जवान लड़के की मन की बात

दोस्तों जैसा की मेरे थ्रीड का टाइटल है मैं आप लोगों से कुछ ऐसी सच्ची बातें शेयर करना चाहता हू जिसे मैं किसी से भी डाइरेक्ट फेस तो फेस नही कर सकता.ये कोई स्टोरी नही जो चटपटी और मज़ेदार ही हो. ये मेरे सेक्स लाइफ की सच्चाई है जो मैं आप सभी को बता कर अपने दिल को हल्का करना चाहता हू. मेरी एज 42 य्र्स है और मैं बचपन से ही बहुत सेक्शी हू. मैं अपने सेक्स लाइफ का पहला अनुभव बता रहा हू. मेरे घर क सामने कौधरी अंकल का लड़का राजेश जो उस वक़्त रहा होगा उसने सबसे पहले मुझे चुदाई क बड़े मे बताया. उसने पूछा की तुमको पता है की तुम कहाँ से पैदा हुए हो…मैने कहा की आंटी क पेट से उसने कहा की पेट मे से तो ठीक है पर निकले कहाँ से… मैं कहा की पता नही. उसने कहा की पेट मे आए कहाँ से…. मैने कहा की मालूम नही पर इतना जनता हू जब औरातों की शादी हो जाती है तब बच्चे पैदा होते हैं और मेरे आंटी की शादी अंकल से हो गयी और मेरा भाई और मैं पेदा हुए. उसने कहा की तुम पूरे बुढ्ढू हो तुमको कुछ भी नही पता. मैने कहा की तुमको पता है तो बताओ उसने कहा की जब औरात की चुत मे मर्द अपना लंड डाल कर औरात को छोड़ता है और अपने लंड का पानी औरात की चुत मे गिराता है तब बच्चा पैदा होता है….

मैने बोला धात्ट ऐसा थोड़े होता होगा तुम भी ऐसे ही पैदा हुए होगे…. उसने कहा हाँ मेरी आंटी को भी मेरे अंकल चोदे होंगे तभी मैं पीड़ा हुआ…. मैने कहा की मैने कभी भी अपने आंटी अंकल को ऐसा करते हुए नही देखा उसने कहा की वो हम लोगों क सामने ऐसा थोड़े ही करेंगे जब हम लोग सो जाते हैं तब वो लोग चुदाई करते हैं…मैं सोच कर परेशान हो गया की ऐसा कैसे हो सकता है उसने कहा की क्या हुआ…. मैं बोला यार ऐसा कैसे हो सकता ही….तब वो औरात मर्द क बड़े मे डीटेल मे बठाना शुरु किया की जब लड़का जवान होता है तब उसकी दाढ़ी मूँछ उगनी शुरु हो जाती है और लंड के पास झाँटे भी उगनी शुरु हो जाती है और लंड भी खूब मोटा और लंबा हो जाता है उसी तरह जब लड़की जवान होती है तो उसकी छूनचियाँ निकलनी शुरु हो जाती है और चुत भी बड़ी हो जाती है और उसपर भी बाल आ जाते हैं ………..

माने कहा की तुम्हारे और मेरे आंटी अंकल क लंड और चुत पर बाल होगा उसने कह की हाँ ज़रूर होगा मैने कहा की हम लोगों की आंटी लोगों को ऐसा करते हुए शरम नही आती होगी….उसने कहा शरम नही मज़ा आता होगा . मुहे विश्वास नही हो रहा था की नेरी आंटी ऐसा कराती होगी…मैने कहा की यार राजेश हम लोगों की आंटी अपनी सारी उठा कर अंकल को अपनी चुत कैसे दिखती होंगी उनको शरम नही आती होगी … उसने कहा की वी लोग अपनी सारी उपेर उठती नही बल्कि उतार देती हैं साथ मे पेटीकोत और ब्लाउस भी निकल कर एक दम नंगी हो कर चुद़वति हैं ….

मैने कहा ऐसा नही होता होगा वे लोग छोटे बच्ची थोड़े ही हैं जो एकदम नंगे हो जाएँगी ……उसने कहा की उसने अपनी आंटी को एकदम नंगी हो कर अंकल से चुद़वते हुए देखा है मेरे दिमाग़ मे उसकी मोटी ताज़ी बेडौल आंटी की नंगी तस्वीर सामने आ गयी उस दिन जीवन मे पहली बार सोचा था की एक जवान औरात एकदम नंगी हो त कैसी धीखती

