ट्रेन में मिली भाभी को चोदकर माँ बनाया

हाय फ्रेंड्स, Antarvasna मेरा नाम मनोज है और मैं जयपुर का रहने वाला हूँ। दोस्तों मैं भी आप सभी की तरह पिछले कुछ सालों से कामलीला डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियों को पढ़कर उनके मज़े लेता आ रहा हूँ और ऐसा करने में मुझे बड़ा सुख और शान्ति मिलती है। दोस्तों मैं भी अपनी एक सच्ची घटना को लिखकर कामलीला डॉट कॉम के माध्यम से आप सभी तक पहुँचाने के बारे में बहुत दिनों से विचार बना रहा था। दोस्तों इस कहानी में मैंने रेलवे स्टेशन पर मिली एक सेक्सी औरत के साथ कुछ ऐसा काम किया और उसको बताने के बारे में मेरी बहुत इच्छा हुई और आज मैं उसको लिख भी रहा हूँ। दोस्तों मैं जो यह सच्ची घटना आप सभी को बताने जा रहा हूँ यह आज से करीब 5 साल पहले मेरे साथ घटी थी। मुझे अच्छी तरह से पता है कि, यह आप सभी को जरुर पसन्द आएगी।

अब मैं अपनी इस कहानी को शुरू करने से पहले अपने बारे में बता देता हूँ. दोस्तों मेरी उम्र 30 साल की है और मेरा शरीर बहुत गठीला एकदम गोरा है और मैं दिखने में बड़ा आकर्षक लगता हूँ। मैं अब शादीशुदा हूँ मेरी शादी हुए करीब 5 साल हो चुके है. दोस्तों रेल के सफर की धक्का-मुक्की और सफ़र के दौरान उस धक्का-मुक्की का फ़ायदा किसी सेक्सी औरत से उठाई जाने वाली कहानियाँ आपने बहुत पढ़ी होगी तो आज आप मेरी इस कहानी को भी पढ़े।

दोस्तों मैं रेल्वे पुलिस में हूँ और मेरी ज़्यादातर ड्यूटी ट्रेन में ही रहती है और यह घटना दीपावली के समय की है जब मैं दिल्ली रेल्वे स्टेशन पर खड़ा था और मुझको वापस जयपुर तक आना था. स्टेशन पर बहुत भीड़ थी और तभी एक एक्सप्रेस ट्रेन आई और लोग धक्का-मुक्की करके ट्रेन में चढ़ गये. भीड़ बहुत ज़्यादा थी तो मैं स्लीपर कोच में जैसे-तैसे घुस गया और फिर ट्रेन चलने लगी, गर्मी बहुत हो रही थी, और मैं गेट के पास ही खड़ा था तभी अचानक से ट्रेन का ब्रेक लगा और मुझको एक झटका सा लगा और तभी मेरा हाथ किसी ने पकड़ा तो मुझको बहुत गर्म सा महसूस हुआ. और फिर मेरा ध्यान उधर गया तो मुझे एक और झटका लगा. और फिर मैं उसको देखता ही रह गया था, मेरे सामने एक बहुत ही खूबसूरत औरत खड़ी थी और वह मुझसे सॉरी बोलने लग गई थी. तो फिर मैंने उसको बोला कि, कोई बात नहीं और फिर ट्रेन फिर से चल दी थी. दोस्तों वो 5.6 फुट लम्बी थी और उसके बब्स कुछ ऐसे थे कि, जो भी उनको एकबार देखे तो पकड़ने को मचल उठे और उसकी गांड पीछे की तरफ उठी हुई थी और उसको देखकर मेरा तो मन कर रहा था कि, उसको पकड़कर बस अभी मसल दूँ. लेकिन मैंने खुद पर काबू किया और फिर ऐसे खड़ा हो गया कि, मेरे हाथ उसके बब्स को छूने लगे। और उस समय मुझको बहुत मज़ा आ रहा था और मेरा लंड भी खड़ा हो गया था. और फिर मैं धीरे-धीरे उसके बब्स को अपनी कोहनी से दबाने लग गया था. और फिर उसने मेरी तरफ देखा तो मैंने अपनी कोहनी वहाँ से हटा ली थी. और फिर वह मुस्कुरा दी थी तो मेरी हिम्मत और बढ़ गई थी और मैं उसके और नज़दीक जाकर खड़ा हो गया था।

