जवान लड़के की मन की बात 2

जवान लड़के की मन की बात – Indian Sex Stories – 2

अब मुझे मेरी आंटी को नंगे देखने मे,सहलाने मे, उनके गड्राए हुए मांसल शरीर को रगड़ने (मसालने)मे बहुत मज़ा आने लगा. और मैं किसी ना किसी बहाने उनकी बॉडी को टच करने लगा. जैसे उनके सिर मे मालिश करना, हाथ पैर दबाना. एक बात और बठाना चाहूँगा की उनके कमर और लेफ्ट पैर मे अक्सर दर्द रहता था और वो मुझे अकसर ही कमर दबाने या मालिश करने को कहती और अपनी सारी को अपने मोटी कमर से नीचे सरका देती .और मैं उनकी कमर को ज़ोर ज़ोर से दबाता या फिर तेल लगा कर मालिश कराता.और उनकी मोटी कमर को ध्यान से देखता. उनकी कम्र खूब मोटी थी मगर देखने मे बहुत सेक्सी थी. कमर के निचले हिस्से (चुतताड क ऊपरी हिस्से) क बीच से पीठ क ऊपरी हिस्से तक (गर्दन क नीचे) तक का एरिया गहरी नली (ड्रेन) जसा था. मैं मालिश करने क लिए तेल (आयिल) को उसी मे गियराता और हथेली से चारो ओर फैलता. इसी बीच कुछ तेल इस गहरी नली क रास्ते उनके चुतताड क बीच की जगह (आस करॅक) मे भी चला जाता था और मैं जान बूझ कर उनके पेटीकोत के ऊपरी हिस्से की ओर से उनके चुतताड के बीच मे अपना हाथ डाल कर तेल को सूखने (अब्ज़ॉर्ब करवाने) के लिए तेल को उनके हावी चुतताड क दोनो चर्बिदार फांको की तरफ ले जा कर उनके चुतताड पर हाथ फेराता ,मसलता भींचता .जिस जगह वो पेटीकोत की दूरी बाँधती थी उस जगह पर उनके कमर पर कला निशान बन गया था जो पेट पर भी था. यही काम मैं ँके पैरो की मालाश करते टाइम भी कराता. मुझे उनके मोटे मोटे चिकने जाँघो को दोनो हाथो से मालिश करने मे बहुत मज़ा आता था. और आंटी को भी. मालिश करवाने क बाद वो कहती थी की सारा दर्द गायब हो गया. लेकिन उन्हे नही पता होता था की मेरे शरीर मे दर्द शुरु हो जाता था……

मेरे पड़ोस मे एक ओझा फॅमिली थी और ओझा आंटी का हमारे फॅमिली से अच्च्छा संबंध था और एक दूसरे क घर खूब आना जाना था. गर्मियों की छुट्टी थी और दोफर मे ओझा आंटी मेरे घर आई हुई थी मैं ओझा आंटी क घर ये सोच कर खेलने क लिए चला गया की उनके घर खूब मस्ती करेंगे उनके बच्चे भी मेरे ही एज ग्रूप क थे. उनके घर जाने पे पता चला की उनके दोनो लड़के करिकेट खेलने गये थे और घर पर उनकी दो लड़कियाँ अकेली थी और लेती हुई थी .दोनो ही एज मे मुझसे बड़ी थी. मैं बोला मैं तो ये सोच क आया था की आंटी मेरे घर हैं और यहाँ हम लोग खूब खेलेंगे कूड़ेंगे और कोई डाँतने वाला नही रहेगा. उनकी बड़ी लड़की ने बोला की अभी धूप तेज है आओ अंदर आ कर लेट जाओ. मैं भी उनके साथ बेड पे लेट गया और बातें करने लगा. बातों बातों मे आदमी -औरात क बड़े मे उनके बॉडी पार्ट्स क बड़े मे बातें होने लगी.

बातों ही बातों मे ओझा आंटी की छ्होटी बेटी भी बेड पर आ गयी और बोली की चलो हम लोग आंटी-अंकल वाला गेम खेलते हैं.दीदी आप आंटी बनेंगी ,@@@@ अंकल और मैं बेटी. सब रीडी हो गये और वो जा कर अपनी आंटी की सारी ले लाई और अपने दीदी को देते हे बोली लो दीदी इसे पहन कर आंटी बन जाओ. और ओझा आंटी की बड़ी बेटी ने अपना फ्रॉक निकल कर सारी लपेट लिया और गेम शुरू हो गया, आंटी अंकल शॉपिंग किए,बेटी को स्कूल ले गये , किचन मे खाना बनाए और खाना खाए सब कुछ हो गया अब सोने की बारी थी हम तीनो एक साथ बेड पे सोने क लिए आ गये.

