गर्लफ्रेंड की गांड का दीवाना

हाय दोस्तों, Antarvasna मेरा नाम भरत है मेरी उम्र 24 साल की है और मैं उत्तर प्रदेश का रहने वाला हूँ आज मैं आप सभी को अपने पहली चुदाई की सच्ची घटना का सेक्स अनुभव बताने के लिए कामलीला डॉट कॉम तक पहुँचा हूँ, वैसे आप सभी की घटनाओं को पढ़कर मेरे मन में अपनी भी इस घटना को लिखकर पहुँचाने का विचार बन गया था और मैंने इसको लिखकर तैयार किया। यह घटना तब की है जब मैं पूरी तरह से जवान होकर अपने लंड को सेक्स का अनुभव करवाने के लिए तड़पने लगा था। मुझे किसी बिना सील टूटी चूत की तलाश थी जो मेरी भूख को शान्त करे और मैं उसकी जमकर चुदाई करूँ।

हाँ तो दोस्तों अब आप ही पढ़कर देखे कि, मेरे साथ क्या और कैसे हुआ?

दोस्तों यह बात आज से दो साल पहले की है, जब मैं कॉलेज में था और नौकरी के लिए एक क्लास में जाता था, जहाँ पर एक लड़की थी जिसका नाम चंचल था और वह मेरे साथ के बैच में ही पढ़ती थी। वह मेरे दोस्त की गर्लफ्रेंड की सहेली थी इसी वजह से मेरी भी उससे दोस्ती हो गई थी। चंचल के बारे में क्या बताऊँ क्या गजब का माल थी वह। वह स्वभाव से भी चंचल थी उसका फिगर 32-28-34 का था जब उसकी गांड मुझे नज़र आती तो मेरा लंड अपने आप ही खड़ा हो जाता था। जबसे उसको देखा था बस उसको चोदने के सपने देखता था और उसकी गांड को याद करके सुबह शाम मूठ मारता था। हालांकि मेरी एक गर्लफ्रेंड और थी पर उसके साथ मेरा केवल फेसबुक पर ही सम्बन्ध था, क्योंकि वह दूसरे शहर की थी, इस वजह से उसको चोदने का मौका ही नहीं मिलता था। चंचल से दोस्ती होने के बाद मुझको पता चला कि, उसका घर और मेरा घर थोड़ी ही दूरी पर था। और वह एक पास के गाँव से है और पढ़ाई के लिए यहा कमरा लेकर रहती है। मैं बहुत खुश हुआ, मैंने उसे पूछा क्या तुम्हारे यहाँ मैं पढ़ने आ सकता हूँ? हम साथ में पढ़ेंगे तो मन लगा रहेगा पढ़ाई में। तो वह मुस्कुरा कर बोली कि, ठीक है, पर सिर्फ़ पढ़ने के लिए। और फिर वह मेरी तरफ देखकर मुस्कुरा दी. मेरे तो मन में लड्डू फूटने लगे कि, अब मजा आएगा। और फिर अगले दिन से मैं उसके कमरे पर जाने लगा और हम पढ़ाई करने लगे लेकिन मेरा मन पढ़ने में कहाँ लगता था, मैं बैठकर उसके बब्स की तरफ तो कभी उसकी जाँघों को देखता रहता था। उसने मुझको एक दो बार उसको देखते हुए देखा भी पर कुछ नहीं कहा। ऐसे कई दिनों तक चला अब मुझसे सहन नहीं हो रहा था और मैं उसकी गांड और बब्स को याद करके मूठ मारके अपनी आग को ठण्डा कर लेता था। और फिर एक शाम मूठ मारते हुए ही मैंने उसे फोन किया और पूछा कि, तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड है क्या? तो उसने मुझसे पूछा कि, ऐसा क्यों पूछ रहे हो? तो मैंने उसको कहा कि, ऐसे ही और फिर फोन रख दिया। और फिर अगले दिन जब मैं उसके कमरे पर पहुँचा तो वह ढीली सी एक टी-शर्ट और शॉर्ट में थी, मैं तो उसको देखता ही रह गया। मैंने उसको कहा कि, यह क्या पहन लिया आज? तो वह बोली कि, अच्छा नहीं लग रहा क्या? तो मैंने उसको कहा कि, बहुत अच्छा लग रहा लेकिन मुझे तुमको देखकर कुछ-कुछ हो रहा है।

