मम्मी की चूत का हलवा बनाया हलवाई ने

हाय फ्रेंड्स, मेरा Antarvasna नाम पुलकित है मेरी उम्र 21 साल की है और मैं नागपुर का रहने वाला हूँ। दोस्तों कामलीला डॉट कॉम वेबसाइट पर यह मेरी पहली कहानी है, और यह आज से 1 साल पुरानी बात है जब मेरी उम्र 19 साल की थी, इससे पहले से ही मैं कामलीला डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियाँ पढ़ता आ रहा हूँ। दोस्तों आज की यह कहानी मेरी मम्मी के बारे में है दोस्तों यह कहना तो गलत होगा लेकिन मेरी मम्मी की चूत में इतनी खुजली होती है कि, अगर उनको रोजाना लंड ना मिले तो वह किसी से भी चुदवाने को तैयार हो जाए। मेरी मम्मी रमा एकदम मस्त फिगर वाली है, उनका फिगर 34-30-36 का बहुत ही कातिलाना है। एक दिन मैंने देखा कि, जब वह नाइटी पहनकर दूध लेने दूधवाले के पास गई तो दूध वाला भी अपनी धोती से उनको अपना लंड दिखा रहा था और उस समय मम्मी भी ऐसे बैठी हुई थी जिससे उनकी नाइटी से उसकी चिकनी चूत साफ़ दिख रही थी। दोस्तों अब मैं आपका ज्यादा समय ना लेते हुए सीधा मेरी असली कहानी पर आता हूँ।

दोस्तों यह आज से 1 साल पहले की एक सच्ची घटना पर आधारित कहानी है और उस समय मेरी उम्र 19 साल की और मेरी मम्मी की उम्र 40 साल की थी। मेरे पापा उस समय अपने काम के सिलसिले में शहर से बाहर गए हुए थे हमारे घर के बगल में एक आंटी रहती है, उनके घर में बस वो और उनके पति ही है। उनके बच्चे इंजिनियरिंग कॉलेज में पढ़ते थे और अंकल भी ज्यादातर अपने काम में ही व्यस्त रहते है। दोस्तों एकबार हमारे पड़ौस वाली आंटी अपने घर पर एक छोटा सा प्रोग्राम किया था हमारे बगल में घर होने के कारण उन लोगों से हमारी काफ़ी पटती थी। हमारे घर की छतें भी जुड़ी हुई थी प्रोग्राम शाम को था तो उसकी सभी तैयारियाँ जोर-शोर से चल रही थी। आंटी ने खाना बनवाने के लिये हलवाई बुलाया था वह दो हलवाई आए थे और वह दोनों ही बहुत हट्टे-कट्टे थे वो दोनों खाना बनाने में लग गए थे और फिर थोड़ी देर में आंटी हमारे घर पर आई और फिर वह मेरी मम्मी से बोली कि, ‘रमा’ प्लीज़ तुम कुछ देर के लिए मेरे घर चली जाओ और हलवाई शाम के लिये खाना बना रहा है तो उसका ध्यान रखना, मैं तब तक बाजार से कुछ सामान लेकर आती हूँ। तो फिर मम्मी आंटी से बोली कि, कोई बात नहीं मैं देख लूँगी। लेकिन दोस्तों मम्मी वहाँ पर नहाकर जाना चाहती थी, तो आंटी उनसे बोली कि, गर्मी ज्यादा है तो पहले जल्दी से तुम वहाँ चली जाओ और फिर जब हलवाई का काम खत्म हो जाएगा तब वापस आकर नहा लेना और फिर मम्मी आंटी से बोली कि, ठीक है। दोस्तों मम्मी ने उस दिन जो नाइटी पहनी हुई थी वह आगे से खुलती थी और उसमें बटन लगे हुए थे उनकी नाइटी थोड़ी पारदर्शी भी थी। वह उस समय एक लाल रंग की ब्रा और पैन्टी पहने हुई थी और फिर आंटी के बाजार जाने के बाद मम्मी आंटी के घर चली गई थी और उस समय मैं छत पर पतंग उड़ा रहा था और हलवाई खाना उनके आँगन में बना रहा था जो कि, छत पर लगी जाली से साफ़ दिख रहा था। लेकिन छत की जाली पर बहुत सारा सामान रखे होने से नीचे वाले को ऊपर का कुछ पता नहीं चल पा रहा था और फिर जब मम्मी उन दोनों हलवाईयों के पास पहुँची तो वो दोनों मम्मी को देखकर एकदम मस्त हो गये थे। वो दोनों 35-40 साल की उम्र के लग रहे थे और फिर मम्मी वहाँ पहुँचकर एक कुर्सी पर बैठ गई थी और फिर वह उन दोनों से कुछ बातें करने लग गई थी। और फिर जब बर्फी को काटने का समय आया तो वह दोनों हलवाई नीचे ज़मीन पर बैठ गए थे और मम्मी कुर्सी पर कुछ इस तरह से उनके सामने बैठी हुई थी कि, उनकी चिकनी चूत की हल्की-हल्की सी झलक उन दोनों को दिख रही थी, मैं भी पतंग उड़ाना छोड़कर उनको ही देखने लग गया था।

