घरेलू रंडियां

किशन अपनी कार antarvasna से नीचे उतरता है और सामने की बिल्डिंग मे जाकर सीधे लिफ्ट के अंदर पहुच कर 4 दबाता है और कुछ देर मे लिफ्ट 4th माले पर पहुच जाती है, सामने एक बंदा बैठा हुआ तंबाखू रगड़ रहा था और किशन को देखते ही जल्दी से खड़ा होकर सलाम करता है,

किशन-सेठ जी अंदर है,

जी साहेब अंदर ही है, किशन सीधे दरवाजा खोल कर अंदर दाखिल होते हुए अरे क्या यार नरेश तू यहा ऑफीस मे घुसा है और मैं दो दिन से ठीक से सो नही पा रहा हू,

नरेश- अरे बैठो किशन तुम तो हमेशा ही जल्दी मे रहते हो जब कि हमारा काम है बिल्डिंग बनवाना और वह

काम तो आराम से ही होता है,

किशन- अरे मैं वह नही कह रहा हू जो तुम समझ रहे हो

नरेश- मुस्कुराते हुए, अरे मेरे दोस्त मैं सब समझ रहा हू और मैने तेरा काम भी कर दिया है, अब कुछ देर

तो अपने लंड को संभाल कर रख, अब मैं तेरे लिए रोज-रोज तो 17-18 साल की कुँवारी लोंड़िया चोदने के लिए नही ला सकता हू ना, फिर भी जुगाड़ करके एक मस्त माल का अरेंज किया है और फिर नरेश बेल बजा कर चपरासी को बुलाता है,

किशन- कही तूने उसे पहले ही चोद तो नही दिया

नरेश- अरे नही बाबा वह तो मैने तेरे लिए ही बचा कर रखा है, तेरा काम हो गया है अब ज़रा धंधे की बात

कर ले,

किशन- बोल क्या करना है

नरेश- मेरी तो एक ही इच्छा है और वह काम बस तू ही करवा सकता है

किशन-हाँ तो बोल ना

नरेश- वो जो तेरा दोस्त मेहता है उसकी एक नई सड़क पर जो ज़मीन है वह कैसे भी मुझे दिलवा दे फिर देख उस ज़मीन से मैं कहाँ से कहाँ पहुच जाउन्गा,

किशन- अबे सपने देखना छ्चोड़ दे मेहता उस ज़मीन को किसी कीमत पर नही बेचेगा

नरेश-बेचेगा वह ज़रूर बेचेगा अगर एक बार तू उससे कह दे, मैं जानता हू वह तेरी बात कभी नही टालेगा क्यो कि उसके उपर तूने एक ही इतना बड़ा एहसान कर रखा है कि वह जिंदगी भर तुझे अपना खुदा मानता रहेगा,

किशन- लेकिन नरेश मैं इतना ख़ुदग़र्ज़ नही कि उस पर किए एहसान की कीमत मांगू, सॉरी दोस्त कोई और बात होती तो मैं तेरे लिए कभी मना नही करता पर इस बात के लिए तू मुझे माफ़ कर दे,

तभी कॅबिन के अंदर एक 25 साल की मस्त खूबसूरत लोंड़िया आती है उसने एक स्कर्ट जो उसके घुटनो तक था और उपर एक शर्ट पहन रखा था उसके दूध इतने बड़े और मोटे थे कि किशन का तो लंड खड़ा हो गया और जब वह लोंड़िया थोड़ा आगे जाकर पलटी तो उसकी मोटी कसी गांड देख कर किशन ने टेबल के नीचे अपना हाथ लेजा कर अपने लंड को सहलाते हुए उसकी गुदाज गांड देखना शुरू कर दी,

नरेश- अरे पारुल ज़रा जीवन को फोन लगा कर मेरी बात कर्वाओ

पारुल- जी सर

ओर फिर पारुल ने जीवन को फोन लगा कर नरेश को दिया नरेश ने फोन लेकर पारुल से कहा ज़रा चपरासी को बोल कर दो कॉफी का बंदोबस्त कर दो,

