भाई का सेक्स देखा

हैल्लो दोस्तों, मेरा antarvasna नाम नरेन्द्र है और में आज आपको अपने दोस्त की एक कहानी सुनाऊंगा। मेरी उम्र 23 साल है, मेरा रंग सांवला है, मेरी हाईट 5 फुट 6 इंच है, में दिखने में ठीक लगता हूँ। दोस्तों मेरा एक दोस्त है, उसका नाम राहुल है, वो मुझसे 2 साल छोटा है और उसका रंग भी बहुत काला है। में आज आपको उसकी ही कहानी सुना रहा हूँ। तो दोस्तों मेरा दोस्त मेरे घर अक्सर आता जाता रहता था। मेरा एक भाई भी है, जो मुझसे 3 साल बड़ा है। में अपने भाई से ज्यादा बात नहीं करता था, में उनसे शर्माता था, लेकिन मेरे दोस्त की उनसे खूब पटती थी। मैंने अब तक कई लड़कियों की चूत फाड़ी है लेकिन में यदि आज की बात करूँ तो आज में छोटी सी जॉब करता हूँ और मेरे टच में कोई लड़की नहीं है, सबकी शादी हो चुकी है। मुझे सेक्स करने में बहुत मजा आता था। अब में आपको बाताता हूँ कि में ये स्टोरी क्यों लिख रहा हूँ?

एक दिन में किसी काम से कहीं बाहर गया हुआ था, लेकिन काम जल्दी हो जाने के कारण में घर जल्दी आ गया था। अब घर का दरवाजा बंद था, में अपने भाई को घर पर छोड़कर गया था, पता नहीं वो कहाँ चले गये थे? फिर मैंने दरवाजा खोलना चाहा मगर नहीं खुला, तो मुझे थोड़ा अजीब लगा की आज दरवाजा क्यों बंद है? फिर में छत के ऊपर से खिड़की के रास्ते घर में आ गया। फिर जैसे ही में घर में आया तो मुझे बेडरूम से भाई की आवाज आई और टी.वी भी चल रहा था। फिर में दबे पैर आगे गया तो तब मैंने देखा कि टी.वी पर एक फिल्म चल रही है। उसमें 4 लड़के थे, जो बिल्कुल नंगे थे और वो एक साथ वॉशरूम में नहा रहे थे।

फिर जब मैंने नजर घुमाकर कमरे में देखा, तो में दंग रह गया। अब मेरा भाई भी बिल्कुल नंगा था और उसका 8 इंच का लंड झटके मार रहा था। अब में तो दंग रह गया था कि भाई ये क्या कर रहे है? तो तभी मुझे अहसास हुआ कि कमरे में कोई और भी है। तब मैंने गौर किया तो मैंने देखा कि वो मेरा दोस्त है और वो एक तरफ चुपचाप बैठा हुआ है और फिल्म देख रहा है। तभी भाई ने उससे कहा कि देखो ये चारों भी तो मजे ले रहे है, तो तुम क्यों डर रहे हो? चिंता मत करो, में तुम्हें तकलीफ नहीं दूँगा, हम दोनों आराम से मज़ा करेंगे। तब वो बोला कि नहीं ये सब गलत है, मुझे अच्छा नहीं लग रहा है। तब मेरा भाई बोला कि अरे क्यों शर्मा रहे हो? उतारो ना कपड़े और इतना कहकर मेरा भाई मेरे दोस्त के कपड़े उतारने लगा। तभी मेरी नजर टी.वी पर पड़ी तो में हैरान रह गया। अब वो चारों लोग एक दूसरे की गांड में अपना-अपना लंड घुसाकर झटके लगा रहे थे।

अब में तो सोच में पड़ गया था कि क्या ऐसा भी होता है कि लड़का-लड़का आपस में सेक्स करे? और यदि करते भी है तो क्या मज़ा आता होगा? अब मेरा लंड भी खड़ा हो गया था। अब वो चारों बहुत तेज़ी से झटके मार रहे थे, एक्सप्रेस ट्रेन की तरह, हाए राम क्या नज़ारा था? मगर एक बात और थी कि वो सभी खुश नजर आ रहे थे। फिर मैंने टी.वी से नजर हटाकर जब मैंने भाई की तरफ देखा तो वहाँ का नज़ारा भी बदल चुका था। फिर भाई बोला कि देख उन्हें कोई तकलीफ नहीं हो रही है, तो तुझे कहाँ से होगी? तुझे भी इनकी तरह मज़ा आएगा। अब मेरा भाई उसे पूरी तरह से नंगा कर चुका था और उसके लंड को सहला रहा था। अब वो टी.वी पर देखे जा रहा था, जहाँ पर चार लोग एक दूसरे की जमकर गांड मार रहे थे। अब मेरा भी हाल बुरा हो रहा था। अब मेरे भाई ने उसके लंड को सहला-सहलाकर खड़ा कर दिया था, उसका लंड मेरे भाई से तो बड़ा नहीं था, मगर फिर भी 6 इंच का तो होगा ही।

