आंटी की चूत मारी और अंकल की गांड फाड़ी

हाय फ्रेंड्स, Antarvasna मेरा नाम मोंटी है, मेरी उम्र 27 साल की है और मैं मुम्बई में रहता हूँ. दोस्तों मैं कामलीला डॉट कॉम का आप सभी की तरह ही एक नियमित पाठक हूँ और मुझको इस वेबसाइट की सभी कहानियाँ बहुत अच्छी लगती है. और इन्हीं कहानियों से प्रेरित होकर मैं भी आज आप सभी को जो कहानी बताने जा रहा हूँ यह कहानी मेरी कामलीला डॉट कॉम पर पहली कहानी है। हाँ तो दोस्तों अब मैं आपका कीमती समय ज्यादा ना लेते हुए अपनी सेक्सी कहानी को शुरू करता हूँ जो कि कुछ इस प्रकार से है।

दोस्तों यह कहानी मेरी और एक शादीशुदा जौड़े की है और यह बात आज से करीब 1 साल पहले की है और तब मैं अपने ऑफिस के किसी काम से गोवा गया हुआ था. दोस्तों वहाँ पर मैं एक फाइव स्टार होटल में ठहरा हुआ था. मैंने वहाँ पर 3 दिन के लिए होटल में कमरा बुक किया था, दोस्तों वहाँ पर मेरे बगल वाले कमरे में एक करीब 40-45 साल का जौड़ा भी ठहरा हुआ था. दोस्तों उन अंकल की उम्र 45 साल की होगी और आंटी की उम्र करीब 40 साल की थी. वह आंटी दिखने में बहुत ही खूबसूरत थी और जब मैंने उनको पहलीबार देखा था तो उसने बिना बाहँ का और गहरे गले का ब्लाउज पहना हुआ था जिसमें से उनके बड़े बब्स और उनके बीच की गहराई साफ दिख रही थी और उन्होंने अपनी साड़ी भी अपनी नाभि के नीचे बाँधी हुई थी. उनकी नाभि मोटी और गहरी थी और मेरा लंड तो उसको देखकर ही एकदम से पूरा टाइट हो गया था। और फिर एक दिन में मेरा लगभग पूरा काम हो गया था और रात को जब हम होटल में खाना खा रहे तो होटल के सभी लोगों ने वॉटर-पार्क में जाने का प्रोग्राम बनाया था तो मैं भी उन लोगों के साथ शामिल हो गया था और फिर दूसरे दिन हम सभी वॉटर-पार्क चले गये थे. मैंने उस समय सिर्फ़ बरमूडा ही पहना हुआ था और उन अंकल ने भी बरमूडा ही पहना हुआ था और उन आंटी ने भी टी-शर्ट और बरमूडा ही पहना था. दोस्तों वहाँ पर पानी में भीगने से उनके बड़े-बड़े बब्स साफ दिखने लग गए थे और उनका गीला बरमूडा भी उनकी गांड से चिपकने से उनकी गांड भी साफ दिख रही थी. दोस्तों उस समय मेरा लंड तो उनको देखकर ही पूरा टाइट हो गया था और फिर मैं धीरे-धीरे उन अंकल-आंटी के पास पहुँचा और फिर मैं उनसे बातें करने लगा और फिर थोड़ी देर में ही हमारी अच्छी जान-पहचान हो गई थी. और फिर उन अंकल ने मुझसे कहा कि, चलो हम लोग राइड पर चलते है तो फिर मैं भी उनके साथ चला गया था. और फिर ऊपर से सबसे पहले वह आंटी फिर अंकल और फिर मैं हम तीनों ही एक एक करके नीचे आए और फिर नीचे आते ही मैं जानबूझकर आंटी के पास चला गया और मैंने अपना एक हाथ जानबूझकर उनकी गांड पर रख दिया तो वह मुस्कुराने लगी अब तब मुझको पता चल गया था कि, उन आंटी ने मेरी हरकत का बुरा नहीं माना है और उनका भी मन हो रहा है।

और फिर हम तीनों पानी के अन्दर ही एक बड़े से गोले के अन्दर खड़े होकर आपस में बातें करने लगे और बीच-बीच में मैं नीचे से अपना पैर आंटी के पैरों से टकरा रहा था और वह आंटी भी थोड़ी-थोड़ी देर के बाद मेरे सामने से मुस्कुरा रही थी. और फिर मैं पानी के अन्दर से ही अपना हाथ आंटी की गांड पर फेरने लग गया था लेकिन तभी मेरे हाथ में अचानक से अंकल का हाथ आ गया था क्योंकि वह भी पानी के अन्दर से आंटी की गांड पर अपना हाथ फिरा रहे थे. और फिर मैं तो एकदम से डर गया था लेकिन फिर वह अंकल भी मुझको देखकर मुस्कुराने लगे तो फिर मैं तो बहुत खुश हो गया था. और फिर तो अब हम दोनों ही पानी के नीचे से आंटी की गांड को सहलाने लग गए थे और तभी वह आंटी भी पानी के नीचे से मेरे बरमूडे के ऊपर से ही मेरे लंड पर अपना हाथ फेरने लग गई थी. और फिर वह आंटी उन अंकल से बोली कि, इसका तो बहुत बड़ा है तो उन अंकल ने भी नीचे से मेरे लंड पर अपना हाथ फिराया और फिर आंटी से बोला कि, हाँ सच में बहुत बड़ा है. और फिर हमारे वहाँ से जाने का समय हो गया और फिर हम रात को करीब 8.30-9.00 बजे होटल पहुँचे मैं होटल में अपने कमरे में जाकर नहाया और फिर मैंने पजामा और टी-शर्ट पहन ली थी. और फिर मेरे कमरे की घन्टी बजी और मैंने दरवाजा खोला तो बाहर वह अंकल खड़े थे और वह मुझको खाने पर चलने के लिए बुला रहे थे. और फिर हम तीनों खाना खाने गये तो वहाँ पर अंकल ने मुझसे कहा कि, यार हमारा तो यहाँ अब मन नहीं लग रहा है इसलिए खाना खाने के बाद तुम हमारे कमरे में आना हम सब मिलकर गप्पे मारेगें. तो फिर मैंने उनको कहा कि, ठीक है और फिर खाना खाने के बाद करीब 15-20 मिनट के बाद मैं उन अंकल के कमरे में गया तो वहाँ पर मैंने देखा तो उन आंटी ने एक हल्के पीले रंग की पारदर्शी सी दिखने वाली नाइटी पहन रखी थी और मेरा लंड तो उनको देखकर ही खड़ा हो गया था और फिर वह आंटी अंकल के बगल में आकर उनसे चिपककर बैठ गई थी और फिर हम तीनों सेक्सी बातें करने लग गए थे।

और फिर उन अंकल ने मुझसे कहा कि, यार तुम्हारा लंड तो काफ़ी बड़ा है यार. तो मैंने उनको कहा कि, पूरा 7.5” का है. तो उन अंकल ने कहा कि, यार मेरा तो 5.5” का ही है. और फिर तभी उन अंकल ने अपना एक हाथ आंटी के बब्स पर रख दिया और फिर वह उनके बब्स पर अपना हाथ फेरने लग गए थे. और फिर उस नज़ारे को देखकर तो मेरा लंड पूरा टाइट होकर मेरे पजामे में टेंट की तरह खड़ा हो गया था. और फिर उन अंकल ने मुझसे कहा कि, यार तेरा लंड तो बहुत टाइट हो गया है और फिर उन्होंने अपना एक हाथ मेरे लंड पर रख दिया और फिर वह मेरे लंड पर अपना हाथ फेरने लगे और फिर कुछ देर के बाद उन आंटी ने भी अपना हाथ मेरे लंड पर रखा और मेरा पजामा नीचे किया. और फिर मैं भी उन आंटी के पास जाकर बैठ गया था. दोस्तों अब वह आंटी हम दोनों के बीच में आ गई थी और फिर मैं उनके होठों पर अपने होठों को रखकर उनको चूसने लग गया था और फिर मैंने उनके गालों पर किस किया और फिर उनकी गर्दन पर और फिर उनके कान की लो को अपने मुहँ में लेकर चूसने लगा और फिर आंटी भी अपने मुहँ से आहहह… इस्सस… की आवाजें निकालने लग गई थी. और उधर अंकल अब मेरे लंड को अपने हाथ में लेकर हिला रहे थे. और फिर मैंने आंटी की नाइटी भी उतार दी थी तो अब वह हमारे सामने सिर्फ़ अपनी ब्रा और पैन्टी में ही थी और फिर मैं आंटी के बब्स पर उनकी ब्रा के ऊपर से अपना मुहँ फेरने लग गया था और उनको किस करने लग गया था. और फिर आंटी ने मेरी टी-शर्ट निकाल दी थी और फिर वह मेरे सीने पर किस करने लग गई थी और फिर गर्दन पर और फिर वह मेरे होठों को अपने मुहँ में डालकर चूसने लग गई थी. और फिर आंटी ने अपनी जीभ को मेरे मुहँ में डाल दिया था और फिर मैं भी उनकी जीभ को चूसने लग गया था. और तभी अंकल ने मेरा पजामा भी निकाल दिया था और फिर वह मेरे लंड को अपने मुहँ में डालकर चूसने लग गए थे. और फिर मैंने आंटी की ब्रा और पैन्टी भी उतार दी थी। दोस्तों कसम से क्या खूबसूरत बदन था उस आंटी का एकदम मखमल जैसा. और फिर मैं उन आंटी के पूरे बब्स पर किस करने लगा और फिर उनके बब्स की निप्पल को अपने मुहँ में डालकर चूसने लगा और अपने एक हाथ से उनके दूसरे बब्स को दबाने लग गया था. दोस्तों अब वह आंटी पूरे जोश में आ गई थी और वह अपने मुहँ से अजीब सी आवाजें निकालने लग गई थी. और फिर मैंने उनके पेट पर किस किया और फिर उनकी नाभि पर भी अपनी जीभ फेरने लग गया था. और फिर मैं अपनी जीभ को उनकी नाभि के छेद में डालकर चाटने लग गया था. और तभी उन अंकल ने भी अपने पूरे कपड़े उतार दिए थे उनका लंड भी बहुत टाइट हो गया था और 5.5” का और पतला सा था. और फिर मैंने आंटी की चूत पर किस किया और फिर मैं उसपर अपनी जीभ फेरने लग गया था और फिर मैं उनकी पूरी चूत को अपने मुहँ में लेकर चूसने लग गया था और उधर वह अंकल मेरे लंड को अपने मुहँ में लेकर चूस रहे थे।

और फिर दोस्तों हम तीनों बेड पर ऐसे होकर सो गये थे कि, मैं तो आंटी की चूत को चाट रहा था और मेरा लंड अंकल चूस रहे थे और अंकल का लंड आंटी चूस रही थी. दोस्तों उस समय कसम से क्या मज़ा आ रहा था और फिर वह अंकल खड़े हुए और फिर वह मेरी तरफ अपनी गांड रखकर एक कुत्ते की पोजीशन में खड़े हो गये थे और फिर मैं उनकी गांड को चाटने लगा और आंटी अंकल के लंड को चूस रही थी. और फिर मैंने अपना लंड अंकल की गांड पर रखा और धक्के देने लगा लेकिन मेरा लंड उनकी गांड के अन्दर नहीं घुस रहा था तो अंकल ने तेल लगाने को कहा. और फिर मैंने अंकल की गांड के छेद पर तेल लगाया और फिर मैंने अपनी एक ऊँगली अंकल की गांड के छेद में घुसा दी थी और फिर मैं उसको अन्दर-बाहर करने लग गया था जिससे अब उनकी गांड पूरी तरह से चिकनी हो गई थी. और फिर मैंने अपना लंड उनकी गांड के छेद पर रखकर धक्का दिया तो मेरा लंड थोड़ा सा उनकी गांड के अन्दर गया. और फिर मैंने एक और धक्का दिया तो मेरे लंड का पूरा टोपा उनकी गांड के अन्दर चला गया था और फिर मैंने एक ज़ोर से धक्का दिया तो मेरा पूरा लंड उनकी गांड के अन्दर घुस गया था और अंकल के मुहँ से एक आहहह… की आवाज़ निकल गई थी. और फिर मैं अंकल की गांड में अपने लंड को अन्दर-बाहर करने लगा और उधर आंटी अंकल के लंड को चूस रही थी. और फिर थोड़ी देर के बाद अंकल ने अपने लंड का पूरा पानी आंटी के मुहँ में ही छोड़ दिया था और फिर वह खड़े होकर सोफे पर बैठ गये थे।

और फिर दोस्तों मैंने अब आंटी को अपनी बाहों में ले लिया था और फिर मैं उनको किस करने लगा और फिर 69 की पोजीशन में आंटी मेरे लंड को अपने मुहँ में डालकर चूसने लग गई थी और मैं भी उनकी चूत का रस पी रहा था. और फिर आंटी उठकर मेरे ऊपर चढ़ गई थी और वह मेरे लंड को अपनी चूत में डालकर ऊपर-नीचे होने लग गई थी. दोस्तों कसम से उस समय हम दोनों को ही बहुत मज़ा आ रहा था. और फिर मैंने उनको नीचे सुला दिया था और फिर मैंने उनको अपनी बाहों में लेकर अपना पूरा लंड उनकी चूत में डाल दिया था और फिर मैं ऊपर-नीचे होने लग गया था. और फिर दोस्तों करीब 30 मिनट की उस जबरदस्त चुदाई के बाद वह झड़ गई थी और फिर वह मेरे लंड को अपने मुहँ में डालकर अन्दर-बाहर करने लग गई थी. और फिर मैंने भी अपना सारा पानी उसके मुहँ में ही छोड़ दिया था और वह उसको पूरा पी गई थी. और फिर हम तीनों नंगे ही उनके कमरे में ही एक ही बेड पर सो गए थे और फिर सुबह उठकर हम तीनों ने बाथरूम में भी खूब जमकर चुदाई का खेल खेला था। और फिर मैं वहाँ से अपने कमरे में आकर अपना सामना लेकर वहाँ से आ गया था क्योंकि वहाँ पर मेरा काम भी पूरा हो चुका था।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!