घरेलू रंडियां – II

सुजाता की चूत antarvasna हीना की बात सुन कर गीली हो जाती है और वह अपनी चुस्त सलवार पहने पिछे की ओर दीवार से टिक कर अपने दोनो पेरो के घुटनो को मोड हुए बैठी रहती है उसकी जाँघो की जड़ो मे जहाँ उसकी फूली हुई चूत का उभार उसकी सलवार से साफ नज़र आ रहा था वह हिस्सा पूरा गीला हो चुका था और हीना की नज़र जैसे ही बुआ की फूली हुई सलवार पर पड़ी तो हीना ने एक दम से बुआ की बुर को उसकी सलवार के उपर से दबोच लिया..

बुआ- एक दम से अपनी जाँघो को मिलाते हुए, हाय दैया बहू क्या कर रही है पागल हो गई है क्या,

हीना- बुआ जी आपने सलवार के अंदर पॅंटी नही पहनी है ना,

बुआ- हाँ बहू तभी तो मेरी सलवार वहाँ से गीली हो गई,

हीना- बुआ की फूली हुई चूत को दबाती हुई बुआ तुम जानती हो दीपक को तुम्हारी उमर की औरतो की फूली हुई चूत बहुत अच्छी लगती है, और तुम्हारी चूत को देखो यह इतनी गुदाज पाव रोटी की तरह फुल्ली है कि सच बुआ दीपक अगर इस समय तुम्हारी इस फुल्ली बुर को देख ले तो अपना मोटा लंड एक धक्के मे ही तुम्हारी बच्चेदनि से भिड़ा दे,

हीना की बातो से बुआ की चूत से और भी पानी आने लगता है, हीना बुआ की चूत को सहलाते हुए जब अपनी उंगली उसकी बुर के उपर हल्के से दबाती है तो अचानक बुआ की सलवार की सिलाई वहाँ से उधाड़ जाती है जहाँ पर उसकी मस्त चूत फूली हुई नज़र आ रही थी,

हीना बहुत खुराफाती तो थी ही उसने जब देखा कि बुआ की सलवार थोड़ी सी उसकी चूत के यहाँ से फटी है तो हीना ने बुआ से चिपकते हुए कहा बुआ तुम्हारी चूत का साइज़ बराबर दीपक के लंड के लायक है और फिर हीना धीरे से बुआ की सलवार की सिलाई को और भी उधेड़ देती है, तभी हीना अपनी एक उंगली बुआ की मस्त बुर के गुलाबी छेद मे एक दम से पेल देती है और बुआ आह हीना क्या कर रही है, बुआ हीना के उंगली डालने से मस्त हो जाती है और हीना आराम से बुआ की दोनो जाँघो को फैला कर उसकी सलवार उसकी चूत के पास से अच्छे से फाड़ कर ऐसी कर देती है की बुआ की पूरी खुली हुई गुलाबी चूत और उसका छेद साफ नज़र आ रहा था,

हीना बुआ की चूत मे अपनी तीन उंगलिया डाल कर आगे पिच्चे करती हुई बोलो ना बुआ कैसा लग रहा है

बुआ- बहुत अच्छा लग रहा है बेटी आह सी आह हीना- बुआ दीपक का मोटा लंड चुसोगी,

बुआ- आह पर कैसे बेटी वह क्या चूसने देगा

हीना- तुम एक बार हाँ तो कहो बुआ उसे तो तुम्हे चोदना भी पड़ेगा और जब वह तुम्हे नंगी करके चोदेगा

तब देखना तुम्हे पूरी मस्त कर देगा,

बुआ- लेकिन कैसे बेटी

हीना बुआ की चूत से अपनी उंगली निकाल कर उसे कान मे कुछ समझाती है

बुआ- नही हीना कही दीपक कुछ ग़लत समझ लेगा तो

हीना- अरे भाई जब मैं खुद आपके साथ हू तो आप फिकर क्यो कर रही हो उसके बाद हीना बाहर चली जाती है और सुजाता वही दीवार से पीठ लगाए अपने दोनो पेरो को लंबा करके एक के उपर एक टांग रख कर बैठी रहती है ,

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हीना बाहर जाकर देखती है तो उसकी सास और रिया कही जाने के लिए तैयार थी हीना ने पुछा तो रौशनी

ने कहा बेटा मेरा भाई बहुत दिनो बाद आ रहा है इसलिए हम उसे स्टेशन लेने जा रहे है तुम लोग खाना खा

लेना हमे थोड़ी देर हो जाएगी,

उनके जाने के बाद हीना दीपक के पास आकर चलो कमरे मे आज तुम्हे बुआ की चूत का मज़ा दिल्वाति हू बस डरना मत और हिम्मत करके आज बुआ को चोदना है मोका बड़ा अच्छा है मैं बाहर का गेट लगा कर आती हू

दीपक अपने रूम मे आकर बुआ के पेरो की तरफ बैठने लगता है और बुआ एक दम से अपने पेर सिकोड कर अपने पेरो के दोनो घुटने मोड़ लेती है वह जैसे ही घुटने मोड़ती है उसकी फूली हुई चूत एक दम से खुल कर उसकी फटी सलवार से साफ दिखने लगती है और दीपक अपनी बुआ की मस्तानी चूत को अपने इतने करीब से देख कर एक दम से मस्त हो जाता है,

बुआ जब दीपक के चेहरे की तरफ देखती है तो वह समझ जाती है कि दीपक ने उसका मस्त भोसड़ा देख लिया है,

बुआ- किसी जनम्जात रंडी की तरह मुस्कुरा कर क्या हुआ दीपक मम्मी कहाँ गई

दीपक- बुआ वो मेरे मामा है ना चंदू वह आ रहे है इसलिए मम्मी उन्ही को लेने गई है बुआ- मैने सुना है तेरे मामा से तेरी बहुत बनती है,

हीना- चाइ देते हुए अरे बुआ जी वो क्या है ना दीपक के मामा दीपक से 7 साल बड़े है पर कुछ बाते इन दोनो की इतनी मिलती है कि यह साथ रहते-रहते दोस्त की तरह बन गये अब इन्हे देखिए ये अपने मामा से अपनी सभी बाते शेर कर लेते है और इनके मामा भी इन्हे हर बात बता देते है,

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बुआ- हस्ते हुए बहू कुछ बाते ऐसी भी होती है जो कोई किसी को नही बताता है,

हीना- हस्ते हुए बुआ जी हम भी तो नही जानते थे कि आप पापा से इतना प्यार करती है,

बुआ- मुझसे तेरे पापा ही नही तेरा पति भी बहुत प्यार करता है, क्यो दीपक

दीपक- बुआ मेरी तो दो-दो मम्मी है एक मम्मी और दूसरी आप

हीना- हस्ते हुए, दीपक पापा की भी तो दो-दो बिबिया है,

बुआ-मुस्कुराते हुए तुम दोनो बहुत बदमाश हो अपनी बुआ के मज़े ले रहे हो

हीना- अरे नही बुआ हम आपके मज़े नही ले रहे है बल्कि हम दोनो तो आपके बच्चे है और आपको पूरा

मज़ा देना चाहते है क्यो दीपक चलो बुआ को तुम अपनी मम्मी समझते हो ना तो उनके पेरो को थोडा दबाओ जैसे अपनी मम्मी के पेरो को दबाते हो और फिर हीना भी बुआ की एक टांग पकड़ कर दबाने लगती है,

बुआ- अरे नही बेटा रहने दे

दीपक- अरे तो क्या हुआ बुआ आप मेरी मम्मी समान है तो क्या मैं आपके पैर नही दबा सकता और फिर एक तरफ हीना और दूसरी और दीपक बुआ की एक-एक टांग पकड़ कर उसे फोल्ड करके दबाने लगते है,

