गॉखुलधाम सोसायटी (अडल्ट वर्ज़न)

गॉखुलधाम सोसायटी की पहली सुभह….सोसायटी के बुजुर्ग श्री चंपकलाल गाड़ा हर सुभह की तरह बालकनी में कुल्ला करने आ हैं और हर बार की तरह नीचे से Bःइदे यानी की आत्मराम ट्यूकरम Bःइदे नीचे से गुजर रहे होते हैं…

जैसे हे बाबूजी कूला करते हैं वो सीधे भिड़े सिर के फेस पे आके गिराता है….और फिर शुरू होता है भिड़ी का लेक्चर…रोज़ हर सुभह इन दोनो का यही चलता रहता है…

वैसे भी आपको ये बीटीये देता हूँ कौन कौन इस सोसायटी का मेंबर है और वो कौन कौन से फ्लोर पे रहते हैं….

घोखुल्धम के एक मावाए सेकरेटरी आत्मराम ट्यूकरम भिड़े उनकी बीवी मदवी भिड़े उर उनकी बेटी सोनू…ये तीनो ब विंग के ईस्ट फ्लोर पे रहते हैं.

उनके साथ उनके पड़ोसी और काहिते फ़्रेंड रोशिन सिंग सोढी और उनकी बीवी ऱोशन और उनका छोटा सा बेटा गोगी.

अब आ हैं इस सोसायटी के डॉक्टर के पास…जो की ग्राउंड फ्लोर पे रहते हैं नाम है डॉक्टर. हंस राज हाथी उनकी बीवी कोमल हाथी और उनका बेटा घोलि….आप नाम से हे स्माज गये होंगे की कितना भारी परिवार होगा…

गाड़ा एलेक्ट्रॉनिक्स के मलिक ष्रि जेठालाल चंपकलाल गाड़ा जो की आ विंग के ईस्ट फ्लोर पे रहते है…अपनी डोबी नॉनसेन्स बीवी दया और गुस्से वाले बाबूजी छपकलाल गाड़ा और उनका शैठान बेटा टापू.

अब बड़ी आती है तारक मेहता की जो उससी विंग के ग्राउंड फ्लोर पे रहते हैं और पेशे से वो एक लेखक हैं वो अपनी बीवी आत्म के साथ रहते हैं यानी की अंजली तारक मेहता.

ब विंग की एक सुंदर सी लड़की जो की ग्राउंड फ्लोर पे हे रहती है वो पेशे से एक रिपोर्टर हैं और उसका नाम भी रीटा रिपोर्टर है.

अब हम आ हैं सी विंग की तरफ…जहाँ फर्स्ट फ्लोर पे रहते हैं कृष्णन अईयर सो एक साइंटिस्ट हैं वो अपनी बीवी बबिठा अईयर के साथ रहते हैं..

इसी विंग के 2न्ड फ्लोर पे रहते हैं कॅन्सल….बोलने का तत्प्राया ये है…मिस्टर पत्रकार पोपट्लाल रहते हैं…जो हर टाइम सिर्फ़ कॅन्सल बोलते रहते हैं…वैसे उनके नाम से तो टा छल हे गया की वो एक पत्रकार हैं.

एंड में आ हैं अब्दुल..जो इस सोसायटी के भर जनरल स्टोर चलते हैं..मग्र सब इन्हे घर हे एक हिस्सा मानते हैं…

ये थे इस सोसायटी के और मेरी कहानी के किरदार…आगे में इस सोसायटी की महिनलाओं के बेरी में बटुंगा कौन कैसा दिखता है…किसी फिगर कैसी है…..

सबसे पहले बात करेंगे इस सोसायटी की सबसे हॉट सबसे सेक्सी….जिसकी फिगर दिख के लोगों का लंड खड़ा हो जाए…जिससे देख के सब उससे छोड़ने का सोचे….उसका नाम है बबिठा अईयर…उसकी फिगर है 40 साइज़ के बड़े बड़े चुचे..सेल किसी भी कपड़े में फिट नही होते ऐसा लगता है अभी बाहर आ जाएँगे….उसकी 28 की कमर और 38 की गान्ड..जब वो चलती है तो हर कोई उसकी गान्ड को देखता की रह जता है….उसकी गान्ड ओ देख के ऐसा लगता है जैसे हर रोज़ उसकी कोई गान्ड मराता हो….

