शादी से पहले मनाई 7 बार सुहागरात

हाय फ्रेंड्स, Antarvasna कैसे है आप लोग? मेरा नाम रवीना है और मैं 28 साल की हूँ. मेरी शादी एक साल पहले ही हुई थी और यकीन मानिए किस्मत से मुझे ऐसा चुड़क्कड़ पति मिला है जिसकी हर कुँवारी लड़की शादी से पहले कल्पना करती है. मुझे कामलीला डॉट कॉम पर सेक्स कहानियाँ पढ़ने का और सेक्सी फिल्में देखने का बहुत शौक है जिसे मेरे पति ने ही लगाया था. दोस्तों मैंने बहुत सारी सेक्स कहानियाँ पढ़ी है, लेकिन आज मैं आप सभी के लिये कामलीला डॉट कॉम के माध्यम से अपनी पहली चुदाई की घटना बताने जा रही हूँ और यह बात मेरे पति को भी मालूम है इसलिए मैं इस घटना को बताते हुए काफी बेफिकर हूँ।

दोस्तों हमारा परिवार एक पंजाबी परिवार है और आपको तो मालूम ही है कि पंजाबन लडकियाँ और भाभियाँ कितनी हॉट और सेक्सी होती है और बहुत ही खूबसूरत भी और मैं भी 34-30-36 के फिगर साइज़ वाली एक मदमस्त हसीन वाली गोरी-चिट्टी और एकदम चिकनी लड़की हूँ. लड़को का तो मुझे देखते ही लंड खड़ा हो जाता था और मैं कपड़े भी ऐसे ही पहनती थी कि, जिसमें लड़कों को मेरे जिस्म के काफी हद तक दर्शन हो जाते थे। दोस्तों अब मैं अपनी असली कहानी पर आती हूँ और वह घटना कुछ इस तरह से है।

दोस्तों यह घटना आज से 3 साल पहले की है और तब मेरे साथ कॉलेज में एक लड़का था विजय. विजय ना तो दिखने में अच्छा था और ना ही कोई बॉडी बिल्डर था लेकिन जब उसने मुझको पहलीबार चोदा था तो मैं उसकी ज़बरदस्त सेक्स पावर से एकदम हैरान रह गई थी. खैर वह सब तो मैं आपको बाद में बताऊँगी पहले मैं आप सभी को उसके बारे में बता देती हूँ. दोस्तों विजय पढ़ने में बहुत अच्छा था और वह सबकी मदद भी करता था. क्लास में काफी लड़कियों का हीरो था वह और वह रोज क्लास में जल्दी आ जाता था और वह सबकी पढ़ाई करने में मदद करता था. मुझको नहीं पता चला था कि मैं उसको कब से पसन्द करने लग गई थी लेकिन मेरा अहम मुझको उसके पास नहीं जाने दे रहा था. क्योंकि मैं तो यह सोचती थी कि, मैं इतनी खूबसूरत और सेक्सी लड़की जिस पर कॉलेज के सभी मस्त और जवान लड़के मरते थे और कहाँ वह मरियल सा विजय. इसी उधेड़बुन में मेरा पूरा कॉलेज बीत गया था और इसीलिए मैं ना तो विजय को कुछ कह पाई और ना ही किसी और को अपना बॉयफ्रेंड बना पाई। दोस्तों मेरे घर वालों ने मुझे कॉलेज के बाद काम नहीं करने दिया और जल्दी ही मेरी शादी भी तय हो गई थी. दोस्तों जिससे मेरी शादी हुई थी वह लड़का ऐसा था कि, जिसको कोई एकबार देख ले तो कहे कि यह तो हीरो है एकदम हीरो वह बाहर विदेश में नौकरी करता था. उनके घर का बिजनेस था लेकिन अपने आपको कुछ साबित करने के लिए नौकरी करता था. शादी के बाद उसको अपनी नौकरी छोड़कर अपना बिजनेस ही संभालना था. मेरे मम्मी-पापा को उनका परिवार पसन्द आ गया था और मुझे भी लड़का. और फिर हमारी सगाई हो गई थी लेकिन मेरी शादी का मौका पूरे 1 साल बाद आया था क्योंकि उसको उसके काम से छुट्टी नहीं मिल पा रही थी. हम लोग फोन पर ही बात करते थे और वेबकाम से चैट भी करते. पर सब कुछ सामान्य ही था और मुझको कभी ऐसा लगा ही नहीं कि मेरी शादी होने वाली है।

