नौकर ने सिखाई मुझको चुदाई

हाय फ्रेंड्स, Antarvasna मैं डिम्पल हूँ मेरी उम्र 21 साल की है और मैं लुधियाना की रहने वाली हूँ. दोस्तों यह घटना आज से 2 साल पहले की है और तब मैं 12 वीं कक्षा में पढ़ती थी. और मैं आपको अपने साथ वह घटना बताने जा रही हूँ जो कि मेरे साथ उस समय बीती थी और मैं उस समय 12 वीं की परीक्षा देकर निपटी थी. मेरे मम्मी-पापा दोनों ही सरकारी नौकरी करते हैं इसलिए मैं घर में अकेली ही रहती थी. हमारे घर में एक नौकर है जिसका नाम मोनू है, और वह भी हमारे साथ ही रहता है. उसकी उम्र करीब 27 साल की है और वह एक अच्छा और सेहतमंद और मजबूत कद-काठी का आदमी है।

दोस्तों एक दिन मैं सुबह के समय घर पर अकेली ही बैठी थी और मेरे मम्मी-पापा ऑफिस गये हुए थे. और फिर मोनू मेरे पास आया और वह मुझसे कहने लगा कि, आप क्या कर रहे हो? तो मैं उससे बोली कि, कुछ भी तो नहीं. तो फिर वह मुझसे बोला कि मेमसाहब, अगर बुरा ना मानों तो मैं आपको एक बात बोलूँ? तो फिर मैंने उसको बोला कि, हाँ कहो ना.. तो फिर उसने मुझको कहा कि मेमसाहब, आज मुझको अपनी घरवाली की बहुत याद आ रही है. दोस्तों उसकी घरवाली नेपाल में रहती है. और फिर मैंने उसको कहा कि, तो बोलो इसमें मैं तुम्हारे लिये क्या कर सकती हूँ? तो फिर वह बोला कि, मेमसाहब मेरे साथ बैठकर थोड़ी देर बात कर लो, जिससे मेरा मन थोड़ा हल्का हो जाएगा. और फिर मैंने उसको कहा कि, मुझको इसमें कोई ऐतराज़ नहीं है. और फिर मैं उससे उसके घर परिवार के बारे में पूछने लग गई थी. और फिर बातों ही बातों में वह मुझसे बोला कि, मेमसाहब हम अपनी बीवी के साथ खूब मज़ा करते हैं. तो फिर मैं उससे बोली कि, तुम क्या बात कर रहे हो और कौन सा मज़ा लेते हो? तो फिर वह थोड़ा शरमाते हुए बोला कि मेमसाहब, सेक्स का बहुत मज़ा लेते है. और फिर बातों ही बातों में मैं भी उससे पूछ बैठी थी कि, सेक्स में कैसा मज़ा आता है? तो फिर उसने मुझसे कहा कि, मेमसाहब आज मैं आपको ठीक से समझाता हूँ।

और फिर उसने मुझसे कहा कि, पहले तो मैं उसके सारे कपड़े उतार देता हूँ और फिर मैं उसके पूरे बदन को बड़े ही प्यार से चूमता हूँ, और फिर मैं उसके पूरे बदन पर अपना हाथ भी फेरता हूँ. ऐसा करने से वह भी एकदम मस्त हो जाती है. और फिर मैं उसके बब्स को भी चूसता हूँ. और मैंने उसको बीच में ही टोक दिया था और मैंने उसको कहा कि, मुझको तुम जो कह रहे हो वह कुछ भी समझ में नहीं आ रहा है. तो फिर वह मुझसे बोला कि मेमसाहब, आप चिन्ता मत करो मैं आपको असल में करके बताता हूँ. दोस्तों इससे पहले मैं कुछ समझ सकती वह मुझे चूमने लग गया था. और फिर मैंने उसको एक जबरदस्त धक्का दिया और वह मुझसे दूर जाकर गिर गया था. और फिर वह दुबारा मेरे पास आया और फिर वह मुझसे बोला कि, आज तो मैं तुमको नहीं छोडूंगा. और फिर उसने मुझे मेरे बालों से पकड़ लिया था और फिर उसने मुझको अपनी तरफ खींच लिया था. दोस्तों मैंने उस दिन स्कर्ट और टॉप पहना हुआ था. और फिर उसने मेरे दोनों हाथों को पकड़ लिया और फिर मेरे दोनों हाथों को मेरी पीठ के पीछे अपने एक हाथ से कस दिया था. और फिर वह मेरे होठों को चूसने लग गया था. उसकी साँसों से थोड़ी-थोड़ी शराब की महक भी आ रही थी. मैं उससे छूटने के लिए ज़ोर लगा रही थी पर वह एक ताकतवर आदमी था. और फिर वह मुझसे बोला कि, डिम्पल मेमसाहब, तुम्हारे होंठ तो बहुत ही रसभरे हैं और इतने रसभरे होंठ तो मेरी घरवाली के भी नहीं है. और फिर मैंने उसको कहा कि, मोनू अब तुम्हारा नाटक बहुत हो गया. अब तुम मुझको छोड़ दो वरना मैं तुम्हारा बहुत बुरा हाल करवा दूँगी. तो फिर वह मुझसे बोला कि, मेमसाहब मैं तो आज शाम को 4 बजे की गाड़ी पकड़कर निकल जाऊँगा और फिर तो तुम लोग मुझे ढूँढते ही रह जाओगे. लेकिन जाने से पहले मैं तुम्हारी बहुत ही अच्छी तरह से एकबार चुदाई जरूर करना चाहता हूँ. और फिर उसकी बातें सुनकर अब तो मैं बुरी तरह से डर गई थी. और मैं उससे छूटने के लिए ज़ोर लगाने लगी थी. और फिर अचानक से मेरा एक हाथ उसकी गिरफ़्त से छूट गया था और मैंने उसको एक जोरदार घूसा लगा दिया था. तो फिर वह मुझसे बोला कि, मेमसाहब तुम्हारे यह हाथ तो सिर्फ प्यार करने के लिए है. और फिर उसने मुझे मेरी पीठ के पीछे से पकड़ लिया था. और फिर वह मुझको लेकर सोफे पर बैठ गया था. दोस्तों मैं उस समय उसकी गोद में बैठी हुई थी. और फिर उसने अपने हाथ को मेरे पेट पर चलाना शुरू कर दिया था. और फिर धीरे-धीरे वह अपने हाथ को ऊपर मेरे बब्स की तरफ लाने लगा था. और मैं भी उससे बचने के लिए ज़ोर लगाने लग गई थी और मैं उसके बढ़ते हुए हाथों को पीछे करने लग गई थी. और फिर अचानक से उसका एक हाथ मेरे बब्स पर आ गया था. और फिर वह मेरे बब्स को जोर-जोर से दबाने लग गया था. दोस्तों वह सब मेरे लिए बहुत ही दर्दभरा अहसास था।

और फिर मैं दर्द से चिल्लाई, उईईईईईई छोड़ दो मुझे. पर उसने मेरे बब्स को मसलना जारी रखा. और फिर उसने अपने दूसरे हाथ से मेरे टॉप का बटन खोल दिया था. और फिर अपना हाथ टॉप के अन्दर ले गया. और फिर वह मेरे बब्स को अब बिना किसी दिक्कत के दबाने लग गया था. दोस्तों जीवन में पहलीबार किसी का हाथ मेरे बब्स पर लगा था. और फिर कुछ देर के बाद उसके मुझको छूने का अहसास मुझको अच्छा लगने लग गया था, पर वह मेरे बब्स को बहुत ही ज़ोर-ज़ोर से दबा रहा था, जिससे मुझको बहुत दर्द भी हो रहा था. और फिर उसने मेरे बब्स के निप्पल को ढूँढकर उसे मसलना शुरू कर दिया था. दोस्तों उसके ऐसा करने से अब मेरे तो तन-बदन में एक मस्ती सी चढ़ना शुरू हो गई थी. पर वह इस बात से अंजान था. और फिर थोड़ी देर के बाद उसने अपने दूसरे हाथ से मेरे टॉप को थोड़ा ऊपर उठाया और फिर उसने अपने दोनों हाथों से एक ही झटके के साथ मेरे टॉप को उतारकर फैंक दिया था. और फिर उसने मेरी ब्रा को नीचे कर दिया था जिससे मेरे बब्स मेरी ब्रा से बाहर आ गये थे. और फिर उसने मेरे दोनों बब्स को पकड़ लिया था और फिर वह उनको धीरे-धीरे दबाने लग गया था. और फिर अब मैं भी उससे छूटने के लिये कोई जोर नहीं लगा रही थी. और फिर उसने मुझको खड़ा किया और फिर उसने मेरी स्कर्ट का हुक भी खोल दिया था. और फिर उसने एक ही झटके के साथ मेरी स्कर्ट और पैन्टी दोनों को उतार दिया था. इस तरह से उसने मुझे पूरी तरह नंगी कर दिया था. और फिर उसने अपनी टी-शर्ट और पजामा भी खोल दिया था, और वह भी पूरी तरह से नंगा हो गया था।

