भाभी की चूत झड़ी थी की गांड फटी थी

हैल्लो दोस्तों, Antarvasna कामलीला डॉट कॉम के चाहने वालों के लिए मैं राज एक बार फिर से आप सभी की सेवा में अपनी दूसरी कहानी को लेकर आया हूँ। यह एक सच्ची चुदाई की कहानी है जो की मेरे साथ घटित हुई। आज जो मैं आप लोगों को कहानी सुनाने जा रहा हूँ वह मेरे किरायेदार की सेक्सी बीवी यानि मेरी भाभी की है। तो चलिये दोस्तों कामलीला के सेक्स सागर की तरफ ले चलता हूँ आपको।

दोस्तों उससे पहले मैं अपने बारे में बता दूँ मेरा नाम राज है और मैं उत्तरप्रदेश का रहने वाला हूँ। इस वक़्त मेरी उम्र 32 साल हो गयी है आज भी मैं हर वक़्त सेक्स का भूखा रहता हूँ। बात उन दीनों की है जब मैं सिर्फ़ 22 साल का था। मेरे यहाँ पर एक फैमिली किराए पर रहने आई थी। उस फैमिली में एक आदमी उसकी बीवी और 2 बच्चे थे। उनका कमरा मेरे बगल में ही था, आदमी की उम्र यही कोई 34 साल होगी और उस औरत की 31 साल थी। वो लगती 25 साल की थी, वो बहुत ही सुंदर औरत थी मैं उसे भाभी कहता था लेकिन मुझे वह औरत कुछ चालू किस्म की लगती थी। जब उसका पति अपनी काम पर चला जाता था और बच्चे स्कूल चले जाते थे, तो उस वक़्त वो मुझसे तोड़ा हसी मज़ाक कर लेती थी, मैं भी इसे हल्के में ही लेता था। इसी तरह से तीन महीने बीत गये हम लोग आपस में काफ़ी खुल गये थे। अक्सर ऐसा होता था की रात में नज़दीक होने की वजह से मैं उनका बाथरूम इस्तेमाल कर लेता था। उसके पति जिनका नाम प्रेम था वो कई बार तो ऑफीस के काम से बाहर भी जाते थे और उन्हें वहां कई दिन रुकना पड़ जाता था। तब घर में वो अकेली रह जाती थी तो उससे मेरी खूब बातें होती थी। मैं कभी कभी छत पर जाकर छुपकर ड्रिंक कर लिया करता था। एक दिन मैं ड्रिंक कर रहा था अचानक से वो भी ऊपर आ गयी और उसने मुझे ड्रिंक करते हुए देख लिया था मैं डर गया की आज तो भंडा फुट गया। लेकिन वो मुझे देखकर मुस्कुरई और बोली जब मेरे ‘वो’ यहां नहीं होते है, तो तुम मेरे कमरे में बच्चो के सोने के बाद ड्रिंक कर सकते हो। मैंने उन्हे धन्यवाद दिया और झेपते हुए बताया बस भाभी जी मैं कभी कभार ही ड्रिंक करता हूँ। उन्होंने कहा तुम्हारे भाई साहब भी कभी कभी ही काम से बाहर जाते है तो तुम मेरे कमरे में ये सब कर सकते हो। मैंने उन्हे धन्यवाद बोला और अपना क्वॉर्टर लेकर उनके कमरे में आ गया उन्होंने फ्रीज़ से ठंडे पानी की बॉटल और ग्लास टेबल पर रख दिया और बातें करने लगी। अब मुझे सुरूर चढ़ने लगा था उन्होंने मुझसे पूछा की तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड भी है क्या? तो मैंने कहा की नहीं तो, मैंने लंड पर हाथ फेरते हुए बताया अभी तक तो कोई नहीं है। फिर उन्होंने मुझे लंड पर हाथ फेरते हुए देखा तो मुस्कुराते हुए पूछा कभी सेक्स किया है? तो मैं चोंक गया मुझे इतनी जल्द ऐसी उम्मीद नहीं थी मुझे बड़ा अजीब सा लगा। मैंने कहा नहीं तो आँख मारते हुए बोली अच्छा इतने शरीफ लगते तो नहीं हो। बस मुझसे रहा नहीं गया मैंने झट से उनको बाँहों में भर लिया और बोल दिया भाभी आप मुझे बहुत अच्छी लगती हो। उसने छुड़ाने की कोशिश करते हुए कहा तुम भी मुझे बहुत अच्छे लगते हो पर अभी तुम अपने कमरे में जाओ रात को आना जब तुम्हारे सभी घर वाले सो जाएँगे।

