जवान साली की चूत और गांड का नशा

हाय फ्रेंड्स, Antarvasna मेरा नाम माधव है। मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ और मेरी उम्र 27 साल है। दोस्तों मैं पिछले कुछ सालों से कामलीला डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियों को पढ़ता आ रहा हूँ। मैंने अब तक बहुत सारी कहानियों को पढ़ा जो मुझे अच्छी लगी, लेकिन आज मैं पहली बार अपनी भी एक सच्ची चुदाई की घटना को मतलब मेरे एक सच्चे सेक्स अनुभव को आज आप लोगों के लिए लेकर आया हूँ जिसको लिखकर आप तक पहुँचाने में मैंने बहुत मेहनत की है तो आज आप उसको पढ़िये और मुझे इसके बारे में बताना ना भूले।

दोस्तों मेरी शादी को 2 साल हो चुके है और जब मेरी पत्नी ने मुझे बताया की वो प्रेग्नेंट है तो मैं उस दिन बहुत खुश हो गया था, मैंने उस दिन 5 किलो लड्डू लाकर पूरे मोहल्ले में बाँट दिए थे, अब मुझको मेरी बीवी का ख़याल रखना था और उसे कम से कम परेशानी हो इसलिए मैंने अपनी ससुराल फोन करके अपनी साली ममता को अपने यहाँ बुलवा लिया था। ममता की पढ़ाई पूरी हो चुकी थी और वो घर पर ही रहती थी, ममता मेरे साथ बहुत हँसी मज़ाक करती थी और वो दिखने भी बहुत सेक्सी थी। उसके बड़े बब्स, गोरे गाल, मस्त चाल और दो शब्दो में कहूँ तो वह एकदम टाइट माल है। ममता के मेरे यहाँ आने के बाद एक रात को शराब के नशे में मैंने उसके साथ चुदाई कर डाली और उसकी चूत और गांड दोनों को फाड़ दिया था। हाँ तो आइए अब आपको बताता हूँ कि, यह सब कैसे हुआ था।

उस दिन शनिवार था और मेरी पत्नी को बुखार आया था, मैं सविता के लिए डॉक्टर लेकर आया और उसने मुझको कहा कि, घबराने की बात नहीं है कुछ नहीं बस मामूली सा बुखार आया है जल्दी ही ठीक हो जाएगा। उसने (सविता) मेरी बीवी को दवाई दी और कहा कि, वो आराम करे, शाम के खाने के बाद गोली खाने पर धीरे-धीरे उसका असर दिखने लगा और गोली के नशे से सविता सो गई थी और मैं और ममता बाहर गार्डन में बैठे थे। वह शुक्रवार का दिन था इसलिए मैंने एक बीयर की ठंडी बोतल खोल रखी थी और हम दोनों ताश भी खेल रहे थे। और फिर बीयर का ठंडा-ठंडा नशा मुझे गरम करने लगा था और ममता जब मुझसे मज़ाक करती और हँसती थी तो मैं उसके उछलते हुए बब्स को देखकर मदहोश हो रहा था। और वैसे भी मेरे लंड को बीवी की प्रेग्नेन्सी की वजह से काफी दिनों से चूत या गांड की खुराक नहीं मिली थी। गांड और चूत के विटामिन ना मिलने से मेरे लंड की हालत पतली हो गई थी, ममता के दोनों बब्स जोर-जोर से इधर-उधर हो रहे थे इसका मतलब की उसने अन्दर ब्रा नहीं पहनी थी। उसको देखकर मेरे लंड में तनाव आने लग गया था। और इधर मैंने भी बिना अंडरवियर के ही काला बरमूडा पहना था जिसके आगे मेरा लंड उँचा होने से एक तम्बू बन गया था और फिर मैंने यह भी गौर किया कि, ममता भी मेरे लंड की तरफ कभी-कभी देख रही थी। दोस्तों उसकी 19 साल की कच्ची जवानी उस समय शायद मेरे लंड का अनुभव करना चाहती थी। ममता की टी-शर्ट और बरमूडे की वजह से उसकी गोरी जाँघें मुझे साफ़ दिख रही थी और मेरा लंड उसको देखकर फडफडाने लगा था। और फिर मैंने ममता से कहा यहाँ थोड़ी गर्मी है चलो छत पर चलते है, और फिर वह मेरे साथ ऊपर आई वह प्लास्टिक की एक कुर्सी लेकर आगे-आगे चल रही थी, ऊपर एक कुर्सी तो पहले से ही थी इसलिए मैं केवल बीयर की बोतल लेकर ऊपर चढ़ रहा था। ममता मेरे आगे सीढ़ियाँ चढ़ रही थी और मैं उसकी मटकती गांड को देख रहा था, उस समय मेरा मन तो कर रहा था कि, उसकी गांड को हाथ से छू लूँ, पर मैं रुक गया था और तभी ममता का पाँव सीढ़ियों में रखे कुछ सामान से टकराने से फिसल गया था।

