गर्लफ्रेंड की सेक्सी छोटी बहन की चुदाई

हेलो दोस्तो, मेरा नाम ऋषि है ओर मैं देल्ही का रहने वाला हूँ. मेरी उमर 25 साल है. दोस्तो मैं आज अपनी कहानी आप सभी को सुनने से पहले थोड़ा ओर अपने बड़े मैं बता देता हूँ की मैं देल्ही मैं एक प्राइवेट कंपनी मैं नौकरी कराता हूँ ओर एक फ्लॅट मैं किराए से रहता हूँ.

दोस्तो यह उन दीनो की बात है जब मेरी गर्लफ्रेंड (चारू) इंटरव्यू के बहाने से कोलकाता से देल्ही 7 दिन के लिए मेरे फ्लॅट पर रहने आई थी ओर उसकी छ्होटी बहन जो करीब 22 साल की ह वो भी उसके साथ आई हुई थी, जिसका नाम संचीता था. दोस्तो संचीता ओर मेरी बात हुमेशा फोन पर होती रहती थी ओर थोड़ा बहुत मस्ती मज़ाक भी चलता था, लेकिन वो सब कुछ बहुत कम था. अब मेरे पास आने से पहले संचीता ने मुझसे पुचछा था की मैं आपके लिए कोलकाता से क्या गिफ्ट लेकर जौन? तो मैने उससे कहा था की तुम अपने होने वाले जीजा को एक प्यारा सा स्मूच दे देना बस वही मेरा गिफ्ट होगा.

फिर वो दिन आ ही गया जब मेरी गर्लफ्रेंड ओर उसकी बहन संचीता मेरे घर पर आई. चारू से मिलकर तो मुझे बहुत खुशी हुई ओर उससे ज़्यादा मैं संचीता को देखकर चकित हुआ. जिससे मैं तीन साल बाद मिल रहा था. संचीता थोड़ी सवली लड़की थी, लेकिन उसके चेहरे पर बहुत चमक थी.

उसकी हाइट करीब 5.2 होगी ओर वो बहुत पतली दुबली सीट ही, लेकिन इस बार उसके चेहरे से पहले मेरी नज़र उसके बड़े बड़े बूब्स पर गयी जो उसके च्छुपाए नही चुप रहे थे, मेरे ख्याल से उसके बूब्स का साइज़ 32 इंच होगा. जिसके थोड़े से दर्शन मुझे संचीता के गहरे गले वाले उस सूट ने कहा दिए थे ओर जब वो मुझसे गले मिलने आई तो उसके आकर मैं बड़े बूब्स मेरी च्चती पर ऐसे लगे जैसे कोई बम फट गया हो ओर गले मिलते हुए जब मेरे हाथ उसकी कमर पर गये तो मुझे अहसास हो गया की इसकी गान्ड भी बहुत भारी है क्योंकि मेरे हाथ का आधा हिस्सा उसकी गान्ड के उभर पर च्छू रहा था.

दोस्तो हमारा पहला दिन एक दम ठीक तक रहा ओर फिर रात को मेरा एक रूम का फ्लॅट होने के कारण हम लोगो को एक ही बेड पर सोना पड़ा था. मेरे ओर सचीता के बीच मैं मेरी गर्लफ्रेंड सोई हुई थी जिसे मैने हर रात छोड़ा.

संचीता के सो जाने के बाद उस पहली रात को अपनी गर्लफ्रेंड से सेक्स करने के बाद जब मैं बाथरूम गया ओर मैने आते वक़्त लाइट को जलाया तो देखा की संचीता की वो छ्होटी सी पेंट जो की बहुत ढीली सीट ही बिल्कुल उपर आ गयी है ओर उसने अपना पर इस तरह से रखा हुआ था की मुझे उसकी जाँघ के अंदर का हिस्सा सॉफ सॉफ नज़र आ रहा है जो की सबसे ज़्यादा आकर्षक होता है ओर उसकी टी-शर्ट मैं से उसका बूब्स नज़र आ रहे थे ओर मैने यह भी गौर किया की उसके बूब्स के निपल कपड़ो के उपर से उभरे हुए थे ओर फिर मैं समझ गया की उसने सोने से पहले अपनी ब्रा को उतार दिया है. मैं भी लाइट बंद करके लेट गया, लेकिन मेरा दिल ओर दीमग संचीता के बूब्स ओर गान्ड को च्छुने के बड़े मैं दौड़ रहा था ओर ना जाने कब मैं उसके बड़े मैं सोचता सोचता सो गया.

