शादी से पहले की अधूरी चुदाई शादी

हाय फ्रेंड्स, Antarvasna मेरा नाम मोना है मेरी उम्र 26 साल की है और मैं अम्बाला की रहने वाली हूँ। दोस्तों मेरी शादी हो चुकी है और मैं और मेरे पति बहुत खुश भी है एक दूसरे से लेकिन कभी कभी जीवन में कुछ ऐसा भी हो जाता है जिसको पहले से कोई भी नहीं जान सकता है और मेरे साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ था। हाँ तो दोस्तों आज मैं कामलीला डॉट कॉम के इस मंच से आप सभी के सामने मेरे जीवन में हुए एक बहुत ही खूबसूरत और सेक्स से भरपूर हादसे को पेश करने जा रही हूँ और मैं आशा करती हूँ कि, इसको पढ़ने के बाद आप सभी को बहुत मजा आएगा।

दोस्तों यह बात आज से सालभर पहले की है और उस समय मेरी शादी के कुछ महीनों के बाद मेरे पीहर के शहर से मेरे पिताजी के एक दोस्त का लड़का मेरे यहाँ मेरे ससुराल में आया था जो कि, मेरे पीहर में हमारा पड़ौसी भी था उस लड़के का नाम मोहित था और हम साथ में ही पढ़ते थे। मेरे पिताजी और मोहित के पिताजी उनके कारोबार में भी साथ में थे और हमारा घरेलू नाता भी था। मोहित और मुझे भी सारे घर वाले भाई बहिन ही मानते थे। दोस्तों मोहित भी मेरे पति जिनका नाम सन्दीप है उनको जीजाजी कहकर ही बुलाता था लेकिन मोहित और मेरे बीच भाई बहिन का रिश्ता नहीं था और हम बहुत अच्छे दोस्त थे और हम एक दूसरे की हर अच्छी और बुरी बातें आपस में एक दूसरे को बताते थे। हमने कई बार साथ में फ़िल्में भी देखी थी। और इस तरह से हम एक दूसरे के काफ़ी करीब थे कई बार तो मोहित ने मुझको अकेले में किस भी कर लिया था और वह कभी कभी मेरे बब्स को भी दबा लेता था और मैं उसका बुरा भी नहीं मानती थी। क्योंकि हमारे बीच रिश्ता ही कुछ ऐसा था लेकिन हमने कभी भी सेक्स नहीं किया था और हमारा किस करना भी मेरी शादी के बाद से बन्द हो गया था। लेकिन फिर जब मोहित अपने किसी काम से मेरे यहाँ आया था और वह कुछ दिन यहीं रहने वाला था उसके लिये मेरे पापा का भी फोन आया था कि, मोहित आ रहा है और तब सन्दीप यानी मेरे पति ने ही उनसे बात करी थी और कहा था कि, हम उसका अच्छे से ध्यान रखेंगे।

और फिर एक दिन मोहित आ भी गया था, मोहित सुबह करीब 8-9 बजे के आस पास आया था और मेरे पति सुबह 10 बजे अपने काम पर जाते है तो वह उससे मिल कर गये थे लेकिन फिर सन्दीप को अपने ऑफिस के किसी काम से 6-7 दिनों के लिए अचानक से कहीं बाहर जाना पड़ा था और उनका फोन आया था। और फिर उन्होंने घर आकर जल्दी से अपना सामान लिया और फिर वह चले गये थे। और फिर शाम को जब मोहित अपना काम करके घर आया तो उसने मुझसे पूछा कि, जीजाजी नहीं आए? तब मैंने उसको बताया कि, वह अपने ऑफिस के किसी काम से बाहर गये है 6-7 दिनों के लिए, तो फिर उसने मुझको कहा कि, अच्छा. और फिर मैंने मोहित को खाना खिलाया और फिर हम बैठकर टी.वी. देखने लगे तभी सन्दीप का फोन आया और उन्होनें मुझको कहा कि, मोहित आया हुआ है मैं तो यह बात भूल ही गया था और फिर उन्होंने फ़ोन पर मोहित से बात करी और माफी माँगी। और फिर उन्होंने मोहित से कहा कि, तुमको जो भी चाहिए हो अपनी बहिन से माँग लेना और उन्होंने मुझको भी यही कहा कि, मोहित को जो भी चाहिये हो वह तुम उसको दे देना। और फिर मैंने उनको कहा कि, ठीक है। और फिर हम फ़ोन रखकर फिर से टी.वी. देखने लग गए थे कि तभी टी.वी. पर चल रही फिल्म में एक किस का सीन आया और फिर उस सीन को देखकर मोहित मेरे पास आया और उसने मुझको पूछा कि, एकबार फिर से हो जाए? तो मैंने उसको कहा कि, अब मेरी शादी हो गई है यह सब अब अच्छी बात नहीं , तो फिर उसने मुझको कहा कि, जीजाजी ने अभी फ़ोन पर कहा था ना कि, जो मोहित माँगे उसे दे देना तो फिर अब क्या है? और एक किस में आखिर तुम्हारा क्या जाता है। और फिर मैं राज़ी हो गई और हम खड़े होकर एक दूसरे के होठों को चूम रहे थे और फिर काफ़ी देर तक चूमने के बाद उसके हाथ मेरे बब्स पर आ गए थे और फिर वह मेरे बब्स पर अपने हाथ फेरने लग गया था। दोस्तों उस समय मैंने सलवार कुर्ता पहना हुआ था और फिर वह अपने हाथों को धीरे धीरे मेरी पीठ पर भी फेरने लग गया था और फिर उसने मेरे गले से मेरा दुपट्टा भी हटा दिया था और फिर उसने आगे से मेरे कुर्ते के बटन भी खोल दिए थे और फिर वह अपने हाथ मेरे गले से होते हुए मेरे कुर्ते में डाल रहा था और मैंने उसको ऐसा करने के लिये मना किया था लेकिन वह नहीं माना था।