उसके बाद बार्री आती है अंजली तारक मेहता की…वो भी कोई कम सेक्सी नही है…पर हाँ बबिठा की तरह उसके बड़े बड़े नही है….मगर वो लगती एक दम हॉट है….32 के चुचे 26 की कमर और 30 की गान्ड…शकल से भी एक दम चुद़ाकड़ हे लगती है..मेहता शब खूब बज़ाते होंगे इसकी…..

आहमेदवादी दया वैसे तो थेक दिखती है….चुचे भी अच्छे हैं उसके 32 के ….कमर 28 और गान्ड 32 की….लगता है इससे गान्ड मरवाने का भत मन करटा है तभी अछी गान्ड है….शायद टापू के पापा यानी जेठालाल भत गान्ड मराता होगा ….

रीटा रिपोर्टर देखने में तो सुंदर सी है..स्लिम बॉडी है…मगर उसकी असेट्स है कमाल के…30 के चुचे 26 की कमर और 30 की गान्ड….हर नौजवान या फिर कोई भूड्डा भी इसी की चुत और गान्ड मरने की सोचता है….

अब आती है माधवी भिड़े…ये तो कपड़े भी ऐसे पहती है की बॅस ऐसा लगता है हर किसी से चूड़ना कहती हो….स्लेवलेशस ब्लाउस पहने के अपने चिकने शोल्डर्स दिखा के ऐसे चलती है जैसे अभी चूड़ना हो….वैसे ये भी एक माल से कम नही है …34 के चुचे 28 की कमर और 32 की गान्ड….शकल से पूरी चुद़कर है…इसलिए Bःइदे शब सोसायटी के सेकरेटरी बने हुए हैं जिससे घर में रहने का मुआका मिले और माधवी की मरने का भीईिइ….

रोशिन सोढी वैसे है तो पारसी लेकिन चुदाई में एक दम फर्स्ट क्लास दिखने में सुंदर है…चुचे भी 34 के हैं कमर 26 की और गान्ड 34 की..है तो हॉट मत…खूब बटज़ता होगा सोढी इसकी…

अब आख़िर में बात करते हैं कोमल हटी की…देखने में तो एक दम मोटी से है…चुचे 36 के कमर 36 की और गान्ड है 40 की … पूरी सोसायटी में सब्से बड़ी गान्ड इनही की है…एक वो औरात है जो कहती है की हर कोई इनकी मॅर ..पर बेचारे अपने पाती के लंड से कम छलना पड़ता है…कोई इनकी तरफ देखता नही है…मोटी जो हैं ये… अब बड़ी आती है इस सोसायटी के जेंट्स की…उनके बेरी में भी तो ज्न्ना पड़ेगा ना..की कौन कैसा है….तो चलिए जानते है….

सबसे पहले बात करेंगे सोसायटी के एक मवएए कुँवारी…मिस्टर. पत्रकार पोपट्लाल…बेचारी अभी तक कुंवारे हैं…ये किसी भी लड़की के साथ हादी करने के लिए टायर हो जटते हैं कहे वो कंवली हे क्यूँ ना हो…इनकी नीयत आगे टा चलेगी…

इस सोसायटी के साइंटिस्ट कृष्णन अईयर … साइंटिस्ट है तो एक्सपीरियेन्स तो करेंगे हे…वैसे तो इनके पास सोसायटी की सबसे हॉट औरात इनकी बीवी है…मग्र क्या टा इनके दिमाग़ में क्या चल रा है…वो भी आपको ढेरे ढेरे टा चल जाएगा..

