेके पूरे सरीर मे वासना की लहरे हिलोरे मार रही थी. लंड उत्तेजना से पागल हो रहा था. पूरे बदन मे लहू सन-सन-सन करके दौड़ रहा था.

लीना का बदन कहीं से भी स्थिर नही था. उसका जलवा अपने पूरे उफान पर था. कभी नझडीक आकर तो कभी दूर से ही रवि को अपने बदन की नुमाइश कर के उकसा रही थी. सराब और सबब अपने पूरी जवानी पर था. पूरा हॉल मे ज़ोर ज़ोर से उठ बैठ रही साँसे म्यूज़िक से ताल से ताल मिला रही थी. लीना हर ढूँ के साथ अपनी तालमेल बैठा कर रवि को बेकाबू करने मे लगी थी. रवि भी बेकाबू हो कर अपने सुख रहे होठों पर जीभ बार बार सहला रहा था. लीना की भारी भारी छातियाँ उच्छल उच्छल कर रवि को आमंत्रण दे रही थी की आओ मुझे दाभोच लो. उसकी मस्त जंघे हाथी की सूंड की तरह झूम रही थी. कभी फैला कर तो कभी सिकोड कर अपनी चुत को दिखा और छुपा रही थी. पीच्चे घूम कर अपने चूतड़ मटका मटका कर नाच कर रवि के लंड को पूरी तरह बेकाबू कर दिया.

तभी रवि सोफे से उठकर लीना के पास जा ही रहा था की लीना ने उसको वापस धकेल कर सोफा पर वापस बैठा दिया और अपने चूतड़ को उसकी जाँघो पर रख कर उसके लंड को रगड़ने लगी. लंड इस रागड़ाई से एकदम बोखला गया. रवि के बदन का सारा लहू मानो इस वक़्त उसके लवदे मे समाया हुआ था. उसने अपने दोनो हाथों से लीना के कबूतरो को जाकड़ लिया. भारी भारी दोनो उरोज रवि के हाथों मे भी नही समा रहे थे. चिकनी नाइटी की वजह से दोनो कबूतर उसके हाथ से फिसल रहे थे. लीना के कबूतर शिकारी को इतना नझडीक देख कर फड़फड़ने लगे. रवि ने पागल होते हुए उसकी नाइटी को उरजो के सामने से पकड़ कर फाड़ दिया और उसके बूब्स को अपने हाथो मे लेकर तोलने लगा. फिर उसके दोनो निपल्स को अंगुली के बीच मे लेकर ज़ोर से मसल दिया. लीना के मुहन से सिसकारी निकल गयी. “उउईए माआ….. धीरे से.”

रवि ने आराम से उसकी चुचियो को सहलाने लगा. लीना अपने चूतड़ की रागड़ाई चालू रखी थी. रवि के लंड को काफ़ी दीनो बाद चुत की महक मिल रही थी. फिर यह तो साली की चुत. नशा सराब के साथ सबब का डबल हो रहा था. उसके नशीले बदन को अपनी बाहों मे समेत कर इस रगड़ाई को रोक कर अपनी अनियंत्रित हो रही सांसो को समेतने मे लगा. लीना के शरीर को सामने कर उसके रसीले होठों को चूमने लगा. उसके होठों के रस को पीकर वो और मतवाला हो गया. अपनी जीभ को लीना की जीभ से टकरा रहा था. दोनो की जीबे पेंच लड़ा रही थी और हाथ उसके दोनो कबूतरो को अपने मे समाते हुए धीरे धीरे मसल रहे थे.

रवि होतो से अपने होतो को च्छुदा कर अपनी जीभ को लीना के उरजो की तरफ ले आया. “अफ क्या कयामत है,” ऐसे कहते हुए अपनी जीभ से उसके गुलाबी चूचियो चातने लगा. लीना के मूह से सिसकारी निकल रही थी. उसके दोनो उरोज भारी हो चुके थे. उसकी साँसे ज़ोर ज़ोर से उपर नीचे होने लगी. “और ज़ोर ज़ोर से मेरी चुची को मसालो, बहुत मज़ा आ रहा है. तुम्हारे हाथ मे जादू है. इधर तुम मेरी चुची को दबा रहे हो और उधर मेरी चुत पानी चोद रही है,” लीना बेकाबू हो कर बड़बड़ाने लगी.

