चाची के भीगे बदन ने आग लगाई

हाय फ्रेंड्स, Antarvasna मेरा नाम जीतू है, मेरी उम्र 26 साल की है और मैं लुधियाना का रहने वाला हूँ। मेरी लम्बाई 5.9 फुट की है और मैं एक साधारण सा लड़का हूँ। मेरे लंड का साइज़ 6.5” लम्बा और 3” मोटा है। दोस्तों यह घटना जो मैं आप सभी को बताने जा रहा हूँ वह मेरे और मेरी चाची के बीच की चुदाई की है। मेरी चाची का नाम पम्मी है और वह एक साधारण घरेलू औरत है और मेरे चाचा एक सरकारी नौकरी करते है और इसीलिये घर का और खेत का सारा काम चाची ही करती है। हाँ तो दोस्तों अब मैं सीधा अपनी कहानी पर आता हूँ।

दोस्तों यह बात आज से 2 साल पहले उन दिनों की बात है जब मेरी चाची खेत पर गई हुई थी फसल को पानी लगाने के लिये और मैं उस समय अपने कॉलेज से पढ़कर घर आया तो मेरे चाचा का फ़ोन आया और उन्होंने मुझको कहा कि, अपनी चाची के पास खेत पर चला जा उनको किसी काम में तुम्हारी मदद चाहिये। और फिर मैं अपनी बाइक उठाकर खेत पर चला गया था और फिर मैंने वहाँ पहुँचकर चाची को आवाज़ लगाई तो चाची मोटर (ट्यूबवेल पंप) को चलाने की कोशिश कर रही थी लेकिन वह उनसे चल नही रहा था। और फिर मैंने वहाँ जाकर देखा तो लाइट में कोई दिक्कत थी और फिर मैंने देखकर उसको ठीक कर दिया था और फिर थोड़ी कोशिश करने के बाद वह चल गया था। वह गर्मी का मौसम था और फिर चाची भी यह देखकर बहुत खुश हुई थी कि, मैं उनकी मदद करने आ गया हूँ। दोस्तों मेरी चाची और मेरी आपस में खूब पटती है, और फिर वह मुझसे कहने लगी कि, मुझसे अकेली से तो यह मोटर नहीं चलनी थी। और फिर कुछ देर बातें करने बाद मैं खेत में पानी देखने चला गया था. और फिर जब मैं वापस आया तो चाची बैठी हुई थी। और फिर वह मुझसे कहने लगी कि, गर्मी बहुत है इसलिए मैं तो ठंडे पानी से नहाने जा रही हूँ ट्यूबवेल पर, तो फिर मैंने उनको कहा कि, मैं भी आता हूँ चाची. दोस्तों उस समय हम दोनों ही खेत में अकेले थे और आस पास के खेतों में भी कोई भी नहीं था, और ट्यूबवेल भी खेत के बीच में था और चारो तरफ ऊँची ऊँची फसल थी. और फिर मैंने देखा कि, चाची अपने कपड़े पहने हुए ही नहाने जा रही थी, चाची ने पंजाबी सूट पहना हुआ था। और फिर जब वह नहा रही थी तो उनका सूट पानी से गीला होने के कारण उनके बदन से चिपक गया था और जिससे उनका बदन उनके सूट में से साफ़ दिख रहा था। दोस्तों उस समय चाची ने ब्रा नहीं पहनी हुई थी इसलिए मैं तो उनके बब्स के उभारों को देखता ही रह गया था कसम से क्या गोल गोल बब्स थे उनके, बिल्कुल आम के जैसे। और फिर जब मैं चाची को घूर रहा था तो चाची मुझसे कहने लगी कि, आ जाओ तुमको नहाना नहीं है क्या? और फिर मैं जल्दी से चाची के पास चला गया था और फिर चाची और मैं हम दोनों एकसाथ नहाने लग गए थे। मेरा लंड तो चाची के गीले बदन के उभारों को देखकर पहले ही टाइट हो गया था और मेरे अंडरवियर में चाची को यह बात पता थी। और फिर नहाते समय अचानक से चाची का पैर पानी में फिसल गया था और उससे वह अपनी पीठ के बल मेरे ऊपर गिरने लगी तो मैंने एकदम से उनको रोक लिया था और जिस वजह से मेरे हाथ अचानक उनके बब्स पर आ गए थे और मेरा खड़ा लंड उनकी गांड को सलामी दे रहा था।