पारुल को जाते हुए किशन पीछे मूड कर देखने लगा और उसके भारी फैले हुए चुतडो को बड़ी गौर से

देख-देख कर अपना लंड मसल रहा था,

नरेश- ओये बस कर और इधर देख

किशन- वाह नरेश क्या माल है साले कितनी मस्त लोंड़िया को तूने अपनी पीए बना रखी है,

नरेश- बहुत मस्त है क्या

किशन- खुदा कसम एक बार तू तो इसकी दिलवा दे साली को रात भर पूरी नंगी करके चोदुन्गा,

नरेश- हेलो जीवन शाम को उस लोंड़िया को साथ लेकर मेरे फार्महाउस पर आ जाना

नरेश- ले तेरा काम हो गया है और अब शाम को वह अपने ठिकाने पर आ जाएगी,

किशन- अरे नरेश उसको छ्चोड़ तू तो तेरी इस पीए को एक बार मेरी बाँहो मे भेज दे कसम से कितनी मस्त चुचिया और गांड है उसकी,

नरेश- अबे साले वह मेरी बेटी पारुल है और उसने MBA कर लिया है इसलिए उसे अपने साथ ही बिजनेस मे लगा लिया है अब मेरे सारे काम को धीरे-धीरे वह संभाल रही है,

किशन का मूह एक दम से सुख गया उससे कुछ बोलते नही बन रहा था पर फिर वह नरेश को देख कर

मुस्कुराते हुए अपने कान पकड़ कर सॉरी यार मुझे ज़रा भी नही मालूम था कि वह तेरी बेटी है,

नरेश- मुस्कुराते हुए इसीलिए तो मैने तेरी बात का बुरा नही माना तभी उनकी कॉफी आ जाती है और किशन और नरेश चुस्किया लेने लगते है, किशन का लंड अभी तक खड़ा हुआ था तभी पारुल एक बार फिर से अंदर आती है

और कुछ फिलो को उठा कर वापस जाने लगती है तभी

नरेश-सुनो बेटी

पारुल- जी पापा

नरेश- ये मेरे खास दोस्त है किशन और किशन यह मेरी एक्लोति बेटी पारुल है

पारुल- नमस्ते अंकल

किशन नमस्ते बेटा

पारुल की नशीली नज़रो और गुलाबी रस से भरे होंठो को देख कर किशन का लंड फिर से उसकी पेंट मे तन चुका था, किशन फिर से पारुल के हुस्न मे खोने वाला था तभी नरेश ने कहा अच्छा पारुल बेटी तुम जाओ

मुझे ज़रा किशन से कुछ बाते करनी है और फिर पारुल वहाँ से चली जाती है,

किशन- यार एक बात बता नरेश तेरी बेटी की उम्र करीब 25 साल तो होगी और तेरी उम्र को देख कर लगता नही है कि तेरी कोई 25 बरस की बेटी होगी,

नरेश- क्यो भाई मैं भी तो 50 टच करने वाला हू और तू भी साले बुढ्ढा होने की कगार पर ही है

किशन- हाँ हाँ ठीक है लेकिन तुझसे तो दो साल अभी छ्होटा ही हू, पर नरेश पहले कभी तेरी बेटी को यहाँ देखा नही,

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नरेश- मुस्कुराते हुए लगता है तुझे मेरी बेटी बहुत पसंद आई है,

किशन- मुस्कुराते हुए नही यार वह बात नही है,

नरेश-अच्छा सुन शाम को समय से आ जाना फिर बाकी बाते मेरे फार्महाउस पर ही करेगे,

किशन-अच्छा ठीक है और फिर किशन वहाँ से उठ कर चल देता है

किशन की कार मार्केट के ट्रॅफिक से धीरे-धीरे गुजर रही थी, तभी थोडा आगे नरेश को दो मस्त लोंड़िया स्कर्ट और वाइट शर्ट पहने रोड से अपने भारी भरकम चूतड़ मतकते हुए जाते दिखी,

