मामी के जवान हुस्न पर हुआ फिदा चोदा

हैल्लो दोस्तों, Antarvasna मेरा नाम रवि है और मुझे अपने दोस्तों को अपने बारे में बताने की ज़रूरत नहीं है क्योकि मेरे दोस्त मुझे अच्छे से जानते है पर जो आज पहली बार मेरी कहानी पढ़ रहे है उनके लिए मैं अपने बारे में बता दूँ मेरी उम्र आज 26 साल हो चुकी है और अब मैं एक सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करता हूँ। मेरी अच्छी तनखाह है मेरे घर में मेरे मम्मी पापा और दो छोटे भाई बहन है और हमारे घर से 4 कदम की दुरी पर ही मेरे मामा जी का घर है और वह भी सरकारी जॉब करते है इसलिए उनका घर हमारे घर से बहुत ही ज़्यादा बड़ा है उनके घर में मामी जी और उनकी एक बेटी प्रिया रहती है उस समय प्रिया की उम्र 19 साल की थी। आज की कहानी को शुरू करने से पहले मैं बता दूँ की कैसे मैंने अपनी मामी की लड़की को चोदा और कैसे चोदा मुझे पूरी उमीद है दोस्तों आपको मेरी पहले वाली कहानियो की तरह मेरी यह कहानी भी बहुत पसंद आएगी और आज से पहले मैंने बहुत सारी लड़कियो को चोदा है और जो भी आंटी या लड़की को अपनी चूत की आग शांत करवानी होती है तो वो मुझसे सम्पर्क जरुर करती है और मैं पूरी रात उसकी चूत को चोदकर शांत करता हूँ इस काम के मैं मन चाहे पैसे लेता हूँ और मेरे काम के मुझे अच्छे ख़ासे पैसे भी मिल जाते है मुझे अब अपनी बहन की शादी करनी है इसलिए मैं पैसे जोड़ रहा हूँ मेरा आज तक रिकॉर्ड है की मैंने आज तक जिसे भी चोदा है वह मुझसे दुबारा से चुदने के लिए ज़रूर आता है इसका कारण यह है की एक तो मैं सुन्दर और गुड लुकिंग का हूँ और दूसरा बड़ा कारण मेरा लंड 8 इंच लम्बा और 3.5 इंच मोटा है जो की हर बड़ी या छोटी टाइट चूत को शांत करने के लिए काफ़ी है मेरा लंड चूत में सीधा बच्चेदानी तक जाता है इसलिए आंटी या लड़कियों की चूत फट जाती है। दोस्तों अब मैं अपनी कहानी पर आता हूँ।

यह बात आज से करीब 5 साल पहले की है उस समय मेरी उम्र करीब 20 साल की थी और उस समय मैंने कॉलेज में एडमिशन लिया ही था मेरे घर में जगह बहुत कम होती थी इसलिए मामा जी ने मुझे अपने बड़े घर में पढ़ाई के लिए एक कमरा दिया हुआ था जिसमें मैं दिन में जाकर खूब मन लगाकर पढ़ाई करता था क्यूंकि कॉलेज में कुछ खास पढ़ाई नहीं होती थी इसलिए मैं कॉलेज बहुत ही कम जाता था और अपनी कोचिंग पर ही पढ़ाई करता था और घर आकर उसको अच्छे से पढ़ता था मुझे पढ़ने लिखने का शौक शुरू से ही था। मेरी मामी की लड़की उस समय 12वीं क्लास में थी हम दोनों पढ़ाई करते थे मामा जी ने हम दोनों को अलग अलग कमरा दिया हुआ था पढ़ाई करने के लिए। मामा जी सुबह ही अपनी जॉब पर चले जाते थे और पीछे से प्रिया भी स्कूल चली जाती थी। पीछे मैं और मामी जी ही घर पर रहते थे, दोस्तों मैं अपनी मामी के बारे में मैं आपको बता दूँ वो दिखने में भले ही 37 साल की जवान औरत है पर उसके जिस्म पर जो जवानी है उसे देखकर कोई नहीं कह सकता की वो इतनी उम्र की लगती है साली का जिस्म भी बहुत कमाल का है और मामी सच में बहुत सेक्सी है उन्हें देखकर तो मेरा दिमाग़ भी खराब हो जाता है मेरा उन्हें चोदने का बहुत दिल करता था पर ऐसा हो नहीं सकता था क्योकि वो मामी जी है और अगर मैंने उनके साथ कुछ ऐसी वैसी हरकत करी तो हो सकता है की वो मामा जी को इस बारे में बता दे और मुझे लेने के देने पड़ जाए इसलिए मैं इस काम से बहुत डरता था और इसलिए मैं हर रोज उनके जिस्म को सोचकर ही मूठ मारकर गुजारा कर लेता था। एक दिन की बात है मैं मामा जी के घर बैठकर अपने कमरे में पढ़ाई कर रहा था और पूरे घर में मेरे और मामी जी के अलावा और कोई नहीं था मैं मन लगाकर पढ़ाई कर रहा था की तभी मामी मेरे पास आई और बोली…

