घरेलू रंडियां 4

मैने मम्मी का हाथ Antarvasna पकड़ कर कहा मम्मी पहले मेरी चूत मे हाथ डाल कर उसे सहलाती जाओ तब मैं आपको सारी बात बता देती हू, मम्मी ने तुरंत अपने हाथ को मेरी साडी मे डाल कर मेरी फूली चूत को अपनी मुट्ठी मे भर लिया और दबाते हुए कहने लगी,

रौशनी- फिर क्या हुआ हीना बता ना..

हीना- फिर क्या था मम्मी, पापा मेरे चूतादो को खूब कस-कस कर दबाने और मसल्ने लगे

रौशनी- सच हीना तेरे चूतड़ पहले से काफ़ी मोटे हो गये है तेरे पापा को तो तेरी मोटी गांड दबोचने मे

मज़ा आ गया होगा,

हीना- हाँ मम्मी मैने झट से पापा के मोटे लंड को अपने मूह मे भर कर चूसना चालू कर दिया,

रौशनी- और दीपक क्या कर रहा था

हीना- दीपक मेरी मम्मी की मोटी गांड को खूब कस-कस कर मसल रहा था

रौशनी- क्या दीपक को तेरी मम्मी की गांड बहुत पसंद है

हीना- हाँ मम्मी दीपक ने मम्मी को वही झुका दिया और उनकी साडी उनकी गांड से उठा कर उनकी पॅंटी उतार दी और फिर दीपक ने कम से कम आधे घंटे तक मम्मी की गोरी-गोरी मोटी गांड को चाट-चाट कर लाल कर दिया,

सच मम्मी दीपक बहुत मस्त तरीके से चूत और गांड चाट्ता है और मोटी-मोटी गांड का तो वह दीवाना है उसे औरतो के भारी चूतड़ बहुत अच्छे लगते है तभी तो वह दिन रात बस आपकी गांड चोदने के बारे मे सोचता है रौशनी- क्या दीपक को मेरी गांड बहुत अच्छी लगती है मैने मम्मी की बात सुन कर उनकी साडी के अंदर हाथ डाल कर उनकी चूत को जैसे ही दबोचा ढेर सारा पानी मेरे हाथो मे लग गया और मैं समझ गई साली पूरी भीग चुकी थी,

हीना- हाँ मम्मी दीपक तो आपको पूरी नंगी करके चोदना चाहता है

रौशनी- क्या उसने तुझसे ऐसा कहा है कि वह मुझे पूरी नंगी करके चोदना चाहता है

हीना- हाँ मम्मी वह तो कई बार मुझे अपनी मम्मी बना कर भी मेरी गांड मारते है

रौशनी- खूब मोटा लंड है ना दीपक का खूब मज़ा आता होगा ना तुझे

हीना- हाँ मम्मी जब दीपक का मोटा लंड मेरी गांड मे जाता है तो ऐसा लगता है कि दीपक खूब कस-कस कर अपने लंड को मेरी गांड मे मारे और मुझे खूब रगड़-रगड़ कर चोदे और फिर मैने मम्मी के मोटे-मोटे

दूध को दबाते हुए एक हाथ से मम्मी की गुदा सहलाते हुए कहा मम्मी जब दीपक का मोटा लंड आपकी मोटी गांड मे जाएगा तब देखना आप मस्त हो जाओगी और खुद ही दीपक से कहोगी की ठोंक बेटा खूब कस-कस कर मार अपनी मम्मी की मोटी गांड अपने मोटे लंड से मम्मी मेरी बात सुन कर मुझसे बुरी तरह चिपक गई और मैने मम्मी के होंठो को अपने मूह मे भर कर चूसना शुरू कर दिया और फिर मैने मम्मी से कहा

हीना- बोलो मम्मी अपने बेटे का मोटा लंड अपनी इस भारी गांड मे घुसाने का मन कर रहा है ना और फिर

मैने मम्मी की मोटी गांड को कस कर दबोच लिया

रौशनी- आह आह हाँ हाँ बेटी मेरा दिल कर रहा है कि दीपक अभी मुझे खूब रगड़-रगड़ कर चोदे मेरी चूत और गांड अपने मूसल से फाड़ कर रख दे,