और फिर एक जगह ट्रेन का थोड़ा सा ब्रेक लगा तो मैंने मौका देखकर उसके बब्स को दबा दिया था, जिससे वह सिसकियाँ लेने लग गई थी. और फिर वह मुझसे बोली कि, पुलिस वालों को जरा सी भी तसल्ली नहीं होती है और फिर मैं हँस दिया था. और फिर वह मेरे और भी पास आकर के खड़ी हो गई थी और मेरा लंड उसे छू रहा था और फिर हम दोनों आपस में बातें करने लग गए थे. दोस्तों वो अपने मायके में जा रही थी और उसने मुझको अपना नाम नेहा बताया था. दोस्तों और फिर हम दोनों धीरे-धीरे गर्म होते जा रहे थे, मैंने अपने हाथ से उसके कपड़ों के ऊपर से ही उसकी चूत को छू दिया था तो वह एकदम से उछल पड़ी थी. और फिर वह मुझको गर्दन हिलाकर के मना करने लगी और फिर उसने मेरा लंड अपने हाथ से पकड़कर दबा दिया था. दोस्तों उस समय मुझको बहुत अच्छा महसूस हो रहा था, और फिर मैंने उसको बोला कि, अन्दर चलते है और अपने आठ कोच के अन्दर ले आया. और फिर हम अन्दर आकर खड़े हो गए थे उस डिब्बे भीड़ बहुत थी और फिर हम खड़े-खड़े ही बातें करने लग गए थे और फिर मैंने उससे उसका फ़ोन नम्बर माँगा तो उसने मुझको मना कर दिया था. और फिर थोड़ी देर के बाद वह मुझसे बोली कि, तुम अपना नम्बर दे दो मुझको. तो फिर मैंने उसको अपना फ़ोन नम्बर दे दिया था. और फिर वह मुझको बताने लगी कि, उसकी शादी को 7 साल हो गए है पर उसको बच्चा नहीं हुआ है. और फिर तभी ट्रेन रुकी और दो लोग ट्रेन से उतरे और हम दोनों खाली सीट पर बैठ गए थे और फिर हमने अपने-अपने बैग और पोलिथीन अपनी घुटनों पर रख ली थी और तभी मैंने अपनी पेन्ट की चैन को खोलकर अपना लंड बाहर निकाल लिया था. और फिर मैंने अपना लंड उसके हाथ में पकड़ाकर रख दिया था. तो फिर वह मुझसे बोली कि, तुम तो मरोगे ही और साथ में मुझको भी मरवाओगे और फिर उसने मेरा लंड मेरी पेन्ट के अन्दर कर दिया था. और फिर मैंने अपनी पेन्ट की चैन बन्द कर दी. और फिर मैं अपनी बगल से अपने हाथ को निकालकर कभी उसके बब्स को दबा देता तो कभी सहला देता था। दोस्तों उसके बब्स का साइज़ 34” का था और वह बड़े ही टाइट थे. और फिर ऐसे ही मस्ती-मस्ती में जयपुर आ गया था और मुझको उससे विदा लेकर के उतरना पड़ा था. और फिर कई दिन गुजर गये थे और उसका कोई फोन नहीं आया था. और फिर एक दिन सुबह-सुबह मेरे फोन पर एक फोन आया और उधर से एक बहुत ही प्यारी सी आवाज आई जिसने मुझसे पूछा कि, कहाँ हो? तो मैंने भी बोला कि, आप कौन है? तो वह फिर मुझसे बोली कि, बहुत जल्दी भूल गये जयपुर वाली ट्रेन में हम मिले थे ना. और फिर मैं उसकी आवाज को सुनकर बहुत खुश हो गया था. और फिर उसने मुझको बोला कि, दिल्ली में मिलो मैं आ रही हूँ. तो मैंने उसको बोला कि, मैं तो दिल्ली में ही हूँ. तो फिर वह मुझसे बोली कि, ठीक है तो बाद में बताती हूँ. और फिर 30 मिनट के बाद एक मैसेज आया जिसमें एक होटल का पता लिखा था और फिर फ़ोन भी आया और उसने मुझसे पूछा कि, अब कहाँ हो? अब तुम जल्दी से आ जाओ. और फिर मैं उसके बताए पते पर निकल गया और जब मैं वहाँ गया तो वह होटल के बाहर ही खड़ी थी।