तो दोस्तो, मैं समझ गया की चुदाई की आग दोनों तरफ बराबर लगी है। मैं उधर से उठकर अपने कमरे में आ गया और खाना खाकर सोने का नाटक करने लगा। 2 घंटे के बाद सभी घर वाले भी सो गये तो मैं चुपके से उठा और भाभी के कमरे में घुस गया उन्होंने दरवाजा बंद नहीं किया था। मैं जैसे ही अंदर घुसा तो मैं देखता ही रह गया भाभी ने सफेद रंग की मैक्सी पहनी थी वो बड़ी मस्त लग रही थी। मैंने जाते ही उनको दबोच लिया लेकिन उन्होंने कहा ऐसे नहीं, पहले बाथरूम में जाकर मुठ मारके आओ। मैंने कहा भाभी जब आप तैयार है तो फिर मुठ मारने की ज़रूरत क्या है? तो उन्होंने कहा जो मैं कहती हूँ वो करो। मैं बाथरूम में घुस गया और मुठ मारी और फिर से भाभी के कमरे में आ गया। इस बार देखा की भाभी बिल्कुल नंगी होकर बिस्तर पर बैठी थी क्या कयामत लग रही थी उस वक़्त वो मैं बता नहीं सकता। उन्होंने अपने बिस्तर के बगल में नीचे बिस्तर लगा दिया था जिससे बच्चों की आँख ना खुल सके अब भाभी ने मेरे कपड़े भी खुद ही उतार दिए। खेर मैंने उनके होठों पर अपने होंठ रख दिए मैं फिर से गरम हो गया और भाभी ने अपनी जीभ मेरे मुहँ में डाल दी वाह क्या मज़ा आ रहा था। फिर मैंने उनकी चुचियों को चूसना शुरू कर दिया अब भाभी बहुत ही गर्म हो गयी थी। उन्होंने मुझे नीचे लिटा दिया और अपनी चूत मेरे मुहँ की तरफ कर दी और अपना मुहँ मेरे लंड की तरफ करके मेरा लंड मुहँ में लेकर चूसने लगी। मैंने भी अपनी जीभ उनकी चूत में डाल दी। जन्नत का मज़ा आ रहा था ऐसे ही लगभग 5 मिनट तक चूसा चासी का कार्यक्रम चला। फिर भाभी की चूत से पानी की धार बह निकली उधर मेरा भी निकलने को हो गया। मैंने भाभी से कहा मेरा निकल जाएगा तो उन्होंने कहा छोड़ दो मैं मुहँ में ही ले लूँगी। मेरे लंड ने उनके मुहँ में ही पिचकारी छोड़ दी और वो सारा वीर्य पी गयी। अब वो उठी और मेरे बगल में लेट गयी। वो मुझे सहला रही थी और मैं भी उन्हें मसल रहा था इसी तरह से मुश्किल से 10 मिनट बीते थे की मेरा लंड फिर से पूरा खड़ा हो गया और भाभी भी पूरी गर्म हो गयी थी। अब उन्होंने अपनी चूत फैलाते हुए कहा ले अब अंदर डाल। दोस्तों यह कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