फिर मेरे भाई ने कहा कि यदि तुम मेरे लंड को सहलाओगे, तो तुम्हारा डर दूर हो जाएगा। फिर मेरे दोस्त ने झिझकते हुए मेरे भाई का लंड अपने एक हाथ में ले लिया और सहलाने लगा था। फिर मेरे भाई ने उसे बैठ जाने के लिए कहा तो वो बैठ गया। अब मेरे भाई का लंड उसकी आँखों के सामने था। अब मेरा दोस्त भी मेरे भाई की बातें मानने लगा था और फिर उसके बाद मेरा भाई थोड़ा आगे हुआ। तब मेरे दोस्त के होंठो से मेरे भाई का लंड टच हो गया। तब मेरे भाई ने कहा कि मेरे लंड पर किस कर। फिर तब मेरे दोस्त ने मना किया मगर भाई की ज़िद के आगे उसे झुकना पड़ा और फिर उसने मेरे भाई के लंड पर किस किया और फिर अपना मुँह हटा लिया। तब मेरा भाई बोला कि ऐसे नहीं थोड़ा सा अपने मुँह में लेकर चूस। तो तब उसने मेरे भाई के लंड को किस करना स्टार्ट कर दिया। तभी मेरे भाई ने उसकी कमर पर एक ज़ोर का मुक्का मारा। तब मेरा दोस्त एकदम से अपना मुँह खोलकर चिल्लाया और फिर जैसे ही मेरे दोस्त ने अपना मुँह खोला, तो तब मेरे भाई ने अपनी कमर हिला दी। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

अब मेरे दोस्त के मुँह में मेरे भाई का लंड पूरा घुस गया था। फिर मेरे भाई ने मेरे दोस्त का सिर पकड़ लिया और अब मेरा दोस्त मेरे भाई के लंड को चूसने लगा था। अब मेरा भाई धीरे-धीरे धक्के लगा रहा था। अब मेरी हालत खराब हो रही थी। अब मेरा मन कर रहा था कि में भी मैदान में कूद जाऊं मगर अपने भाई की शर्म की वजह से नहीं जा पाया। अब में अपने एक हाथ से अपने लंड को सहलाए जा रहा था, मेरे लिए ये सब एक नया अनुभव था। फिर मेरे भाई ने अपना लंड बाहर निकाल लिया। अब मेरे भाई की हालत भी अजीब सी हो रही थी। फिर मेरे भाई ने कहा कि अब तुझे ज्यादा तकलीफ नहीं दूँगा, अब देख तुझे कितना मजा आता है? अब में सोच रहा था कि इस काम में क्या मजा आ रहा होगा? तो तभी मेरे भाई ने मेरे दोस्त को झुकने के लिए कहा। तब वो मेरे भाई की तरफ अपनी कमर करके खड़ा हो गया।

तब मेरा भाई थोड़ा आगे बढ़ा और अपना लंड मेरे दोस्त की गांड पर लगा दिया और अपने हाथ मेरे दोस्त के कंधे पर हाथ रखकर उसे झुका दिया था। अब मेरे दोस्त के कूल्हें पीछे की तरफ निकल आए थे और मेरे भाई का लंड बिल्कुल मेरे दोस्त की गांड के निशाने पर था, बस एक झटके की देर थी। अब में भी उस झटके का इंतजार कर रहा था, में देखना चाहता था कि मेरे दोस्त राहुल का क्या हाल होता है? तो तभी मेरे भाई ने एक झटका मारा मगर उसका लंड अंदर नही गया और फिसलकर राईट साईड में चला गया था। तब मेरे दोस्त की सिसकी निकल गई और साथ में मेरी भी निकल गई थी, अब मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे वो लंड मेरी ही गांड में जाने वाला हो। फिर मेरे भाई ने थोड़ा सा तेल अपने लंड पर लगाया और कुछ बूंदे राहुल की गांड पर लगा दी, बस उसके बाद फिर वही सीन था। फिर मेरे भाई ने राहुल को बिल्कुल झुका लिया और उसके कूल्हें पकड़कर एक झटका मारा। तभी मेरा दोस्त चिल्लाया आह मर गया, आह बहुत दर्द हो रहा है, निकालो बाहर, निकालो।