दीपक की नज़रे बुआ की मस्त फूली हुई चूत पर थी जो फटी सलवार से पूरी तरह बाहर आ चुकी थी, हीना बुआ की मोटी जाँघो को मसल्ते हुए उसके पैरो को और चौड़ा कर रही थी और बुआ अपनी आँखे बंद किए मंद-मंद मुस्कुरा रही थी,

दीपक ने बुआ की मोटी और गुदाज जाँघो को अपने हाथो मे भर रखा था और बुआ की पाव रोटी की तरह फूली हुई चूत देख कर सोच रहा था कि उसकी मम्मी रौशनी की चूत कैसी होगी, रौशनी का नंगा बदन भी पूरा बुआ के नंगे बदन की तरह ही है तब तो मम्मी की बुर भी इसी तरह फूली हुई होना चाहिए,अपनी मम्मी की चूत को इतना करीब से अगर देखना हो जाए तो उसका मज़ा ही कुछ और होता है,

दीपक अपनी बुआ की बुर देख कर अपनी मम्मी की यादो मे खोया हुआ था और हीना दीपक की स्थिति को भाँप गई थी और ऐसे मोके पर वह दीपक को और भी उत्तेजित करके अपने पति को ज़्यादा मज़ा दिलाने की कोशिश करती है,

हीना- बुआ मम्मी तो आप से उमर मे बड़ी है ना पर दिखती वो बिल्कुल आप की उमर की है आप दोनो जब पापा के साथ खड़ी होती हो तो दोनो उनकी बिबिया लगती हो,

बुआ- अरे बहू तेरी मम्मी रौशनी का बदन थोड़ा कसा हुआ है और कुछ नही पर पेट तो उनका मुझसे भी ज़्यादा बाहर निकला हुआ है,

हीना- बुआ की जाँघो को उपर तक भिचते हुए, पर बुआ जी लगता तो वही पेट सुंदर है ना, मेरा कहने का

मतलब है कि जब औरत 40 पर करने लगे तो उसका पेट जितना उठ कर उभरेगा वह उतनी ही मस्त नज़र आएगी,

और एक बात और भी है बुआ जिन औरतो का पेट उठा हो और गहरी नाभि पेटिकोट और साडी के बाहर दिख रही हो ऐसी औरतो के पिछे मर्द बहुत भागते है,

बुआ- अरे बहू मर्दो का क्या है कैसी भी दे दो वह तो मा चुदवा ही लेगे ना,

हीना-हस्ते हुए बुआ अब गरम हो गई हो तो उतार दो ये सलवार कुर्ता और हो जाओ पूरी नंगी,

बुआ- तेरा मरद बैठा है तेरे सामने तू क्यो नंगी नही हो जाती है,

हीना- ठीक है तुम कहती हो तो मैं ही नंगी हो जाती हू और फिर हीना ने अपने एक-एक कपड़े उतारने चालू कर दिए, बुआ मूह फाडे हीना की ओर देख रही थी,

और अंत मे हीना ने अपनी गुलाबी पैंटी को दूसरी ओर मूह करके अपनी गुदाज गांड दिखाते हुए उतार दिया,

दीपक अपनी जगह पर बैठा अपनी मस्तानी बीबी के नंगे बदन को देखते हुए बुआ जी की जाँघो की जड़ो को सहला रहा था,

बुआ जी का गला सूखने लगा था और उसकी चूत से पानी आना शुरू हो रहा था,

हीना अपनी चिकनी फूली बुर को दिखाती हुई बुआ के पास आ जाती है और बुआ की जाँघो को चौड़ा करके बुआ की चूत मे हाथ मारते हुए अरे बुआ जी तुम्हारी तो चूत दिख रही है,