किशन ने जब गाड़ी थोड़ा करीब लाकर उन्हे देखा तभी एक लड़की पास के सब्जी के ठेले पर रुक कर अपनी गांड खुजलाते हुए सब्जियो के भाव पूछने लगी, किशन का लंड उसकी मोटी गांड को देख कर खड़ा हो गया और जब वह उसके बिल्कुल पास से गुजरा तो उसके होश उड़ गये वह लड़की कोई और नही बल्कि उसकी अपनी बेटी रिया थी रिया 18 साल की मस्त भरे बदन की लोंड़िया थी,

किशन- अरे यह तो रिया है, पर इसकी गांड कितनी मस्त हो गई है मैने तो आज तक कभी इस पर गौर ही नही किया,

किशन ने अपनी कार साइड से लगा कर अपनी बेटी की गुदाज जाँघो और उसकी गदराई गांड को अपना लंड मसल- मसल कर देखने लगा, थोड़ी देर बाद रिया उस लड़की के साथ आगे चलने लगी और किशन ने अपनी कार अपने घर की ओर चला दी,

किशन की आँखो के सामने अभी तक उसकी बेटी की गदराई मोटी गांड नज़र आ रही थी और उसका लंड पूरी तरह तना हुआ था वह जब घर पहुचा तब उसकी बहू हीना ने दरवाजा खोला, हीना जो कि 23 साल की मस्त लोंड़िया थी, दरवाजा खोलते ही हीना ने अपने ससुर को देखा और जैसे ही अपना सर झुकाया अपने

ससुर के पेंट मे बने बड़े से तंबू को देख कर वह सन्न रह गई और जल्दी से दबे पाँव अपने रूम मे चली

गई,

हीना- अरे सुनते हो तब दीपक ने उसके दूध अपने हाथो से मसल्ते हुए क्या है मेरी रानी क्यो बोखलाई हुई

हो,

हीना- लगता है तुम्हारे पापा सुबह-सुबह किसी कुँवारी लोंड़िया की उठी हुई गांड देख कर आ रहे है जाकर

देखो उनका लंड उनके पेंट को फाड़ कर बाहर आने को बेताब है,

दीपक- क्या बक रही हो रानी बेचारे पापा के बारे मे

हीना- तुम्हारी कसम दीपक मैने सच मैने उनका लंड खड़ा देखा है,

दीपक- अच्छा ठीक है अब खड़ा देख लिया तो क्या तुम्हारी चूत भी फूलने लगी है और फिर दीपक ने हीना की चूत को उसकी साडी के उपर से दबोच लिया, हीना ने नाभि के नीचे से साडी बँधी हुई थी और दीपक उसके गुदाज पेट को सहलाते हुए उसके मोटे-मोटे दूध को दबा कर

दीपक- हीना कही पापा की नज़र तुम्हारे इन कसे हुए चुचो पर तो नही पड़ गई, पापा से बच के रहना तुम

नही जानती वह कितने बड़े चुड़क्कड़ है, अभी जब बुआ मम्मी के साथ बाजार से लॉट कर आएगी तब देखना पापा का हाल,

हीना- तुम्हारी बुआ भी तो छीनाल कितनी बड़ी रंडी लगती है हर दो महीने मे अपनी मोटी गांड उठा कर चली आती है, कहती है बेटे को तो हॉस्टिल मे डाल दिया है और पति दुबई चला गया है अब घर मे कोई नही है तो सोचा भैया भाभी के यहाँ थोड़ा समय गुज़ार लू,

दीपक- अब छ्चोड़ो भी और क्या तुम जब देखो कही कपड़े धोने का काम कही उन्हे उठा कर फिर जमा-जमा कर रखने का काम तुम्हे मेरे लिए तो टाइम ही नही मिलता है हीना- अच्छा तुम यह कपड़े उस अलमारी मे डाल दो मैं पापा को पानी दे कर आती हू और फिर हीना बाहर चली जाती है,

दीपक बैठे-बैठे धोए हुए कपड़े घड़ी करने लगता है और उसकी नज़र एक गुलाबी कलर की छ्होटी सी पेंटी पर चली जाती है, तभी हीना दीपक के हाथ मे वह पेंटी देख लेती है,