अगले दिन सुबह जब मैने उठकर देखा तो उस समय चारू घर पर नही थी. फिर मैने सही मौका देखकर सचीता से अपने किस वाले गिफ्ट के बड़े मैं पुचछा तो वो मेरी बात को हासकर ताल गयी ओर फिर मैने उससे नाराज़ होने का नाटक सा किया तो उसने झट से मेरे गाल पर एक किस दे दिया. तभी मैने भी उसे फट से पकड़कर स्मूच कर लिया ओर फिर मैने उससे कहा की मुझे अपना गिफ्ट लेना अछी तरह से आता है ओर जब भी मेरा दिल करेगा तब मैं ले लूँगा.

दोस्तो संचीता पहले तो अचानक से बहुत घबरा गयी, लेकिन फिर शर्मा कर टीवी देखने लगी ओर अब मैने उसको थोड़ा रुक रुककर तीन चार बार मज़ाक करते करते स्मूच किया, लेकिन उसने मुझसे हुमेशा मुस्कुरकर दूर हतने का नाटक किया, जिसकी वजह से मेरी हिम्मत अब बढ़ती जा रही थी ओर संचीता भी इस हरकत को मेरी बदमाशी समझती रही क्योंकि मैं हमारी हर बात मैं जीजा साली की बात कराता था.

दोपहर को सचीता लेटकर एक किताब पढ़ रही थी ओर मैं टीवी देख रहा था की तभी अचानक मेरा ध्यान उसकी गान्ड पर से उसके सूट पर गया. मुझे उसकी गोरी जाँघो के साथ साथ गान्ड का पूरा आकर नज़र आ रहा था, जिसको देखकर मेरा दिल तो ऐसा कर रहा था की मैं अपना लंड उसकी गान्ड मैं उसके कपड़ो के उपर से ही डाल दम ओर उसे इतना जमकर छोड़ूं की उसकी गान्ड फट जाए.

अब मैं उसके पास सरककर लेट गया ओर उसे स्मूच करने के लिए अपनी तरफ खिचने लगा, लेकिन सचीता मुझे हर बार धक्का मार रही थी ओर इसी खिछा तनी मैं मेरा हाथ उसके बूब्स पर चला गया ओर मैने भी एक अच्छा मौका देखकर उसे ज़ोर से दबा दिया. संचीता के मूह से आईईईई उफ़फ्फ़ की आवाज़ निकली ओर उसने दर्द की वजह से अपनी दोनो आँखे बंद कर ली ओर अब मैं भी घबराने लगा की यह कही अपनी दीदी को यह सब ना बता दे? मैं अब बहुत बोला बनकर उसके पास मैं बैठकर उससे बोला की प्लीज़ मुझे माफ़ कर दो, अगर तुम्हे मेरी किसी बात का बुरा लगा हो तो? दोस्तो मैने पहले से ही सोच लिया था की अगर संचीता ने मुझे तमाचा मारा तो मैं चुपचाप माफी माँग लूँगा ओर उससे अपनी दीदी को ना बतने के लिए आग्रह करूँगा.