दोस्तों यह 2 साल पहले की बात है जब हमारे कॉलेज में कॉलेज के पुराने स्टूडेंट्स की रियूनियन पार्टी थी और वह लगभग 1 हफ्ते का प्रोग्राम था. दोस्तों हमारे लिये कॉलेज के होस्टल में ही रुकने का इंतजाम था। वहाँ पर विजय भी आया था और अब तो वह एक बड़ी कम्पनी में एक अच्छी पोस्ट पर था. उसमें पहले से कुछ सुधार भी हो गया था और लड़कियाँ तो उसको देखकर पागल सी होने लगी थी. और फिर हम सब मिले और हमने आपस में बातें करी तो मुझको पता चला कि, उसकी भी शादी होने वाली है और उसके बाद वो विदेश चला जाएगा. उसकी बीवी विदेश में है और उसकी शादी की शर्त है कि विजय को वहाँ पर शिफ्ट होना पड़ेगा. और फिर इस बीच मेरी शादी के बारे में भी सब को पता चल गया था. वहाँ पर पूरा दिन निकल गया था और विजय मुझे देखकर बस मुस्कुरा देता था. लेकिन मुझको लगा कि जैसे वह कुछ परेशान है, इसीलिए एक दो लोगों ने उससे पूछा भी सही लेकिन उसने उन्हें टाल दिया. और फिर रात को सब आग जलाकर मस्ती कर रहे थे और मेरा फोन आया तो मैं उन सबसे थोड़ा दूर जाकर बात करने लग गई थी और फिर जब मैंने फोन रख दिया था तो मैंने देखा कि विजय मेरी तरफ ही आ रहा था. और फिर वह मेरे पास आया और फिर उसने मुझको “हैल्लो” बोला और फिर कहा कि आज मैं तुमसे कुछ कहना चाहता हूँ जो मैं अपने कॉलेज के समय से ही कहना चाहता था पर कभी कह नहीं पाया था। और फिर दोस्तों मैं उसकी आँखों में झाँक रही थी और शायद मैं भी उससे कुछ सुनना चाहती थी. और फिर उसने वही कहा, जो मुझको सुनना था आई.लव.यू. दोस्तों उस समय हम दोनों सबसे काफी दूर थे और वहाँ पर काफी अंधेरा भी था. और फिर हम दोनों एक-दूसरे की आँखों में देखते हुए और बातें करते हुए काफी दूर तक निकल आए थे. और फिर वहाँ पर एक बैंच पर बैठकर हम एक दूसरे से आँखों ही आँखों में बातें करने लग गए थे. और फिर हमको पता ही नहीं चला कि, कब हम दोनों के होंठ आपस में जुड़ चुके थे. और साथ ही वह मेरे बालों को सहला भी रहा था. और फिर मैंने भी उसके चेहरे को पकड़कर उसके कानों को सहलाना शुरू कर दिया था और हम एक दूसरे के होठों को भी चूसते जा रहे थे. बहुत ही रोमांटिक पल था वह।

और फिर विजय ने मुझको उस बैंच पर लेटाया और फिर वह भी मेरे ऊपर आ गया था और फिर वह मुझको मस्ती में आकर चूमने लग गया था मेरे माथे पर, गाल पर, होंठ पर, गर्दन पर. दोस्तों जैसे ही उसने मेरी गर्दन पर अपने होंठ रखे तो मेरे शरीर में एक करंट सा दौड़ गया था. और अब तो मैंने भी पूरा का पूरा अपने आपको विजय को सौंप दिया था. और फिर विजय ने मेरी शर्ट के बटन को खोलना शुरू किया और एक ही बार में उसने मेरी शर्ट को उतार दिया था. दोस्तों उस समय मेरे बब्स भी मेरी ब्रा से बाहर निकलने के लिए तड़प रहे थे और मेरे बब्स के निप्पल एकदम से कड़क हो गये थे. विजय और मुझ पर अब हवस हावी हो चुकी थी और हमको वहाँ पर किसी का भी डर भी नहीं था. और फिर विजय ने ज्यादा ना देर करते हुए अपने आपको भी आधा नंगा कर लिया था. दोस्तों उसकी बालों से भरी हुई छाती देखकर मेरी तो आँखो में एक अलग ही चमक आ गई थी. और फिर मैंने उसको अपने ऊपर गिरा लिया था और फिर मैं उसकी छाती को चूमने लग गई थी. और फिर वह भी मेरे होठों को अपने होठों में दबाकर चूमने लग गया था और मुझको उस समय बहुत मजा आ रहा था. और फिर उसने एकदम से मेरी जींस नीचे खींच दी और उसके साथ साथ मेरी पैन्टी भी नीचे खिसक गई थी और अब मेरी झांटो से भरी हुई चूत उसकी सामने थी. और फिर उसने भी अपने आपको पूरा नंगा कर लिया था. और फिर जैसे ही उसने अपना लंड अपनी अंडरवियर से बाहर निकाला तो मेरी तो हवा ही टाइट हो गई थी और उसका 7” का लम्बा और मोटा लंड मेरी आँखों के सामने झूल रहा था. दोस्तों उस समय मुझको पता लग गया था कि, यह विजय की पहली चुदाई नहीं है. और फिर विजय ने अपना एक पैर मुझे बैठाकर बैंच पर रखा और फिर वह मेरे होठों पर अपने लंड को रगड़ने लगा तो एकदम से मुझे हँसी आई और मैंने उसको हटा दिया था. और फिर विजय भी हँसने लगा और फिर मैंने उसको बोला कि, विजय बाकी सब बाद में कर लेना अभी तो हम 7 दिन तक एकसाथ में ही है. लेकिन अभी तो तुम मेरी चूत में जो आग लगी है उसको बुझा दो। और फिर विजय ने मुझको उस बैंच पर लेटा दिया था और फिर वह मेरे पैरों की तरफ चला गया था और फिर उसने मुझको खींचकर मेरे पैरों को अपने कन्धों पर रख लिया था और फिर उसने मेरी टाँगों को खोल दिया था. दोस्तों मेरी गुलाबी चूत एकदम टाइट थी और बहुत ज्यादा गीली भी थी. और फिर विजय ने अपने हाथों पर थूका और उसको अपने लंड पर मसल लिया और फिर उसने अपने हाथ से अपने लंड को मेरी चूत पर सेट किया और फिर हाथ से दबाते हुए एक ज़ोरदार धक्का मारा जिससे उसका आधा लंड एक ही बार में मेरी चूत में उतर गया था और उसे मुझको लगा कि जैसे किसी ने एक बड़ा और मोटा सा डंडा मेरी पैशाब करने वाली जगह में घुसा दिया हो और मेरे मुहँ से एक जोरदार चीख निकली आहहह…… और वह बहुत दूर तक गूँज गई थी। दोस्तों यह कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