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बुआ की मस्त गांड

दीपक – अरे हीना यह छ्होटी सी पेंटी किसकी है

हीना- मुस्कुराते हुए अब जान बुझ कर अंजान मत बनो जैसे अपनी बहन रिया की पेंटी नही पहचानते हो

दीपक – यह रिया की पेंटी है, कितनी छ्होटी सी है ना

हीना- रिया की पेंटी को थोड़ा फैला कर दीपक को दिखाते हुए लो देख लो अपनी बहन की पेंटी और सोचो कैसी लगती होगी तुम्हारी बहन इस पेंटी मे

दीपक- मुस्कुराते हुए तुम भी ना हीना

हीना- दीपक का लंड उसकी लूँगी के उपर से पकड़ लेती है जो पूरी तरह तना हुआ था, क्यो यह मोटा डंडा अपनी बहन की पेंटी देख कर इस तरह तन गया है ना, बोलो बोलो

दीपक- रिया का मूह पकड़ कर चूमते हुए मेरी रानी लगता है तुमने पापा का लंड सचमुच खड़ा देख

लिया है तभी इतनी चुदासी हो रही हो,

हीना-दीपक के लंड को कस कर पकड़े हुए अपनी बहन की नंगी चूत चाटने का मन कर रहा है ना तो आओ ना मुझे ही रिया समझ कर थोडा चोद लो

दीपक- हीना को बेड पर लेटा कर उसकी चूत को उसकी पेंटी सरका कर चाटने लगता है

हीना- हाय मेरे राजा अब बताओ कैसी लग रही है तुम्हे अपनी बहन की चूत और चॅटो खूब कस कर चाट लो

दीपक अपनी बीबी की चूत को खूब फैला-फैला कर चाटने लगता है और जब हीना उसे यह कहती है कि अपनी बहन रिया की चूत को खूब कस-कस कर चॅटो तो वह बिल्कुल पागला हो जाता है और अपनी बीबी की चूत उसे अपनी बहन रिया की गुलाबी चूत नज़र आने लगती है,

दीपक और हीना का रूम ऐसा था कि उनके बेड के पास की खिड़की से बाहर बैठक का सारा नज़ारा नज़र आता है,

तभी दीपक की मम्मी रौशनी जो कि पूरी तरह भरे बदन का माल थी और 40 के उपर थी और उसके साथ दीपक की बुआ सुजाता भी अंदर आ जाती है,

रौशनी- भाई मैं तो थक गई और अब मुझसे बैठा नही जाएगा मैं तो जाकर थोड़ी देर लेट जाती हू

दीपक और हीना खिड़की से बैठक का नज़ारा देख रहे थे और रौशनी वहाँ से अपने रूम मे चली जाती है,

सुजाता अपने भाई किशन के पास बैठ कर उसकी जाँघो पर हाथ रख लेती है, किशन अपनी बहन सुजाता के हाथो से बॅग लेते हुए

किशन- क्यो सुजाता क्या खरीद लाई

सुजाता -कुछ नही भैया भाभी कुछ कपड़े लेकर आई है

किशन -किसके कपड़े है,

सुजाता- अरे हीना और रिया के लिए है

किशन -अच्छा दिखाओ तो

सुजाता -अरे भैया तुम क्या करोगे देख कर उसमे मेरी ब्रा और पेंटी भी रखी है,

किशन- सुजाता के रसीले होंठो को देखते हुए तो क्या मैं तेरी पेंटी और ब्रा नही देख सकता

सुजाता- धीरे से अरे कही भाभी ना आ जाए और फिर सुजाता धीरे से अपना हाथ आगे बढ़ा कर किशन के

लंड को लूँगी मे हाथ डाल कर पकड़ लेती है, हीना अपने ससुर के मोटे लंड को पकड़े देख मस्त हो जाती है और उधर दीपक अपनी बुआ की गदराई जवानी उसका साडी के साइड से उठा हुआ पेट और बड़े-बड़े दूध देख कर उसका लंड झटके मारने लगता है,