अब संचीता ने मुझे बहुत गुस्से से देखा ओर वो अपने दोनो हाथो से अपने गोल गोल बूब्स को सहलाते हुए बोली की आईईईई मा बहुत दर्द हो रहा है, वैसे यह कोई बुरा मानने वाली बात नही है, लेकिन क्या कोई इतनी ज़ोर से दबाता है? इसके दर्द ने मेरे पूरे बदन मैं एक अजीब सा दर्द पैदा कर दिया है. अब मैं क्या करूँ उहह मा मार गयी. दोस्तो मैं उसके मूह से यह बात सुनकर समझ गया की मैं बच गया ओर मैने झट से मज़ाक मैं हंसते हुए उसके दूसरे बूब्स को धीरे से सहलकर पुचछा की मैं सब दर्द ठीक कर दूँगा ओर अब हम दोनो बेड पर ही एक दूसरे से मज़ाक मैं लड़ने झगड़ने लगे. दोस्तो सच पुच्च्ो तो मैं आज ऐसा कोई भी मौका छोड़ना नही चाहता था.

जब मैं उसके जिस्म के किसी भी हिस्से को इतने आराम से च्छू सकूँ ओर अब झगड़ते समय भी मैने कई बार उसकी पीठ पर, उसकी जाँघ पर, उसके बड़े बड़े बूब्स पर ओर थोड़ा बहुत उसकी गान्ड के कुछ हिस्सो को अपने हाथो से सहलाया, मसला ओर धीरे से दबाया ओर अब मेरी हिम्मत इतनी बाद गयी थी की चारू के रूम मैं होने के बावजूद भी मैने किचन मैं एक बार संचीता को ज़मीन पर लेता दिया ओर उसके बूब्स को मसालते हुए उसको स्मूच किया, लेकिन संचीता ने भिइन सारी बातो को एक जीजा साली की मज़ाक मस्ती मैं समझकर लिया ओर उसने चारू को कुछ नही कहा.

फिर दूसरी रात को चारू के साथ सेक्स करने के बाद जब मैं उठकर बाथरूम से वापस आया ओर मैने संचीता को फिर से वैसे ही सोया हुआ देखा तो मेरा झाड़ा हुआ लंड धीरे धीरे जोश मैं आने लगा.

मैं चुपचाप जाकर चारू के पास मैं लेट गया ओर अब मैं इंतेज़ार करने लगा की जब चारू गहरी नींद मैं सो जाए तब मैं कुछ करूँ ओर फिर रात के करीब 2 बजे मैं चुपके से संचीता के पास जाकर लेट गया ओर मैने अपनी दो उंगलियों से उसके शरीर को च्छुआ जिससे मुझे पता चल जाए की वो जाग रही है या सो रही है ओर जब मुझे पक्का विश्वास हो गया की वो भी अब गहरी नींद मैं है तो मैने धीरे से अपना पूरा हाथ उसकी टी-शर्ट के उपर से उसके बूब्स पर रख दिया ओर बिल्कुल हल्के हल्के दबाने लगा. दोस्तो मैं कसम से बता रहा हूँ की उसके बूब्स पर रख दिया ओर बिल्कुल हल्के हल्के दबाने लगा. दोस्तो मैं कसम से बता रहा हंक ई उसके वो बिना ब्रा के 5-5 किलो के बूब्स ऐसे टंकार खड़े थे की मैं आप सभी को शब्दो मैं नही बता सकता?

अब मैं धीरे धीरे अपने एक हाथ से उसकी निक्कर को उपर खिचने लगा जिससे उसके पूरे पर नज़र आ जाए ओर अब मैने धीरे से अपना पूरा हाथ उसकी जाँघ के अंदर वाली साइड पर रखा.

मेरा दिल तो कर रहा था की मैं उसकी जाँघ को दंटो से काट लॅंड ओर अब मैने धीरे धीरे अपनी दो उंगलियों को उसके निक्कर के नीचे से उसकी पेंटी मैं डाल दिया, लेकिन अब संचीता नींद मैं थोड़ी हिलने लगी तो मैं झट से अपना हाथ बाहर निकालकर सोने का नाटक करने लगा.