दोस्तों उस दिन क बाद मेरा औरातों को देखने का नज़रिया ही बदल गया. और इस नज़रिए की ख़ास बात ये थी की मैं लड़कियों को उस नज़र से नही देखता था क्यों की मेरे डीमा मे तो ये घुसा था की जिन औरातों ने बच्चे पैदा किए हैं वही औरातें उन बच्चों क अंकल से चुद़वति हैं . मेरे दिमाग़ मे तो ये था की जब औरात की चुत मे उसका हज़्बंद अपना लंड डालता है तब औरात को बच्चा पैदा हो जाता है और क्यों की लड़कियों की शादी नही हुई होती है और उनकी चुत मे कोई लंड नही डालता इस लिए उनको बच्चा पैदा नही होता . मैं इतना नासमझ था की मुहे इतना भी नही पता था की किसी की भी चुत मे किसी का भी लंड जा सकता है और हर एक बार चुत मे लंड अंदर जाने से बच्छ पैदा नही हो जाता …मुझे लगता था की जिन औरातों या लड़कियों को बच्चे नही हैं उनकी चुत मे कभी लंड नही गया है . और किसी औरात या लड़की की चुत मे वही अपना लंड अंदर डालता है जिसकी उस औरात से शादी हुई होती है…ये सब बातें आज जब मैं सोचता हू तो मुझे अपने आप पर हँसी आती है.
राजेश से औरात और मर्द क शारीरिक संबंधों क बड़े मे बातें करने मे बहुत मज़ा आता था और वो रोज कुछ ना कुछ नया बताता था .

जब उसने मुझसे ये पूछा था की मैं अपने मा क पेट से किस रास्ते निकला था तो मैने कहा की मुझे नही मालूम.. उसने कहा की सोच कर बताओ…. मैने अपने दिमाग़ पर ज़ोर डाला तो मुझे लगा की हम लोग जो भी खाते हैं वो सब कुछ पेट मे जाता है और वो गान्ड क रास्ते बाहर आता है ये सोच कर मैने कहा की गान्ड की रास्ते निकला हुंगा. वो हासने लगा और बोला की सभी बच्चे अपनी आंटी की चुत क रास्ते से बाहर आते हैं .. मैं या सुन कर हैरान हो गया और बोला की यार तुम कैसी बातें करते हो? पहले कहते हो की औरात की चुत मे आदमी का लंड अंदर जाता है और बच्चा औरात क पेट मे चला जाता है फिर बोल रहे हो की उसी चुत के रास्ते वो बच्चा बाहर आ जाता है… मैने अपने उमर की लड़कियों को अक्सर सस्यू करते हुए उनकी बुर को देखा था और ये जानता था की जिस तरह हम लोगों क लंड मे पेसाहब करने क लिए छेद होता है उसी तरह लड़कियों क बुर मे छेद होता है और बुर क उसी छेद मे राजेश लंड घुसने और बच्चा बाहर आने की बात कह रहा है .. मुझे यकीन नही हो रहा था लेकिन यकीन करने क साइवा और कोई रास्ता नही था.. लेकिन मेरे दिमाग़ मे था की बच्चे अपनी मा की बुर क छेद से नही बल्कि गान्ड क रास्ते बाहर आते होंगे…अब मैं औरातों क जिस्म की बनावट और उसके उपयोग क बड़े मे सोचता था और ऐसी औरातें जिनको बच्चा पैदा हो चुका था उनको देख कर उनके बड़े मे सोचता की अंकल जब इन आंटी को छोड़ने क लिए नंगी करते होंगे तब आंटी कैसी दिखती होगी? मैं अपनी आंटी क बड़े मे भी सोचता की आंटी जब अंकल क सामने एक दम नंगी हो जाती होगी तो कैसी दिखती होगी ? किस तरह रिक्षन कराती होगी ? मैं सोचता था की मेरी आंटी अंकल क सामने एक दम नंगी होने पर शरमाती होगी .. अपनी चूचियों को अपने हाथों से धकति होगी … अपनी चुत को अपने जांघों क बीच मे छुपा लेती होगी लेकिन राजेश बोल रहा था की उनकी चुत पर बाल होंगे तब तो उनको और शरम आती होगी ..? अंकल उनको कैसे छोड़ते होंगे? आंटी को दर्द होता होगा? ये सब बातें मन मे आती थी. ये सब सोच कर मैं किसी औरात को एक दम नंगा देखना चाहता था चाहे वो पड़ोस की कोई आंटी हो या फिर मेरी अपनी आंटी ही क्यो ना हो… मैं अपनी आंटी (मदर) और अंकली (ग्रांड मदर)को भी नंगा देखने का कोई मौका हाथ से नही जाने देता
उस वक़्त मेरी आंटी की उमर 32-35 साल की रही होगी(2 बच्चों की मा थी) मैं और मेरा भाई जो मुझसे 2 सल्ल बड़ा था. मेरी मा की हाईट करीब 5 फीट 4 इंच होगी और वो मोटी हैं उस वक़्त भी उनकी बॉडी बल्की थी वो गोरी तो नही हैं लेकिन उनका कलर सॉफ है उनकी चूचियाँ बड़ी-बड़ी, बड़ा सा पेट बाहर निकला हुआ जिस पर सफेद सफेद लकीरें(प्रेग्नेन्सी स्ट्रेच मार्क्स) और बड़ी सी लगभग गोल नाभी जो बहुत ज़्यादा गहरी नही ,चुतताड चौड़ी ,चेहरे से बहुत सुंदर नही पर मिला जुला कर ठीक ताक और देखने लायक मेरी अंकली की एज उस वक़्त 65 क आस पास रही होगी, हाईट छोटी 5 फीट क करीब लेकिन गोरी दुबली पतली थी उनकी चूसियन भी छोटी छोटी थी .