मैने मम्मी की चूत मे फिर से अपना हाथ डाल कर मम्मी से कहा बोलो मम्मी चुद्वओगि अपने बेटे से और

फिर मैने अपनी उंगली मम्मी की चूत मे भर दी और मम्मी मुझसे पागलो की तरह लिपट गई और मुझे चूमते

हुए कहने लगी

रौशनी- हाय हीना एक बार मेरी चूत मे दीपक का लंड डलवा दे अया आ आ ओह हीना

मैने मम्मी की चूत मे तीन उंगलिया डाल कर खूब ज़ोर से उनकी चूत मे आगे धकेलने लगी और मम्मी ने अपनी टाँगे और चौड़ी कर ली, मैं बड़े आराम से मम्मी की चूत मे उंगली डालने लगी और मम्मी सीसियाते हुए कहने लगी हीना बता ना कब मेरी चूत मे तू दीपक का लंड डालेगी, कब मेरा बेटा अपनी मम्मी को पूरी नंगी करके उसकी चूत मे अपना लंड डालेगा,

हीना-मम्मी अभी आपको दीपक से चुदवा दूँगी पर आपको भी मेरी एक इक्च्छा पूरी करनी होगी

रौशनी- कौन सी इक्च्छा हीना- मेरा दिल करता है कि एक बार आप और पापा दोनो मिलकर मुझे चोदो

रौशनी- क्यो नही बेटी आज रात तू हमारे रूम मे आ जाना और मेरे और अपने पापा के बीच मे सोना फिर देखना हम दोनो मिलकर तुझे पूरी तरह मस्त कर देगे

हीना- नही मम्मी आपके रूम मे नही बल्कि बैठक वाले रूम मे जहाँ से दीपक भी हमे अपने रूम से

देख सके, आप नही जानती दीपक आपको पूरी नंगी देखने के लिए मरा जा रहा है इसलिए आज आप उसे अपनी मोटी गांड खूब उठा -उठा कर दिखना फिर देखना वह आपकी गांड देख कर आपको नंगी ही उठा कर अपने बेड पर ले जाएगा और खूब कस-कस कर चोदेगा,

रात को पापा सोफे पर बैठे टीवी देख रहे थे और मैं उनके पास जाकर बैठ गई दीपक पूरा नंगा होकर अपने रूम से हमे देख रहा था, तभी सामने से मम्मी आ गई मम्मी ने मेकप किया हुआ था और बहुत सेक्सी लग रही थी वह जैसे ही पापा के पास आ कर खड़ी हुई पापा ने मम्मी की चिकनी कमर को थाम कर उन्हे अपनी गोद मे खींच कर बैठा लिया और उनके मोटे-मोटे दूध को खूब कस कर दबा दिया,

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माँ बेटी एक साथ चुसाई

रौशनी- हस्ते हुए अरे छ्चोड़ो ना क्या कर रहे हो सामने बहू बैठी है,

किशन- अरे मेरी रानी बहू भी जानती है कि आज तुम्हारी चूत से बहुत पानी आ रहा है खूब मोटा लंड लेने का मन कर रहा है ना,

रौशनी- मुस्कुराते हुए, छ्चोड़िए भी हीना क्या सोच रही होगी

किशन- अरे हीना से क्यो शर्मा रही हो, लो मैं अभी तुम्हारी शरम दूर कर देता हू और फिर पापा ने

मुझे भी अपनी गोद मे खींच कर बैठा लिया अब पापा एक हाथ से मम्मी के दूध मसल रहे थे और दूसरे

हाथ से मेरे दूध मसल रहे थे,

रौशनी- बहुत बेशरम हो तुम, मैं जा रही हू सोने,

हीना- मम्मी ज़रा बैठिए तो सही मैं अभी कुच्छ खाने पीने के लिए लेकर आती हू और फिर मैं सीधे दीपक के

पास गई और सभी के लिए लार्ज ग्लास ड्रिंक बना कर ले आई, पहले पापा ने एक ग्लास उठा कर एक ही घुट मे ख़तम कर दिया फिर पापा ने दूसरा ग्लास उठा कर मम्मी के गालो को चूमते हुए कहा ले रानी यह सोमरास पी ले फिर आज तुझे मस्ती से चोदुन्गा,

