किले में करी गर्लफ्रेंड की पहली चुदाई

हाय फ्रेंड्स, Antarvasna मेरा नाम विकास है, मेरी उम्र 26 साल की है और मैं लखनऊ का रहने वाला हूँ. दोस्तों मेरी पढ़ाई तो पूरी हो चुकी है और अब मैं नौकरी के लिये कम्पीटीशन की तैयारी कर रहा हूँ. दोस्तों मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं थी तो मैं सोचता था कि, मैं किसी लायक नहीं हूँ और मेरे लंड में दम नहीं है. दोस्तों मेरे जीवन में पिछले साल एक मोड़ आया और तब मैंने दिल्ली में रहकर कम्पीटीशन की तैयारी शुरू ही करी थी। वहाँ पर मुझको मेरे सपनों की राजकुमारी मिली थी और उसका नाम था रश्मि था और वह बहुत खूबसूरत थी. उसकी खास बात थी उसकी गांड जिसको देखकर हर लड़के का लंड खड़ा हो जाए. उसकी लम्बाई 5.5 फुट की होगी और मेरी सोच में हम दोनों बहुत अलग थे और हम दोनों की जोड़ी भी बहुत ही अजीब लगती लेकिन फिर भी आहिस्ते-आहिस्ता करके हिम्मत जुटाकर मैंने उसके साथ बात करना शुरू किया और आख़िर में हम बहुत अच्छे दोस्त बन गये थे. लेकिन कुछ महीनों के बाद मुझको उससे प्यार हो गया. दोस्तों खूबसूरत तो वह थी ही लेकिन साथ में वह बहुत अच्छे स्वाभाव की भी थी. मैंने उसको बता भी दिया था कि, मुझको डर लगता है कहीं हमारी दोस्ती ना टूट जाए पर वह समझदार थी और हम लोग अच्छे दोस्त बने रहे. लेकिन चोरी-चोरी वह भी मुझसे प्यार करती थी. तो दोस्तों अब असली कहानी यही से शुरू होती है।

दोस्तों हम लोग वैसे तो अकेले में मैं और रश्मि कई बार गाड़ी में साथ घूमने गये है. लेकिन पिछले साल दिसम्बर की बात ही कुछ और थी हम लोग शहर से बाहर एक जगह पर गये थे जहाँ पर एक किला बना हुआ है. उस किले में काफी फिल्मों की शूटिंग हुई थी. और फिर हम दोनों वहाँ पर गये और वहाँ पर हमने आस-पास के खेतों की और किले की फोटो खींची और हमने भी साथ में फोटो खिंचवाई थी. दोस्तों उस समय वहाँ पर कोई भी नहीं था, किले की सीडियाँ पुरानी होनी की वजह से थोड़ी सी टूटी हुई थी और उनपर चढ़ते समय रश्मि मेरे ऊपर गिर गई थी, क्योंकि मैं उसके पीछे चल रहा था. दोस्तों पहलीबार मैंने उसको उस समय अपने ऊपर पाया और फिर हमारी नज़रें एक दूसरे से मिली तो उसको डर सा लग रहा था. लेकिन फिर जैसे ही वह उठने लगी तो वैसे ही मैंने उसकी कलाई पकड़ ली और उसको फिर से अपने ऊपर खींच लिया था. और फिर उसने मुझको बोला कि विकास, प्लीज़ मुझको छोड़ दो. दोस्तों मेरा पहले तो कोई मूड नहीं था, लेकिन फिर पूरा बन गया था. और फिर मैं सोचने लगा कि, यह ऊपर से ही इतनी खूबसूरत लग रही है तो… और उसके परफ्यूम की खूशूब मुझको पागल कर रही थी और उससे मेरा लंड अब टेंट बनकर के खड़ा था. और उसने भी शायद यह महसूस भी कर लिया था. और फिर मैंने रश्मि को आई.लव.यू. कहा तो उसने मुझको कहा कि, मैं तुमसे प्यार नहीं करती हूँ और तुम मुझको छोड़ दो. दोस्तों अगर वह चाहती तो वह चीख के वहाँ पर किसी को भी बुला सकती थी. और फिर मैंने उसकी गर्दन पर किस किया और फिर उसके बालों पर हाथ फेरा तो उसकी साँसें और तेज़ हो गई थी और शायद यह मेरे लिये एक इशारा था कि, वह मुझसे चुदना चाहती है. और फिर मैंने अपना एक हाथ उसके बब्स पर रखा और दूसरा हाथ उसकी सलवार के अन्दर डालकर उसकी चूत पर रखा तो मुझको पता चला कि, उसकी चूत तो पहले से ही गीली है. और फिर रश्मि के आँखों में से आँसूं आने लग गए थे. और फिर मैंने उसको बोला कि, क्यों झूठ बोलती हो, तुम भी तो करती है ना मुझसे प्यार? तो उसने अपनी हल्की सी आवाज़ में बोला कि, मैं नहीं चाहती थी कि, यह बात हमारे घरवालों को पता चले नां ही मैं यह चाहती थी कि, तुम्हारी पढ़ाई पर इसका कोई असर पड़े।