दोनो निपल्स कड़क हो कर रवि के मूह मे जाने को उतावले थे. फिर बेकाबू हो कर चीख पड़ी, “शकइट. टके इट इन युवर मौत.” रवि निब ही अपने होठों को खोलकर उसके एक निपल को अपने बीच दबा लिया. “एस्स… एस्स… जीजू…. ऐसे ही चूसो….देखो मेरे निपल्स की खाज मिटा दो,” लीना अपनी चाहत चुपा नही पाई. “उउउफ़फ्फ़…आ.. हह.. आआ.. हह प्लीज़ थोड़ा धीरे…. कतो ना….. उूउउइइ और ज़ोर से चूसो मेरे बूब्स को.”

दोनो निपल्स को बड़ी बरी से अपने मूह मे लेकर चूसने के बाद रवि खड़ा होकर लीना को अपनी बाहों मे लेकर उसके पूरे बदन को जाकड़ लिया. ऐसा कस कर आलिंगन किया की लीना के मूह से चीख निकल पड़ी. `जब तुम्हारी चूंची इतनी खूबसूरात है तो चुत तो और भी खूबसूरात होगी,” कहकर रवि उसके बदन पर लिपटी नाइटी के बाकी हिस्से को भी फाड़ने लगा.

लेकिन लीना उसको रोकते हुए कहा, “उफ़फ्फ़… इतने बेकाबू क्यों हो रहे हो. पहले मुझे अपना झुनझुना तो दिखाओ. मुझे भी उससे खेलना है.”

रवि बेकाबू था लेकिन लीना वापस बोल पड़ी, “तुम अपना लंड मुझे दिखाओ मैं तुम्हे अपनी चुत दिखा दूँगी.”

लीना ने अपने हाथ को बढ़कर रवि की पेंट टटोलने मे लग गई. उसे अपना खिलोना चाहिए था. उसका खिलोना भूके शेयर की तरह अपने पिंजरे मे उच्छल कूद मचा रहा था. लीना का हाथ उस पिंजरे की तरफ बढ़ कर उसके पहले तले यानी पेंट की चैन को खोल दिया. रवि ने उसके दोनो कबूतरो को सहलाते हुए अपनी पेंट को नीचे की और खिसका दिया ताकि लंड को बाहर निकालने मे ज़्यादा परेशानी ना हो. फिर लीना घुतने के बुल बैठकर अंडरवियर की क़ैद मे बैठे उस भूके शेयर की दहाड़ सुनने लग गई. उसका फूला हुआ लंड अंडरवियर मे मचल रहा था. लीना ने अपने हाथो से उसको पूछकर कर शांत करने की कोशिश की. जब लंड ज़्यादा ही मचलने लगा तो अपने होठों से रवि के लवदे को अंडरवियर के साथ ही दबा लिया. अब बड़ी थी रवि के सिसकरने की. एक महीने मे ड्र. के ना करने के कारण वो अपनी बीवी, रीमा, को चोद नही पाया था लेकिन यादा-कड़ा रीमा अपने हाथ से रवि के लंड को मसल ज़रूर देती थी.

लीना उसके लंड को अंडरवियर के उपर से चातने लगी. लंड फूल कर एक दम भड़क उठा. तभी लीना ने झटके से अंडरवियर खींच कर नीचे खिसका दिया. रवि का लंड एक दम तन कर लीना के मूह के सामने नाचने लगा. “अफ… क्या मोटा लंड है तुम्हारा जीजू,” कह कर अपने हाथों मे समेत लिया लीना ने.

लेकिन लंड पूरा का पूरा हाथों मे आया कहाँ था. मोटे के साथ साथ पूरा 9″ का लूंबा लंड था रवि का. लंड का सुपरा भुक्कड़ की तरह लीना का चेहरा देख रहा था. लीना ने लंड को अपने हाथों मे लेकर उसकी चाँदी को उपर-नीचे करने लगी. “सचमुच तुम्हारा लंड तो बहुत लंबा और मोटा है,” लीना के मूह से निकल पड़ा. रवि से अब रहा नही जा रहा था.

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