मम्मी मेरी ओर देख रही थी और मैने इशारे से उन्हे पीने के लिए कहा और फिर मम्मी पूरा ग्लास पी गई और मम्मी के चेहरे पर एक मस्ती सी दिखाई देने लगी,

हीना- पापा मुझे भी अपने हाथो से पिला दो नारौशनी – बहू तू अपने पति के हाथ से पी

हीना- नही मम्मी मुझे तो पापा के हाथो से ही पीने मे मज़ा आता है,

मैने देखा मम्मी को सुरूर आने लगा था और वह अब धीरे से पापा के मोटे लंड को दबाने लगी थी, तभी

पापा ने मेरे लबो से ग्लास लगा दिया और मेरे मोटे-मोटे दूध को खूब कस-कस कर दबाते हुए मुझे पिलाने

लगे,

मैने जैसे ही ग्लास ख़तम किया पापा ने सीधे मेरे रसीले भीगे होंठो को अपने मूह मे भर कर चूस लिया और मैं एक दम से मस्त हो गई, मम्मी ने जब मुझे पापा से चिपकते देखा तो वह भी पापा के लंड कोबाहर निकाल कर सहलाने लगी, पापा मेरी ओर ज़्यादा ध्यान दे रहे थे और मेरे ब्लौज को खोल कर पापा मेरी सफेद रंग की ब्रा के उपर से मेरे सुडोल भरे हुए दूध को मसल रहे थे,

मम्मी पूरी मस्ती मे आ चुकी थी तभी पापा ने कहा हीना बेटी एक-एक ग्लास और लेकर आओ तब तक मैं

तुम्हारी मम्मी को पूरी नंगी कर देता हू,

मैं जल्दी से अंदर गई तो दीपक ने मुझे दबोच लिया उसका मोटा लंड पूरी तरह खड़ा हुआ था और वह अपने लंड पर तेल लगा-लगा कर मसल रहा था, दीपक ने मुझे पिछे से दबोचते हुए कहा मेरी रंडी बीबी मेरे पापा से बहुत चिपक रही थी, बहुत पसंद है तुझे पापा का लंड, और फिर दीपक ने मेरी साडी और पेटिकोट भी उतार दिया और मैं ब्रा और पॅंटी मे रह गई,

फिर दीपक ने मेरी पॅंटी भी उतार दी और ब्रा को भी खोल दिया और मेरी गांड के पिछे से अपने लंड को रगड़ने लगा,

दीपक के लंड पर तेल की खूब चिकनाई थी और मेरी चूत भी पूरी गीली थी अचानक दीपक ने थोडा ज़ोर लगाया और उसका मोटा लंड सॅट से मेरी चूत मे अंदर तक समा गया और दीपक मेरे होंठो को पागलो की तरह चूमने लगा,

हीना- आह क्या बात है दीपक मम्मी की गुदाज गांड और ब्लॅक ब्रा पॅंटी देख कर तुम्हारा लंड कुच्छ ज़यादा

ही झटके मार रहा है,

दीपक- मेरी रानी आज मैं तुझे और मम्मी को दोनो को एक साथ पूरी नंगी करके चोदुन्गा,

हीना- ठीक है चोद लेना पर पहले पापा को तो फ्री कर दू चलो अब लंड बाहर निकालो और अपनी मम्मी के लिए एक लार्ज ग्लास बना दो तभी तो वह खूब गांड उठा-उठा कर तुमसे चुद्वयेगि,

दीपक- अच्छा ठीक है और फिर मैं पूरी नंगी ही उन लोगो के लिए ड्रिंक ले कर चली गई दीपक मुझे जाते हुए मेरे नंगे भारी चुतडो को देख कर लंड मसल रहा था, मैने जैसे ही पापा की ओर ट्रे बढ़ाया पापा ने मम्मी

को बीच मे बैठा लिया और मैं मम्मी के साइड मे बैठ गई,

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किशन- बेटी हीना अब तुम और मैं दोनो तुम्हारी मम्मी को ड्रिंक पिलाएगे लेकिन पहले हम दोनो अपना वाला ग्लास ख़तम कर देते है उसके बाद पापा ने मम्मी के ब्लौज के बटन खोलना शुरू कर दिए, मम्मी मस्ती मे लगातार पापा का लंड मसले जा रही थी और पापा मम्मी की ब्रा खोल कर उनकी साडी और पेटिकोट भी उतार देते है,