और फिर उसने अपनी टी-शर्ट भी उतार दी थी और फिर वह मुझको मेरा कुर्ता उतारने को कह रहा था लेकिन मैंने उसको ऐसा करने से मना किया तो उसने मुझको कहा कि, पहले तुम कुँवारी थी तब तो हमने कुछ भी नहीं किया था और अब तो तुम्हारी शादी हो गई है तो तुम किस बात से डर रही हो? और जीजाजी ने भी तो कह दिया है कि, तुमसे मोहित जो भी माँगे, उसे दे देना। लेकिन मैंने तब भी उसको मना किया और फिर मैंने उससे अपने आपको छुड़ाकर अलग किया और फिर हम दोनों अलग अलग होकर बैठ गये थे. और फिर तब वह मुझसे कहने लगा कि, मोना प्लीज़ यार तुमने तो सेक्स का मज़ा उठा लिया है अब मुझे भी यह अनुभव करने दो ना प्लीज़ मैं तुम्हारे पैर पड़ता हूँ और फिर वह मुझसे यह कहकर मेरे पैर पकड़कर ज़मीन पर बैठ गया था और वह मेरे पैरों को चूमने लग गया था। और फिर मुझको उस पर दया आ गई थी और फिर मैंने उसको कहा कि, ठीक है. और फिर तो वह मेरे मुहँ से यह सुनकर एकदम से खड़ा हुआ और फिर वह मुझे अपनी गोद में उठाकर मेरे बेडरूम में ले गया था. और फिर वहाँ पर जाकर उसने मुझको बेड पर लिटा दिया था. और फिर उसने अपनी पेन्ट भी उतार दी थी और फिर वह मेरे सामने सिर्फ़ अपनी उंडरवियर में ही था। दोस्तों मैंने उसको इस हालत में पहली बार देखा था और फिर वह मेरे पास आया और फिर उसने मेरा कुर्ता उतार दिया था और फिर सलवार भी उतार दी थी और फिर वह मेरी ब्रा के ऊपर से ही मेरे बब्स को चूमने लग गया था। और फिर मैंने ही मेरी ब्रा के हुक को खोलकर अपनी ब्रा उतार दी थी और फिर वह मेरे बब्स को देखकर बहुत खुश हो गया था।

