निशा के पापा का ख़ास दोस्त

नीलम: निशा की 18 साल की चचेरी बहेन
अजीत: निशा के पापा का ख़ास दोस्त. 38 साल.
अनूप: अजीत का चाचा. 54 साल.
सोनू: अजीत का भाई. 34 साल.
रोहित: अनूप का बेटा. 30 साल.अजीत अंकल और उनके दोस्तों से रात भर ज़ोरदार चुदाई के बाद निशा की चूत सूज कर लाल हो गयी थी. चून्स चून्स कर उसकी निपल और मम्मे एक ही रात में और भी बड़े हो गये थे. पर उसके दिल और दिमाग़ में काम की ज्वाला और भी तेज़ी से जल रही थी. रात भर मर्दों की रंडी बनने के बाद, निशा अपने मन से उनकी गंदी हरकतों को हटा नही पा रही थी. ‘अयाया… बस एक बार और ऐसी चुदाई हो जाए!‚ निशा ने सोचा.

घर पर वो बिस्तर पर लेटकर आराम कर रही थी, की फोन की घंटी बाजी.

‘अरे नीलम, कैसी हो? मम्मी पापा तो गाँव गये हैं. और तू सुना, उस लड़के से कोई बात बनी??‚

नीलम निशा की चचेरी बहें ही नही, उसकी ख़ास दोस्त भी थी. और दोनो लड़कियों का दिमाग़ भी एक सा ही था – गंदा. नीलम निशा के सारे दोस्तों की कहानी जानती थी. जब भी कोई लड़का उसे पेड़ के पीच्चे लेकर छोड़ता, या अजीत उसे घर पर बुलाकर गंदी पिक्चर दिखाकर ठोकता… या फिर जब कोई टीचर उसके बॉल दबाता… या स्कूल के प्रिन्सिपल निशा को अपने बंद कमरे में अपनी गोद में बिठाकर उसकी चड्डी में हाथ डालते, निशा नीलम को मज़े से सारी दास्ठान सुनती.

पर जब निशा ने उसे कल रात के बड़े में बताया, तो नीलम दंग रह गयी.

‘तुम्हे दर्द नही हुआ दीदी??‚ नीलम ने अचंभे से पूछा.

‘हन, पर वो दर्द बहुत मीठा होता हैं. एक बार तुम्हे भी ट्राइ करना चाहिए‚.

‘अरे, मुझे कौन देखेगा दीदी. आपके जैसा बदन थोड़ी हैं मेरे पास. आपकी च्चती की साइज़ से ही मर्दों के मूह में पानी आ जाता हैं. मेरा क्या हैं?? मुझे तो आज तक किसी मर्द ने नंगा भी नही किया‚, नीलम उदास हो कर बोली.

‘तो एक काम करो ना नीलम, यहा मेरे साथ रहने आ जाओ. तुम्हारी यह शिकायत भी दूर कर देगे!‚

निशा ने अजीत को फोन पर यह सब बात बताई. अजीत के मूह में पानी आ गया. निशा जैसी बेशहमार रंडी और उसकी जवान कुँवारी बहें… अयाया!!

नीलम का दिल तेज़ी से धड़क रहा था. कैन बार वो निशा के साथ बैठ कर गंदी पिक्चर देख चुकी थी. पर उसका बदन निशा की तरह खूबसूरात नही था. जहाँ एक तरफ निशा के मम्मे बड़े बड़े गुब्बारों की तरह उसकी च्चती से लटकते थे, नीलम की च्चती में कोई ख़ास बात नही थी. 32सी की ब्रा का साइज़ उसकी कई सहेलियों से बड़ा था, पर निशा के सामने वो फीकी प़ड़ जाती थी. पर खूबसूराती में दोनो बहने समान थी. गोरा रंग, लंबे बॉल, मटकती चाल, आँख में मस्ती… बस एक के होल में कैन जा चुके थे, तो दूसरी का होल अब तक ढीला नही हुआ था.

अजीत निशा और नीलम को अनूप चाचा के फार्महाउस पर ले गया.