मामी :– रवि बेटा क्या तुम गैस का सिलेण्डर बदल सकते हो प्लीज़?

मैं :– हाँ मामी जी क्यूँ नहीं।

मामी :– बेटा मुझे माँफ़ करना मैं तुम्हारी पढ़ाई खराब कर रही हूँ।

मैं :– नहीं मामी जी ऐसी कोई बात नहीं है चलिए मैं बदलकर देता हूँ।

मामी :– हाँ, चलो मैं तुम्हें चाय भी बनाकर दे दूँगी इस समय नींद आनी शुरू हो जाती है।

मैं :– ठीक है मामी जी धन्यवाद।

उसके बाद मैं किचन में गया और सिलेण्डर बदलकर किचन के साथ वाले कमरे में बैठ गया कुछ ही देर में मामी जी मेरे लिए चाय बनाकर ले आई और मैं चाय पीने लग गया फिर मामी ने मुझसे कहा…

मामी :– देखो बेटा मैंने गैस पर दाल चढ़ा रखी है जैसे ही कुक्कर की 3 सिटी बज जाए तो तुम गैस बंद कर देना इतने में प्रिया भी आ जाएगी और इतने में मैं नहा लेती हूँ।

मैं :– मामी जी आप फिकर मत कीजिए।

यह सुनकर मामी जी बाथरूम में नहाने चली गई मेरे दिमाग़ में ना जाने क्या हुआ मैं 5 मिनट के बाद बाथरूम के पास गया और मैंने देखा थोड़ी ऊपर एक रोशनदान है मैंने जल्दी से साइड में पड़ी कुर्सी उठाई और उसे नीचे रखकर उसके ऊपर चढ़ गया अन्दर का नज़ारा देखकर तो मेरा लंड फटने वाला हो गया था अन्दर मामी का गोरा जिस्म पूरा नंगा था और पानी से भीगा हुआ था उसे देखकर ना जाने मुझे क्या क्या होने लग गया मामी के बब्स करीब 36 के पूरे साबुन के झाग से भरे हुए थे जिसे मामी अपने दोनों हाथों से मसल मसलकर और ज़्यादा झाग बना रही थी और उनके काले लम्बे बाल उनकी गांड तक जा रहे थे और उनकी गांड में जाकर फंस रहे थे। यह सीन मेरे लिए बहुत ही कमाल का था जिसे देखकर मैं पागल हो गया मैंने आज पहली बार अपनी मामी को इस कयामत वाले रूप में देखा था तभी दरवाज़े पर घन्टी बजी मैं समझ गया की प्रिया आ गई है मैं जल्दी से नीचे उतरा और कुर्सी अपनी जगह वापिस रख दी। उसके बाद मैंने प्रिया को कुक्कर के बारे में बताया और अपने कमरे में चला गया मैंने जाते ही कमरे को अन्दर से बंद किया और पूरा नंगा होकर मामी के नंगे जिस्म को याद करके मूठ मारी तब जाकर मैं और मेरा लंड शांत हुआ। उसी दिन जब शाम हुई और मैं अपने घर वापिस जाने लगा तो मामी ने मुझे आज रात के लिए रोक लिया क्योकि प्रिया का कल एक पेपर टेस्ट था जिसकी तैयार मुझे उसे करवानी थी इसलिए मामी ने मेरे घर फोन करके इसके बारे में कह दिया था और आज की रात मैं मामी के घर सोने वाला था।