तो फिर वह मुझसे बोली कि, हट पागल, आज शनिवार है तो मैंने अपने सारे कपड़े धोने के लिये डाल दिए है, इसीलिए यह पहना है। और फिर मैंने शरारत से उससे पूछा कि, तुमने अपनी ब्रा भी धो दी क्या? तो वह बोली कि, क्यों? तो मैंने कहा कि, क्योंकि टी-शर्ट में से तुम्हारे बब्स के निप्पल दिख रहे है। तो फिर वह मुझसे बोली कि, शैतान कहीं के, चलो अब यह बताओ कि, तुमने मुझसे बॉयफ्रेंड का क्यों पूछा था? तो मैंने सोचा कि, आज मौका अच्छा है तो बात को ज़्यादा घुमाना भी अच्छा नहीं तो मैंने उसको बोल दिया कि, मैं तुम्हारा बॉयफ्रेंड बनना चाहता हूँ। तो फिर वह मुझसे बोली कि, क्यों? तो मैंने उसको कहा कि, एक-दूसरे की ज़रूरत को पूरा करने के लिए और फिर मैंने उसको तुरंत अपनी बाँहों में भर लिया और उसके होंठो पर किस करने लगा और फिर वह भी मेरा साथ देने लग गई थी। अब मेरा हाथ उसके बब्स पर गया और मैं उसके बब्स को सहलाने लगा और उसको चूम रहा था। और फिर मैंने उसको कहा कि, मेरी जान, कबसे मुझे इस पल का इंतज़ार था और आज जाकर मुझको यह मौका मिला है, तो फिर वह मुझसे बोली कि, मेरे राजा, यह बिना ब्रा की टी-शर्ट मैंने तुमको दिखाने के लिए ही तो पहनी है। और फिर यह सुनकर तो मैं बहुत खुश हुआ और मैंने उसकी टी-शर्ट उतार दी और अब उसके नंगे बब्स मेरे सामने आ गए थे। उनको देखते ही मैंने उनको अपने हाथों से दबाया और चूसने लगा। वह मेरा सर पकड़कर अपने बब्स पर जोर से दबाने लगी, मैंने उसको बिस्तर पर लेटा दिया और अपने पूरे कपड़े उतार दिए और फिर मैं उसके ऊपर आकर उसके बब्स को जोर से रगड़ने लगा, जिससे वह मस्त हो रही थी। और फिर मैंने उसको पूरी नंगी कर दिया और उसके गोरे बदन को निहारने लगा। और फिर मैंने उसको उल्टा किया और फिर मैं उसकी गांड पर हाथ फेरने लगा जिसका मैं दीवाना था। उफ़फ्फ़ क्या गांड थी मैं तो पागल हो रहा था। और फिर मैंने उसकी गांड पर ज़ोर-ज़ोर से थप्पड़ मारना चालू कर दिया तो वह चिल्लाने लगी। और फिर मैंने उसको कहा कि, रुक साली रंडी, अभी मजा आएगा। और फिर मैंने उसको सीधा किया और उसको बोला कि, आजा मेरा लंड मुहँ में ले ले। दोस्तों यह कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

वह मना करने लगी पर मेरे ज़ोर देने पर उसने थोड़ा सा मेरा लंड अपने मुहँ में लिया था और फिर वह मुझसे बोली कि, बस और नहीं। और फिर मैंने भी ज़बरदस्ती नहीं करी क्योंकि वह हम दोनों का ही पहली बार था और फिर मैं नीचे आया और उसकी चूत को चाटने लगा, जिससे वह पागल होने लगी। और फिर मैंने उसको कहा कि, अब मैं तेरी चूत मारूँगा रंडी. तो वह मुझको मना करने लगी कि, प्लीज़ नहीं, नीचे मत डालना बहुत दर्द होगा। तो फिर मैंने सोचा कि, यार अब क्या होगा? तो फिर मैंने उसको कहा कि, अच्छा तो चलो गांड ही मरवा ले। और फिर मेरे थोड़ा मनाने के बाद वह मान गई थी और फिर मैंने उसको उल्टा किया और बोला कि, चल मेरी रानी, अब घोड़ी बन जा, आज तुझे घोड़ी बनाकर के तेरी गांड मारूँगा जिससे तेरी गांड भी मोटी होने लगेगी इस गांड ने तो मेरी जान ही ले ली है। और फिर मैं धीरे-धीरे उसकी पीठ पर हाथ फेरने लगा, अपने लंड को मैंने अपने हाथ से हिलाया जो वह बहुत कड़क हो चुका था। और फिर मैंने उसकी गांड और अपने लंड पर थोड़ा सा थूँक लगाया और फिर मैं उसकी गांड में धीरे-धीरे अपना लंड डालने लगा। उसको मेरे ऐसा करने से दर्द होने लगा तो वह चिल्लाने लगी। तो फिर मैंने उसको कहा कि, थोड़ा सा दर्द होगा बस और फिर मैंने धीरे-धीरे करके अपना पूरा लंड उसकी गांड में डाल दिया जिससे वह एकदम से ओहहह… आहहह… करके चिल्ला पड़ी थी तो मैं रुक गया। और फिर मैं उसके पेट के पास से अपना हाथ लाकर उसकी चूत में ऊँगली करने लगा और उसकी चूत को सहलाने लगा। और फिर जब उसको अच्छा लगने लगा और वह भी अपनी गांड को हिलाने लगी थी तो मैं समझ गया था। और फिर मैंने अपने लंड को उसकी गांड के अंदर बाहर करना चालू कर दिया और साथ में मैं उसकी चूत को भी सहला रहा था जिससे उसको बहुत मजा आ रहा था।

और फिर 10-15 मिनट तक उसकी चूत को सहलाते हुए मैं उसकी गांड मारता रहा और फिर मैं झड़ने वाला था क्योंकि वह मेरा भी पहलीबार था। और फिर मैं जोश में आकर जोर-जोर से उसकी गांड की चुदाई करने लग गया था और उसकी चूत को भी सहला रहा था जिससे वह भी झड़ चुकी थी। और फिर मैंने उसको सीधा किया और उसके बब्स के बीच में लंड को रखकर उसके बब्स पर रगड़ने लगा और फिर मैंने उसके बब्स पर अपना पानी छोड़ दिया था। और फिर फिर हम दोनों उठे और बाथरूम में जाकर हम दोनों ने एक-दूसरे को साफ किया। और फिर मैंने उसको बोला कि, मेरी जान, अगली बार मैं तेरी चूत मारूँगा तो वह मुझसे कुछ नहीं बोली और बस शरमा गई और फिर मैं अपने घर पर आ गया था।

दोस्तों जब तक मैं उसके साथ रहा मैंने उसकी गांड और चूत खूब जमकर मारी जिससे उसकी गांड का उभार मोटा हो गया कुछ भी कहो दोस्तों मैं तो उसकी गांड का दीवाना था मुझे उसकी गांड मारने में खूब मज़ा आता था।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!