मिसकॉल से चूत के होल तक का सफर

हाय फ्रेंड्स, Antarvasna मेरा नाम विक्रम है, मेरी उम्र 26 साल की है और मैं कामलीला डॉट कॉम का आप सभी की तरह एक नियमित पाठक हूँ. मेरे साथ आज से 3 साल पहले एक बहुत ही खूबसूरत और सेक्सी घटना हुई थी और मेरी तब 23 साल थी। हाँ तो दोस्तों अब मैं आप सभी को मेरे जीवन की उस सच्ची घटना से रूबरू करवाने जा रहा हूँ जिसने मेरी जिन्दगी ही बदल दी थी।

दोस्तों मैंने उस समय नया-नया एक मोबाईल फोन लिया था और एक रॉंग नम्बर मेरी जिन्दगी ही बदल देगा ऐसा मैंने कभी भी नहीं सोचा था. मुझे आज भी याद हैं जब मैंने रॉंग नम्बर वापस डायल किया और और उधर से एक प्यारी सी आवाज को सुनते ही फोन को काट दिया था. और फिर मैंने काफ़ी देर तक सोचा और फिर से वही नम्बर 2.30-3.00 घन्टे के बाद फिर से डायल किया और वह आवाज़ सुनते ही मैंने उनको दोस्ती करने का बोल डाला था. काश दोस्तों आप भी उस आवाज़ को सुन पाते उस आवाज़ में एक ग़ज़ब की कशिश थी, मानों उसकी साँसें महक रही हो और वह मुझ जैसे ही क़िसी प्रेमी की तलाश कर रही हो. और फिर मैंने उससे कहाँ कि, आपकी आवाज़ में एक कशिश है और मैं आपसे दोस्ती करना चाहता हूँ. और फिर उसने मुझसे मेरी उम्र पूछी तो मैंने 23 साल बताई. और फिर उसने अपनी उम्र 32 साल बताई, और फिर उसने मुझसे दोस्ती करने से इनकार कर दिया. पर मैंने फिर भी हार नहीं मानी और उसको एक सच्चा दोस्त होने का यकीन दिलाया. दोस्तों पता नहीं पर मुझे चुदाई से ज़्यादा मज़ा उसको पटाने में आया था. और फिर हमने फैसला किया कि, हम मिलेंगे कॉफी पीने के बहाने से. और फिर उसने पहचान के लिये अपना हुलिया बताया, 5.7 फुट की लम्बाई, गोरा रंग छोटे बाल, और 34-30-36 का फिगर और दिखने में काफ़ी सेक्सी. और फिर मैंने उसको बोला कि, ठीक है. सच बोलूँ तो कम हम भी नहीं है, 5.9 फुट की लम्बाई, कसरती बदन के साथ उसको तो क्या क़िसी को भी पटाया जा सकता है, बस लगन होनी चाहिए, जो मुझमें उस भाभी को चोदने की थी।

दोस्तों जब मैंने उसको पहलीबार देखा था तो बस मेरा तो मन किया कि, उसकी चूत में वहीँ पर अपना लंड घुसाकर उसकी चूत का काम तमाम कर दूँ. उसके होंठ इतने रसीले थे कि, उनको देखकर मेरा तो मन किया कि, उसके बालों को पकड़कर उसके होठों का रस पी लूँ. उसकी जीभ तो मानो मुझसे कह रही थी कि, मैं उनको सहलाऊँ और उसको चूसूं अपनी जीभ से और उसकी जीभ का मिलन करवा दूँ. सच बोलूँ तो दोस्तों मैंने उस समय काफ़ी सब्र किया, पहली मुलाकात में. और फिर हमने दूसरी मुलाकात उसके घर पर रखी. दोस्तों मैं जानता था कि, वह वहाँ पर तन्हा और अकेली ही मिलेगी. क्योंकि ज्यादातर पति अपनी खूबसूरत और सेक्सी बीवी को नौकरी करवाने के लिए मना कर देते है. पर तब हम जैसे इन्सान उनके साथ इन्सानियत का रिश्ता निभाते है. दोस्तों मैं वहाँ पर गया तब वह किचन में कॉफी बना रही थी. वह उस समय एक सिल्की नाइटी में थी जो ऊपर से थोड़ी खुली हुई थी पर वह उसके बब्स की ठीक-ठीक पोज़िशन बता रही थी. उसने मानो उनको मेरे दूरदर्शन के लिए खुला छोड़ रखा हो. और फिर मैं चुपके से किचन में गया और फिर अचानक से उसको बोला कि, लवली जी कॉफ़ी से ज़्यादा गरम कुछ और हो तो दो. जी हाँ दोस्तों उसका नाम लवली खन्ना था. वह एक सेक्सी पंजाबी भाभी थी. और फिर उसने मुस्कुराते हुए मुझसे पूछा कि, कॉफ़ी से गरम क्या पकाऊँ? तो फिर मैंने शरारती अन्दाज में उसको जवाब दिया कि, आप हो तो सही फिर पकाने की क्या ज़रूरत है. और फिर मेरा जवाब सुनकर वह शायद बुरा मान गई थी और फिर उसने मुझको अपनी हद में रहने को कहाँ. और फिर उसके कहने का मुझको भी बुरा लगा पर मैंने उससे माफी माँग ली थी. और फिर मैं किचन से आकर सोफे पर बैठ गया था. और फिर वह आई तो मैंने उससे पूछा कि, आपको बुरा क्या लगा, आप तो सच में काफ़ी गरम हो. और फिर उसने मुझे शक की नज़रों से देखा और फिर उसने मुझसे कहा कि, अगर मैं इतनी ही गरम होती तो मेरे पति अभी यहाँ पर मौजूद होते. और फिर मैंने मौके की नजाकत को समझ लिया और फिर मैं उसके थोड़ा करीब जाकर बैठ गया और फिर मैं उससे बोला कि, क्या मैं तुमको किस कर सकता हूँ प्लीज़?