ममता नीचे गिरे उससे पहले मैंने अपने बाजू में उसे पीछे से थाम लिया था, मेरा पहले से ही तना हुआ लंड उसकी गांड को छू बैठा था और इस घटना में उसे भी मेरे लंड की गर्मी का अहसास हो गया था। और फिर वह उठकर ठीक हुई और फिर हम दोनों ऊपर आ गये थे, और फिर छत पर हम दोनों आमने सामने कुर्सी डालकर बैठ गये थे। अब उसकी नज़रें मुझसे मिल नहीं रही थी. और फिर मैं समझ गया था कि, इसके इरादे अब डगमगा रहे है और फिर मैंने भी आज इस साली की चूत और गांड लेने का मन बना ही लिया था बीयर का नशा मुझपर चढ़ तो गया था पर मैं तब भी होश में था और ममता भी बीच-बीच में मेरे लंड को देख रही थी। मैंने अब धीरे-धीरे उससे रोमांटिक बातें चालू कर दी थी बॉयफ्रेंड वगेरा की, और फिर थोड़ी देर में ही वह मुझसे पूरी तरह से खुल गई थी और फिर वह भी मुझसे खुलकर बातें करने लग गई थी। और फिर ममता को मैंने भी बताया कि, मैंने कैसे कॉलेज में लड़कियों की चूत ली थी. और फिर मैंने धीमे से अपने पैर ममता के पैर से लगा दिए थे तब भी वह कुछ नहीं बोली थी और हम दोनों बातें करते रहे, मैं अपने पैर से उसके पैर को सहलाने लगा और मेरी हिम्मत अब खुल गई थी और मैंने धीमे से अपना एक हाथ ममता के बब्स पर रख दिया तो वह मुझसे बोली कि, जीजू यह आप क्या कर रहे हो? उसकी आवाज़ में सवाल से ज्यादा खुशी छुपी हुई थी। और फिर मैंने अपना दूसरा हाथ भी उसके बब्स पर रखा और हल्के से उसके बब्स को दबा दिया था जिससे ममता की आँखे बन्द हो गई थी और वह एक सिसकारी मार बैठी थी (दोस्तों सिसकारी का मतलब होता है मज़ा आना) और फिर ममता को गरम होता देख मैंने भी हतोड़ा मार देने की ठान ली थी, और फिर मैंने खड़े होकर पहले तो सीढ़ियों के दरवाजे की कुण्डी लगा दी थी ताकि गोली के नशे से सोई सविता जागे तो भी हम पकड़े ना जाए। और फिर मैंने वापस आकर ममता की नीली टी-शर्ट खींच ली थी और अब उसके मस्त गुलाबी निप्पल वाले बब्स मेरे अंदाज़े के मुताबिक बिना ब्रा के ही थे, और फिर मैंने अपना मुहँ उसके देसी निप्पल पर रख दिया और ममता भी मेरी गांड के ऊपर हाथ फेरने लग गई थी। दोस्तों यह कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

