पड़ोस की भाभी की चूत में घाडे झंडे

हैल्लो दोस्तों, आपने Antarvasna कभी ना कभी किसी अपने दोस्त या किसी और से अपने पड़ोसन की चुदाई के बारे में तो सुना ही होगा लेकिन क्या आपको पता है वो कितना सच हो सकता है लेकिन आज जो कहानी मैं आपको बताने जा रहा हूँ वो एकदम सच है क्यूकी ये कहानी मेरी खुद की है। इस कहानी का हीरो मैं और हिरोइन ​मेरी पड़ोस में रहने वाली मोना भाभी है। मुझे उम्मीद है की यह सेक्स स्टोरी आपको पसंद आएगी। दोस्तों मेरा नाम अनिल है जैसा मेरा नाम है वैसा ही कुछ मेरा काम भी है मैंने अपनी जिंदगी के हर काम में मंजिल आसिल की है खासकर चुदाई के काम में। मैंने आज तक जितनी भी चुदाई करी है उन सब चुदाई में मेरे लंड ने अपनी जीत के झंडे घाड़ दिए है। मेरी उम्र 23 साल की है और अब तक मैं बहुत सारी चूतें मार चुका हूँ। 20 साल की उम्र में ही मैं एक नंबर का चुदक्कड बन चुका हूँ दोस्तों अब मैं सीधा आपको अपनी कहानी की तरफ लेकर चलता हूँ।

यह बात आज से 4 महीने पुरानी है मेरे घर के पास एक नया शादी-शुदा जोड़ा रहने के लिए आया था हमारे घर के पास रहते हुए उन्हें करीब एक साल होने वाला था। हम दोनों परिवारों की अच्छी बनने लग गई थी उस घर में सिर्फ़ दो मेंबर ही रहते थे। एक थे सुधीर भैया और दूसरी उनकी पत्नी यानी मेरी मोना भाभी। मेरी नज़र पहले दिन से ही उन पर थी मुझे वो सच में बहुत पसंद थी क्यूकी वो दिखने में ही इतनी सेक्सी थी की नंगी करके चोदने में कितनी सेक्सी होगी। मैं उसका दीवाना बन चुका था दिन रात बस उसे ही चोदने की सोचता रहता था। पर मुझे अभी तक उसको देखने के अलावा कोई और मौका नहीं मिला था मुझे उनके शरीर का एक एक हिस्सा बहुत ही कमाल का लगता था मानो भगवान ने बिल्कुल फ्री होकर मोना भाभी को बनाया हो। मोना भाभी का फिगर 32-34-36 था उनके बब्स और उनकी गांड बहुत ही कमाल के थे। क्यूकी जब भी वो चलती थी तो वो दोनों बहुत ही मस्त तरीके से हिलते थे साथ ही उनकी पतली सी कमर, जी करता था अपनी जीभ से उनकी कमर को चाट लूँ। एक दिन अचानक भगवान ने मेरी सुन ली जब मैं अपने कॉलेज से आया तो मुझे पता चला की मेरे मम्मी पापा और बड़ी बहिन गाँव में चले गये है वहां पर किसी की मौत हो गई है इसलिए वो मुझे घर में अकेला छोड़ गये है हमरा गाँव बहुत ही दूर था वहां जाने में ही 2 दिन लग जाते थे मैं अब घर में बिल्कुल अकेला था इसलिए अपना खाना होटल से ले आता था। अगले दिन मैं कॉलेज नहीं गया क्यूकी मेरा जाने का मूड नहीं था और मैं किचन में मैगी बनाने लगा तभी भाभी किचन में आई और भाभी ने मुझे देखा और पूछा।

भाभी :– अनिल तुम किचन में क्या कर रहे हो?

मैं :– कुछ नहीं भाभी भूख लग रही है इसलिए मैगी बना रहा हूँ।

भाभी :– क्यों मम्मी और दीदी कहाँ गये?

मैं :– मेरे घर वाले गाँव में गये है वहाँ कोई मर गया है।

भाभी :– अच्छा फिर कब तक आएगे?

मैं :– पता नहीं भाभी कुछ नहीं कह सकते आने को तो वो 4 दिन में आ जायेगें और ना आने में वो 7 दिन तक ना आए।

भाभी :– है भगवान फिर तुम इतने दिन तक रोटी कैसे बनाओगे?

मैं :– भाभी मुझे रोटी बनानी नहीं आती इसलिए मैं होटल से खाना लेकर आता हूँ और खाता हूँ।

भाभी गुस्से में बोली क्या तुम्हारा दिमाग खराब हो गया है मैं क्या मर गई हूँ, तुम्हारे घर के इतने पास रहती हूँ और तुम मुझे बता नहीं सकते क्या?