किशन- बॅग मे से पेंटी निकाल कर अपने मूह से लगा कर सूंघ लेता है

सुजाता- अरे भैया वह तो तुम्हारी बेटी रिया की पेंटी है जिसे तुम सूंघ रहे हो

किशन- अच्छा ठीक है और फिर किशन दूसरी पेंटी उठा कर उसे सूंघने लगता है

सुजाता -अरे भैया वह तुम्हारी बहू हीना के लिए लाए है, और तुम हो कि अपनी बहू की पेंटी को सूंघ रहे

हो,

बुआ की बात सुन कर हीना की चूत से पानी आ जाता है जब उसका ससुर उसकी पेंटी को सुन्घ्ता है तो उसे एक पल केए ऐसा लगता है जैसे पापा जी उसकी खुद की चूत को सूंघ रहे हो,

किशन अब अगली पेंटी सूंघ कर सुजाता से पूछता है क्यो बहन यह तो तुम्हारी है ना

सुजाता- उसके हाथ से पेंटी छिनते हुए यह मेरी और भाभी की दोनो की हैकिशन-चौक्ते हुए दोनो की मतलब

सुजाता उठ कर जाते हुए मतलब यह कि मैं और भाभी एक दूसरे की बदल-बदल कर पहनती है,

किशन-अरे सुन तो कहाँ जा रही है देख तेरे भैया कैसे बुला रहे है तुझे और किशन अपने लंड को निकाल

कर सुजाता को दिखाता है और सुजाता उसे अपना अगुठा दिखाते हुए, मैं भी भाभी के साथ जाकर सोउंगी,

हीना-हाय राम मैं ना कहती थी तुम्हारे पापा ज़रूर इस कुतिया बुआ को खूब कस कर चोद्ते होंगे

दीपक-हाँ मुझे तो यकीन नही हो रहा है कि बुआ इस तरह से पापा का लंड चूस लेगी

तभी हीना दीपक लंड पकड़ कर हाय मेरे राजा अब यह क्यो ताव खा रहा है कही इसे अपनी बुआ के चूतड़ तो नही पसंद आ गये है, मैं देख रही हू आज कल तुम्हारा लंड अपनी बुआ अपनी बहन और खास कर अपनी मम्मी रौशनी की मोटी गांड देख कर बड़ा जल्दी खड़ा होता है,

दीपक- उसकी चूत के अंदर अपनी एक उंगली डाल कर हिलाते हुए, लगता है मेरी रानी आज पापा का लंड देख कर बहुत पानी छ्चोड़ रही है,

हीना- तुम ऐसे नही मनोगे और फिर हीना उठ कर रिया की पेंटी पहन कर दीपक को अपनी चूत और

मोटी गांड उठा-उठा कर दिखाने लगती है और कहती है लो मेरे साजन अब देखो कैसी लगती है इस पेंटी मे

तुम्हारी जवान बहन, और अपनी गांड को झुका कर दीपक दिखाती हुई, लो राजा चॅटो अपनी बहना की मोटी और गुदाज गांड को, लो राजा देख क्या रहे हो तुम जल्दी से अपनी बहन की गांड मार लो नही तो पता चला पापा ने रिया को चोद दिया और तुम उसकी कुँवारी चूत फाड़ने के लिए तरसते ही रह गये,

हीना के मूह से इतना सुनना था कि दीपक ने उसकी पेंटी को उसकी गांड से साइड मे करके अपने तने लंड को अपनी बीबी की चूत मे पीछे से एक झटके मे ही अंदर उतार दिया,

हीना बड़ी चतुर थी उसने अपना मूह उस थोड़ी सी खुली खिड़की की ओर कर रखा था जिससे उसे पपाजी का लंड आसानी से नज़र आ जाए जिसे वह अभी भी बैठे-बैठे सहला रहे थे, इधर दीपक अपनी आँखे बंद किए हुए रिया की मोटी गांड को याद कर-कर के अपनी बीबी की चूत मार रह रिया- अपनी चूत मसल्ते हुए, भाभी आप दोनो की बातो से मेरी चूत बहुत पानी छ्चोड़ रही है, भैया एक बार मुझे भी अपनी मम्मी समझ कर चोदोगे,