अब मम्मी की गुदाज भारी भारी जंघे मोटी मोटी फैली हुई गंद, बड़े बड़े मोटे मोटे दूध और उठा हुआ

गुदाज मसल पेट सब कुच्छ सामने था, पापा ने ड्रिंक को मम्मी के मोटे-मोटे बोबो पर डालते हुए उनके निप्पल को चूसना शुरू कर दिया और मम्मी आह सी आह करने लगी,

पापा की यह हरकत मुझे भी पसंद आई और मैने भी मम्मी के दूसरे दूध को खूब कस कर दबोचते हुए

उसके उपर थोड़ी ड्रिंक डाल कर उसे चूसना शुरू कर दिया, हम तीनो सोफे से टिक कर बैठे थे फिर मैने और पापा ने मम्मी की दोनो टाँगो को उपर उठा कर मोड़ दिया और अब मम्मी की एक मोटी जाँघ पापा दबा रहे थे और दूसरी मोटी जाँघ मैं दबाने लगी तभी पापा ने मम्मी की दोनो जाँघो को खूब फैला कर उनकी फूली हुई चूत की एक फाँक को अपनी ओर खींचा तब मैने भी मम्मी की चूत की दूसरी फाँक को अपनी ओर खींचा,

सामने से दीपक यह नज़ारा देख कर पागल हुआ जा रहा था उसके सामने उसकी मम्मी की मस्त फूली हुई चिकनी चूत पूरी तरह खुली हुई थी और पापा और मैं एक-एक फांको को पकड़ कर अपनी ओर खींच रहे थे, कुच्छ देर बाद हम सभी नशे मे मस्त हो चुके थे और दीपक से भी रहा नही जा रहा था,

दीपक ने मुझे देखते हुए पूच्छा कि वह भी आ जाए क्या तब मैने उसे आने का इशारा कर दिया और मैं जाकर पापा के मोटे लंड के उपर बैठ गई मेरी चूत मे पापा का पूरा लंड उतार गया और उन्होने मुझे अपने सीने से लगा लिया,

मम्मी आँखे बंद करके अपनी जाँघो को फैलाए अपनी चूत सहला रही थी तभी दीपक आ गया और उसने

मम्मी की गुलाबी चूत से अपनी जीभ लगा दी और उनकी बुर चाटने लगा,

मम्मी ने और भी अपनी टाँगे फैला दी, तभी पापा ने मुझे उठाया और अपने लंड पर खड़े होकर पूरी तरह

बैठा लिया मेरी चूत मे उनका मोटा लंड पूरी तरह फसा हुआ था और मैं उनके सीने से अपने मोटे-मोटे दूध को दबाए हुए चिपकी हुई थी,

पापा नीचे से मेरी चूत मे तबीयत से लंड पेल रहे थे और मैं हाय पापा आह आह बहुत अच्छा लग रहा है ऐसे ही मुझे अपने लंड पर चढ़ाए हुए चोद्ते रहिए, पापा मेरे होंठो को चूस्ते हुए लगातार मेरे बोबे मसल-मसल कर मेरी चूत को ठोंक रहे थे, फिर वहाँ जगह कम होने के कारण पापा मुझे उठा कर बिस्तेर पर ले गये और वहाँ मुझे घोड़ी बना कर खूब हुमच हुमच कर मुझे चोदने लगे,

दीपक ने भी मम्मी को खड़ी कर के उनसे रूम के अंदर चलने को कहा और मम्मी आगे आगे चलने लगी और दीपक मम्मी की मोटी गांड को दबोचते हुए उनके पिछे पिछे चलने लगा, दीपक ने अपनी एक उंगली मम्मी की गांड के छेद से लगा रखी थी और दूसरे हाथ से मम्मी के मोटे मोटे चूतादो को थपकीया रहा था, दीपक को मम्मी की मोटी गांड बहुत अच्छी लगी और दीपक ने मम्मी को पेट के बल बिस्तेर पर लेटा दिया और मम्मी की गांड को दबोचते हुए उस पर थप्पड़ मारने लगा रोहिर अपने लंड को सहलाते हुए अपनी मम्मी की गांड मे जैसे ही थप्पड़ मारता उसकी मम्मी की गांड लाल हो जाती और रौशनी आह दीपक बेटे क्या कर रहा है,