हीना का इतना कहना था कि दीपक ने बोला कहाँ है चूत और अपना मूह बुआ की चूत से लगा दिया बुआ दीपक का मूह अपनी धधकति भोसड़ी पर लगने से तड़प उठी और अपने ही हाथो से अपने दोनो मोटे-मोटे दूध को पकड़ कर मसना चालू कर दिया,

दीपक ने बुआ की चूत को चाटते हुए अपने हाथ से सलवार मे थोड़ी और ताक़त लगा कर बुआ की सलवार को और फाड़ दिया और बुआ की पाव रोटी जैसी चूत और उसकी गहरे भूरे रंग के बड़े से गांड के छेद को बाहर ले आया,

हीना ने जब पूरे आकार मे बुआ की मस्त चूत को देखा तो उसने अपने हाथो से सुजाता की चूत को और फैला लिया और दीपक की ओर इशारा करते हुए उसे चाटने को कहा,

दीपक ने अपनी जीभ निकाल कर बुआ जी की चूत को चाटना शुरू कर दिया बुआ जी हाय दीपक बेटे क्या कर रहा है, दीपक- कुछ नही बुआ बस थोड़ा सा रस पी रहा हू

बुआ- बेटा मत पी प्लीज़ मत पी,

हीना- अरे बुआ पी लेने दो ना मम्मी पिलाएगी और ना तुम पिलाओगे तो बेचारे किसका पिएगे,

बुआ- हाय तो क्या मैं ही बची हू रिया का पी ले और तेरा तो पीता ही होगा बुआ ने हीना की ओर देख कर कहा

हीना- बुआ दीपक ने रिया की भी पी ली है अब उसका मन तुम्हारी पीने का है,

दीपक – अरे चुप रहो हीना बुआ ने मुझे मना ही कहाँ किया है और तुम बेकार मे बहस कर रही हो

दीपक मेहता सीधे हीना के दूध को मसल-मसल कर लाल कर रहा था

उधर मम्मी जी और दीपक की नींद एक साथ खुली और मम्मी जी जैसे ही बाथरूम मे जाकर मुतने बैठी दीपक ने पिछे से जाकर मम्मी जी के भारी चूतादो के बीच से हाथ डाल कर उनकी चूत को पकड़ लिया, मम्मी जी एक दम से सन्न रह गई लेकिन जब उन्हे दीपक के होने का एहसास हुआ तब कुछ नॉर्मल हुई, उन्होने कहा बेटा मूत तो लेने दो फिर आराम से कर लेना,

दीपक – मम्मी जी आप मुतो ना मैने तो बस अपना हाथ लगा रखा है मैं तो बस आप मुतती जाना और मैं आपकी चूत को सहलाता जाउन्गा बस,

मम्मी- सी अया बेटे ऐसे पेशाब नही आएगा पानी आएगा,

दीपक- मम्मी कोशिश करो तब तक मैं आपके इस लहसुन को रगड़ता हू,

मम्मी जी मूतने की कोशिश करने लगी और फिर एकदम से उन्होने एक तेज धार मारना शुरू कर दी और फिर क्या था वह रुक-रुक कर मूतने लगी और दीपक उनकी चूत को सहलाता रहा, मूतने के बाद मम्मी जी ने साडी नीचे की और बिस्तेर पर आ गई, दीपक मम्मी जी की मोटी गांड को सहलाते हुए उनकी साडी पूरी कमर तक करके उनकी चूत को फैला लेता है चूत से मूत की गंध सूंघते ही दीपक मम्मी जी की चूत को पागलो की तरह चाटने लगता है

और मम्मी जी आह बेटे आह दीपक करते हुए उसका सर सहलाने लगती है, मम्मी जी की चूत फूल के कुप्पा हो जाती है और उनकी गुलाबी सूजी हुई चूत की फांको को फैला-फैला कर दीपक चूसने लगता है, कभी वह बुर के दाने को चूस्ता है कभी चूत के गुलाबी छेद को चाट्ता है, उसके बाद दीपक अपना लंड गछ से मम्मी जी की चूत मे पेल देता है और मम्मी जी आह आह करते हुए अपनी गांड हिलाने लगती है,

