महक की दुनिया 9

महक भी अब antarvasna आहे भरने लगी थी …….. दोनों चुपचाप kamukta मजा ले रहे थे ….. सोनू का लंड लोहे जैसा कठोर हो गया था ….. महक हो उसकी चुभन महसूस हो रही थी ……
उसने इस सिचुएशन में थोडा और मसाला डालने की सोची ….
उसने कसमसाते हुए कहा ……
महक : छोडिये ना … सर ……….
सोनू ठिठक गया ….. उसे लगा …… की उसने कोई जल्दबाजी तो नहीं की …
महकने उसके चहरे के भाव पढ़ लिए
महक : सर …. मुझे यहाँ ठीक से बैठते भी नहीं आ रहा ….. और
सोनू ने डरते डरते पूछा “ और क्या …”
महक ने शरमा ते हुए कहा …… “ और निचेसे कुछ चुभ भी रहा है “
ये सुनते ही सोनू के जान में जान आयी
वो हस दिया …….
उसने कहा “क्या चुभ रहा है ………”
महक चुप रही
सोनू ने उसे थोडा सीधा किया
सोनू ने अपने हाथ उसके मुम्मो के पास रख दिए
और फिर उन्हें सहलाने लगा ….
महक चुहलबाजी करते उसे बोली …
प्लीज …. छोडिये ना सर …..
वो ऐसे बिहेव कर रही थी ….जैसे उसे वहा से छुटना था … और सोनू उसे जाने नहीं देना चाह रहा था …
दरअसल न तो वो हटना चाहती थी …. और ना ही सोनू ने उसे पकड़ रखा था ……
दोनों एक दुसरे से खेल रहे थे बस ……
महक कुछ ऐसे छटपटा रही थी ……( की उछल रही थी ?)

कुछ देर बाद सोनू की पकड़ थोड़ी ढीली पड़ने पर (और आगे बढ़ने के लिए भी )…..
महक एकदमसे उठी …. और फुसफुसाते हुए बोली
“ वहा सोफे पर बैठते है ना सर …” और उधर चलने लगी
महक सोफे पर बैठी …..
सोनू भी उठ कर उधर आया .
उसने सोचा ….. की लड़की भी तैयार है ……. अगर तैयार न होती तो ….. अभीतक .. हंगामा हो चूका होता …
उसने और आगे बढ़ने का सोचा
और महक के सामने खड़ा हुआ
अपने दोनों हाथ महक की नंगी रानो पर रखते हुए उसने पूछा
सोनू: हा … बोलो … महक … अब ठीक है …
महकने शरमाके नजरे झुका ली …
सोनू को हरी झंडी मिल गयी थी
अब उसके हाथ महक की चिकनी… मांसल जांघो …पर खुलके घुमने लगे ….
और आगे आगे बढ़ने लगे
महक की सॉफ्ट जांघो का स्पर्श सोनू को बेक़रार कर रहा था
महक ने अपने दोनों हाथ अपनी चूत पे पास दबा कर रखे थे
वो जबरन अपनी सिसकिया रोके रख रही थी
सोनू की हाथो के छूने से उसकी चूत भट्टी की तरह तपने लगी
उसकी लाख कोशिशो के बावजूद उसके मुह से एक लम्बी सिसकारी निकल ही गयी
स्सस्सस्सस्सस्सस्सस ह्ह्हह्ह्ह्हाय्य्यय्य आआह्ह्ह्ह
उसके हाथ भी ढीले पड़ गये थे
सोनू ने इसी मोके का फायदा उठाते हुए अपने हाथ और अन्दर घुसा दिए
अब उसके हाथ महक की फूली हुयी चूत पर थे
सोनू के हाथो ने उसके चूत की गर्मी को महसूस किया …
सोनू की छेडछाड की वजह से महक की चूत पानी छोड़ रही थी
सोनू को ऐसा लगा की ….. जैसे महक की चूत से गर्म लावा बहार निकल रहा हो
उसने अपना मुह महक के चूत पे लगा दिया ……
और उसकी रस से भीगी पँटी के उपरसे ही चूत चाटने लगा …
महक खुल के आहे भरने लगी
आआह्ह्ह्ह आआअह्हह्हह्ह स्सस्सस्सस्सस्सस्सस
उसने सोनू के बालो को पकडके उसका सर अपनी चूत पर दबाने लगी
सोनू ने अपने हाथ से महक की पँटी थोड़ी खिसकायी ….
और उसकी नंगी चूत को अपनी जीभ से कुरेदने लगा
महक की हालत ख़राब होंने लगी
वो सोनू के गर्दन पर चूमने लगी ….. हाथ बढाकर सोनू का लंड छूने की कोशिश करने लगी
सोनू ने उसकी मदभरी चूत चाटते चाटते सोचा …. की उस के पास कितना समय है ये तो उसे भी पता नहीं था …… तो इस चुसाई के खेल में जादा समय बर्बाद करने से अच्छा पहले … ये मतवाली चूत चोद ली जाए ……. नहीं तो KLPD भी हो सकती है ……
तो उसने महक को खीच के उठाया ….. और उसे वही के एक पिलर के पास खड़ी रहने को कहा
महक शायद उसके इरादे भाप गयी थी ….. उस ने पिलर को पकड़ा और अपने गांड पीछे कर दी ……