मैं उनके ऊपर आ गया लंड का सुपडा चूत पर रखा और अंदर डाल दिया और चुदाई शुरू कर दी लगभग 7-8 मिनट की चुदाई के बाद भाभी ने मुझे बुरी तरह से कस लिया और बोली थोड़ी सी अपनी रफ़्तार और बढाओ। मैंने रफ़्तार बढ़ा दी भाभी की साँसे रुक गयी उनका जिस्म बुरी तरह से अकड़ गया और वो झड़ गयी. लेकिन दो बार वीर्य निकलने की वजह से मैंने चुदाई जारी रखी और मैं चोदता रहा. फिर 10 मिनट के बाद भाभी फिर से अकड़ गयी और फिर से झड़ गयी। अब वो मुझे अपने ऊपर से उतरने के लिए कहने लगी, मैंने लंड बाहर निकाला और उन्हे घोड़ी बनाकर फिर से उनकी चूत में अंदर पेल दिया। फिर मैंने करीब 10 मिनट तक उन्हें खूब जोर के झटके लगाकर चोदा, इस बार हम दोनों का साथ साथ में ही माल निकला और एक दूसरे के बगल में लेट गये. भाभी पूर्ण संतुष्ट हो चुकी थी फिर उन्होंने कहा आज असली मज़ा आया तुम्हारे भैया तो ढंग से चुदाई करते ही नहीं। एक घंटे के बाद मेरा लंड एक बार फिर से तैयार था. इस बार भाभी मेरे ऊपर बैठ गयी और उच्छल उच्छलकर मुझे चोदने लगी यह दोर भी 30 मिनट तक चला और वो दो बार झड़ी। लेकिन अब थकान सी होने लगी थी खास तोर से भाभी को। मैं उनके कमरे से जाना नहीं चाहता था लेकिन उन्होंने कहा थोड़ी देर अपने कमरे में जाकर सो जाओ। तो मैं बुझे मन से अपने कमरे में आकर सो गया लेकिन ज़ोर से पेशाब लगने के कारण मेरी आँख 3 बजे फिर से खुल गयी और मैं बाथरूम में गया मैंने देखा की भाभी ने कमरा बंद नहीं किया था तो उत्सुकतावश मैंने अंदर झाँका तो भाभी बिस्तर पर पैन्टी पहने हुए सो रही थी। मेरा मन फिर से खराब हो गया लंड ने फिर सल्यूट मारा और मैं धीरे से अंदर घुस गया और उनको जगा दिया।

मैंने कहा भाभी एक बार और हो जाये वो फिर से पैन्टी उतारकर नीचे वाले बिस्तर पर आ गयी और बोली बड़ी जबरदस्त जवानी है राज तुम तो। तो मैंने कहा भाभी उम्र ही ऐसी है वो रंडी की तरह मुस्कुराई और लेटकर उसने अपनी चूत फैला दी। मैंने भाभी से कहा भाभी मैं पीछे से करना चाहता हूँ तो वो बोली आज तुमने मुझे जो सुख दिया है उसके लिए तुम कही भी अपना लंड डाल सकते हो लेकिन धीरे से करना। वो उठकर रसोई से तेल की शीशी ले आई और मुझे दे दी मैंने अपनी उंगली से उनकी गांड में जहाँ तक हो सकता था तेल डाल दिया और अपने लंड पर भी तेल लगा लिया। उनको घोड़ी बनाकर उनकी गांड में अपना लंड डालने की कोशिश करने लगा बड़ी मुश्किल से सुपडा ही अंदर गया की भाभी मना करने लगी, बोली दर्द हो रहा है। तो मैं सिर्फ़ सुपडा डालकर रुक गया. अब मैं भाभी की चुचियो से खेलने लगा कुछ ही पलों में भाभी भी उत्तेजित हो गयी थी उन्होंने धीरे धीरे अपनी गांड को मेरे लंड की तरफ सरकाया और धीरे धीरे पूरा लंड अपनी गांड में ले लिया।

सच में दोस्तों गांड में लंड डालकर ऐसा लगा जैसे किसी ने लंड को बुरी तरह से भीच लिया हो। मैंने धीरे धीरे धक्के लगाने शुरू किए और फिर अपनी रफ़्तार बढाता चला गया लेकिन उनकी गांड बहुत कसी हुई थी। मैंने एक हाथ से भाभी के बूब्स पकड़ रखे थे और एक हाथ की उंगली उनकी चूत में अंदर बाहर कर रहा था। हाय… क्या मस्त नज़ारा था भाभी भी सिसकारियाँ ले रही थी लेकिन बहुत धीमी आवाज़ में। भाभी का जिस्म फिर से अकड़ा और वो झड़ गयी थी दो मिनट के बाद मैंने भी सारा वीर्य भाभी की गांड में ही भर दिया पता नहीं उनकी चूत झड़ी थी की गांड फटी थी। लेकिन मुझे बहुत ही ज़्यादा मज़ा आया। उसके बाद मैं अपने कमरे में आ गया और सो गया. सुबह जब भाभी से सामना हुआ तो उन्होंने मुस्कुराकर मुझे आँख मारी और हमारा ये सिलसिला 1 साल तक चला। फिर मेरी माँ को कुछ शक सा हो गया और उन्होंने उनसे मकान खाली करवा लिया। कुछ दिन बाद उनके पति का तबादला भी कही और हो गया और वो लोग शहर से दूर चले गये। लेकिन भाभी की वो मस्त चुदाई मैं आज तक नहीं भूल पाया हूँ।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!