ममता के बब्स को 2 मिनट तक चूसने के बाद मैंने उसके बरमूडे के बटन खोले और उसे भी खींचकर फैंक दिया था. ओह.. कसम से क्या जवान चूत थी यारों उसकी एकदम बिना खुली हुई और फूली हुई, उसपर छोटे-छोटे बाल और चूत के होंठ एकदम लाल-लाल, और फिर मैंने अब उसके बब्स की निप्पल को चूसते-चूसते उसकी चूत के ऊपर हाथ फेरना शुरू किया ममता की चूत अब गीली हो चुकी थी, और फिर मुझे यह देसी सेक्सी चूत चूसने की तलब जाग उठी और मैंने ममता के पाँव को कुर्सी के हैंडल पर रखके उनको फैला दिया था और अब उसकी चूत के ऊपर मैंने अपना मुहँ रखा और उसकी चूत के होठों पर हल्के-हल्के दाँत गाड़ने लगा, ममता की सिसकारियां बढ़ गयी और एक तेज़ झटका लगा जब मेरी जीभ उसके होठों को पार करके अन्दर घुसी। उसकी चूत का रस खारा सा था और चूत के अन्दर जीभ जाते ही ममता ने दोनों हाथी से कुर्सी के हैंडल को कसकर पकड़ लिया. पहली बार की चूत चूसा उसको बहुत उत्तेजित कर रही थी। 2-3 मिनट ममता की चूत चूस और चाटकर मैं खड़ा हुआ और मैंने अपनी बनियान निकाली, मेरी छाती के बालो को देखकर वह छोटे बच्चे के जैसे उछल पड़ी और खड़ी होकर उनमें उंगलिया घूमाने लगी। मैंने उसे नीचे बैठाया और बरमूडा निकाला, मेरे लंड की लम्बाई को देखकर ममता डर सी गई थी। और फिर मैंने उसे कुर्सी पर बिठाया और अपना 7.5 इंच लम्बा लंड उसके मुहँ में पेल दिया, ममता मुश्किल से मेरा आधा लंड ही चूस पा रही थी और मैंने लंड हिलाकर उसको चूसाए रखा। सच कहूँ तो मुझे बिल्कुल मज़ा नहीं आया था शायद सविता लंड चूसने में बेस्ट है। मैंने ममता के मुहँ से अपने लंड को और अपनी गांड पर लिपटे उसके हाथ को दूर किया, ममता चुदने जितनी गरम हो चुकी थी। इस 19 साल की चूत का नशा मेरे बीयर से भी भारी था और फिर मैंने ममता के पैर दुबारा हैंडल पर रखे और अपना लंड उसके बिना खुली चूत की पंखुड़ियों पर रख दिया. जिससे ममता की चूत बहुत गरम हो चुकी थी।

और फिर मैंने बिना जल्दबाज़ी किए धीमे-धीमे पहले अपने लंड को उसकी चूत के ऊपर रगड़ा और साथ ही उसकी गांड को कुर्सी पर सही से सेट किया और फिर ताव देखकर एक धीमा सा झटका दिया तो ममता चिल्ला पड़ी, ऊहह… ऊहह… मैंने उसके मुहँ से उसकी चिल्लाहट को बन्द करने के लिए उसके होठों को अपने होठों में लगा दिया। मेरा नशा कब का उतर चुका था लेकिन बीयर की स्मेल नहीं। जैसे ही मैंने अपने होंठ उसके होठों से हटाए तो ममता उसकी नाक के आगे हाथ फेरने लगी, मेरा लंड आधा ही उसकी चूत में गया था। मैंने 2 मिनट तक आधे लंड को अन्दर बाहर किया और फिर जैसे ही ममता भी अपनी गांड को हिलाकर चुदाई का बदला लेने लगी तो मैंने एक और झटका मारकर अपना लंड पूरा उसकी चूत के अन्दर कर दिया था। ममता भी अब चुदाई सीख गई थी क्योंकि उसने मुझे कमर से मस्त तरीके से पकड़ लिया था और मेरे झटको का जवाब वह अपने कूल्हे उठाकर देने लग गई थी। उसकी चूत 5 मिनट तक मारने के बाद मुझे उसकी गांड का मज़ा लेने का मन हुआ तो फिर मैंने ममता की चूत से अपना लंड निकाला और उसे कुत्तिया बना दिया और फिर पहले तो मैंने पीछे से एकबार उसकी चूत चोदी 1 मिनट तक, लेकिन मेरा मन तो उसकी मटकती हुई गांड पर था। और फिर मैंने अब अपने लंड को उसकी चूत से बाहर निकाला और उसे उसकी गांड के छेद पर रखा तो ममता पलटकर मेरी तरफ देखने लगी और फिर ममता समझ गई थी कि, उसे अब क्या करना है। मुझको अपने लंड को उसकी सख़्त गांड में घुसाते हुए बहुत दिक्कत हुई लेकिन कसम से बहुत मजा भी आया था और ममता की हालत खराब हुई पड़ी थी, और फिर मैंने एक बार लंड से झटके देने शुरू किए और अबकी बार मुझे झटके मारने में दिक्कत हो रही थी क्योंकि उसकी गांड सच में बहुत टाइट थी यारो।

उसकी गांड एकदम टाईट होने की वजह से मैं 3 मिनट में ही ममता की गांड में झड़ गया था और पता नहीं ममता तो 2-3 बार झड़ चुकी थी। और फिर मैंने ममता के बब्स दबाए और वह हँस रही थी, और फिर उसने खड़े होकर मुझे होठों पर किस किया और फिर हम दोनों कपड़े पहनकर नीचे आ गये। मैंने दूसरे दिन ससुराल फोन करके बता दिया की ममता सविता की डीलेवरी के 1 महीने बाद ही आएगी। और फिर कुछ महीने तक मैं इस जोशीली चूत और गांड के मज़े और मस्ती लेता रहा और उसकी चूत और गांड के छेदों को चौड़ा करता रहा।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!