दीपक- मम्मी आपके चूतड़ बहुत मस्त है लगता है इन्हे खूब चाँते ही चाँते मार मार कर लाल कर दू

रौशनी- आह सी बेटे जब तू मेरी गांड पर थप्पड़ मारता है तो मेरा दिल करता है कि मेरी गांड मे तू अपना लंड

फसा कर खूब चोद दे, बेटे मेरी गांड मे थप्पड़ मारते हुए उसे चाट्ता भी जा, मैं जानती हू तुझे औरतो की गंद और चूत चाटने मे बहुत मज़ा आता है,

दीपक ने मम्मी की गांड को फैला कर उसे चाटना शुरू कर दिया वह मम्मी की चूत को उपर से लेकर नीचे तक चाट्ता फिर मम्मी की गांड के छेद को चाट कर उसकी गुदा मे उंगली डाल देता था,दीपक जब पापा को देखता है कि वो मुझे खूब कस कस कर झुकाए हुए मेरी गांड मार रहे है तब दीपक भी

मम्मी को वही घोड़ी बना कर उसकी मोटी गांड मे अपने तेल से सने लंड को लगा कर मम्मी के मोटे-मोटे

चूतादो को खूब फैला कर उनकी गांड मे एक करारा धक्का मार देता है और दीपक का लंड मम्मी की मोटी गुदा को फैलाते हुए गच्छ से अंदर फस जाता है,

रौशनी- ओह मा मर गई कितना मोटा लंड है बेटे तेरा पूरी गुदा खोल कर फैला दिया हे दीपक मार डाला रे, मैने जब दीपक के लंड को मम्मी की गांड मे घुसा देखा तो दीपक की ओर इशारा किया कि खूब तबीयत से अपनी मम्मी की गांड मारो, रंडी पर बिल्कुल रहम मत करो खूब कस कस कर उसकी गुदा को चोदो तभी उसे मज़ा आएगा,

दीपक मेरा इशारा समझ गया और इस बार उसने ऐसा झटका सासू मा की गांड मे मार दिया कि सासू मा क़ी एक दम से बोलती ही बंद हो गई, दीपक का मोटा लंड पूरा उसकी मम्मी की मखमली गांड के छेद मे समा गया और रौशनी ओह ओह सी सी करते हुए अपने चूतादो को इधर उधर मटका कर अड्जस्ट करने लगी, मैं भी पापा के लंड को सटा सॅट अपनी गांड मे ले रही थी लेकिन पापा मुझे बड़े आराम से मेरी बुर को सहलाते हुए चोद रहे थे लेकिन दीपक मम्मी के चुतडो पर थप्पड़ मारते हुए उनकी गांड के छेद को खूब हुमच हुमच कर चोद रहा था,

पापा कभी मेरे बोबे मसल देते कभी मेरी गांड दबा देते और कभी मेरी चूत को दुलार्ने लगते,

दीपक ने मम्मी के मूह को पकड़ कर अपनी ओर मोड़ लिया और उनके होंठो को पीते हुए उनकी गुदा को ठोकना शुरू कर दिया, दीपक के हर धक्के के साथ सासू मा उह उह आह आह करने लगती थी, लगभग एक आधे घंटे तक पापा और दीपक ने मुझे और मम्मी को खूब कस कर चोदा उसके बाद पलंग पर पापा और दीपक मुझे और मम्मी को लेकर लेट गये मैं और मम्मी पूरी नंगी एक दूसरे से नशे मे चिपकी हुई थी और एक दूसरे के रसीले होंठो को चूस्ते हुए एक दूसरे के बोबो को खूब मसल रही थी,

उधर दीपक और पापा दोनो मेरी और मम्मी की गांड के पिछे से चिपके हुए थे पापा मेरे चूतादो को दबोच