आंटी की छ्होटी बेटी ने बोला की आंटी अंकल मैं भी आप दोनो क साथ सौंगी और वो भी आ कर हम लोगों क साथ सो गयी . हम लोग आँख बंद कर सोने का नाटक करने लगे तो वो बोली की आप दोनो मुझे प्यार कर क सुला दीजिए जैसे असली आंटी अंकल मुझे प्यार करते हैं. उसकी इस बात पर हम दोनो उसको चूमने लगे और दुलार करने लगे और बोले मेरी प्यारी बेटी अब सो जाओ बहुत रात हो चुकी है सुबह जल्दी उतना है वो बोली अभी मुझे और प्यार करिए और हम दोनो उसे और चूमने चातने लगे , सीने से लगाने लगे अपने बाहों मे भरने लगे , प्यार करने लगे और उसको प्यार करने क इस करिया मे वो भी हम दोनो को चूमती , बाहों मे भाराती हम लोगों क ऊपेर लेट जाती . इस तरह हम तीनो को एक साथ एक ही बेड पर एक दूसरे के सामने एक दूसरे से चिपकने चूमने-चातने और प्यार करने का नाटक शुरु हो गया..

जब हम दोनो उसको जम कर प्यार दुलार कर लिए तो वो बोली की अब ठीक है अब मैं सो जौंगी अब आप लोग भी सो जाइए. ये बोल कर वो नींद मे सोने का नाटक करने लगी और हम दोनो भी. कुछ देर बाद वो बोली की आप लोग सो गये क्या? मैने रपली दिया की हम लोग सो गये. वो बोली की आप लोग ऐसे कैसे सो जाएँगे ? हम लोग बोले की फिर कैसे सोना है ? वो बोली की जिस तरह आंटी अंकल एक दूसरे से जी भर क प्यार कर क सोते हैं उसी तरह आप लोगों को भी एक दूसरे से जी भर क प्यार कर लेने क बाद ही सोना है

फिर हम दोनो (मैं और ओझा आंटी की बड़ी लड़की ) एक दूसरे को अपने बाहों मे भर क एक दूसरे से लिपट कर एक दूसरे को चूमने लगे, ये मेरे जीवन का पहला मौका था जब मैं अपने उमर की किसे लड़की को इतना करीब से महसूस किया था. मैं उसके गालों को चूमता और वो मुझे अपने सीने से चिपका लेती और मेरे चेहरे पे इधर उधर चूमती. सच कहूँ तो हम दोनो ऑपोसिट सेक्स क आकर्षण मे बाँध गये और खेल खेल मे ही हम दोनो मर्द और औरात क बीच शारीरिक अंतर को एक दूसरे क शरीर को देख कर और छ्छू कर महसूस कर रहे थे. वो उमर मे मुझसे बड़ी थी और उसकी चूचियाँ का दबाव जो आकर मे नींबू क बराबर छ्होटी छ्होटी थी मेरे सीने मे महसूस हो रहा था और मेरा लंड पूरी तरह टाइट हो गया था

एक दूसरे को चूमते हुए हम दोनो एक दूसरे क शरीर को महसूस करने लगे. मैं एक औरात को और वो एक मर्द को अपने इतना नझडीक ज़िंदगी मे फ्ली बार पाए थे और पहली बार मे ही पूरी तरह एक दूसरे क जिस्मानी अंतर को जान लेना चाह रहे थे….वो मेरा हाथ पकड़ क अपने दोनो पैरों क बीच मे बुर क पास खींच क रख दी और अपना हाथ मेरे लंड क पास ले जा कर रख दी और मेरे लंड को महसूस करने लगी. जीवन मे पहली बार मेरा हाथ किसी बुर क इतना नझडीक गया था इस लिए मैं भी ऐसा मौका गवाना नही चाहता था और डराते हुए मैने उसकी बुर को अपनी मुट्ठी माई भींच लिया…..शायद उसको भी अच्च्छा लग रहा था और वो मुझसे और छिपकने लगी और झटके से मेरे लंड को अपने हाथों मे कस ली