संचीता अब भी गहरी नींद मैं थी ओर थोड़ी देर बाद मैने अपनी आधी पेंट को पूरा उपर खिच लिया ओर अपने पर धीरे से उसके पर के उपर रख दिए. जिससे मेरी चमड़ी उसकी चमड़ी से चिपके ओर जिसे वो भी नींद मैं महसूस करे. फिर मैने देखा की उसकी तरफ से कोई हरकत नही हो रही है ओर संचीता अभी भी नींद मैं है तो मैने अपने लंड को उसके कुल्हो से चिपका दिया ओर अब तो मुझे अपने आपको रोकना बहुत मुश्किल हो रहा था ओर मैं घबराहट से थोड़ा तोड़ा कँपने भी लगा था. फिर मैं धीरे धीरे उसकी टी-शर्ट को उपर उतने लगा ओर मेरी 10 मिनिट की मेहनत के बाद मैने उसकी टी-शर्ट को उसके निपल से उपर कर दिया था.

दोस्तो पहले तो मैं धीरे से अपने चेहरे को उसके बूब्स से च्छुने लगा ओर अब मैं उसके निपल का वो उभर ओर उसके बूब्स की गर्माहट अपने चेहरे पर महसूस कर रहा था ओर कुछ सेकेंड्स के बाद मैने धीरे से अपने एक हाथ से उसके निपल को दबाया ओर ज़्यादा से ज़्यादा तीन चार बार शकके बाद ही मुझे लगा की संचीता की नींद अब टूट रही है ओर मैं झट से चारू के उपर से कूदकर दूसरी साइड मैं जाकर सो गया. फिर तीसरी सुबह चारू जल्दी उठकर अपने इंटरव्यू के लिए जा चुकी थी ओर अब घर पर मैं ओर संचीता दोनो सो रहे थे. सुबह 10 बजे मेरी नींद खुली तो मैने देखा की संचीता अभी भी सो रही है. मैने उसे नींद से तो जगा दिया था, लेकिन उसने अपनी आँखे अभी भी नही खोली थी. मैने उस मौके का फ़ायदा उतने के लिए मन मैं तन ली थी क्योंकि वो अभी भी बिना ब्रा के लेती हुई थी ओर अब मैं उसके पास मैं लेटकर उसे च्छेदने लगा ओर उसके गाल पर किस करने लगा.

फिर कुछ देर बाद उसने मुझसे परेशन होकर दूसरी की करवट ली ओर अब वो अपनी पीठ मेरी तरफ करके लेट गयी. मैने झट से अपना लंड उसकी मोटी गान्ड पर चिपककर उसके उपर अपना एक पर रख लिया ओर उसे परेशन करने लगा. दोस्तो मुझे अब पूरा विश्वास था की उसको मेरे लंड का अहसास उसकी गान्ड पर हो रहा होगा, लेकिन उसने अब तक मुझसे कुछ नही कहा ओर मैं मन ही मन बहुत खुश था. फिर मैने अपना एक हाथ धीरे से उसकी च्चती पर रख दिया ओर अब हल्के से दबाने लगा, जिसकी वजह से संचीता को तो मानो जैसे करेंट सा लग गया ओर वो झटके से उठ गयी ओर फिर हंसते हुए मुझसे कहने लगी की आप सुधरोगे नही क्या? जिसकी वजह से मेरी हिम्मत के साथ उसे छोड़ने की उम्मीद भी अब बढ़ती जा रही थी. फिर वॉशरूम से फ्रेश होकर ओर अपनी ब्रा को पहनकर संचीता वापस आ कमरे मैं गयी.