और फिर थोड़ी देर के बाद मम्मी किचन में किसी काम से गई तो वो दोनों हलवाई आपस में कुछ बात करने लगे और शायद वह मम्मी को चोदने का प्लान बना रहे थे और फिर मम्मी जब वापस आई तो वो दोनों मम्मी के बदन को फिर से घूरने लग गए थे और फिर उनमें से एक हलवाई उठकर बाहर पैशाब करने गया और वह बाहर से एक कीड़ा पकड़कर ले आया और फिर उसने मेन गेट भी बन्द कर दिया था। और फिर वह वापस आकर जमीन पर बैठ गया था लेकिन वह अपने हाथ में उस कीड़े को लिए हुए था और फिर वह मम्मी से बोला कि, भाभीजी आप बिल्कुल मत हिलना आपके पैर के पास कोई कीड़ा दिख रहा है उसकी बात सुनकर मम्मी तो एकदम से डर गई थी। और फिर उसने मम्मी के पास में आकर उस कीड़े को मम्मी की नाइटी में डाल दिया था और फिर वह कीड़ा मम्मी की नाइटी के अन्दर चलने लग गया था जिससे मम्मी की हालत खराब होने लग गई थी और मम्मी का चेहरा तो देखते ही बन रहा था और फिर मम्मी अपनी नाइटी उठाकर उसके अन्दर देखने लगी और फिर उनमें से एक हलवाई ने मम्मी को बोला कि, अपनी नाइटी को अच्छे से निकालकर झाड़ दीजिए नहीं तो वह कीड़ा आपको काट लेगा। और फिर उनमें से एक हलवाई ने मम्मी की नाइटी को पकड़ के पूरा ऊपर तक उठा दिया था और फिर भी कुछ नहीं दिखा तो उसने मम्मी की नाइटी को पूरा उतार दिया था और फिर उसने उस कीड़े को मम्मी की नाइटी के ऊपर से ही पकड़कर मम्मी को बोला कि, लगता है यह बिच्छू है। और इधर मम्मी उनके सामने केवल ब्रा और पैन्टी में ही खड़ी थी मम्मी उस समय शर्म से लाल पीली हो रही थी और फिर उनमें से दूसरे हलवाई ने आकर मम्मी को पीछे से पकड़ लिया था और फिर मम्मी उससे छूटने का झूँठा नाटक करने लगी, इतने में दूसरे हलवाई ने मम्मी की ब्रा का हुक भी खोल दिया था जिससे अब मम्मी के बब्स साफ़ दिखने लग गए थे। मम्मी उनसे बचकर दूर भागने लगी लेकिन वो दोनों इतने हट्टे-कट्टे थे कि, उनके सामने मम्मी की एक ना चली और फिर उन लोगों ने मम्मी को ज़मीन पर लिटा दिया था।