जेठालाल के फिरेबरीगाते यानी की तारक मेहता…जी ये पर्सन तो सारा दिन कलाम से कुछ ना कुछ लिखते हे रहते हैं…वैसे में बीटीये दम ऐसे लोगों की नज़र इधर उधर जदा भटकती है…

अब बड़ी है श्री जेठालाल गाड़ा की….वैसे हैं तो ये गाड़ा एलोकट्रनिक्स के मलिक…बीवी भी बहुत अछी मिली है …. लेकिन इनकी नज़र तो किसी और पर हे टिकी रहती है…अब लोग समाज गये होंगे किसकी बात कर रा हूँ………….आप लोग सही सोच रहे हैं वो है बबिठा जी……जेठालाल की सबसे फेव है..उनके लिए वो कुछ भी कर सकते हैं…

इसके बाद बड़ी आती है…एक मयवए सेकरेटरी की आत्मराम ट्यूकरम भिड़े….एक पेशे से एक शिक्षक है..घर पे हे टूटुईओं पड़ते हैं..और हाँ मदवी भिड़े जो अक्चर पप़ड़ बनती है उसकी डेलाइवरी भी यही कराती है…..मेरे मानने तो सबसे लकी आदमी पूरे सोसायटी में यही है…सार दिन सोसायटी में रहो और आइ डी्धार उधर झकते राहू……

अब उनके पड़ोसी रोशिन सिंग सोढी की अत्ती है….वो एक गॅरेज चलते हैं….उनकी बीवी भी काफ़ी सुंदर है…और ये पार्टी शर्ती के सबसे बड़े दिवनाए है….इसलिए इनके दिमाग़ में क्या च्लता रहता है बीटीये नही सकते…..

अब इस सोसायटी के सबसे भारी आदमी यानी की मिस्टर हाथी…ये डॉक्टर हैं…घर ए हे क्लिकनिक खोल रखा है…सार दिन पटेंट्स में हे लाग्गे रहते है….

आखड़ी में अब्दुल की बार्री … न वही जनरल स्टोर का मलिक…वो इस कॉइएती की सारी लॅडीस को बहएने मानता है…लेकिन आप लोग तो जानते हैं ना इस दुनिया में बाट सार बहनचोड़ है…हाहहहः….

वैसे आप लोग सोच रहे होंगे सुन के तो लगता नही ये सब ठरकी है…लेकिन क्या टा आगे क्या होगा…बॅस इंतेज़ारर करें और देखते जायें…आगे ये किरदार क्या उधम मचाते हैं……. पढ़ रहे थे अपना बड़ा सा चस्मा लगा के…और उधर जेठालाल कमरे में सोया हुआ था…फिर आई उनकी ध्ृम पत्नी दया…



दया :- टप्पू के पापा ऊ टापू के पापा उठ जाएगी लाते हो रा है..बापूजी गुस्सा करेंगे…दुकान नही जाना क्या….

झेतला :- आरीईए हन्ंननणणन् दया बॅस 5 मीं और सुने दे ना…फिर उठता हूँ…थोड़ी देर और…

दया :- ओफू टापू के पापा आप ऐसे नही मनोगे ना….तभी दया ने एक तरकीब सोची…..उसने जेठालाल के लंड को छुआ.. लंड को चुतते हे दया के शरीर में करेंट दौड़ गया…यूयेसेस वक़्त मन तो भत कर रा था दया को चूड़ने का मगर नही चुद सकती थी टाइम नही था……न जैसे हे दया ने लंड पकड़ा और उससे ज़ोर से दबा दिया….झटेलाल चिल्लाते हुए उठा…..

जेठालाल :- आआआआआआआआआआआआआआआआआआआअ उईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई दया ये क्या था…इतनी ज़ोर से क्यूँ दबाया आआआआआआअ दर्द हो रा है……

इतनी ज़ोर की आवाज़ सुन के बापूजी छिलते हुए कमरे में आए क्या हुआ झेता….और अब झेट्लाल और दया की मट निकलने जैसे हाल हो गया….

झेतला :- वो वो वो वो बापूजी….कटा…..चिंटी ने कटा….

Bआपुजि :- चिंटी पलंग पे चिंटी…पागल हो गया है झेतिया….