फिर हम साथ मैं नाश्ता करके टीवी देखने लगे ओर इस बीच मैने संचीता को दो तीन बार किस कर लिया था ओर अब मैं उससे मज़ाक कर रहा था ओर मज़ाक ही मज़ाक मैं मैने उससे पुचछा की तुम्हारे निपल हुमेशा खड़े रहते है? ओर मेरे मूह से यह बात सुनकर वो बहुत शर्म रही थी ओर नहाने जाने से पहले उसने मुझे उसके बालो मैं तेल लगाने को कहा. टीवी देखते देखते मैं उसके बालो मैं तेल लगा रहा था, लेकिन मेरा पूरा ध्यान तो उपर से नज़र आ रहे उसके बूब्स के बीच की उस लाइन पर टिकी हुई थी. मैने अब बड़े प्यार से आश्चर्या से पुचछा की संचीता तुम्हारी त्वचा कितनी सुख गयी है ओर मैने थोड़ा सा तेल उसके गर्दन के आसपास वाली त्वचा पर लगा दिया ओर अब मैं थोड़ा गुस्से से बोला की तुम अपना ख्याल नही रखती ओर उसी गुस्से से मैने उसके हाथो पर तेल लगाना शुरू कर दिया. संचीता ने भी मुझसे कुछ नही बोला.

अब मैं उसके दोनो हाथो की मालिश करते हुए मैने उसकी टी-शर्ट को एक तरफ से पूरी उपर उठा दी ओर अब मुझे संचीता की सफेद ब्रा की दूरी भी सॉफ सॉफ नज़र आ रही थी. मैने बड़े प्यारे अंदाज़ मैं उसकी ब्रा की दूरी को थोड़ा नीचे करके वहाँ पर भी तेल लगाया ओर फिर उसे ठीक कर दिया ओर मैं टेल अगेट लगते बोला की हे भगवान पूरा हाथ ओर पीठ की त्वचा सुखी हो गयी है ओर अब मैने संचीता को नीचे लेतने के लिए बोला ओर उससे कहा की तुम अपनी टी-शर्ट को थोड़ा उपर कर लो ताकि मैं तेल लगा दूं. दोस्तो पहले तो वो थोड़ा इनकार करने लगी, लेकिन मेरे थोड़ा ज़ोर डालने पर वो मन गयी ओर अब वो उल्टा लेटकर टीवी देख रही थी. फिर मैने धीरे धीरे उसकी पीठ पर मालिश करना शुरू कर दिया था ओर कुछ देर बाद मालिश करते करते मैने उसकी पूरी टी-शर्ट को उपर उठा दिया था उसकी वो सफेद कलर की ब्रा अब मुझे बिल्कुल सॉफ सॉफ नज़र आ रही थी ओर अब मेरी हिम्मत इतनी बढ़ गयी थी की मैने बहाने बनाकर उसकी बहुत अछी तरह मालिश शुरू कर दी. मैं अब उसकी गान्ड के उपर चढ़ गया ओर मैने अपने एक हाथ से उसकी ब्रा के हुक को खोल दिया.

संचीता एक दम से घबराकर बोलने लगी की तुम यह क्या कर रहे हो, मुझे ऐसे शरम आ रही है? अब मैने गुस्से मैं कहा की एक तो तुम अपना बिल्कुल भी ख्याल रखती नही हो ओर मैं मालिश कर रहा हूँ तो शर्मा रही हो ओर मैने उठकर लाइट को बंद कर दिया ओर मैं वापस आकर उसकी गान्ड के बीच मैं अपने लंड को फसकर बैठ गया ओर ठीक तरह से बैठने के बहाने से मैने दो तीन बार अपने लंड को उसकी गान्ड मैं रग़ाद दिया. संचीता टीवी देखने मैं व्यस्त थी ओर मैं अपना लंड रग़ाद रगदकर उसकी पीठ की मालिश कर रहा था. दोस्तो मेरा तो दिल कर रहा था की उसकी पीठ को चूम लॅंड ओर उससे चिपक ज़ाऊ ओर अब मैं धीरे धीरे नीचे की तरफ जाकर उसके परो की मालिश करने लगा.

दोस्तो मैं शब्दो मैं बता नही सकता हूँ की मुझे उस समय कैसा महसूस हो रहा था जब मेरे दोनो हाथ उसके पूरे परो पर तेल लगा रहे थे ओर उसकी वो छ्होटी सी पेंट बहुत ढीली होने के कारण मेरे हाथ उसकी जाँघो के बाद उसकी गान्ड को च्छू रहे थे, लेकिन अब मुझे बिल्कुल भी समझ नही आ रहा था की मैं उसकी वो छ्होटी सी पेंट (निक्कर) को कैसे उतर्वौन? फिर मैने उससे थोड़ा एक साइड करवट लेकर लेतने को कहा ओर जैसे हो तो एक साइड मैं हुई तो उसकी खुली हुई ब्रा तो नीचे ही रह गयी, लेकिन उसके बूब्स अब बंद लाइट मैं भी ऐसे चमक रहे थे जैसे कोई हीरा चमक रहा हो.

मेरा दिल तो बहुत कर रहा था की मैं उसका वो पूरा का पूरा बूब्स अपने मूह मैं दबाकर उसका सारा दूध निकल लॅंड ओर मेरा मन करने लगा की मैं सारा तेल उसके बूब्स पर लगाकर उसके उपर बैठकर उसकी मालिश कर दूं, लेकिन मैने उसे बहुत सीधे तरीके से लिया जैसे की मुझे उससे कुछ फ़र्क नही पड़ता ओर मैने उसके पेट पर तेल लगाना शुरू कर दिया ओर थोड़ी देर बाद मैने उसकी ब्रा को पूरा निकल दिया ओर अपने आप पर बहुत ज़्यादा कंट्रोल के साथ मैने अपने दोनो हाथो से उसके बूब्स की मालिश शुरू कर दी.

दोस्तो पहले तो संचीता यह सब देखकर थोड़ी टेंसटीओं मैं थी की वो यह क्या कर रही है? लेकिन मलगता है की मेरे अच्छे व्यवहार ने उसे ज़्यादा कुछ सोचने नही दिया ओर कंट्रोल करते करते भी मैने पच, सात बार उसके बूब्स ओर निपल को थोड़ा ज़ोर से दबा ही दिया. फिर थोड़ी देर बाद मुझे लगने लगा की अब संचीता को भी अच्छा लग रहा है ओर थोड़ी देर तक उसके बूब्स की मालिश करने के बाद मैने उससे कहा की तुम थोड़ा अपने निक्कर को नीचे कर लो जिससे मैं पूरी तरह तुम्हारी मालिश कर दम ओर फिर उसके ना ना कहते कहते मैने अपना हाथ से उसकी उस छ्होटी सी पेंट को खिचकर नीचे कर दिया था.

दोस्तो उसकी उस गुलाबी कलर की पेंटी मैं उसकी गान्ड क्या मस्त सेक्सी ओर भारी हुई लग रही थी, लेकिन अब मुझसे रहा नही गया ओर मैने सीधे ही उसकी गान्ड से थोड़ा नीचे तेल डाल कर मालिश शुरू कर दी ओर अपना हाथ पेंटी के अंदर डालकर पूरी गान्ड को जी भरकर दबाया ओर यह कहते हुए की पेंटी मैं तेल ना लग जाए उसे भी नीचे सरका दिया ओर अब उसकी जाँघ पर बैठकर उसकी गान्ड की बहुत मालिश की, संचीता हंसते हंसते बोल रही थी आपने तो मुझे पूरा नंगा कर दिया, अब तो छोड़ दो मुझे.

मैने दिल ही दिल मैं कहा की मैं छोड़ तो दूँगा, लेकिन पहले चोदूगा जब छोड़ दूँगा. मालिश के साथ साथ हम दोनो टीवी पर आ रही फिल्म की भी बाते कर रहे थे ओर बात करते करते मैने एक साइड से कुल्हो की मालिश शुरू कर दी थी. मैं उसकी जाँघो पर बैठा हुआ था ओर मेरा लंड उसकी जाँघ पर ऐसे डब रहा था की जैसे उसके मूह मैं घुसा हुआ हो. फिर फिल्म की बात करते करते मैने उसको पर उतने को कहा ताकि मैं उसकी जाँघ की भी मालिश ठीक से कर दम ओर अब मैं ऐसे बैठा हुआ था की उसकी चुत के काले काले बाल ओर उसकी चुत मुझे बिल्कुल सॉफ नज़र आ रही थी ओर फिर मालिश ओर बाते करते करते मैने अपनी दो उंगलियों को उसकी चूर मैं डाल दिया.

दोस्तो मैने महसूस किया की उसकी चुत एक दम जलते हुए तवे की तरह बिल्कुल गरम थी. मैने तो मन बना रखा था की मैं सबसे पहले उसको अपनी जीभ से चोदूगा ओर फिर उसके बाद अपना लंड डाल दूँगा, लेकिन ऐसा हुआ नही क्योंकि जैसे ही मैने अपनी एक उंगली उसकी चुत मैं डाली तो वो एक दम से घबराकर उठ गयी ओर बाथरूम मैं नहाने के लिए भाग गयी ओर अब आग मेरे अंदर भी इतनी ही भड़क चुकी थी. मैं अब या तो संचीता को छोड़ता यॉ ओ मेरे लंड को अपने मूह मैं लेकर चुस्कर मेरे वीर्या को बाहर निकल दे.

मैं भी उसके पिच्चे गया तो मैने देखा की उसने बाथरूम का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया है ओर पच मिनिट तक मैने बहुत ध्यान से सुना, लेकिन मुझे कुछ भी आवाज़ नही आ रही थी. मैने अब अपने कपड़े उतार लिए थे की मैं आज तो इसे छोड़कर ही रहूँगा. फिर मैने बाहर से उससे पुचछा की क्या हुआ? तो संचीता ने कुछ नही बोला ओर कुछ देर बाद कहा की मैं अभी नाहकार आती हूँ.

मैने कहा की ठीक है, लेकिन पहले दो मिनिट के लिए खोल दो मुझे हाथ धोना है. दोस्तो पहले तो उसने मुझसे ना कहा ओर फिर कुछ देर बाद कहा की ठीक है आकर धो लो, लेकिन मेरी तरफ मत देखना. दोस्तो मैने तो पहले से ही सोच रखा था की मुझे दरवाजा खोलकर क्या क्या करना है? ओर जैसे ही उसने दरवाजा खोला तो मैं उसके सामने जाकर खड़ा हो गया. वो मुझे पूरा नंगा देखकर कहने लगी की सब क्या कर रहे हो आप?

दोस्तो अब हम दोनो बिना कपड़ो के थे ओर मैने जैसे ही संचीता को पिच्चे से पकड़ा तो वो च्चटपटाने लगी, लेकिन मैने उसे नही छोड़ा ओर उसके ना ना कहने के बाद भी मैं उसे उठाकर बाहर ले आया ओर अब मैने उससे बड़ी ही उदास आवाज़ मैं पुचछा की तुम्हे क्या मेरा च्छुना बिल्कुल भी अच्छा नही लगता? तो संचीता ने कहा की नाहिओो बात नही है, लेकिन दीदी इस बड़े मैं क्या सोचेगी? मैने उसे समझाया की यह सब बाते बतने वाली थोड़ी है जो तुम्हारी दीदी को पता चलेगा.

फिर मैने अपने एक हाथ से उसके बूब्स को मसलना शुरू किया ओर दूसरा हाथ जैसे ही उसकी चुत के उपर रखा तो उसको बिल्कुल भी होश नही था. उसके पर अब धीरे धीरे खुलते गये ओर मेरा हाथ उसकी चुत के अंदर जाने लगे ओर थोड़ी देर बाद मैने उसे अपना लंड पकड़ा दिया, जिसका साइज़ करीब 8 इंच होगा. फिर उसने मेरे लंड को अपने मूह मैं डालने के बाद ऐसे चूसना शुरू किया जैसे कोई भूखी शेरनी को माँस का टुकड़ा मिल गया हो ओर आज लाइफ मैं पहली बार किसी लड़की ने मेरे लंड के साथ मेरे अँड को भी चूसा ओर चूस्ते चूस्ते जो सूप सूप सूप की आवाज़ उसके मूह से आ रही थी वो मुझे ओर भूखा बना रही थी ओर अब बड़ी थी मेरे लंड से उसकी चुत की चुदाई की ओर फिर मैं समझ गया की संचीता अब पूरी तरह मूड मैं है.