मैं :– सॉरी भाभी मुझे लगा की क्यो आपको फालतू की तकलीफ़ दूँ।

भाभी :– इसमे तकलीफ़ की क्या बात है अब मैं हर रोज का खाना तुम्हारे घर भेज दूंगी।

मैं :– नहीं भाभी आप मेरा खाना मेरे घर ही बना दो बस, मुझे ये अच्छा नहीं लगेगा। फिर भैया भी शायद गुस्सा करेंगे मेरे घर में सारा सामान भी है।

भाभी :– तुम्हारे भैया तो गुस्सा अब कर ही नहीं सकते?

मैं :– क्यो क्या हुआ वो ठीक तो है ना?

भाभी :– हाँ वो बिल्कुल ठीक है पर ऑफीस के काम से वो 10 दिनों के लिए बाहर गये हुए है।

मैं :– ठीक है भाभी फिर आप ऐसा करना अपना खाना भी यही बना लेना इसी बहाने मेरा भी टाइम पास हो जाएगा वरना सारा दिन घर में अकेला बोर हो जाता हूँ।

भाभी :– ठीक है फिर आज रात का डिन्नर तुम्हारे घर पर।

ये कहकर भाभी अपने घर चली गई और मैं सारा दिन बस ये ही सोचता रहा की मैं भाभी को कैसे चोदो, पर पूरे दिन में मुझे कोई आइडिया नहीं आया आख़िर भाभी रात को 9 बजे मेरे घर पर आ गई और आते ही किचन में चली गई मैं बाहर बैठकर टी.वी. देखने लग गया पर बार बार मेरी नज़र भाभी पर थी वो मुझे आज भी बहुत ही सेक्सी लग रही थी मैं टी.वी. में चैनल बदल रहा था की तभी फैशन टी.वी. लग गया उसमे सेक्सी फोटो शूट चल रहा था तभी मुझे आइडिया आया और मैंने चैनल चेंज नहीं किया ताकि भाभी मुझे ये सब देखते हुए देख ले। और वो ही मैंने देखा की भाभी मुझे और टी.वी. दोनों को देख रही है पर मैं अनजान बनकर वो सब देखता रहा जब वह 15 मिनट का शो ख़तम हुआ तो मैं उठकर किचन में चला गया।

मैं :– मेरी प्यारी भाभी आज क्या बना रही हो?

भाभी :– अनिल तुम तो बहुत ही बदमाश हो मुझे नहीं पता था की तुम ऐसे हो।

मैं :– भाभी मैं समझा नहीं की आप क्या कह रही हो?

भाभी :– अब ज़्यादा भोले मत बनो तुम मेरे सामने।

मैं :– भाभी आख़िर बात क्या है आप मुझे कुछ बताओ तो सही?

भाभी :– कुछ नहीं बस रहने दो मुझे पता है की जवानी में लड़के बस ये ही सब करते है।

फिर मैं आगे कुछ नहीं बोला और भाभी के पास जाकर खड़ा हो गया उनके हाथ से रोटी लेकर उसे सेखने लगा की रोटी कैसे बनाते है इसी दोरान मेरा लंड उनकी गांड से छु रहा था। पर भाभी कुछ नहीं बोल रही थी इससे मेरी हिम्मत बढ़ गई थी अब मेरे हाथ उनकी कमर पर थे और धीरे धीरे उनकी चिकनी कमर को सहला रहे थे भाभी के मुहँ से अब हल्की हल्की सिसकारियाँ निकल रही थी मेरा लंड उनकी गांड के बीच में लगा हुआ था शायद भाभी उसे महसूस कर रही थी मेरी हिम्मत और भी बढ़ गई इसलिए मैंने उनकी गर्दन पर जीभ फैरना शुरू कर दिया। इससे भाभी पागल सी होने लग गई, उनका पूरा जिस्म काँपने लग गया अब मैंने उनकी कमर को पकड़कर उनके दोनों बब्स पकड़ लिए और उन्हें मसलने लग गया मैं लगातार उनकी गर्दन और कानों को चूम और चाट रहा था।

भाभी :– अनिल किसी को पता चल गया तो क्या होगा?

मैं :– भाभी हम दोनों के सिवाई यहाँ कोई नहीं है चलो अंदर चलते है बेडरूम में।

ये कहते ही मैंने उन्हें अपनी गोद में उठाया और अपने बेडरूम में ले गया मैंने उन्हें बेड पर लेटा दिया और धीरे धीरे उनके सारे कपड़े भी उतार दिए उनके कपड़े उतारने के बाद मैंने अपनी अंडरवीयर को छोड़कर अपने भी सारे कपड़े उतार दिए। उसके बाद मैं भाभी के दोनों गोरे गोरे बब्स पर टूट पड़ा, मैं उनके दोनों बब्स को खूब ज़ोर ज़ोर से चूस रहा था मैंने उनके बब्स को चूस चूसकर लाल कर दिया था और उनके निप्पल को काट-काटकर सूजा दिया था।