अब मेरा दोस्त झटपटा रहा था मगर मेरा भाई उसे छोड़ने का नाम नहीं ले रहा था। अब वहाँ मेरा दोस्त तड़प रहा था और यहाँ मेरी गांड में भी कुलबुलाहट शुरू हो गई थी। तभी मेरे भाई ने एक और झटका मारा। तब मेरा दोस्त फिर से चिल्लाया कि तुम तो कह रहे थे कि मजा आएगा मगर मेरी तो जान निकली जा रही है, प्लीज निकाल लो अपना लंड, बहुत दर्द हो रहा है। तब मैंने देखा कि अब भी मेरे भाई का आधा लंड बाहर निकला हुआ था। अब में सोचने लगा था कि मेरा दोस्त मेरे भाई के लंड को पूरा अंदर नहीं कर पाएगा। फिर मेरे भाई ने कहा कि बस जितनी तकलीफ होनी थी हो गई। अब देख में तुझे जन्नत की सैर कराता हूँ और इतना कहकर मेरे भाई ने धीरे-धीरे अपनी कमर हिलानी शुरू कर दी।

अब मेरे दोस्त के मुँह से भी आहें निकल रही थी आराम से करना, कुछ इस तरह से राहुल के मुँह से आवाजें निकल रही थी। अब मैंने भी उन्हें देखते देखते अपना लंड अपने हाथ में ले लिया था और अपने एक हाथ से अपनी गांड सहला रहा था। अब वो सीन देखकर मेरी हालत खराब हो रही थी। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने गौर किया कि मेरे भाई का बचा हुआ आधा लंड भी मेरे दोस्त की गांड में जा चुका है। अब में सोच रहा था कि वो नहीं झेल पाएगा, लेकिन वो पूरा ले जा चुका था। अब मेरे भाई ने अपनी रफ़्तार बढ़ा दी थी और अब मेरे दोस्त की गांड में अपने लंड को आगे पीछे करने लगा था। तब मुझे ये जानकर हैरानी हुई कि अब मेरा दोस्त भी दर्द से चिल्लाने की बजाए चुपचाप झुका खड़ा होकर अपनी गांड मरवा रहा था और अब उसके चेहरे पर एक संतुष्टि थी। अब मेरे भाई ने तेज-तेज झटके मारने शुरू कर दिए थे। अब मेरा दोस्त भी उनका साथ दे रहा था और अपनी गांड को पीछे की तरफ धक्के मारते हुए कह रहा था आह और तेज और तेज आह पूरा जड़ तक घुसा दो, फाड़ दो, बहुत मज़ा आ रहा है, तुमने सच कहा था जन्नत की सैर से भी ज्यादा मज़ा आ रहा है।

अब उसकी बातों को सुनकर मेरा भी मन गांड मरवाने को करने लगा था, क्या सच में इतना मज़ा आता है? उसकी बातों से तो ऐसा ही लग रहा था। अब में सोचने लगा था कि काश में अपने दोस्त की जगह होता तो में भी जन्नत की सैर कर रहा होता। अब मेरा दोस्त तो जैसे ख़ुशी से पागल हो गया था। अब तो वो खुद ही उछलकूद मचाने लगा था। अब उसकी हालत देखकर ही अंदाज़ा लगाया जा सकता था कि उसे कितना मजा आ रहा होगा? अब मुझे अपने दोस्त से जलन हो रही थी, काश में उसकी जगह होता तो कैसा होता? फिर थोड़ी देर के बाद मेरा भाई शांत पड़ गया, शायद उनका रस निकल गया था। अब मेरा दोस्त बहुत खुश था। फिर मेरे भाई ने कहा कि क्यों आया ना मजा? तो तब मेरा दोस्त बोला कि हाँ भैया खूब मजा आया, अब में रोज तुमसे ये काम करवाया करूँगा। फिर उस वक़्त तो दोस्तों में वहाँ से चला आया, लेकिन मेरी गांड में उस दिन से खुजली चल रही है, लेकिन में झिझक के कारण अपने दोस्त से और भाई से नहीं कह पाया कि मुझे भी जन्नत की सैर करनी है। अब मेरा भाई और दोस्त अक्सर एक दूसरे को मजा देते है। में सोचता हूँ कि में भी उनमें शामिल हो जाऊँ मगर में हिम्मत नहीं कर पाता हूँ ।।

धन्यवाद …