इधर दीपक मम्मी जी की चूत की मस्त ठुकाई कर रहा था और उधर हीना अपने पापा के मस्त लंड पर कूदने लगी थी, मेहता ने हीना को खड़े होकर अपने लंड पर टांग लिया था और खूब कस-कस के अपनी बेटी की चूत मार रहा था, उस पूरा दिन मेहता ने अपनी बेटी की मस्त ठुकाई की और दीपक ने भी अपनी मम्मी जी की चूत मार-मार कर एक दम लाल कर देता है, रात को मेहता एक बार अपनी बीबी को चोद्ता है

और दीपक हीना को उसके बाद दीपक और सासू जी एक साथ सोते है और हीना अपने पापा के पास पूरी नंगी होकर सोने चली जाती है, रात भर हीना की चूत उसके पापा मस्त तरीके से ठोकते है उधर दीपक भी अपनी सास की खूब तबीयत से चुदाई करता है,

अगले दिन दीपक और हीना वहाँ से विदा लेकर अपने घर की ओर चल देते है जब घर पहुचते है तो पता चला बुआ जी सुबह ही अपने घर चली गई उनके यहाँ कुच्छ ज़रूरी काम निकल आया था

हीना और दीपक घर पहुचते है और सामने से रौशनी आ जाती है,

रौशनी- मुस्कुराते हुए घूम आए दोनो, क्या बात है हीना बहुत खुस नज़र आ रही है लगता है बहुत दिनो बाद अपने पापा से मिली है,हीना- मम्मी मज़ा तो बहुत आया पर दीपक को शायद मज़ा नही आया, क्यो दीपक

दीपक- नही मम्मी बहुत मज़ा आया पर आप कहाँ बन ठन के जा रही है,

रौशनी- मैं तो कही नही जा रही हू बस आज नई साडी पहन कर सजने का मन किया तो पहन ली

हीना- मम्मी कुछ भी कहो आज आप बहुत सुंदर लग रही है,

रौशनी- अच्छा अब तारीफ बंद करो और दीपक देख तेरा मामा तेरा कब से इंतजार कर रहा है मेरे कमरे मे बैठा है,

हीना- मम्मी पापा कहाँ गये है और रिया भी नही नज़र आ रही है,

रौशनी- बहू रिया और तेरे पापा छत पर बैठे है तू जा कर कपड़े बदल ले मैं अभी पड़ोसी के यहाँ से आती हू,

मम्मी की बात सुन कर हीना दबे पाँव छत की ओर चल दी और जब छत पर पहुच कर देखा तो पापा कुर्सी पर बैठे थे और रिया को अपनी गोद मे बैठा कर उसकी मस्त ठोस चुचियो को मसल रहे थे, हीना ने जानबूझ कर घुघाट कर लिया और अपने ब्लौज के दो बटन खोल कर सीधे पापा के सामने चली गई और उनके पेर च्छू लिए,

किशन- अरे हीना तू कब आ गई बेटी

रिया- वाह भाभी बड़े टाइम पर आई हो पापा अभी तुम्हारी ही बाते कर रहे थे,

किशन- रिया जा हम तीनो के लिए चाइ बना ला यही बैठ कर चाइ पीते है तब तक मैं हीना बेटी से कुछ बाते करना चाहता हू

रिया- ठीक है पापा मैं अभी आती हू और रिया वहाँ से नीचे चली जाती है,

किशन- हीना का हाथ पकड़ अपने करीब खीच लेता है और उसे अपनी गोद मे बैठा कर उसके मोटे-मोटे दूध को सहलाते हुए, बहू तुम एक दिन के लिए क्या जाती हो तुम्हारे बिना मन ही नही लगता है,

हीना- पापा मेरी भी तो यही हालत है मुझे भी आपकी बहुत याद सता रही थी,

किशन- अपने पापा से मिली, मेहता तो बहुत खुस हो गया होगा तुझे देख कर, तूने बताया नही उसे कि हम भी अपनी बहू को अपनी पॅल्को पर बैठा कर रखते है,

हीना- हस्ते हुए पापा मैने यह नही कहा कि आप मुझे अपनी पॅल्को पर बैठा कर रखते है बल्कि मैने तो यह कहा कि आप तो हमे अपने …..