मैने उससे कहा की वो मेरे उपर आकर बैठ जाए ओर फिर उसने वैसा ही किया ओर उसने मेरे उपर बैठकर मेरे लंड को एक हाथ से पकड़कर अपनी चुत मैं डाल दिया ओर मेरे कंधो को पकड़कर उपर नीचे होने लगी. लंड के थोड़ा अंदर जाते ही वो एक दम ज़ोर से चीखने लगी ओर वो क जगह पर बिना हीले रुक गयी, शायद वो अपनी चुत मैं मेरे लंड से टूटी अपनी सील को महसूस कर रही थी ओर फिर कुछ देर बाद जब उसका दर्द कम हुआ तो वो धीरे धीरे उपर नीचे होने लगी ओर मैं उसकी कमर पर अपने हाथ रखकर उसे सहारा देने लगा. फिर तीन चार मिनिट के बाद मैने उसको नीचे आने को कहा.

अब मैने उसे बेड पर लेता दिया ओर अपने पूरा लंड उसकी चुत के अंदर एक ही ज़ोर के धक्के मैं डाल दिया, लेकिन जैसे जैसे मैं अपना लंड, चुत के अंदर बाहर कराता तो वो भी अपनी कमर को उपर उठा देती, जिसकी वजह से लंड चुत के अंदर पूरा घुस जाए ओर मैं धीरे धीरे धक्के देने लगा, लेकिन कुछ देर बाद मैने संचीता को डॉगी स्टाइल के लिए कहा, लेकिन पहले तो उसने सॉफ माना किया ओर फिर मन गयी. फिर मैने उसकी गान्ड की तरफ से अपना लंड डालना शुरू किया.

मैं उसकी मोटी मोटी गान्ड पर हाथ फेराते हुए उसमे अपना लंड डाल रहा था ओर जब उसकी गान्ड मेरे लंड के आख़िरी हिस्से से लगती तो बस मज़ा ही आ जाता था. इस तरह उसे छोड़ते हुए उसके लटके हुए बूब्स को पकड़ने का मज़ा भी बहुत अजीब था. दोस्तो मैने संचीता को करीब 25 मिनिट तक लगातार चोदा ओर फिर मैने अपना वीर्या उसकी चुत मैं ही डाल दिया. दोस्तो अब उसकी खुशी का तो ठिकाना नही था ओर मेरे भी दिल की तमन्ना उसे छोड़ने की अब पूरी हो गयी थी. अब उसके बाद शाम होने तक मैने उसे चार बार ओर चोदा ओर जब तक वो मेरे फ्लॅट पर रही हर दिन मैं उसकी चुदाई कराता रहा ओर संचीता को मेरा उसकी चुत के बालो को अपने हाथो से खिचना बहुत अच्छा लगता था. फिर उनके जाने वाले दिन मैने उसे कहा की संचीता तुम बहुत अछी हो ओर तुमको छोड़ने का यह अहसास ज़िंदगी भर मेरे साथ रहेगा. तुम्हारी जैसे चुद़क्कड़ साली किसी को ही मिलती है. मेरी चुद़क्कड़ रॅंड साली संचीता मेरा लंड हमेशा तुम्हारे मूह मैं घुसने को बेठाब रहेगा ओर मेरा सिर्फ़ इतना कहना था की संचीता ने सबसे नज़र बचाते हुए मेरे लंड पर ज़ोर से मारा ओर कहा की जब तक मैं दोबारा नही आती तुम इसकी मालिश करते रहना. दोस्तो यह थी मेरी गर्लफ्रेंड की छ्होटी बहन की चुदाई.

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