मेरी अंकली अब इस दुनिया मे नही है लेकिन उस वक़्त वो और मेरी मदर दो औरातें मेरे घर मे थी और मैं उन दोनो को नंगा देखना चाहता था और पूरी कोशिश भी कराता था आज ये सोच कर गिल्ट भी फील होता है.

अब मैं आंटी को नंगा देखना चाहता था और इसके लिए मैं उनके नहाते टाइम किसी ना किसी बहाने उनके आस पास घूमता रहता . हम लोग मिड्ल क्लास से हैं इस लिए हम लोगो का रहण सहन भी आम मिड्ल क्लास परिवार जैसा है. मेरे घर मे बाथरूम था लेकिन अमूणन लोग दरवाज़ा खोल के ही नहाते थे. आंटी भी वैसे ही नहाती थी सिर्फ़ पेटीकोत मे . कमर के ऊपर का हिस्सा नंगा रहता था जिस से पीछे से उनका चौड़ा मांसल पीठ और सामने से उनकी बड़ी बड़ी चूचियों को देखने का मौका मिल जाता था. यकीन करिए उनको इस इस कंडीशन मे देख कर मेरे लंड मे सनसनी होने लगती थी. मेरी आंटी का बदन भरपूर मांसल था . बदन पर अधिक चर्बी होने के नाते उनका बदन चौड़ा (वाइड) दिखता था . उनकी पीठ, सीना और कमर सब चौड़े चौड़े थे. बदन पर किसी भी हड्डी (बोने) का उभार नही दिखता था. उनकी चूचियाँ भी खूब बड़ी बड़ी और लटकी हुई थी. बड़े बड़े सा डार्क ब्राउन निपल और निपल के चारो ओर बड़ा सा डार्क ब्राउन गोल घेरा (सर्कल) और उस सर्कल मे सेम कलर के छोटे छोटे महीन उभरे हुए दाने (अरोमा)

नहाते समय आंटी सारी और ब्लाउस खोल कर पेटीकोत को अपने दोनो चूचियों क ऊपेर बाँध कर नहाना शुरु कराती थी और आम औरातों की तरह पहले अपने दोनो हाथो को रग़ाद रग़ाद सॉफ कराती थी फिर एक एक कर अपने दोनो पैरों को सॉफ कराती थी. पैरों को सॉफ करने क लिए वो पेटीकोत को नीचे से खीच कर समेत कर अपने दोनो जाँघो क बीच मे(चुत क सामने) कर लेती थी.और अपने मोटे मोटे पैरों को रग़ाद रग़ाद क सॉफ कराती. उनके पैरों क निचले हिस्से मे खूब बाल थे लेकिन जांघे एकदम चिकनी लेकिन जांघों पर ढेर सारी सफेद सफेद गहरी लकीरें थी. वैसे तो उनके पैर का निचला हिस्सा भी मोटा था लेकिन उनकी जांघें हद से ज़्यादा मोटी मोटी थी. उनके जांघों पे इतनी अधिक चर्बी थी की जब वो पैरो को सॉफ करने क लिए मोदती थी तो उनकी जांघे लटक जाती थी. मुझे नझडीक देख कर आंटी मुझसे अपनी पीठ रगड़ने को बोलती और अपने पेटीकोत की दूरी खोल देती और पेटीकोत को अपने सीने से सरका कर अपने कमर पर कर देती.पेटीकोत नीचे सरकने से वो लगभग नंगी हो जाती थी क्यों की पेटीकोत नीचे करने से पीछे उनकी पीठ कमर क नीचे तक एक दम नंगी हो जाती थी और सामने उनका सीना , पेट , हाथ , पैर सब नंगा . पेटीकोत से केवल सामने उनकी चुत ढाकी रहती तजी और पीछे उनके हावी चुतताड का निचला हिस्सा. मैं ख़ुसी ख़ुसी उनकी चौड़ी मांसल पीठ को दोनो हाथों से जम कर खूब देर तक रगड़ता.पीठ को रगड़ते टाइम मैं उनके मोटे अधनंगे जिस्म को जी भर क निहाराता. पीठ को रगड़ते हुए मैं बार-बार दोनो साइड मे उनके हाथों की तरफ भी जान बूझ कर रगड़ता था जिस से उनकी बड़ी-बड़ी लटकी हुई दोनो चूचियाँ भी साइड से रगड़ा जाती थी. साथ ही कमर क नीचे लभाग चुतताड के ऊपरी हिस्से को भी खूब रगड़ता. मैल सॉफ कर पानी डाल दल खूब धोता फिर साहबुन लगा कर हल्के हाथों उनको खूब सहलाता. ये करते हुए उस टाइम मेरा मेरा छोटा सा एल**द एकदम टाइट हो जाता था. और मैं और मन से उनके पीठ,कमर,गर्दन,चुतताड को खूब रगड़ता. उस एज मे मेरे एल**द से थोड़ा सा एकदम पतला पानी निकलता था लेकिन मेरे एल**द मे उसी तरह की सनसनी होती थी जैसे इस एज मे वीर्या निकलते समय होता है.

जवान लड़के की मन की बात – Indian Sex Stories – 1

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *