महक की दुनिया 15

थक कर तीनो बेड antarvasna पे सुस्ताने लगे ….. थोड़ी देर सुस्ताने के बाद kamukta शाम होते होते वो तीनो मामाजी के घर पहुंचे घर पहुचते ही मामाजी ने …..उनका स्वागत किया …..
थोड़ी इधर उधर की बाते होने के बाद महक ने पूछा …
महक: मामी जी दिखाई नहीं …दी …. कहा है वो …
मामाजी आँख मारते हुए बोले ….. वो तैयार हो रही है ….. बस अभी आती ही होंगी …
फिर हम सब इधर उधर की फॉर्मल बाते करते करते मामाजी का इंतज़ार करने लगे ….
थोड़ी देर बाद मामी बहार आयी …….
उन्हें देख कर महक और सौम्या चौंक गए …..
कल की मामी और आज की मामी में जमीन आसमान का फर्क नजर आ रहा था
हसीन तो वो पहले भी थी ……पर …
आज तो गजब ढा रही थी …… उसने कुछ ऐसी तय्यारी की थी की …. नजरो से ही कतल करने निकली हो ..

मामी की कजरारी बड़ी बड़ी आँखे …..
वो उसका तंग ब्लाउस … उसमे से बहार निकलने को आमदा उसके भरपुर मुम्मे ….
हाय …. उस पर से तो नजर ही नहीं हट रही थी ……
महक ने सोनू की तरफ देखा …… सोनू का मुह खुला के खुला रह गया था ……
वो मामी की सुन्दरता में खो सा गया था ….
महक ने सौम्या को चुपके से इशारा करके बताया ….
सौम्या हलकेसे खासी …… और उसने बोलना चालू किया
सौम्या: मामी …. ये है …. मेरा मुह बोला भाई ….. सोनू ….
सोनू ने बिना कुछ बोले हाथ जोड़े ….. और नमस्ते की
सौम्या: और सोनू ये है हमारी प्यारी प्यारी मामी ……
मामी ने भी सोनू पर भरपूर नजर डाल कर उसे नमस्ते की ….
मामी : मै … अप लोगो के लिए चाय नास्ता लगाती हु …..
महक : अरे आप क्यों तकलीफ कर रही हो …. मैं और सौम्या कर लेगे ये सब ….
सौम्या समझ गयी … की महक मामी को सोनू के पास ही रखना चाहती है …. तो वो भी पटाक से बोल पड़ी ….
सौम्या: हा …. हा मामी …. आप यहाँ बैठिये …… हम ला ते है सब कुछ
वो दोनों किचन में दौडी दौड़ी निकल गयी
मामी ने देखा की डबल सोफे पर सोनू बैठा था … और मामा सिंगल सोफे पर बैठे थे ….
याने सोनू के बाजू में जगह थी ….
सो वो वही …. बैठ गयी ……
थोड़ी देर के बाद मामा भी फोन उठाकर बोले की एक अर्जंट कॉल कर के आते है …..
और वो चुपचाप किचन में चले आये ….
अब सोनू और मामी अकेले बैठे थे …. दोनों कुछ नहीं बोल रहे थे …. बस एक दुसरे को देखे जा रहे थे …..
शायद एक दुसरे को परख रहे थे …..
फिर मामी ने ही बात शुरू की …..
मामी: हा तो सोनू …… वैसे तुम करते क्या हो ….
सोनू : जी …जी मै …… सायंस में पि जी कर रहा हु …..
मामी: ओह …. बहोत जादा स्टडी करनी पड़ती होंगी ना ….
सोनू : हा मामी …. कर लेता हु …..
फिर से दोनों ….. चुप हो गए ……
मामी ने इस दौरान …. एक दो बार ……. झुक कर…. उसे अपने गहरे क्लीवेज का नजारा दिखाया ….
सोनू का लंड उसकी जिन्स में फडकने लगा था ….
मामी को भी … उसका अहसास हुआ …..
मामी मुस्कुराई ….
मामी: तो सोनू कैसा लगा हमारा ये शहर तुमको ….
सोनू : जी….जी …. अच्छा है …..
मामी: और यहाँ के लोग …
मामीने इठलाते हुए पूछा …. पूछते पूछते उसने अपने उन्नत वक्षो के हरकत देकर उन्हें हिलाया …..

मामी की इस अदा ने …. तो सोनू को पस्त कर दिया …
अब उसके लंड का उभार साफ़ साफ़ दिखाई देने लगा ….
वो मनही मन थोडा डरा हुआ था …..
उसने हडबडाकर किचन की तरफ देखा …….
मामी: अरे तुम तो लडकियों के जैसे शरमाते हो ….. बताओ ना ……कैसे लगे यहाँ के लोग तुम्हे ..
सोनू हकलाते हुए बोला : जी बहोत …… अच्छे है ……
मामी आँख दबाकर बोली : सिर्फ अच्छे …..
अब सोनू ने भी दिलेरी दिखा कर बोला : जी … और बहोत सुन्दर भी ….
फिर थोड़ी देर ख़ामोशी छाई रही …..
मामी ने मनही मन सोचा …. की ये तो हिचक रह है …. उन्हें ही पहल करनी होगी …
मामी उठी और उसे बोली ….. आओ सोनू ….. मै तुम्हे हमारा घर दिखाती हु ….
सोनू अब तक अपने लंड पर हाथ लगाये बैठा था …. उसे उठना अटपटा लग रहा था …
मामी ने उसे हाथोसे पकड़ उठाया …और उसे घर दिखाने ले गयी …….