रात के खाने के बाद मैंने 2 घंटे तक प्रिया को अच्छे से पढ़ाई करवाई और फिर 11 बजे अपने कमरे में सोने के लिए चला गया मामा जी हर रोज की तरह शाम को 7 बजे ही घर आ जाते थे, रात को 12 बजे मेरी ऐसे ही आँख खुली क्योकि मुझे अपने बेड के अलावा और किसी के बेड पर अच्छे से नींद नहीं आती। मैं पानी पीने के लिए किचन में जा रहा था की तभी मुझे मामी के कमरे में से कुछ आहह… आहह… की मस्त आवाज़ें सुनाई दी मैं उनके कमरे के दरवाजे के पास गया और होल में से अन्दर देखने लग गया आह्ह… यह सीन तो मैंने आज तक अपने सपने में भी नहीं सोचा था मैं मन ही मन सोच रहा था की शायद आज मेरी किस्मत में मामी का नंगा जिस्म देखने को लिखा है मामी के कमरे में मामा और मामी पूरे नंगे थे और मामी अपने मामा के लंड के ऊपर चढ़कर उनसे चुद रही है तभी मामा ने मामी की गांड पर अपना हाथ रखा और उसके बाद वो मामी की चूत को ज़ोर ज़ोर से चोदने लग गये मैं यह सब बड़े आराम से देख रहा था मामा मामी को अलग अलग स्टाइल में बड़ी बुरी तरह से चोद रहे थे। दोस्तों यह कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

मामा जी का बड़ा सा लंड मामी की चूत की गहराईयो में जा रहा था तभी मुझे महसूस हुआ की मेरे पीछे कोई है जब मैंने पीछे मूडकर देखा तो मेरी गांड फट गई मेरे पीछे प्रिया खड़ी थी और वो आँखो के इशारे से मुझसे कुछ पूछ रही थी की मैं यहाँ क्या कर रहा हूँ मैं खड़ा हुआ और उसे कुछ नहीं कहकर बात करने की कोशिश कर रहा था पर प्रिया बहुत जिददी थी उसने जबरदस्ती अन्दर देखा की क्या हो रहा था, अन्दर तो उसके पापा उसकी माँ को रंडी की तरह चोद रहे थे यह देखकर वो भी गरम हो गई और मुझे अपने साथ मेरे कमरे में ले गई उसके बाद वो मुझे ब्लैकमेल करने लग गई की अगर मैं उसका कहना नहीं मानुगा तो वो अपने पापा को मेरी इस हरकत के बारे में बता देगी मुझे लगा की यह अपना स्कूल का काम मुझसे करवायेगी पर उसने कहा की तुम भी मुझे पापा की तरह चोदो उसकी यह बात सुनकर मुझे खुद पर विश्वास नहीं हुआ मैं तो उसकी माँ को चोदने में लगा हुआ था और इधर उसकी बेटी खुद चुदने को तैयार थी इससे पहले मैं कुछ करता उसने मुझे अपनी बाहों में लिया और मुझे किस करने लग गई मैंने उसे अपने आपसे अलग किया और उठकर दरवाजा बंद करने चला गया जब मैं वापिस आया तो मैडम ने अपने सारे कपड़े उतार दिए थे और मैं जैसे ही उसके पास आया तो उसने मेरे भी सारे कपड़े उतार दिए। मैं अब उसके सामने सिर्फ़ अपनी अंडरवियर में था फिर मैं उसके बब्स और उसके नंगे जिस्म पर टूट पड़ा दोस्तों क्या कमाल का जिस्म था साली का, मेरा लंड अंडरवियर फाड़ने को तैयार हो गया फिर मैंने उसके दोनों बब्स को करीब 15 मिनट तक अच्छे से चूसा और उसके दोनों बब्स के निप्पल को चूस-चूसकर के लाल कर दिया।