दोस्तों उस समय मम्मी के आँखों में आँसूं भी आ गए थे और वह चिल्ला भी रही थी, लेकिन उसके मुहँ को एक हलवाई ने अपने हाथ से बन्द कर रखा था मम्मी को उस समय कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था कि, इतने में उन दोनों हलवाईयों ने भी अपने कपड़े खोल दिए थे। और फिर उनके 7-7” के लम्बे लौडों को देखकर मम्मी की हालत खराब हो गई थी और फिर उनमें से एक ने अपना लंड मम्मी के मुहँ में डाल दिया था और फिर मम्मी उसके लंड को चूसने लगी लेकिन उसका लंड ज्यादा बड़ा होने के कारण वह उसको आधा ही चूस पा रही थी। और फिर इतने में दूसरे हलवाई ने मम्मी के चूत से अपना लंड सटाकर एक धक्का मारा लेकिन उसका लंड मम्मी की चूत के अन्दर नहीं गया और फिर उसने वहाँ पास ही में रखे हुए डिब्बे में से घी निकालकर मम्मी की चूत में लगा दिया था। और फिर उसने फिर से एक ज़ोर का झटका मारा तो इसबार उसका लंड जड़ तक मम्मी की चूत में समा गया था और मम्मी की चीख भी निकल गई थी लेकिन इतने में दूसरे हलवाई ने भी अपने लंड को मम्मी के मुहँ के और अन्दर तक डाल दिया था। और फिर 10-15 मिनट की जबरदस्त धक्का-पेली के बाद उनमें से एक हलवाई ने मम्मी की चूत के अन्दर ही अपना सारा माल गिरा दिया था। और फिर जब उसने अपना लंड मम्मी की चूत से बाहर निकाला तो मम्मी की चूत बहुत बड़ी दिख रही थी जिसमें से ढेर सारा उस हलवाई का माल बाहर आ रहा था। उसके बाद दूसरे हलवाई ने मम्मी की चूत को मम्मी की नाइटी से साफ़ किया और फिर उसने अपने लंड को मम्मी की चूत पर रखकर एक ज़ोर का धक्का मारा जिससे उसका लंड पूरा अन्दर चला गया था और मम्मी ज़ोर से चीख पड़ी थी।

और फिर दूसरे हलवाई ने भी मम्मी को 15-20 मिनट तक खूब चोदा था और तब तक मम्मी 4-5 बार झड़ चुकी थी। और फिर उसके बाद उस हलवाई ने भी मम्मी की चूत के अन्दर ही अपना सारा माल गिरा दिया था और फिर जब उसने अपना लंड वापस मम्मी की चूत से निकाला तो मम्मी की चूत से निकला वीर्य उसकी पूरी जाँघों पर फ़ैल गया था इतने में किसी के गेट के खटखटाने की आवाज़ आई और फिर मम्मी ने जल्दी से अपनी नाइटी पहन ली थी और फिर वह गेट की तरफ भागी, इतने में वह दोनों हलवाई भी फिर से खाना बनाने में लग गए थे। और फिर जब मम्मी ने गेट खोला तो सामने आंटी थी और फिर आंटी मम्मी से बोली कि, क्या बात है तुम इतनी पसीने-पसीने क्यों हो रही हो? तो मम्मी आंटी से बोली कि, आग के सामने बैठने से ऐसा हुआ है। और फिर मम्मी आंटी से बोली कि, अब मैं घर जा रही हूँ और फिर वह अपने घर आ गई थी और तब मैं भी अपनी छत से नीचे आ गया था और फिर मम्मी सीधे बाथरूम में घुस गई थी मम्मी उस दिन बहुत खुश दिख रही थी।

तो कैसी लगी दोस्तों आपको मेरी यह कहानी?

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!