भाभी :– अब तुम सिर्फ़ इन्हे ही चूसते रहोगे या कुछ और भी चुसोगे।

फिर मैं नीचे गया और उनकी दोनों चिकनी टांगो को खोलकर उनकी चिकनी चूत को चाटने लग गया मुझे उनकी चूत बहुत ही प्यासी और टाइट लग रही थी। भाभी की चूत पूरी गुलाबी थी जिसे मैं अपनी जीभ से चाट रहा था भाभी और भी मस्त हो गई उसने मेरा सिर पकड़कर अपनी चूत में दबा लिया। मुझे अब साँस लेना भी मुश्किल हो रहा था पर फिर मैं हिम्मत करके अपनी जीभ से उनकी चूत को चाट रहा था। फिर मैंने अपनी जीभ उनकी चूत में डाल दी और जैसे ही मैंने अपनी जीभ उनकी चूत में डाली तभी उन्होंने अपनी टांगो से मेरी गर्दन पकड़ ली अब तो मेरा मरना पक्का था क्यूकी मुझे बिल्कुल भी सांस नहीं आ रही थी और भाभी अपनी गांड उठा-उठाकर अपनी चूत चटवा रही थी। और एक मिनट बाद ही उनकी चूत ने मेरी जीभ पर खूब सारा गरम गरम पानी छोड़ दिया जिसे मैं अपनी जीभ से चाट-चाटकर पी गया अब भाभी शांत हो गई और लम्बी-लम्बी सांसे लेने लग गई। फिर भाभी उठी और सीधे उन्होंने मुझे नीचे खड़ा किया और खुद नीचे बैठ गई, उनका मुहँ मेरे लंड के सामने था जैसे ही उन्होंने मेरा अंडरवियर नीचे किया तभी मेरा 7 इंच का लंड उनके होंठो पर जाकर लगा भाभी मेरा लंड देखकर डर सी गई।

भाभी :– अनिल ये क्या है इतना बड़ा, है भगवान इतना बड़ा और मोटा तो मेरे पति का भी नहीं है। तुम्हारे लंड में से उनके जैसे दो लंड और निकल जाएँगे​, मुझे तो ये समझ में नहीं आ रहा है की ये इतना बड़ा मैं अपनी चूत में कैसे लूँगी?

मैं :– भाभी आप पहले इसे चूसो तो सही? चूत में तो मैं इसे डाल ही दूँगा।

मैंने अपना लंड उनके मुहँ में घुसा दिया और ज़ोर-ज़ोर से उनका मुहँ चोदने लग गया मैंने करीब 15 मिनट तक उनका मुहँ ज़ोर ज़ोर से चोदा और फिर अपने लंड का सारा पानी उनके मुहँ में ही निकाल दिया भाभी भी आराम से मेरे लंड का सारा पानी पी गई और पानी निकलने के बाद भाभी जब तक मेरे लंड को चूसती रही जब तक वो फिर से अपनी असली औकाद में नहीं आ गया मुझे पता था की भाभी की चूत अब लंड लेने के लिए तड़प रही है क्यूकी मैं भाभी की चूत से निकलते हुये पानी को देख रहा था फिर मैंने उन्हें बेड पर लेटा दिया और उनकी गांड के नीचे एक तकिया भी रख दिया जिससे लंड उनकी चूत में आसानी से अंदर चला जाए। दोस्तों यह कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

फिर मैं लंड को उनकी चूत पर सेट करके मैं उनके ऊपर आ गया और उनके होंठो को चूसने लग गया मुझे पता था की भाभी अब बहुत ज़ोर से चिल्लाएगी इसलिए मैंने अपने होंठ उनके होंठो पर रख दिये थे फिर मैंने अपनी पूरी ताक़त के साथ उनकी चूत में अपना लंड घुसा दिया लंड अंदर जाते ही भाभी पूरी तरह से तड़प उठी। लंड करीब 3 इंच तक अंदर चला गया भाभी की चूत सच में बहुत टाइट थी। फिर मैंने एक और धक्का मारा और इस बार लंड 6 इंच तक अंदर चला गया और आख़िरे धक्के से मेरा लंड सीधा उनकी बच्चेदानी पर जाकर लगा और इस बार भाभी की आँखो में आँसू आ गये। अब मैंने उनके होंठो को छोड़ दिया और ज़ोर ज़ोर से उन्हें चोदने लग गया।

भाभी :– साले कुत्ते तू इंसान है या जानवर मेरी चूत फाड़ दी है तूने आज। आराम से चोद मुझे प्लीज़ आराम से कर तेरा लंड सच में बहुत बड़ा है।

मैं :– साली अब तू इस लंड की आदत डाल ले क्यूकी आज से तू मेरी भाभी नहीं मेरी रंडी बन चुकी है।

मैंने उस दिन भाभी को बहुत बार चोदा और सुबह के 4 बजे तक मैं उन्हें चोदता ही रहा और जब तक उसका पति घर नहीं आया तब तक मैं उसे कुत्तिया की तरह दिन रात चोदता रहा भैया के आने के बाद, जब भी मौका मिलता था तभी मैं उसे चोद देता था।

धन्यवाद कामलीला डॉट कॉम के प्यारे पाठकों !!