और फिर वह मेरी बात को सुनकर एकदम से सिहर गई थी और फिर वह मुझको अजीब सी नज़रों से देखने लग गई थी. और फिर उसने अपना मुहँ दूसरी तरफ घुमा लिया था. और फिर मैंने बड़े ही प्यार से उसके नरम लाल गाल पर हाथ रखा और फिर उससे पूछा कि, क्या तुम मेरी बात का बुरा मान गई हो? तो फिर उसने धीरे से मेरी तरफ अपना मुहँ घुमाकर ना का इशारा कर दिया था. फिर तो क्या था मैंने झट से उसके चेहरे को अपनी तरफ घुमाया और फिर मैं जी भरकर उसको चूमने लग गया था. दोस्तों क्या गजब का करंट था उसके होठों में और क्या महक थी उसकी सासों में, और किस करते-करते ही मैं उसकी नाइटी को भी उतारकर उसकी जाँघों को सहलाने लग गया था. और फिर मैंने उसके होठों से 1” दूर होकर उससे पूछा कि, यह सब तुमको भी अच्छा लग रहा है ना? तो फिर उसका जवाब मुझको मेरे होठों पर उसके होठों से मिला. दोस्तों इतना प्यार था उस किस में मानों समन्दर की गहराई हो और मैं तो उसमें डूबा जा रहा था. उसकी इतनी मासूम सी आँखें इतने नाज़ुक से गाल, मैं तो उनको किस करते हुए थक ही नहीं रहा था. और फिर 15-20 मिनट के लम्बे किस के प्रोग्राम के बाद उसने मेरे लंड को ज़ोर से पकड़ लिया और फिर वह मुझसे बोली कि, अब आगे नहीं बढ़ोगे क्या? और फिर तो क्या था मैं जोश ही जोश में मैं बिना उसकी ब्रा को खोले ही उसके दोनों बड़े-बड़े नरम-गरम लचीले सेक्सी बब्स को बाहर निकालकर दबाने लग गया था. और फिर तो वह भी मेरी उस ताक़त से और भी मेरी दीवानी हो गई थी. और फिर वह मुझसे चिपककर मुझको किस करने लग गई थी. और फिर मैं धीरे-धीरे उसके बब्स से उसकी नाभि तक पहुँचा और फिर मैंने उसकी रसीली चूत में ऊँगुली करी।

दोस्तों सच बताऊँ तो 5 साल का एक बेटा था उसका इसीलिए उसकी चूत उतनी गीली नहीं थी जितनी होनी चाहिए थी. मगर वह लाजवाब ज़रूर थी. उसकी चूत को खूब चूमने और चाटने के बाद जब मैं अपने लंड की उत्तेजना से पागल हुआ जा रहा था और मुझसे बिल्कुल भी नहीं रहा गया तो मैंने उसको बिना बताएं ही उसकी चूत में अपना लंड घुसा दिया था. दोस्तों उसकी एक आह… से मुझे मेरी ताक़त का मतलब आज भी महसूस होता है. और फिर मैंने उसको अलग-अलग पोजीशन में तबियत से करीब 30-40 मिनट तक खूब चोदा था और इस बीच वह भी 3 बार झड़ गई थी. और फिर जब मैं झडा तो उसने मुझको उसकी चूत में ही झड़ने को बोला और फिर मैंने अपना सारा पानी उसकी प्यासी चूत को पिला दिया था. और फिर हम दोनों बाथरूम में भी एकसाथ ही नहाए थे और उसके बाद उसने मुझको एक प्यारा सा किस किया और फिर मैं वहाँ से अपने घर आ गया था।

अब तो वह मुझसे दूर रह ही नहीं पाती है. उसको तो हमेशा मेरा ही लंड चाहिए होता है. आज भी वह अपने पति के साथ सोती ज़रूर है पर यक़ीनन सपने वह मेरे ही देखती है. और फिर मैंने उससे मेरी चुदाई के बारे में पूछा तो उसने शरमाते हुए मुझे पकड़कर चूम लिया था. दोस्तों उस सवाल का जवाब तो आज भी मुझे मालूम नहीं पड़ा, पर फिर भी हम एक दूसरे के साथ बहुत खुश रहते है।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!