बाजू वाली भाभी के भोसड़े में धूम मचाई

हाय फ्रेंड्स, Antarvasna मेरा नाम अमित है मैं 25 साल का हूँ और मैं फरीदाबाद का रहने वाला हूँ. दोस्तों मैं बी.कॉम के तीसरे साल में पढ़ता हूँ और मैं कामलीला डॉट कॉम का नियमित पाठक हूँ मैंने इस साईट कि लगभग सभी कहानियाँ पढ़ी है। दोस्तों यह बात पिछले साल की है और तब मैं बी.कॉम के दूसरे साल की परीक्षा देकर नतीजे का इन्तजार कर रहा था. दोस्तों मैं 12 वीं कक्षा से ही अपने लंड को हिलाकर मूठ मारने लग गया था और मैं हर बार कुछ नये ही तरीके से अपने लंड को शान्त करता था. दोस्तों मैं दो ताकियों को मिलाकर उनके बीच में जगह बनाकर उनके ऊपर सोकर सेक्सी फिल्म देखते हुए भी अपने आपको संतुष्ट कर लेता था तो कभी निवार वाली खाट में निवार के बीच की जगह में अपने लंड को फँसाकर भी खुद को शान्त कर लेता था।

दोस्तों मुझको शुरू से औरतों की समलैंगिक सेक्स वाली फ़िल्में देखने की आदत थी. और फिर हुआ यूं कि, उस एक दिन जब मेरे घर पर कोई भी नहीं था तब मैं अपने कमरे में कम्प्यूटर पर डी.वी.डी. लगाकर फिल्म देखते हुए अपने लंड को हिला रहा था कि, अचानक से हमारे पडौस की वन्दना भाभी “जिनकी उम्र 31 साल की है और वह दिखने में भी एकदम सेक्सी है. उनके बब्स का साइज़ 36” के आस-पास का है और मुझको तो उनकी उभरे हुए कूल्हे बहुत ही अच्छे लगते है” और वह अचानक से मेरे कमरे में ही आ गई थी. और फिर वह मेरे कमरे के नज़ारे को देखकर चौंक गई थी. दोस्तों वह तो यह जानने के लिये आई थी कि, आज काम वाली बाई आई है या नहीं. पर वह तो यह सब देखकर एकदम से शरमा गई थी. और फिर वह मेरी तरफ बड़े ही प्यार से मुस्कुराकर चली गई थी. और फिर उस बात के कुछ ही दिन के बाद उनकी ननद की तबियत दिल्ली में खराब हो गई थी तो उनके पति मुकेश और उनके मम्मी-पापा वहाँ पर चले गये थे. और जाते समय आंटी मुझको यह बोलकर गई थी कि, रात को अमित तुम हमारे घर पर ही सो जाना घर पर तुम्हारी भाभी अकेली ही है. दोस्तों हमारे परिवार के उनके परिवार के साथ अच्छे सम्बन्ध थे।

दोस्तों उन भाभी के दो जुड़वां बच्चे है. जो कि, उस समय 2 साल के ही थे. और फिर मैं रात को 9.30 बजे उनके घर पहुँचा और फिर मैंने उनको कहा कि, भाभी मुझको तो नींद नहीं आ रही है इसलिए आप लोग तो सो जाओ और फिर मैं बैठकर टी.वी. देखने लग गया था. और फिर थोड़ी देर के बाद वन्दना भाभी दूध लेकर आ गई थी. और फिर वह मुझको बोली कि, दूध पी लो. दोस्तों उस वक़्त मैं फैशन टी.वी. देख रहा था और उस समय तक भाभी के बच्चे भी सो चुके थे. और उस वक़्त फैशन टी.वी. पर अच्छे-अच्छे सीन आ रहे थे. और फिर वन्दना भाभी भी मेरे पास बैठकर टी.वी. देखने लग गई थी. दोस्तों मैं उस समय काफ़ी गरम हो रहा था और मेरा लंड भी 6.5″ का पूरा खड़ा हो रहा था. उस समय भाभी ने साड़ी पहन रखी थी।