और फिर मेरा लंड उनकी सलवार के बीच में घुस गया था और फिर चाची उठी तो उनकी आँखों में एक अजीब सी रोशनी थी और वह थोड़ी बहुत शरमा भी रही थी। और फिर हम दोनों पानी से बाहर आ गये थे और फिर चाची ने मुझको कहा कि, मैं खेत में पानी देखने जा रही हूँ. तो मैंने उनको कहा कि, नहीं आप बैठो मैं जाता हूँ। और फिर मैं गया तो मेरा लंड इतना टाइट हो गया था कि, मुझसे बिल्कुल भी सब्र नहीं हो रहा था तो मैं वहीँ खेत में ही चाची के नाम की मूठ मारने लगा, लेकिन मुझको यह नहीं मालूम था कि, चाची भी मुझको चुपके से देख रही है। मेरा लंड अब तनकर 6.5” का हो गया था और मैं मज़े से मूठ मार रहा था और चाची का नाम लेता जा रहा था. और फिर अचानक से मेरे पीछे से कुछ हलचल हुई तो मुझको पता चला कि, चाची मेरे पीछे ही खड़ी थी और फिर वह वहाँ से चली गई थी। और फिर वह ट्यूबवेल के पास चली गई थी. और फिर मैं घबरा गया था और मैं भी ट्यूबवेल के पास आ गया था. और फिर मैं चाची से माफी माँगने लगा और साथ ही मैं चाची से कहने लगा कि, चाची आप हो ही इतनी सेक्सी कि, मुझसे रहा नहीं गया। और फिर वह मुझसे कुछ भी नहीं बोली. और फिर मैंने हिम्मत करके उनको कहा कि, क्या आप मेरे साथ एकबार सेक्स करोगी? तो फिर वह गुस्से में मुझसे बोली कि, तुझको पता भी है कि, तू क्या बोला रहा है। और फिर मैंने लपककर और कसकर चाची को पकड़ लिया था और फिर मैं उनके होठों पर किस करने लगा. और फिर कुछ देर तक मेरा विरोध करने के बाद वह भी मेरा साथ देने लग गई थी। और फिर मैं चाची को खींचकर ट्यूबवेल के ठंडे पानी में ले गया था। और फिर मैं उनको वहाँ पर भी जोर ज़ोर से किस करने लग गया था और साथ ही मैं चाची के कपड़े भी उतारने लगा तो चाची मुझसे कहने लगी कि, कोई आ गया तो? और फिर मैंने उनको कहा इस समय यहाँ कोई भी नहीं आएगा। और फिर मैंने पहले तो उनका कुर्ता उतार दिया था और फिर मैं उनके बब्स को चूसने लग गया था, मैं उनके बब्स को ज़ोर ज़ोर से चूस रहा था. दोस्तों मैं आपको क्या बताऊँ कि, ठंडे पानी में कितना मज़ा आ रहा था. और फिर मैंने चाची की सलवार का नाडा भी खोल दिया था। दोस्तों यह कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

और फिर मैं अपना हाथ उनकी सलवार के अन्दर डालकर उनकी चूत को सहलाने लग गया था. क्या गरम चूत थी चाची की जिसमे से पानी आ रहा था और फिर मैंने चाची को पूरी नंगी कर दिया था। और फिर जब मैंने चाची की चूत में ऊँगली डाली तो चाची और भी गरम होने लग गई थी। और फिर मुझसे रहा नहीं गया तो मैं जल्दी से अपना लौड़ा उनकी चूत में डालने लगा. एकबार फिसलने का बाद मैंने चाची को कहा कि, मेरा लंड अपनी चूत के छेद में रखो ना तो फिर चाची ने मेरे लंड को पकड़ा और फिर उसको अपनी चूत के छेद पर टिका दिया. और फिर मैंने ज़ोर से एक धक्का दिया तो मेरा लंड उनकी गरम और चिकनी चूत के अन्दर चला गया था और उस समय चाची धीरे से चिल्लाई थी आहहह… करके. क्या बताऊँ यारों ठंडे पानी के कारण जब मेरा लंड उनकी चूत के अन्दर गया तो उनकी चूत बहुत गरम थी. और फिर मैं मजे ले लेकर चाची को चोदने लग गया था। और फिर कुछ ही देर में चाची झड़ गई थी और मैं नहीं झड़ा था और फिर मैंने चाची को घोड़ी बनाया और फिर पीछे से अपना लंड उनकी चूत में डाला तो मुझको अब और भी मजा आ रहा था। और फिर 15-20 मिनट की जबरदस्त चुदाई के बाद मैं भी झड़ गया था। और फिर हम दोनों खेत पर ही बने कमरे में आकर लेट गई थे. और फिर कुछ देर के बाद मेरा एकबार और मूड बन गया था और मैंने चाची को कहा तो चाची मुझसे कहने लगी कि, अब बहुत देर हो गई है, अब हम घर चलते है। तो मैंने उनको कहा कि, बस मुझको एकबार आपकी गांड भी मार लेने दो। तो फिर चाची मुझसे कहने लगी कि, नहीं बहुत दर्द होगा, गांड नहीं। तो फिर मैंने उनको कहा कि, नहीं होगा मैं धीरे से करूँगा। और फिर मैंने उनको एकबार फिर से घोड़ी बनाकर उनकी गांड पर थूँक लगाया और अपने लंड पर भी, और फिर मैंने 2 बार कोशिश करी तो वह फिसल रहा था, और फिर मैंने अपनी 2 ऊँगलियाँ उनकी गांड में डाली तो चाची चिल्लाने लगी और कहने लगी कि, बहुत दर्द हो रहा है। और फिर मैं धीरे धीरे अपनी ऊँगली को आगे पीछे करने लगा तो फिर चाची को भी मजा आने लग गया था। और फिर मैंने अपना लंड उनकी गांड में डाला और फिर उसको आगे पीछे करने लगा और फिर कुछ देर की चुदाई के बाद मैं चाची की गांड में ही झड़ गया था। और फिर मैं उनके ऊपर ही लेट गया था। और फिर हम दोनों कुछ देर के बाद उठकर घर चले गये थे।

और उस दिन के बाद तो दोस्तों हमको जब भी मौका मिलता है हम कभी खेत पर तो कभी घर पर खूब जमकर चुदाई करते है।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!