दीपक- अपनी बहन रिया के ठोस दूध को अपने मूह मे भर कर चूसने लगता है और हीना कहती है ले रिया तेरे भैया तुझे अपनी मम्मी समझ कर तेरे मस्त चुचो को पी रहे है, रिया अपने दूध को अपने हाथो से दबा-दबा कर अपने भैया के मूह मे डालती हुई कहती है ले बेटा दीपक अपनी मम्मी के दूध पी ले फिर तेरी मम्मी तुझे अपनी चूत खोल कर भी पिलाएगी,

दोनो ही कमरो मे चुदाई का मस्त महॉल था और औरत और मर्द के जनाना अंगो से उठती गंध ने पूरे महॉल को नशिला कर दिया था, पापा अपने मोटे लंड को अपनी बहन की गांड मे दल-दल कर उसे मस्त कर देते है बुआ ज़ोर-ज़ोर से अपनी गांड पीछे की ओर मारती हुई खूब सीसीयाने लगती है, तभी बुआ मम्मी की जाँघो को पकड़ कर अपने मूह की ओर खिच लेती है और मम्मी की पाव रोटी की तरह फुल्ली चूत को चाटते हुए अपने भैया का लंड अपनी गांड मे गहराई तक लेने लगती है, इधर हीना भी रिया की चूत मे दो उंगलिया डाल कर हिलाने लगती है,

तभी दीपक एक करारा धक्का हीना की चूत मे मार देता है और हीना पापा के लंड को देखती हुई ओह पापा कह कर झड़ने लगती है उधर बुआ की गांड मे जब पापा एक तगड़ा झटका जड़ तक मार देते है तो बुआ मस्त होकर मम्मी की चूत के छेद मे अपनी जीभ डाल देती है, मम्मी अपनी चूत का पानी बुआ को चटाते हुए झाड़ जाती है और बुआ पापा के लंड से निकले पानी को अपनी मोटी गांड मे पूरा निचोड़ लेती है,

हीना और रिया दीपक के लंड का पानी एक साथ चाटने लगती है और चाट-चाट कर दीपक के लंड को पूरा चमका देती है,

उस चुदाई के बाद पापा बुआ और मम्मी को लेकर बॅड पर लेट कर दोनो रंडियो को अपनी बाँहो से चिपका कर लेट जाते है और इधर तीनो थक जाने के कारण बॅड पर जाकर चिपक कर लेट जाते है, दीपक अपनी बहन और बीबी को चूमता रहता है और हीना और रिया बारी-बारी से दीपक के लंड और गोटू से खेलती रहती है,,

सुबह-सुबह किशन अपने ऑफीस जा चुका था और दीपक और रिया और उसकी मम्मी रौशनी बैठक रूम मे बैठक कर चाइ पी रही थी, और दूसरी और बुआ जाकर हीना के रूम मे हीना से बाते करने लगी और हीना अपने रूम की सफाई करती हुई बुआ से बाते कर रही थी,

बुआ- बड़े गौर से हीना के उठे हुए चुतडो को देख कर बोली, बहू रानी जब तुम यहाँ आई थी तब एक दुबली पतली और लंबी सी लोंड़िया लगती थी और अब तुमने अपने इन भारी चुतडो को कभी गौर से देखा है कितने फैल गये है, ल्गता है दीपक दिन भर तुम्हारे चुतडो मे ही अपना मूह घुसाए रहता है,

हीना- मुस्कुराते हुए, बुआ जी मेरे चूतड़ आपकी मोटी और गुदाज गांड से तो छ्होटे ही है,पर आप कभी नही बताती कि आपकी गांड इतनी चौड़ी कैसे हुई है

बुआ- बहू मैं तो खाते पीते घर की हू इसलिए मेरी गांड बहुत मोटी हो गई है,

हीना- नही बुआ जी खिलाई पिलाई तो हमारे पापा ने भी हमारी खूब अच्छे ढंग से की है पर हमारे चूतड़