दोस्तो कसम से वह उस समय क्या कमाल की लग रही थी, उसे देखकर ही मेरा लंड तो खड़ा हो गया था. और फिर हम दोनों होटल के अन्दर चले गए थे. और फिर उसने मुझको होटल के कमरे में ले जाकर दरवाजा अन्दर से बन्द कर लिया था और फिर वह मुझसे बोली कि, कहिए जनाब क्या हाल-चाल है. और फिर मैं उससे एकदम से लिपट गया था. तो वह मुझसे बोली कि, थोड़ी तसल्ली तो करो और फिर उसने अपनी सलवार-कमीज़ उतार दी. दोस्तो वह उस समय क्या कयामत लग रही थी और मैं तो उसके बब्स पर टूट पड़ा था. मैं उसके एक बब्स को अपने मुहँ में लेकर पीने लगा था और एक को अपने हाथ से दबाने लग गया था और वह अपने मुहँ से इस्सस… आहहह… की आवाजें करने लग गई थी. और फिर मैंने उसकी ब्रा और पैन्टी को भी उतार दिया था, दोस्तों उसने अपनी चूत के बाल साफ़ किये हुए थे और उसकी चूत एकदम गुलाबी और चिकनी थी और वह पानी छोड़ रही थी. और फिर मैंने अपनी एक ऊँगली उसकी चूत में घुसा दी तो वह एकदम से सिसक पड़ी थी और वह मुझसे एकदम से लिपट गई थी। और फिर मैंने उसको अपनी गोद में उठाकर बेड पर लेटा दिया था और फिर मैं उसकी चूत को चाटने लगा था तो वो उहहह… आहहह… आइइइ… करने लग गई थी और वह मेरे सिर को अपनी टाँगों में दबाने लग गई थी और साथ ही वह उछलने भी लग गई थी और साथ ही वह अपने मुहँ से अजीब सी आवाजें भी निकालने लग गई थी. और फिर कुछ ही देर में उसकी चूत ने गरम-गरम लावा उगल दिया था. और फिर 5 मिनट के बाद वह उठी और फिर उसने अपनी पैन्टी से अपनी गीली चूत को साफ किया और फिर वह मुझसे बोली कि, तुम तो बहुत गन्दे हो. और फिर उसने मुझको धक्का देकर मुझे बेड पर लेटा दिया था और फिर उसने मेरी पेन्ट उतार दी थी और मेरा अंडरवियर भी उतार दिया था. और फिर उसने मेरे लंड को अपने मुहँ में ले लिया था और फिर वह उसको बड़े ही प्यार से चूसने लग गई थी. दोस्तों उस समय उत्तेजना में मेरी आँखें बन्द हो गई थी और मुझको इतना मजा आ रहा था कि, मैं आपको बता ही नहीं सकता. और फिर तभी मुझको लगा कि, अब मेरा भी होने वाला है तो मैंने उसका मुहँ अपने लंड के ऊपर से हटाना चाहा पर उसने मुझको मना कर दिया था. और फिर मैं उसके मुहँ में ही झड़ गया था. दोस्तों वह बहुत ही अच्छे से मेरे वीर्य की एक-एक बूँद को चाट गई थी और फिर उसने उसकी पैन्टी से ही मेरे लंड को भी साफ कर लिया था और फिर वह मुझसे लिपट गई थी और किस करने लग गई थी और साथ ही वह मुझसे कहने लगी कि, आई.लव.यू. दोस्तों उस समय मैं उसके बब्स को फिर से दबाने लगा तो मेरा लंड धीरे-धीरे फिर से खड़ा होने लग गया था. और फिर हम दोनों अब 69 की पोज़िशन में आ गये थे और हम एक-दूसरे को चाटने और चूमने लग गए थे. और वह फिर से तड़पने लग गई थी और फिर वह मुझसे बोली कि, आज कुछ और नहीं करना क्या? दोस्तों यह कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

