महक की दुनिया 4

मामा: महक बेटा तेरी antarvasna चूत में तो जन्नत का kamukta मज़ा मिलाता है .. मामाजी का लंड बाहर निकल कर फिरसे अन्दर घुसता तो महक के मुँह से ‘आअहन्.. स्सस्सस्स ’सीत्कार निकलने लगती
महक की चूत पूरी तरह पनिया गई थी.. मामाजी का लंड और उसकी चूत इन दोनों के कामरस से उसकी चूत से चिपचिप तरल बाहर आ रहा था.. पर दोनों को सिर्फ महसूस हो रहा था.. दिखाई नहीं दे रहा था….
और इस आसन में दोनों के शारीर एकाकार हो चुके थे …..महक को ये चुदाई का ये आसन बहोत पसंद आ रहा था
मामाजी के बदन पर टी शर्ट थी …. जो मी महक और उनके बदन के आड़ आरही थी
महक ने उनकी वो टी शर्ट खिंचके निकल दी
अब दोनों के नंगे बदन एक दुसरे में घुस हाने की कोशिश में जान पड़ रहे थे
मामा जी के बदन से आती वो मर्दाना खुशबू महक को और भी दीवाना बना रही थी
मामाजी की भी हालत कुछ ऐसीही थी
महक ने अपनी रोयेदार बगले मामाजी की नाक पर लगते हुए उनकी बालो से भरपूर बगलों में अपनी नाक घुसा दी …..
और दोनों अपनी अपनी पसंदीदा खुशबू जी भर के सूंघने लगे
उस जादुई खुशबू के असर से मामाजी का लंड अब तेजी से अन्दर बहार होने लगा था
मामाजी की इस तूफानी स्पीड से महक आहे भरने लगी उसकी आह्ह ….उई..माम्मा.. जरा धीरे..
मामाजी पर भी महक के बगलों की खुशबू का नशा तारी था …. वो उसी जोश में धक्के मारते मारते बडबडाने लगे
‘आहह्ह्ह.. महक बेटा .. क्या तेरी चूत है.. क्या तेरे मस्त लचकते चूतड़ हैं.. और हाय तेरी चूचियाँ.. तो मेरी जान ही ले रही हैं.. आहह्ह.. ले खा मेरे लौड़े को अपनी चूत में..
महक मदमस्त होगयी थी …. अब उसे खुल कर …ताबड़तोड़ चुदाई की दरकार थी
उसने मामाजी को पीछे की ओर धक्का दिया ….. मामाजी सोफे पर ही पसर गए
उन्होंने अपने टाँगे फैलाई ……..
अब महक उनके खड़े लंड पर बैठ कर सवारी करने लगी
मामाजी का लम्बा चौड़ा हथियार उसकी चूत की अन्दर तक घिसाई कर रहा था
उछालते उछालते वो मामाजी पे झुक कर उनके होठो को चूम भी रही थी

मामाजी ने महक की कमर कस के पड़ी थी ….उसे उछलने में मदद कर रहे थे
महक अब होश में नहीं थी …. वो खुलकर सिसक रही थी बडबडा रही थी
“ ओह्ह्ह्ह मामा….. बस ऐसे ही ….. चोदते रहो अपनी महक को स्स्स्सस्स्स्स हय्य्य्य
इस धुवाधार चुदाई में महक अबतक दो बार झड चुकी थी
थोड़ी देर बाद वो बडबडाने लगी “मामाजी …..ऊऊऊऽऽऽहहऽऽऽ………मै वापस झड़ने वाली हु …. आप भी मेरा साथ दो प्लीईऽऽऽज़,”
मामा: “हां बेटे ……. तेरा मामा हमेशा तेरे साथ ही है …… ले मेरी जान …. मै भी आता हु
और महक और मामाजी एकसाथ झडने लगे
महक पूरी संतुष्टि से बोली “आआआऽऽऽऽहहहऽऽऽऽ मामा ऽऽऽऽ. आज आपने मुझे वाकई ठंडा कर दिया ….. मेरी खुजली मिटा दी …… मामा ….थैंक यू …. लव यू मामा ….
और दोनों एकदूसरे को पागलो की तरह चूमने लगे
कुछ देर बाद जब दोनों का आवेग ठंडा होने लगा ….
तो उन्होंने देखा …. की पलंग पर मामी और सौम्या बड़े प्यारसे टकटकी लगा कर मामा भांजी का ये प्यार देख रही थी
मामी और सौम्यासे नज़ारे मिलते ही …. महकने शरमाकर अपना मुह मामाजी की सीने में छुपाया ….