और फिर वह मुझसे कहने लगा कि, यह इतने खूबसूरत है तभी तुमने मुझको आज तक यह नहीं दिखाए थे. और फिर वह मेरे दोनों बब्स को मसलने लग गया था और साथ ही वह उनको ज़ोर ज़ोर से चूमने और चाटता भी जा रहा था। दोस्तों उससे पहले मेरे पति ने भी इस तरह से मेरे बदन की ना कभी तारीफ करी थी और ना ही कभी इस तरह से प्यार किया था इसलिए मुझे भी वह सब बहुत अच्छा लग रहा था. और मैं उसके साथ सेक्स भी पहली बार ही कर रही थी। और फिर वह मेरे सारे शरीर को चूमता रहा और फिर वह मेरी पैन्टी पर आया और फिर धीरे से उसने उसको भी उतार दिया था और फिर उसने वहाँ भी मुझको चूमना शुरू कर दिया था. मैं खुद तो उस वक़्त तक उसके साथ सेक्स नहीं कर रही थी लेकिन फिर मैं भी कुछ ही देर में एकदम मस्त हो गई थी। और फिर तो मैंने भी उसका अंडरवियर उतार दिया था. दोस्तों उस समय मैं उसका लंड देखकर एकदम से हैरान रह गई थी क्योंकि वह मेरे पति के लंड से दुबला था और फिर मैं उसे अपने हाथ में पकड़कर खेलने लगी और फिर उसने मुझको कहा कि, इसे एकबार अपने मुहँ में ले लो ना? लेकिन मैंने उसको कहा कि, नहीं. तो फिर उसने मुझको कहा कि, लो ना बहुत मजा आएगा। और फिर मैंने उसको अपने मुहँ में ले लिया तो सच में मुझे भी मजा आने लग गया था और इस तरह का सेक्स मैंने कभी नहीं किया था तो मुझे भी वह सब बहुत अच्छा लग रहा था. और फिर हम काफ़ी देर तक यही सब करते रहे और फिर उसका लंड धीरे धीरे कड़क होने लगा तो मैं समझ गई थी कि, अब वह झड़ने वाला है और फिर कुछ ही देर के बाद वह मेरे मुहँ में ही झड़ गया था और उसका सारा पानी मेरे मुहँ में आ गया था। दोस्तों यह कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

और फिर उसने मुझको कहा कि, इसे पी लो यह तुमको अच्छा लगेगा और इससे तुमको कुछ भी नुकसान नहीं होगा। और फिर मैंने हिम्मत करके ऐसा ही किया और फिर हम दोनों बिस्तर पर लेट गये थे. और फिर थोड़ी देर के बाद वह मेरे ऊपर आया और वह वापस से मुझको प्यार करने लगा. और फिर कुछ देर के बाद वह मेरी दोनों टाँगों को फैलाकर मेरी चूत पर अपना लंड रखकर मुझे चोदने लगा उसका लंड काफ़ी बड़ा था तो उसने उसको मेरी चूत में काफ़ी ध्यान से डाला ताकि मुझको दर्द ना हो। और फिर वो धीरे धीरे धक्के मारकर चोदने लगा तो मैं अपनी गांड उठा उठाकर चुदवा रही और आआहा… ऊऊन्न्ह… ऊऊम्म्ह ऊउम्म करते हुए चुदाई का मजा ले रही थी। फिर उसने अपनी चुदाई की स्पीड को और बढ़ा दिया और जोर जोर से धक्के मारकर के चोदने लगा तो मेरे मुहँ से भी ऊऊन्न्ह.., आअहा… करते हुए चुदवाने लगी। वो काफ़ी अच्छे से मेरी चूत को चोद रहा था और मैं एक बार झड़ चुकी थी। फिर उसने मुझे घोड़ी बना दिया और मेरे पीछे आकर मेरे दोनों बब्स को अपने हाँथ से दबाते हुए अपने लंड को मेरी चूत में डाला और चोदने लगा मैं भी उसका साथ देते हुए अपनी गांड आगे पीछे करते हुए चुदवा रही थी और आहह… करते हुए सिसकारियाँ ले रही थी। फिर उसके बाद उसने मेरी गांड के ऊपर ही अपना माल छोड़ दिया। और फिर उस रात को हमने रात भर खूब जमकर 3 बार चुदाई करी थी और फिर हम दोनों सुबह 4 बजे नंगे ही एक दूसरे से लिपटकर सो गए थे। और फिर सुबह के 9 बजे जब मैं उठी तो मैंने देखा कि, वह सो रहा था. और फिर मैंने नंगी ही उठकर चाय बनाई और फिर उसे उठाया तो उसने दोबारा से मुझे बिस्तर पर अपने पास खींच लिया था और तब उसने मुझको घोड़ी बनाकर एक और बार चोदा था हमारा काम खत्म हुआ तब तक चाय भी ठंडी हो चुकी थी और फिर हम उठकर साथ में ही नहाए थे और बाथरूम में भी उसने मुझे चोदा था उसके बाद वह नाश्ता करके अपने काम पर चला गया था।

दोस्तों उसने मुझको 7 दिन तक लगातार रोज ही खूब जमकर चोदा था और उसकी चुदाई मुझको भी बहुत पसन्द आई थी. उसके बाद मेरे पति के आने पर वह अपने घर पर चला गया था. उसके बाद भी जब कभी भी वह हमारे यहाँ आता है तो मौका देखकर हम चुदाई कर लेते है।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!