एक बार फिर झटेलाल का मूठ निकलने जैसे हो गया…

अब दया ने फँसाया था तो उसको दिमाग़ तो लगाना पड़ता हे…और उसने लगया भी…

दया :- बापूजी वो क्या है ना…जब चिंटी ने कटता तब टप्पू के पापा नीचे थे…जैसे हे उनको कटता वो प्लांग पर चड़ गये…

बापूजी :- घूस्से में…आई जेठिया बाबुचप इतनी सोर से कोई छिलता है किया…नालयक डोबी कहीं का…

जेठालाल :- सॉरी बापूजी ग़लती हो गयी…वो एक दीं से चिंटी ने कत्ता तो मूह से तेज़ चीख निकल गयी..सॉरी…

फिर बापूजी सर हिलाते हुए चले गये…और न साथ में ये भी बोल गये की में मंदिर जा र हूँ…….

दया की घन्ती बाजी..और जो उससे कहिए था .. उससे वो मिल सकता था…

जेठालाल :- गुस्से में दया नॉनसेन्स डोबी….ऐसा कोई करटा है किया..इतनी ज़ोर से दबाता है क्या कोई लंड को और वो भी जब बापूजी घर में हो….लेकिन थोड़ी हे देर में जेठालाल का गुस्सा कम हो जता है….सोचिए कैसे….. जेठालाल दाँत खाने के बाद कफफी गुस्से में था और दया ने कुछ अइया किया की उसका गुस्सा शांत होने लगा आइए आगे जानते हैं कैसे…..

जेठालाल बबहोत अछा महसूस कर रा था क्यूँ की दया चदडार के नीचे झेटेलाल का पाजमा उतार कर उसका लंड हाथ में लेकर हिला रही थी…जिससे जेठालाल बहुत कुश हो रा था…..

जेठालाल :- आरीईई वाहह दया ये क्या सुभह सुभह तू मेरा लॅंड क्यूँ हिला रही है…

दया :- टापू के पापा आपका लंड सुभह क्या में दिन रात हिलना कहती हूँ … है हे इतना मस्त की क्या बताउन….

वैसे जेठालाल के लंड के बेरी में बीटीये दम…उससी की तरश है तो छोटा सा मगर है बहुत मोटा..लामबी है 5.5 इंच का मगर मोटाई इतनी की मुति में ना आई….जिसके वजह से दया उसकी दीवानी थी….

जेठालाल :- मुस्कुराते हुए…अछा … तो फिर हाथ से क्यूँ हिला रही है मूह में ले इससे और चोस्स….

इतना सुनते हे दया जेठालाल का लंड चूसना शुरू कर देती है….ऐसे चूस्टी है की जैसे कितने दीनो की भूखी हो….

जेठालाल :- आआआआआआआआआआआआआआआआआआअ ऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ उूुुुुुुुुुुुुुुुुुुउउ अहह दया कमाल कर रही है तू तो…मज़ा हे एयेए गया….और चूस इससे….चूस्टी रह …आहह……

तभी जेठालाल दया की तरफ देखता है…उससे देख के जेठालाल को टा चल जाता है की दया की चुत में खाल बलि मची हुई है…..वो फ़ौरन दया को बोलता है….

जेठालाल :- दया रुक….

दया :- क्यूँ क्या हुआ टप्पू के पापा..मज़ा नही आ रा…

जेठालाल :- मज़ा तो आ रा है….लेकिन अगर किसी और को भी ँज़ा आए ताभ और जदा मज़ा आएगा….

दया :- मुस्कुराते हुए…स्मझ जाती है….

तभी झेटेअलाल दया को बोलता है की तू मेरे उपर लाइट के मेरा लंड चूस…और में तेरी चुत को चुसूंगा….मतलब 69 पोज़िशन..

दया उल्टी लाइट जाती है और जेठालाल का लंड चूस्टी रहती है … इतन्ति देर में जेठालाल दया की सर्र्री और पेटीकोत उपर कर के उसकी पेंटी को नीचे किसका देता है….और देखते हेिइ उसकी अकनहे फाटती रह जतती है…

जेठालाल :- दया ये क्या…तेरी चुत तो इतनी गिल्ली है की बीटीये नही सकता….आज से पहले इतनी गिल्ली चुत नही देखी तेरी..इतना बोलते हे बस जेठालाल तो भूके भादीए की तरह यूयेसेस पर चिपक जता है….और यूयेसेस ज़ोर ज़ोर से चूस्टा रहता है….इस वक़्त दया सिर्फ़ छोटी छोटी आ हुम्म कर रही थी क्यूँ की उसके मूह में लंड था…मग्र थोड़ी देर बाद जो जेठालाल ने किया उससे वो अपने आप को रोक नही पाई….