किशन- हीना के दूध दबाता हुआ, बोलो- बोलो बहू तुमने क्या कहा अपने पापा से

हीना- किशन के मोटे लंड को उसकी लूँगी से बाहर निकाल कर उसके सूपदे को खोलती हुई पापा हमने तो अपने पापा से यही कहा है कि मेरे ससुर तो मुझे दिन रात अपने मोटे लंड पर बैठाए रहते है,

किशन- हीना के गालो को चूमता हुआ उसकी नाभि से नीचे हाथ लेजा कर उसकी साडी के अंदर हाथ डाल कर अपनी बहू की मस्त गुदाज चूत को अपने हाथो मे भर कर, बेटी फिर तुम्हारे पापा ने क्या कहा

हीना- पापा ने कहा कि ऐसे ही अपने ससुर जी की सेवा करती रहना आज उन्ही के कारण तुम्हारी जिंदगी खुशहाल है

किशन- नही बेटी इसमे मेरा कोई हाथ नही है सब अपनी किस्मत का खाते है,

हीना- नही पापा आपका वह एहसान कभी नही भुलाया जा सकता है, अगर आप मुझे नही बचाते तो मैं आज शायद जिंदा ही ना होती,

किशन- चलो छ्चोड़ो इन पुरानी बातो को और फिर किशन ने हीना को सीधा करके उसकी साडी को उसकी मोटी गांड तक उठा दी और उसकी फूली हुई चूत जो उसकी पॅंटी मे कसी हुई थी को अपने मूह से दबा-दबा कर चूमने लगा और अपने दोनो हाथो से अपनी बहू के भारी चुतडो को सहलाने लगा,

हीना- आह पापा आपकी इसी हरकत ने तो मेरी चूत मे पानी भरना शुरू कर दिया था तभी तो पहली मुलाकात मे ही आपका मोटा लंड मेरी चूत को फाड़ चुका था, पापा सच आपसे अपनी चूत मराने मे बहुत मज़ा आता है,

तभी रिया दूसरी ओर से आते हुए, लीजिए गरमा-गरम चाइ का आनंद लीजिए और फिर हीना और पापा दोनो को चाइ देकर रिया भी वही बैठ कर चाइ पीने लगी,

रिया- भाभी पापा तुम्हे कल से ही याद कर रहे थे कह रहे थे हीना के बिना घर मे अच्छा नही लगता है, पापा अगर भाभी आपकी बहू ना होती बल्कि बेटी होती तब,

किशन- हस्ते हुए तब तू मेरी बहू होती और क्या,

हीना- अरे रिया पापा अपनी बहू और बेटी मे अंतर नही समझते है,

रिया- अच्छा अभी पता चल जाएगा, अच्छा पापा बताओ भाभी ज़्यादा सुंदर है या मैं

पापा- बेटी औरतो की सुंदरता देखने के लिए उन्हे पूरी नंगी होना पड़ता है तभी तो मैं बता सकता हू कि कौन ज़्यादा सुंदर है,

रिया- तो ठीक है और फिर रिया जाकर छत का दरवाजा लगा कर आ जाती है और फिर अपने पापा के सामने अपनी स्कर्ट और शर्ट उतार कर ब्रा और पॅंटी मे पापा के पास खड़ी होकर उनका लंड सहलाते हुए, “देखो पापा अब मैं कैसी लग रही हू?”