पाती का नाज़ायज़ धंधा

दोस्तो मेरा नाम भावना है जो आप जानते हो ये मेरे एक रिश्तेदार की कहानी है जो में वयसे के वैसे आप के सामने प्रस्तुत कर रही हू लेकिन नाम मेरे और मेरे पाती का है और ये कहानी एक दम ट्रू स्टोरी है कैसे एक संस्कारी और अच्छे घर की रिच मॉर्डन खूबसूरात औरात कैसे अपने पाती के बुसिनेस के चाकर मैं फस जाती है और धंधे पे लग जाती है उसकी शूरावट वो कैसी थी यानी शादी से आजतक क्या हुआ वो आप के शेन पेश कर रही हू अगर कुछ खामी लगे तो मुझे माफ़ कर देना.

दोस्तो मैं भावना मेरी जिंदगाई बड़े मज़े से गुजर रही थी मैने जस्ट कॉलेज कॉम्प्लेट किया था और में ग्रॅजुयेट होगआई थी मेरे मा बाप की में एक लॉटी संठान थी और डॅडी का गारमेंट का बिज़्नेस था और काफ़ी अच्छा बिज़्नेस था तो मैं खुद एक फॅशन डेसिनेर थे तो डॅडी को काफ़ी मदद कराती थी इस वजसे डॅडी के साथ कई बिज़्नेस डील मैं उनके साथ जाती थी और बहुत ही खब सूरात दिन चल रहे थे और बिज़्नेस भी काफ़ी ज़ोर पे था एक दिन किसी बुसिनेस की डील पे मेरे अंकली मुझे एक फाइव स्तर होटेल मैं ले गये जहा पे हमारे गारमेंट बिज़्नेस के एक बहुत बड़े नामचीं व्यापड़ी मिस्टर. रोशनलाल से मिट्टिंग थी और होटेल मैं घुसते डॅडी ने बताया की रोशनलाल ने कुछ खास कम से मुझे औट टुजे बुलाया है और द्दे बोले अगर उनके साथ डील पक्की होगे तो अपना बिज़्नेस बहुत बढ़े गा तो उससी के शील सिले मैं हम मिलने आए है तो मैने सिर्फ़ ओक कहा और हम रेसेपटिं मैं उनके बड़े मैं पूछा और हम उनके सूते रूम मैं गये वाहा पे उनका सेकरेटरी मिस्टर. पांडे था उसने हे हेलो किया और रोशनलाल को इनफॉर्म किया और एक अलग रूम से रोशनलाल आए और फिर हमारी मीटिंग स्टार्ट है काफ़ी मशक्त के बाद और काफ़ी सारी डेसीने बतने के बाद हमारी र्स. 65,00,000 की डील हो गयी जो हमे करीब 3 महीने मैं वो सारी ड्रेस बनके देने थे लेकिन हमारी एक प्राब्लम थी की उसके लिए हमे करीब 40,00,000 फंड की शॉर्ट टर्म के लिए जररो थी और इतना बड़ा लोन तो हमे कोई बॅंक देगा नही तो फिर मैने एक प्रपोसल रखा की अगर रोशन लाल जी पेमेंट टर्म एल.सी पे तो उसके अगेन्स्ट हम बॅंक से पैसे ले के ऑर्डर कंप्लीट कर शकते है तो रोशनलाल जी को मेरी बिज़्नेस की स्मार्तनेस और प्रेसनसे ऑफ माइंड पसंद आया और उन्होने हमारे लिए अपनी टर्म्ज़ बदल कर पएमेंट टर्म्ज़ एल.सी किया और ऑर्डर हमे मिला.

और टीन महीने मैं हमने वो ऑर्डर भी कॉम्प्लेट कर दिया और वो ऑर्डर मैं हम 3/4 बार रोशनलाल से मिलना हुआ और डॅडी की उनसे अच्छी दोस्ती हो गये और उसके बाद उन्होने हमे कई ऑर्डर दिया.

एक दिन रोशनलाला का अंकली को फोन आया और बोल्ला की ये सनडे आप और आपका परिवार हमारे घर पे खाना खाने आना है तो अंकली बहुत खुश हो गये क्यूकी रोशनलाल बहुत कम लोगो को अपने घर बुलाता था और अंकली ने वो बात हम से की और हम भी बहुत खुश हुआ की बिज़्नेस के लिए अच्छी शुरुआत है.

सनडे को सुभह हम गर के सारे मैंबर रोशनलाल के घर गये वो बहुत बड़ा से महल था और करीब 12 रूम थे और एक बगीचा था रोशन लाल के रेअडयमेड गारमेंट एक्सपोर्ट के अलावा कई सारे बुसिनेस थे और रोशनलाल खुद ये सब देखते थे.

उनके परिवार मैं उनकी वाइफ शालीनिजी जो खूबसूरात थी काफ़ी मोर्द दिखती थी मेरी आंटी से भी और उनका एक बेटा था शोहन था जो 28 साल था जो मेरे से करीब तीन साल बड़ा था लेकिन जो फ्रीडम बिज़्नेस मैं मुझे थी वो शोहन को नही थी क्यूकी वो इंतन स्मार्ट नही था.

हम सब एक दूसरे को मिले और शालीनिजी ने मेरे से मेरे एडुआकत्िओं और मेरे पसंद ना पसंद के बड़े में पुचछा और खाना खाने के बाद जब हम उनके हॉल मैं बैठे ते तब शोहन और में बाजू ब्जू मैं बियते थे मेरे घाटीला बदन और और सेक्सी सारी मैं मैं बहुत ही सेक्सी लग रही थी और तभी शालीनिजी ने सोहन से कहा सोहन तू भावना को अपना घर नही बताओ गये तो शोहाने मेरे सामने देखा और पुचछा क्या आप देल्हन पसंद करोगी तो मेरे आंटी ने बोला क्यू नही ज़रूर भावना देखना पसंद करेगी आप दिखाएगे तो
मई थोड़ी शर्मा गयी और उपर की बाते मुझे मेरे कालेज के दीनो मैं मेरे दोस्त जो डबल मीनिंग मैं बोलते थे वो याद आया और हास पड़ी और शोना के साथ घर देखने चल पड़ी.
उनका बड़ा घर देख ते देखते मैं ने शोहन से बात करना शुरू किया और तभी उनके बेड रूम में हम आए तो बेड रूम बहुत ही शानदार और सेक्सी था तो मैने हास के बोला की आप का तो शानदार है तो शोहन इस मामले मैं बहुत ही बड़ा खिलाड़ी था जो मुझे नही मालूम था और अंजाने की कॉमेंट मुझे कही भारी प़ड़ शक्ति थी ये में नही जानती थी लेकिन शोहन ये मोका खोना नही चाहता था तो उसने कहा की देख के आप इतने पागल हो रहे हो तो फिल करके देखो तो मेने थोड़ा गुस्से से पुचछा क्या तो उसने अपनी अदा से बोला और क्या मेरा बेड तो हम दोनो हास पड़े और मैं उनके शानदार डबल बेड पे बती तो उसने कहा बेड बैठेने के लिए नही सोने के लिए है और उपर से ये शोहन के बेड है सो के देखो बड़ा मज़ा आएगा और उस वक़्त मैं ना ना बोल पाई और उस बेड पे सो गयी और मोके फ़ायदा शोहाने कुछ इस तरहा लिया…

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