जेठालाल ने दया की चुत को दोनो हाथ से फलिया और उसके चुत के अंदर अपनी जीभ डाल के कस कस के चूसा जा रा था….और इससे दया….

दया :- लंड मूह में से निकल के………….अहह…. ………टप्पुउुुुुुुुुुुउउ के पपपाााआआआआआआआआअ…… ……….ओह.ओउुुुुुुुुुुुुुुुुउउ उईईईईईईईईईईईईईई….. ये क्या कर रहे हैं आप….अहह ऑश….मार गईइई में तो…..आअहहाआहह……

और इधर जेठालाल वैसे हे उसकी चुत कजो छाते जा रा था….अब दया भी अपनी आवाज़ दबाने के लिए उसका लंड चूज़ जा रही थी….पर अचानक जेठालाल ने दया की चुत की क्लिट को ज़ोर से चूस डाला और दया….

दया :- टप्पुउुउउ कीए पपप्प्प्पाा में तो गईिईईईईईई…….

और दया सारा कमरस जेठालाल के मूह के अंदर विसरजित कर देती है….लेकिन जेठालाल का नही निकला था इसलिए….

जेठालाल :- दया जल्दी कर मुझसे अब रा नही जा रा….

और दया फटाफट चूस्टी रहती है…लेकिन अचानक…

टापू :- मम्मी मम्मी किधर हो तुम….मुझे मेरा वीडियो गेम नही मिल रा है….

दया और जेठालाल टप्पू की आवाज़ सुन के घहबरा जटते हैं…और दया जेठालाल का लंड चूड़ के खड़ी हो जाती है और झेतहलाल अपने उपर चदडार ओढ़ लेता है….

टापू :- कमरे में आ हुए…मम्मी ख़ान थी तुम…वो मेरा…

दया :- बीच में बात काटते हुए…हाँ बेटा तू छल में आ कर ढुंडती हूँ…और जेठालाल की तरफ अपनी छिड़ने वाली स्माइल देके निकल जाती है…

जेठालाल :- गुस्से में बैठा हुआ…सोचता है…हे भगवान मेरी किस्मत तूने कौन से टाइम पे लिखी थी…कुछ नही मिलता मुझे…कम से कम रिलॅक्स तो होने देते…उसमे भी भंज़ी मार दी अपने….

और फिर अपना मूह लटकाए जेठालाल बाथरूम की और चला जाता है…. अब कहलते हैं तारक मेहता के घर…

हर रोज़ की तरह सुभह सुभह मेहता साहब सोफे पे बैठे कुछ लिख रहे थे…तभी अंजली आई वही अपना तखा हुआ सा करेले के जूस लेकर..

तारक :- अंजली को देखते हुए…सुभह हुई नही और आ गयी की ये त्का हुआ सा जूस लेकर…अंजली तुम्हे इसके अल्वा और कुछ नही मिलता..

अंजली :- तारक ये सेहत के लिए अच्छा होता है….इसी की वजह से तुम इतने स्ट्रॉंग हो ….

तारक :- अचजी तो आपको लगता है की में इससे पे के स्ट्रॉंग हुआ हूँ…मान हे नही सकता में…

अंजली :- अछा आपको नही टा…इसी की वजह से आप रात को मेरी इतनी अछी तरह से मराते हैं…और देर तक भी…आपको टा नही है की जब आप मराते हैं तो कितना जदा मज़ा आता है…

तारक :- हंसते हुए हाहहहः….अरी वो इसकी वजह से नही ..मेरे बकपन के सीखने का कमाल है…इसकी वजह से तो मेरा पंनी भी हरा हो गया है……

इस बात को सुनकर दोनो खूब हंसते हैं…. फिर तारक हँसी को रोकते हुए ..अनजली के करीब आ जाता है….

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