और फिर उसने यह भी कहा कि, तुम तो मेरे हो और मेरे ही रहोगे जितना डर तुम्हारा है मुझको खोने का, उससे ज़्यादा मेरा है तुमको खोने का. और फिर वह चुप हो गई थी. और फिर मैंने उसके सिर को चूमा, गाल चूमे और फिर बड़ी हिम्मत के साथ मैंने उसके काँपते हुए होठों को चूमा. दोस्तों हम दोनों उस समय काफ़ी घबरा भी रहे थे क्योंकि यह हमारा पहला किस था. दोस्तों हम दोनों इस बात से बहुत ज़्यादा डरे हुए भी थे कि, कोई हमको वहाँ देख ना ले और ऊपर से हम बहुत ज़्यादा गरम भी हो चुके थे. और फिर हम तकरीबन 10-15 मिनट तक किस करते रहे और हम दोनों को अंदाजा भी नहीं था कि, हम कितना एक दूसरे के प्यासे थे. लेकिन मुझको उस समय एक चीज़ ज़रूर समझ में आई कि, मैं इतना भी बुरा नहीं हूँ अगर किसी लड़की से मुझको प्यार मिला है तो मुझमें कोई बात तो है. और फिर मैंने उसको किले की दूसरी मंज़िल पर चलने के लिया मना लिया था और वह मान भी गई थी. और फिर जैसे ही हम वहाँ पर पहुँचे तो मैं उसपर टूट पड़ा था. और फिर हम दीवार के एक कोने में खड़े होकर एक-दूसरे को चूमने लग गए थे और मेरा एक हाथ उसके सिर पर था और दूसरा उसकी गांड से खेल रहा था. दोस्तों वो थोड़ी सी शर्मीली सी लड़की है तो शरमाकर वह मुझसे चिपक गई थी।

और फिर हम दोनों ने एक दूसरे के जैकेट को उतार दिया था और फिर मेरे दोनों हाथ उसके बब्स पर लपक पड़े थे, और फिर मैंने हल्के-हल्के स्पर्श से उसके बब्स को छुआ और अपनी ऊँगली की नोक से उसकी निप्पल को भी सहलाया. और फिर उसकी आहह… की आवाज़ सुनते ही मैं और भी जोश में आ गया था और अब आहिस्ते-आहिस्ते मैंने उसका कुर्ता भी उतार दिया था और फिर उसकी सेक्सी ब्रा भी. दोस्तों उसकी ब्रा के नीचे उसके गोरे बब्स और गुलाबी रंग की निप्पल थी और वह बहुत ज़्यादा मुलायम लग रहे थे. और फिर मैंने भी अपनी टी-शर्ट उतार दी थी और फिर मैं उसके साथ अपना सीना उसकी छाती से जोड़कर के खड़ा हो गया था. और फिर उसके नंगे बब्स को मैं अपने हाथों में लेकर खेल रहा था. दोस्तों अब तो रश्मि भी धीरे-धीरे बेशरम बन गई थी और वह मेरी शरारत का पूरा-पूरा मज़ा ले रही थी। और फिर मैंने उसका हाथ अपने लंड के ऊपर रखवाया तो उसने मुझको कहा कि, अपनी पेन्ट भी खोलो. और फिर मैंने अपना सब कुछ खोल दिया था और फिर मैंने उसको कहा कि, अब मेरा अंडरवियर तुम ही खोलोगी. और फिर उसने वही किया और मेरे लंड को आज़ाद किया. और फिर वह कुछ देर तक उसके साथ खेलती रही और फिर से हमने किस करना शुरू कर दिया था और फिर मैंने उसकी सलवार और पैन्टी को भी उतार दिया था. और अब हमारे नंगे बदन एक-दूसरे को चूम रहे थे और वह मिलन बड़ा ही अनोखा था. और साथ ही में मैं उसकी चूत में अपनी ऊँगली भी डाल-डालकर उसको उकसा रहा था. और फिर कुछ देर के बाद उसने मुझसे पूछा कि, क्या तुम कंडोम लाए हो? तो मैंने उसको कहा कि, नहीं. तो फिर उसने मुझको कहा कि, कोई बात नहीं मैं बाद में आई-पिल से काम चला लूँगी और फिर उसने कहा कि, अब शुरू करो, मैं तुम्हारा बड़ी बेसब्री से इंतज़ार कर रही हूँ. और फिर मैंने अपनी कारवाई शुरू करी और फिर मैंने अपने लंड की पोजीशन ठीक करके उसकी चूत पर निशाना लगाया तो उसकी चूत काफ़ी टाइट थी। दोस्तों यह कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