और फिर उसने मेरी दोनों टाँगों को कसकर पकड़ा और दूसरे धक्के में उसका लंड मेरी चूत की सील को तोड़ते हुए पूरा का पूरा मेरी चूत में घुस गया था और मेरी चूत से खून बहने लग गया था और मेरे मुहँ से निकला आआआ… मार डाला रे…. दोस्तों विजय तो मेरी चीख को नहीं सुन रहा था और वह तो धड़ा-धड़ मुझको पेलने में लगा गुआ था और उसका लंड किसी पिस्टन की तरह सटा-सट मेरी चूत में अन्दर-बाहर हो रहा था. और फिर कुछ देर के बाद मेरा दर्द जब कुछ कम हुआ तो मुझे भी मज़ा आने लगा था और मैंने भी अपनी गांड को हिलाना शुरू कर दिया था. और मैं उसको बोल रही थी कि बहुत मज़ा आ रहा है विजय.. प्लीज़ और जोर से करो आहहह… मर गई… उसका लंड मेरी चूत में तेज़ी से अन्दर-बाहर हो रहा था और मेरी गांड भी बहुत तेज़ी से हिल रही थी. और फिर अचानक से मुझे महसूस हुआ कि मेरे अन्दर से कुछ बहुत ही तेज़ और गरम सा निकलने वाला है और मेरी गांड भी बहुत तेज़ हिलना शुरू हो गई थी और फिर एक ज़ोरदार झटके के साथ मेरा माल बाहर निकल गया था और मैंने ज़ोर से उस बैंच को पकड़ लिया था और मैं अब झड़ गई थी। मेरी चूत से मेरा पानी और मेरा खून दोनों बह रहे थे. और फिर विजय ने अपने लंड को मेरी चूत से बाहर निकाल लिया था और फिर वह मेरे शरीर के ऊपर आकर मूठ मारने लग गया था और मैं वैसे ही बैंच पर लेटी रही. और फिर कुछ देर के बाद विजय ने अपना पूरे माल को मेरे बब्स पर गिरा दिया था. दोस्तों वह इतना गरम था कि, मुझे तो लगा कि मेरी बॉडी एकदम से जल जाएगी. और फिर उसने एक ज़ोरदार आवाज़ के साथ अपने लंड का पूरा माल मेरी बॉडी पर झाड़ दिया था. और फिर उसने अपने बनियान से अपने लंड को साफ किया और फिर उसे वहीँ फैंक दिया था. और फिर मैंने भी अपने आप को साफ किया और फिर हम कपड़े पहनकर वहाँ से वापस आ गये थे।

हम दोनों वहां 7 दिन साथ में रहे और मैंने विजय के साथ अपनी शादी से पहले 7 बार सुहागरात मनाई थी. मैं बहुत खुश थी और मैंने यह बात अपने पति को शादी के कुछ महीनों के बाद बताई थी तो वह मुझसे बोले कि मैं तो पहली ही रात समझ गया था कि यह तुम्हारी पहली चुदाई नहीं है लेकिन वो तुम्हारा गुजरा हुआ कल था और मैं तुम्हारा आज हूँ तो अब तुम उन पुरानी बातों को भूल जाओ. दोस्तों हम दोनों अब बहुत खुश है और हम एक बहुत ही मस्त और चुदाई से भरी हुई जिन्दगी जी रहे है।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!