और फिर उन्होंने भी बीच-बीच में मेरी तरफ देखना शुरू किया तो मैं भी समझ गया था कि, आज वह मुझसे क्या चाहती है? और फिर हम टी.वी. देखने के साथ ही सेक्स के विषय पर भी बात करने लग गए थे. और फिर मुझको मालूम पड़ा कि, उनके पति उनके साथ 1-2 महीने में 1-2 बार ही सेक्स करते है. और वह सेक्स के लिये तड़पती रहती है. और फिर मैंने मौका देखकर धीरे से उनका हाथ पकड़ा तो उन्होंने मेरा कोई विरोध नहीं किया तो फिर मैंने धीरे से उनकी साड़ी का पल्लू गिराया तो उनके बब्स जो की 36” के बड़े ही कमाल के थे, वह अब मेरे सामने थे. और फिर मैंने थोड़ी सी और हिम्मत करके उनके होठों को चूम लिया था और साथ ही मैं उनके बब्स को भी दबाने लग गया था. तो फिर वह मुझसे बोली कि, थोड़ा धीरे-धीरे से दबाओ. दोस्तों बस अब फिर तो क्या था मैंने उनके बब्स को खूब जोर-जोर से मसला और चूसा तो वह भी अब गरम होने लग गई थी. और फिर मैंने उनकी साड़ी भी उतार दी थी, और फिर ब्लाउज भी उतार दिया था. दोस्तों भाभी ने ब्लाउज के नीचे काले रंग की एक ब्रा पहन रखी थी. और फिर मैंने उनके पेटीकोट का नाड़ा भी खोल दिया था. और अब तो वन्दना भाभी मेरे सामने सिर्फ़ अपनी ब्रा और पैन्टी में ही थी. और फिर उन्होंने मेरे भी सारे कपड़े उतार दिए थे केवल अंडरवियर को छोड़कर. और फिर मैं उनके बब्स को खूब चूसने लगा और वह भी आहहह… बस-बस करने लग गई थी. और फिर मैंने उनकी ब्रा और पैन्टी को भी उतार दिया था. और मैंने अपनी अंडरवियर भी उतार दी थी. और फिर अब वह भी मेरे सामने एकदम नंगी थी. और मेरा 6.5″ का लौड़ा भी बेताब हो रहा था. और फिर तभी वह मुझसे बोली कि, रुको बिना कंडोम के नहीं करवाऊँगी. और फिर मैंने उनको कहा कि, कंडोम तो बाद में चाहिए पहले तो आप आ जाओ. और फिर मैंने उनको नीचे गलीचे पर ही लेटा दिया था और फिर मैंने उनकी चूत में अपनी एक ऊँगली डाल दी थी और फिर मैं अपनी ऊँगली को ज़ोर-ज़ोर से हिलाने लगा तो उनको भी मज़ा आने लग गया था और वह आहहह… उह्ह्ह… की आवाजें निकालने लग गई थी।

और फिर मैंने उनको कहा कि, आज तो मैं आपको अलग ही डंग से चोदूंगा और फिर वह जाकर कंडोम ले आई थी और फिर उन्होंने कंडोम को मेरे लंड के ऊपर चढ़ा दिया था. और फिर मैंने अपना लंड उनकी चूत में डालने की कोशिश करी तो वह मुझसे बोली कि, यह तो बहुत बड़ा है. तो फिर मैंने उनको कहा कि, अन्दर जाएगा तब ही तो मालूम चलेगा कि यह कितना बड़ा है. और फिर मैंने उनकी दोनों टाँगों को अपने कन्धे के ऊपर रखा और फिर मैंने उनकी हल्के रेशमी बालों वाली चूत में धीरे से अपने लंड का एक झटका दिया तो वह आहहह… उईईई… की आवाज़ निकालने लग गई थी. और फिर मैंने दूसरे ही झटके में अपना पूरा लंड उनकी चूत में डाल दिया था. और फिर मैं अपने लंड को वहीँ पर रोककर उसके बब्स को चूसने लग गया था. और फिर 5-7 मिनट के बाद जब भाभी की चूत का दर्द कुछ कम हुआ तो फिर वह अब अपनी कमर को धीरे-धीरे आगे–पीछे करने लग गई थी और मैं भी उनका पूरा साथ दे रहा था। दोस्तों ये कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

और फिर उसके बाद मैंने उनको अलग तरीके से चोदने के लिये उनको कुतिया की तरह होने को कहा. और फिर मैंने भी उनके पीछे से आकर अपना लंड एक कुत्ते की तरह ही उनकी चूत में घुसा दिया था. और फिर मैं उनकी ताबड़तोड़ चुदाई करने लग गया था. दोस्तों उस तरीके से चोदने से उनकी गांड जब भी मेरे लंड से टकरा रही थी तो मुझको एक अजीब सा अहसास हो रहा था. और वह भी मेरा पूरा साथ देते हुए काफ़ी मजे से चुदवा रही थी. और साथ ही वह आहहह… इस्सस… उफ्फ्फ… करके चिल्लाती भी जा रही थी. और फिर 20-25 मिनट की जबरदस्त चुदाई के बाद मैंने अपने सारा पानी कंडोम में उनकी चूत में ही निकाल दिया था. और वह भी उस चुदाई से पूरी तरह से सन्तुष्ट हो गई थी. और फिर वह मुझसे बोली कि, तुम आदमी हो या जानवर, और फिर वह यह भी बोली कि, देखो मेरी चूत में पूरी सूजन आ गई है. तो फिर मैंने उनको कहा कि, कुछ नहीं भाभी सब ठीक हो जाएगा. और फिर मैंने उनकी चूत पर बोरो-प्लस लगाकर अच्छे से मसाज कर दी थी। और फिर हम दोनों वहीँ सोफे पर नंगे ही एक-दूसरे की बाहों में सो गए थे. और फिर सुबह उठकर मैं अपने घर आ गया था. और उसी शाम को उनके पति और सास-ससुर भी वापस आ गए थे। दोस्तों उसके बाद मैंने उस भाभी को 6 महीने तक जब भी मौका मिला खूब जमकर चोदा था और फिर उसके बाद उनके पति का तबादला दूसरे शहर में हो गया था और वह लोग वहाँ पर चले गए थे. दोस्तों जाते समय उन भाभी की आँखों में मुझसे बिछड़ने की वजह से आँसूं आ गए थे।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!