दोस्तों उससे पहले मेरा कोई भी सेक्स का अनुभव नहीं था क्यूंकी मैं इससे पहले एकदम कुँवारा था. और फिर मैंने उसकी चूत में एक ज़ोर का झटका दिया तो उसकी चीख निकल पड़ी थी और वह मुझसे कहने लगी कि, आहहह… कमीने, निकाल ले अपना लंड मेरी चूत से बाहर. दोस्तों मैंने उसको पहली बार इतनी गंदी भाषा में बोलते हुए सुना था. और फिर मैंने सोचा कि, शायद मैंने बहुत ज़ोर से डाला था और फिर मैंने उसको कहा कि, कोई बात नहीं जान थोड़ा सब्र करो. और फिर मैंने अब अपना पूरा लंड उसकी चूत के अन्दर डाल दिया था और फिर आहिस्ते-आहिस्ते धक्के से मैंने उसको अन्दर-बाहर किया. और फिर कुछ देर के बाद उसको भी मजा आने लग गया था और फिर तो वह भी मुझसे कहने लग गई थी कि, आहहह… और जोर से करो, आज फाड़ दो मेरी चूत को. दोस्तों मुझको इस बात का डर भी लग रहा था कि, कहीं कोई हमारी आवाज़ को सुन ना ले. और फिर साथ ही साथ हमारी उत्तेजना और भी बढ़ती जा रही थी और फिर मैंने अपने धक्के और भी तेज़ कर दिए थे. और वह मुझको देखकर डर गई थी कि, मुझको यह क्या हो गया है. लेकिन उसको मज़ा भी बहुत आ रहा था।

और फिर वह अब झड़ने के पास थी और फिर वह आहहह… करते हुए एकदम से ज़ोरो से मुझसे लिपट गई थी. और फिर पता नहीं उसका जिस्म भी एकदम से अकड़ सा गया था और उसके मुहँ से ज़ोर से एक चीख निकल गई थी. और उसके बाद वह कुछ बोली नहीं और शायद बेहोश हो गई थी. और फिर मैंने भी कुछ देर के बाद अपना सारा माल उसकी चूत में ही निकालकर अपने लंड को बिना उसकी चूत में से निकाले उससे चिपककर सो गया था. और फिर कुछ देर के बाद हम उठे और होश में आए तो मुझको ध्यान आया कि, हमको वहीँ पर रात के 10 बज गये थे. उसने घर पर झूठ बोला हुआ था कि, वह किसी पार्टी में जा रही है और वहाँ से सुबह तक आएगी. और फिर कुछ देर के बाद रश्मि के घर से फ़ोन और उसके घर वालों ने उससे पूछा कि, क्या सब कुछ ठीक है तुमने फ़ोन क्यों नहीं उठाया. दोस्तों हम चुदाई की वजह से काफ़ी थक चुके थे और बिना कपड़े पहने ही दुबारा सो गये थे और हमने मोबाईल में सुबह जल्दी का अलार्म लगा लिया था दोस्तों वह किला बहुत ही गंदा और धूल से भरा हुआ था पर कहते है ना की प्यार में कुछ भी नहीं सूझता. और फिर सुबह जल्दी उठकर हम दोनों ने एकबार फिर से एक-दूसरे के साथ चुदाई करी और फिर आखरी में लम्बा किस किया और फिर पास में मिट्टी पड़ी थी जिसको लेकर मैंने उसकी माँग में भर दिया था और फिर मैंने उससे कहा कि, मैं कसम खाता हूँ कि, तुमको मैं जीवनभर नहीं छोड़ूँगा और फिर रश्मि ने भी यही कहा और फिर हमने वहाँ से निकलकर पास ही के एक ढाबे पर चाय-नाश्ता किया और फिर चुप-चाप बिना किसी को पता लगे मैं उसे उसके घर छोड़ आया था।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!