प्रिया अब पूरी तरह से गरम होने लग गई थी मैं नीचे गया तो उसकी चूत गीली हो चुकी थी वाह क्या कमाल की चूत थी मेरे लिए, उसकी चूत पर छोटे छोटे बाल और बीच की लाइन में से पानी आ रहा था जिससे उसकी पूरी चूत चमक रही थी। मेरे मुहँ में पानी आ गया ऐसी चूत देखकर फिर मैंने अपना मुहँ उसकी चूत पर रखा और ज़ोर ज़ोर से उसकी चूत को चाटने लग गया क्या कमाल का स्वाद था उसकी चूत का, मेरे मुहँ में से तो उसका स्वाद आज तक नहीं जाता। मेरी जीभ उसकी चूत को धीरे धीरे चोद रही थी जिससे प्रिया और पागल हो गई और अपनी गांड उठाकर अपनी चूत चुसवाने लग गई कुछ ही देर में उसकी चूत ने काफ़ी सारा पानी मेरी जीभ के ऊपर निकाल दिया जिसे मैं झट से चूस-चूसकर पी गया। मेरे लिए उसकी चूत का पानी किसी अमृत से कम नहीं था फिर प्रिया ने मुझे कहा की अब बस कर डाल भी दो अपना लंड उसके मुहँ से ऐसे शब्दों को सुनकर मुझे और जोश आ गया और मैंने अपना अंडरवियर नीचे किया तो उसके सामने मेरा 8 इंच का लम्बा लंड था, मेरा लंड देखकर वो बोली आज तो मज़ा ही आ जाएगा।

मैं :– तुम्हें दर्द होगा।

प्रिया :– कोई बात नहीं मैं सह लूँगी, लंड चाहे जितना मर्ज़ी बड़ा हो वो चूत में आ ही जाता है।

अब मुझसे रुका नहीं गया मैंने उसकी दोनों टाँगे उठाकर अपने कंधो पर रखी और अपना लंड उसकी चूत पर सेट कर दिया इससे पहले प्रिया को कुछ समझ आता तब तक मैंने एक धक्का मारकर अपना 3 इंच लंड उसकी चूत में डाल दिया वो बहुत ज़ोर से चिल्लाई पर मेरे आगे यह सब बेकार था मैंने उसके डर को नज़र अंदाज कर दिया और उसे अपनी रंडी समझकर के चोदने लग गया मैं उसे जोर जोर से चोद रहा था और वो भी अपनी गांड उठाकर मेरा पूरा साथ दे रही थी और अहह… उईइ… कर रही थी और साथ मैं झड़ भी गई थी। मैंने उसे बहुत ही बुरी तरह से चोदा, मेरा पूरा लंड उसकी चूत के खून से रंगा हुआ था जो की मैंने उसकी पेंटी से साफ कर दिया। और फिर से उसकी चूत मारने लग गया उस रात को मैंने उसे 2 घंटे तक अच्छे से चोदा था और फिर वो अपने कमरे में चली गई उस रात के बाद मैं उसे हर रोज चोदता था और फिर कुछ ही दिनों में मैंने मामी को भी चोद दिया।

धन्यवाद कामलीला डॉट कॉम के प्यारे पाठकों !!