‘कुँवारी को ज़ोरो से हम सब ने चोद तो चिल्ला चिल्ला के सारी बिल्डिंग को जगा देगी. फार्महाउस पर ज़ोरदार चुदाई हुई तो चीख कौन सुनेगा??‚
अरे मन गये चाचा! अजीत हस्ते हस्ते बोला.

‘बहुत डर लग रहा हैं दीदी‚ नीलम घबराते हुए बोली.

‘अरे बहुत मज़ा आएगा यार. तुम बस मुझे देखती जाओ.. जैसा मैं और अजीत अंकल कहे वैसे ही करना. पहली बार सबके सामने थोड़ी शर्म आएगी, पर मैं तुम्हे संभाल लूगी‚ निशा ने नीलम के कंधों पर हाथ रखकर उसे कहा.

बंगले में अनूप चाचा, सोनू और रोहित शराब पे रहे थे. अजीत ने सबका इंट्रोडक्षन दिया.

निशा ने नीलम का टॉप उतरा. नीलम शर्मा के लाल हो रही थी.

रोहित बोला – अरे इतने में ही शर्मा रही हो बेबी. सब उतार जाएगा तब कितना शरमाओगी.

यह कहते हुए रोहित ने निशा का टॉप उतार दिया.

हट साली! अनूप बोला… क्या बॉल हैं… बहुतों से चूज़ हुए लगते हैं. अजीत हंसते हंसते बोला… 9-10 मर्द घुसा चुके हैं.

निशा मुस्कुराइ और उसने नीलम की ब्रा खोल दी. नीलम शर्मकार अपने हाथों से अपने छोते छोते मम्आंटी को ढकने लगी. निशा ने नीलम के होंठों को चूमा और कहा… ष्ह… शरमाओ मत. अपना बदन मेरे हवाले कर दो. नीलम ने अपने हाथ हटाए और निशा ने उसके मॅमन को अपने हाथों मे लिया. नीलम की आँखें बंद थी… वो तितली की तरह हड़बड़ाने लगी. निशा ने आते की तरह नीलम के दोनो बॉल को गोंडा. फिर अपनी उंगलियों के बीच उसकी निपल को लेकर उसके मॅमन को हिलाया.

अयाया…. नीलम करहाय.

निशा ने उसके मॅमन को चून्सना शुरू किया. पहले धीरे से, फिर ज़ोरों से हू चू की आवाज़ करके निशा ने भूके और प्यासे बच्चे की तरह निपपलोन को चूँसा. नीलम की चूत में से चिकना पानी बहने लगा.

‘अब मेरी ब्रा खोलकर मुझे भी ऐसे ही चूँसो‚

जैसे ही नीलम ने निशा की ब्रा खोली, अनूप, सोनुआ उर रोहित दंग रह गये. 18 साल की लड़की की च्चती इतनी बड़ी?? नीलम भी निशा की च्चती देखकर दंग रह गयी. उसने निशा को पहले कभी नंगा नही देखा था.

‘क्या देख रही हो? चूँसा ना रानी…‚

नीलम ने निशा के मॅमन को चून्सना शुरू किया. निशा के बदन में सेक्स भरने लगा. अपनी जीभ को होंतों पर फिराते निशा सब मर्दों को गंदे इशारे करने लगी. फिर उसने नीलम की चड्डी उतरी और उसकी चुत को चातना शुरू किया.

नीलम की गोटी सूज कर उभर रही थी और निशा अपनी जीभ से उसकी गोटी को हिला रही थी.

फिर वो ज़मीन पर पैर फैला कर लेट गयी और नीलम ने उसकी चूत के होंठों को खोला. अब तुम्हारी जीभ मेरे चुद़े हुए होल में डालो और चून्स चून्स कर मेरा पानी पियो रानी.

चारों मर्द सोफे पर बैठकर यह नज़ारा मज़े से देख रहे थे.

फिर निशा अनूप चाचा की गोद में सॉवॅर होकर अपने मॅमन को उसके होंठों के करीब लाकर बोली – चूँसों ना अंकल.
आगे की कहानी बहुत जल्द.
निशा ने अपनी बहें को पापा के दोस्तों से मिलकर चुदवाया

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