तो इतने नही बढ़े,

बुआ- बेटी कुछ औरतो पर उनके बाप की खिलाई पिलाई का असर नही होता है अब देखना जब तुम अपने ससुर का माल खओगि तब देखना तुम्हारे चुतडो का साइज़ मेरे जैसा हो जाएगा, पहले तेरी सास रौशनी की गांड भी इतनी मोटी नही थी फिर भैया ने जब उन्हे अपना माल खिलाया अब तुम खुद ही देख रही हो की तुम्हारी सास की गांड कितनी गुदाज और ठोकने लायक हो रही है,

बुआ- अच्छा बहू तेरे पापा तुझे बहुत प्यार करते है क्या,

हीना- मुस्कुराते हुए, बुआ मैं तो आज भी जब पापा के पास जाती हू तो वह मुझे अपनी गोद मे बैठा कर

मुझे खूब प्यार करते है,

बुआ- हाय राम तू इतनी बड़ी घोड़ी है उसके बाद भी तेरे पापा तुझे अपनी गोद मे चढ़ा लेते है,

हीना- हस्ते हुए क्यो मैं तो फिर भी छ्होटी हू आप तो 40 पार कर रही है और आज भी अपने भारी चुतडो के

साथ अपने भैया की गोद मे बैठ जाती हो,

बुआ- सकपकाते हुए तूने कब देख लिया मुझे भैया की गोद मे बैठे हुए,

हीना- मुस्कुराते हुए मैने तो वह भी देखा था जो आपने भैया के पास बैठ कर अपने हाथ मे पकड़

रखा था और उसे बड़े प्यार से सहला रही थी,

बुआ- चुप कर रंडी तूने कैसे देख लिया मुझे तो यकीन नही हो रहा है,हीना- बुआ इसमे तुम्हारी कोई ग़लती नही है तुम्हारे चूतड़ है ही इतने भारी की कोई भी देखे उसका लंड खड़ा हो जाए, यहा तक कि दीपक तो आपके बेटे जैसा है ना

बुआ- हाँ वह मेरा बेटा ही है

हीना- आपका दीपक भी आपके भारी चुतडो को देख-देख कर बहुत मस्त हो जाता है,

बुआ- मूह फाडे हुए क्या, क्या दीपक ने मेरे बारे मे तुझसे कुछ कहा है

हीना- बुआ वह तो आपको चोदने के लिए तड़प रहा है, कहता है एक बार बुआ को पूरी नंगी करके अपने सीने से चिपका ले तो उसका ख्वाब पूरा हो जाए,

बुआ- मंद-मंद मुस्कुराते हुए चल झूठी कही की, मुझे बुध्धु बना रही है,

हीना- आप की कसम बुआ मैं झूठ नही बोल रही हू और उनका लंड भी पापा के लंड के जैसा ही दिखता है बिल्कुल टू कॉपी नज़र आता है, कल रात को ही जब वह मुझे चोद रहे थे तो जानती हो उनके मूह से क्या शब्द निकल रहे थे, हाय बुआ कितनी टाइट गांड है तुम्हारी कितनी फूली चूत है तुम्हारी, जब मैने कहा दीपक मैं हीना हू तब उन्होने कहा, मेरी रानी आज तुम मुझे बुआ की तरह नज़र आ रही हो कुछ देर के लिए यह समझ लो कि तुम मेरी बुआ हो,

सुजाता की चूत हीना की बात सुन कर गीली हो जाती है और वह अपनी चुस्त सलवार पहने पिछे की ओर दीवार से टिक कर अपने दोनो पेरो के घुटनो को मोड हुए बैठी रहती है उसकी जाँघो की जड़ो मे जहाँ उसकी फूली हुई चूत का उभार उसकी सलवार से साफ नज़र आ रहा था वह हिस्सा पूरा गीला हो चुका था और हीना की नज़र जैसे ही बुआ की फूली हुई सलवार पर पड़ी तो हीना ने एक दम से बुआ की बुर को उसकी सलवार के उपर से दबोच लिया..