और फिर मैं सीधा होकर उसके दोनों पैरों के बीच में आया और फिर मैंने उसकी चूत पर अपना लंड रखकर एक जोरदार धक्का मारा तो मेरा लंड उसकी चूत के अन्दर घुस गया था और वह जोर से चीख पड़ी थी और फिर वह मुझसे एकदम से लिपट गई थी और फिर थोड़ी देर रुककर मैं उसकी चूत में धक्के मारने लगा तो वह भी मेरा साथ देने लग गई थी और उसको बहुत मज़ा भी आ रहा था और वह मुझसे कहती जा रही थी कि, और ज़ोर-ज़ोर से अन्दर घुसाओ, फाड़ दो मेरी चूत को. दोस्तों उस समय उस कमरे में फ़च-फ़च की आवाजें गूँज रही थी. और फिर 10 मिनट के बाद वह एकदम से मुझसे लिपट गई थी और झड़ भी गई थी. दोस्तों उसके झड़ने के 5-7 मिनट के बाद मेरा भी होने वाला था तो मैंने भी अपनी स्पीड और बड़ा दी थी और फिर मैं उसकी चूत में ही झड़ गया था. और फिर मैं उसके ऊपर ही लेट गया था. और फिर थोड़ी देर तक लेटने के बाद हम उठे और फिर वह मुझसे फिर से लिपट गई थी और वह मुझको चूमने लग गई थी. और फिर वह मुझसे बोली कि, आज मैं बहुत खुश हूँ, माँग लो जो तुमको माँगना हो मुझसे. तो फिर मैंने मौके का फायदा उठाते हुए उसको बोला कि, मुझको तुम्हारी गांड चाहिए. तो फिर वह मुझसे बोली कि, ठीक है थोड़ी देर रुक जाओ. और फिर वह उठकर तेल की शीशी ले आई और फिर वह तेल को मेरे लंड पर मलने लगी और फिर वह बेड पर मेरे सामने घोड़ी बन गई थी और फिर वह मुझसे बोली कि, ज़रा धीरे से करना।

और फिर मैंने उसकी गांड के छेद पर अपना लंड रखकर धक्का दिया तो वह एकदम से चीख पड़ी थी और फिर वह मुझसे मना करने लगी. लेकिन उस समय मुझपर तो उसकी गांड चुदाई का भूत सवार था तो मैं कहाँ उसकी बात को मानने वाला था और फिर मैंने एक और झटका दिया और मेरा लंड उसकी गांड के अन्दर घुस गया था और उसकी आँखों से आँसू भी निकल आए थे. और फिर मैंने अपने लंड को उसकी गांड से निकाल दिया था तो वह मुझसे बोली कि, बाहर क्यों निकाला? तो मैंने उसको बोला कि, मुझसे आपका दर्द देखा नहीं जा रहा है. और फिर वह मुझको चूमने लगी और फिर वह मुझसे बोली कि, जान आई.लव.यू. आज मैं तुमको वह मज़ा दूँगी कि, तुम सब कुछ भूल जाओगे. और फिर वह मुझको बेड पर लेटाकर मेरे लंड पर सवार हो गई थी और फिर वह अपनी गांड को ऊपर-नीचे करने लग गई थी और फिर हम दोनों एकबार फिर से एकसाथ में झड़ गए थे. और फिर हमने खाना मंगवाकर साथ में खाना खाया और फिर मैं वहाँ से वापस आ गया था। दोस्तों उसके बाद भी हमने कई बार सेक्स किया था और बदनामी के डर से हम दोनों होटल में ही मिलते थे।

और फिर एक दिन वह बहुत खुश नज़र आ रही थी और फिर वह मुझसे बोली कि, मैं तुम्हारी वजह से माँ बनने वाली हूँ और आज के बाद हम नहीं मिलेंगे, मैं हमेशा तुमको याद करूँगी. और फिर उसकी आँखों में आँसूं आ गये थे. और फिर मैंने उसको अपने गले लगाकर चूमा और फिर मैं वहाँ से चला आया था. दोस्तों आज वह मेरे बच्चे की माँ है और हमने दुबारा कभी बात नहीं करी थी. दोस्तों अभी कुछ समय पहले एक बार उसका फ़ोन आया था पर मैंने फोन नहीं उठाया था, मेरा मन तो उससे बात करने को बहुत था पर उसके जीवन में मेरी वजह से कोई दिक्कत ना हो इस वजह से मैं चुप हो गया था. दोस्तों आज भी उसकी चुदाई का अंदाज मुझे बहुत याद आता है।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!