मैं उसके बुर को पेंटी क ऊपेर से ही सहलाने लगा. ऐसा मैं उसको उत्तेजित करने क लिए नही बल्कि एक बुर की बनावट समझने क लिए कर रहा था…मेरा लंड एकदम टाइट हो गया था और वो भी मेरे लंड को अपने हाथ से सहलाते हुए , मुट्ठी मे कस क दबोचते हुए एक लंड की बनावट को महसूस कर रही थी . उसने बोला कितना टाइट हो गया है ?? मैने कहा की हन…कभी कभी टाइट हो जाता है…वो बोली मोटा भी हो गया है…मैं बोला टाइट होता है तो मोटा और लंबा हो जाता है…. वो बोली मुझे दिखाओ … मैं भी देखु कैसा दिखता है ?? मैं बोला नही मुझे शरम आ रही है… वो बोली तुम भी मेरी बुर देख लो…और वो अपने एक हाथ से अपनी पेंटी को नीचे सरकाने लगी और एक हाथ से मेरे लंड को मेरे हाफ पेंट से बाहर निकालने की कोशिश करने लगी……

मेरे लंड को पैंट से बाहर निकल कर वो बिस्तर पे बैठ गयी और मेरे लंड को अपने दोनो हाथों मे ले कर सहलाने लगी. मेरा लंड पूरी तरह टाइट हो चुका था और मेरे लंड से पानी का रिसाव होना शुरु हो गया

मेरा लंड को सहलाते हुए उसने पूछा की कैसा लग रहा है? मैं बोला बहुत अच्च्छा लग रहा है …वो मेरे लंड का स्किन सरका कर सुपारे पर अपनी उंगी से सहलाने लगी …मेरे लंड मे जैसे करेंट लग रहा था…मैं बोला तुम्हारा कैसा है? मुझे भी दिखाओ..और वो अपनी पेंटी सरका क अपनी दोनो टाँगों को फैला क बोली लो देखो…जीवन मे पहली बार एक टीनेजर बुर देखा, देखते ही पूरे बदन मे सनसनी फैल गयी . उसकी बुर बहुत ही सुंदर थी एक दम कुँवारी बर…बर पे हल्के हल्के मुलायम बाल देख कर मुझे चौधरी आंटी क लड़के की बात याद आ गयी की जवान औरातों क बुर पे बाल होता है… और मैं उसके बुर को अपने काँपते हाथों से सहलाने लगा…..

वो मेरे लंड को सहलाते हुए फॉरेस्किन को ऊपेर नीचे करने लगी और बोली की कैसा लग रहा है? मैं बोला मज़ा आ रहा है….वो बोली की मेरी बुर कैसी है? मैं बोला बहुत ही सुन्दर है..वो अपनी चूचियों को नंगा करते हुई बोली की और मेरे दूध कैसे हैं? मैं बोला की बहुत सुंदर लग रहे हैं…लेकिन बहुत छ्होटे छ्होटे हैं… वो बोली की धीरे धीरे बड़े हो जाएँगे…मैं पूछा की कैसे? तो उसने कहा की जब मेरी शादी होगी तो बड़े हो जाएँगे. मैने कहा की शादी होने क बाद सभी लड़कियों की चूचियाँ बड़ी हो जाती हैं क्या? तो उसने कहा की सिर्फ़ चूचियाँ ही नही पूरे बॉडी की साइज़ बड़ी हो जाती है…मैं बोला शादी होने से ऐसा क्यूँ हो जाता है? वो बोली एकदम बुद्धू हो क्या? शादी क बाद लड़की का पाती लड़की क शरीर कहेयरएक अंग का भरपूर इस्तेमाल कराता है इसलिए लड़की की बॉडी क सारे अंग बड़े हो जाते हैं…..मैं बोला अच्च्छा इसीलिए हम लोगों की आंटी लोगों क शरीर काहेयरअंग बड़ा बड़ा है? वो बोली हाँ हम लोगों की आंटी क शरीर का इस्तेमाल हम लोगों क अंकल करते हैं इसीलिए आंटी लोगों की बॉडी फैल गयी है…देखो..उन लोगों की चूचियाँ कितनी बड़ी-बड़ी हो हो गयी हैं? उन लोगों का चुतताड कमर पेट पीठ देखे हो? कितना फैल गया है…मैं बोला तुम्हे मालूम है की हम लोगों क अंकल आंटी लोगों क शरीर क साथ क्या क्या करते हैं?

जवान लड़के की मन की बात – Indian Sex Stories – 2
लाइफ ….. एक मज़ाक – Indian Sex Story

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