दोस्तों उसका शरीर बहुत मजबूत था और उसका लंड भी करीब 7.5” का और करीब 3” मोटा था. और मैं उसको देखकर बहुत डर गई थी. और फिर उसने मुझे पकड़कर बेड पर लिटा दिया था. और फिर वह मेरे ऊपर चढ़ गया था. पहले तो उसने मेरे सारे शरीर को चूमा और फिर उसने मेरे बब्स को भी दबाया और फिर वह उनको अपने मुहँ में लेकर बारी-बारी से चूसने लग गया था. दोस्तों उस समय एक मस्ती का एहसास मेरे दिलो-दिमाग़ पर हावी होने लगा था और मेरी चूत में भी एक मीठी से खारिश होने लगी थी. मेरे बब्स के निप्पल भी तनकर एकदम खड़े हो गये थे. और फिर उसने अपना लंड मेरी चूत पर टीका दिया था. और फिर उसने मेरी चूत में एक तगड़ा सा झटका लगा दिया था जिससे उसका लंड थोड़ा सा मेरी चूत के अन्दर चला गया था. और मैं चीख पड़ी थी आईईई… आहहह… ऊहहह… हाईईई… मररर गईईई…

और फिर उसने एक और जोरदार झटका मारा और उससे उसका लंड करीब आधा सा मेरी चूत के अन्दर चला गया था और मेरी चूत की सील भी टूट गई थी. और उससे मेरी चूत से खून बहने लग गया था. दोस्तों मैं उस समय चीखना तो चाहती थी पर उसने मेरे होठों को अपने होठों में लेकर दबा रखा था. और फिर वह मुझसे बोला कि मेमसाहब, तुम तो बहुत मस्त हो. आज तुम्हारी सील तोड़ने में तो मुझको बहुत मज़ा आ गया है. और फिर उसने एक और जोरदार झटका लगाया और उसका लंड पूरी तरह से मेरी चूत में घुस चुका था. मैं चीखना तो चाहती थी पर चीख नहीं सकती थी. मेरी आँखों से आँसूं भी टपक रहे थे. और फिर वह मुझसे बोला कि, ठीक है चलो मैं थोड़ी देर रुक जाता हूँ. और फिर उसने मेरे बब्स को चूसना शुरू कर दिया था. इससे मुझे बहुत आराम मिला और मेरा दर्द भी कम हो गया था. और फिर उसने धीरे-धीरे से अपने लंड को फिर से अन्दर-बाहर करना शुरू कर दिया था. और उससे फिर से मेरी चूत में दर्द की एक लहर उठ गई थी पर साथ में मज़ा भी आ रहा था. और फिर कुछ देर के बाद मेरा दर्द पूरी तरह से खत्म हो गया था. अब तो बस मज़ा ही मज़ा था. और फिर उसने पूरी मस्ती के साथ मेरी चुदाई करी थी और मैंने भी अपनी गांड को उठा-उठाकर उसका पूरा साथ दिया था. और फिर थोड़ी देर के बाद मैं झड़ गई थी पर वह अभी तक पूरी ताकत से मेरी चुदाई कर रहा था। दोस्तों ये कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

और फिर उसने मेरी टाँगें ऊपर उठा दी. और फिर वह उनको एक तरफ घुमाकर मुझको मेरी गांड से पकड़कर मुझको घोड़ी बना दिया था. दोस्तों इस पोजीशन मैं मुझको बहुत मज़ा आया था और मैं एकबार फिर से झड़ गई थी. और फिर पूरे 40-45 मिनट की चुदाई के बाद वह भी ठंडा हो गया था. और फिर 15 मिनट तक मुझसे चिपके रहने के बाद उसने फिर से मुझे पकड़ लिया था और वह फिर से मेरी चूत को चाटने लग गया था. और उसने अपने जीभ मेरी चूत के अन्दर घुसा दी थी. दोस्तों उसके ऐसा करने से मैं फिर से आनंद के सागर में गोते लगाने लगी थी. और फिर अबकी बार उसने मुझे लिटा दिया था और फिर उसने अपना लंड मेरे मुहँ में डाल दिया था और फिर वह अपनी जीभ से मेरी चूत को चाटने लग गया था. और इस तरफ से मैं एकबार फिर से झड़ गई थी. और फिर अबकी बार उसने मुझे बेड के सहारे खड़ा कर दिया था और फिर उसने मेरी गांड में अपना लंड घुसा दिया था. उससे मुझे बहुत ज़्यादा दर्द हुआ था. और फिर करीब 20-25 मिनट तक मेरी गांड में धक्के मारने के बाद वह मेरी गांड में ही ठंडा हो गया था। दोस्तों उस चुदाई से मेरा एक-एक अंग दुख रहा था. उसके बाद उसने दोपहर 3.30 बजे तक मेरी 4 बार चुदाई कर दी थी. और फिर वह जल्दी से अपने कपड़े लेकर भाग गया था. और जाते-जाते उसने मुझसे कहा कि, मेमसाहब मैं आपको हमेशा याद रखूँगा. जो मज़ा तुमने मुझको आज दिया है वह आज तक मुझको किसी और की चुदाई में नहीं आया था.।

उस दिन के बाद यह बात मैंने किसी को भी नहीं बताई थी पर मैं अपनी पहली चुदाई को हमेशा याद रखूँगी. सच में मैंने भी उसमें काफ़ी मज़ा लिया था।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!