दबोच कर सहला रहे थे और दीपक मम्मी की गांड मे अभी भी लंड फसाए उन्हे गहराई तक धक्के दे रहा

था,

अब मैं और मम्मी एक दूसरे से पूरे चिपक गये और दीपक और पापा हम दोनो के पिछे से पूरी तरह अपना

अपना लॅंड फसा कर चिपक गये और फिर हम दोनो को खूब कस कस कर ठोकने लगे, उन दोनो के धक्के जब हमारी गांड मई पड़ते तो मेरे और मम्मी के बदन आपस मई खूब चिपक जाते, जैसे जैसे दीपक और पापा का जोश बढ़ रहा था वैसे वैसे मेरे और मम्मी के बीच की दूरी कम हो रही थी, फिर जब पापा और दीपक को खूब मज़ा आने लगा तब दोनो हमारी गांड पर चढ़ चढ़ कर हमे ठोकने लगे, चुदाई और उसकी ठप की थपथपाहट पूरे कमरे मे गूँज रही थी और पापा और दीपक मुझे और मम्मी को लेकर पूरी तरह गुत्थम गुत्थ हो रहे थे, हम दोनो की गांड चुद चुद कर पूरी लाल हो चुकी थी, तभी दीपक ने एक तगड़ा झटका मार दिया और पापा ने मेरी गांड मे भी अपना मूसल खूब अंदर तक दबा दिया, रौशनी- आह आह चोद बेटा चोद खूब चोद और मार अपनी मम्मी की गांड आज फाड़ दे बेटा आह आ आह सी सी हीना- ओह पापा और चोदिये खूब चोदिये आज फाड़ दीजिए अपनी बहू की चूत आह आह आह ओह ओह सी सी

पापा और दीपक हमे चोद चोद कर पूरी मस्त कर दिया और फिर पापा मुझे चोद्ते हुए मम्मी की चूत सहलाने लगे और दीपक मम्मी की गांड ठोकता हुआ मेरी चूत सहलाने लगा, मैं मम्मी के दूध मसल रही थी और मम्मी मेरे दूध मसल रही थी, तभी दीपक और पापा के धक्के पूरी मस्ती मे मेरी और मम्मी की गांड मे

पड़ने लगे और हम दोनो रंडियो ने एक दूसरे को खूब कस कर दबोचते हुए अपनी अपनी चूत का पानी छ्चोड़ना शुरू कर दिया तभी पापा ने अपना गरम गरम वीर्य मेरी गुदाज गांड मे पूरा भर दिया और उधर दीपक ने मम्मी की मोटी गांड मे अपना वीर्य छ्चोड़ कर उनकी गांड की गहराई मे अपने लंड को पूरा दबा दिया,

उस रात पापा और दीपक ने हम सास बहू की दो बार और खूब तबीयत से चुदाई की और पूरी रात रंडियो की तरह दोनो बाप बेटो ने मिल कर हमे दबोचा चोदा और हमारा रस पिया,

एक दिन मैं और पापा दोनो मार्केटएमई घूम रहे थे कि अचानक मुझे वही आदमी नज़र आ गया जिसने मेरा बलात्कार करने की कोशिश की थी, मैने इशारे से पापा को बताया तो पापा ने कहा कि उसे पोलीस के हवाले करे क्या मैने कहा अब रहने दो लेकिन चलो उससे थोड़ी बात करते है, मैं और पापा उसके पास पहुचे,

और मैने उससे कहा कहो भैया क्या हाल है आपके,

उसने मुझे गौर से देखा और कहा बहन जी मैने आपको पहचाना नही,

हीना- हस्ते हुए, भैया आपकी वजह से ही आपकी बहन आज मस्त शादी शुदा जिंदगी जी रही है, सच भैया

आपका मुझ पर बड़ा अहसान है बस इतना कह कर मैं और पापा वहाँ से हस्ते हुए चल दिए और वह काला आदमी अपना मूह फाडे हमे देखता रह गया शायद वह समझ नही पाया कि उसने मेरे उपर कब और कौन सा एहसान किया है, बस इतना ज़रूर था कि वह कुच्छ दिन तक यह सोच कर परेशान रहेगा कि इतना मस्त माल कौन था और मैने उस पर क्या एहसान किया था और कब किया था